TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    असम में आपात लैंडिंग सुविधा की शुरुआत

    Assam : पीएम की असम हाईवे पर ऐतिहासिक लैंडिंग- चीन के लिए संदेश,जानें सबकुछ

    एकांत कारावास और जेल सुविधाओं पर उठे गंभीर सवाल

    सुप्रीम कोर्ट रिपोर्ट में खुलासा: इमरान खान की सेहत, एकांत कारावास और जेल सुविधाओं पर उठे गंभीर सवाल

    इमरान खान की आंखों की रोशनी घटी

    जेल में बिगड़ी सेहत: इमरान खान की आंखों की रोशनी घटी, सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान

    ट्रेड डील विवाद पर पीयूष गोयल का जवाब

    केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ट्रेड डील विवाद पर राहुल गांधी को दिया करारा जवाब..राहुल किसानों को कर रहें गुमराह

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    असम में आपात लैंडिंग सुविधा की शुरुआत

    Assam : पीएम की असम हाईवे पर ऐतिहासिक लैंडिंग- चीन के लिए संदेश,जानें सबकुछ

    एकांत कारावास और जेल सुविधाओं पर उठे गंभीर सवाल

    सुप्रीम कोर्ट रिपोर्ट में खुलासा: इमरान खान की सेहत, एकांत कारावास और जेल सुविधाओं पर उठे गंभीर सवाल

    इमरान खान की आंखों की रोशनी घटी

    जेल में बिगड़ी सेहत: इमरान खान की आंखों की रोशनी घटी, सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान

    ट्रेड डील विवाद पर पीयूष गोयल का जवाब

    केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ट्रेड डील विवाद पर राहुल गांधी को दिया करारा जवाब..राहुल किसानों को कर रहें गुमराह

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

रसगुल्ला कहाँ जन्मा? पश्चिम बंगाल है गलत जवाब

Saswat Routroy द्वारा Saswat Routroy
23 November 2017
in मत
रसगुल्ला-पश्चिम-बंगाल
Share on FacebookShare on X

रसगुल्ला – भारत की सबसे मधुर मिठाईयों में से एक, पड़ोसी राज्यों – ओडिशा और पश्चिम बंगाल- के बीच लंबे समय से संघर्ष का केंद्र रहा है। दोनों राज्य लगभग एक शताब्दी से रसगुल्ले पर हक का दावा कर रहे थे।

हाल ही में, पश्चिम बंगाल को रसगुल्ले के मूल उत्पत्ति स्थल होने का सौभाग्य मिला, इंटरनेट पर सक्रिय रहने वाले कई लोगों ने भी ओडिशा पर पश्चिम बंगाल की जीत का दावा किया। इंटरनेट पर इस खबर की सुर्खियाँ छा गयी – “मिठाई का बदला: पश्चिम बंगाल ने ओडिशा को हराया”।

बंगाल के प्रसिद्ध हलवाई श्री नबीन चन्द्र दास, संदेश (एक बंगाली मिठाई , जो सूखी और ठोस होती है) को थोड़ा हटकर बनाने की विधि तलाश कर रहे हैै, कुछ नर्म, रसीली मिठाई बनाने के लिए। नई मिठाई की उनकी खोज में, उन्होंने प्रयोगों को पूरा किया और अंततः १८६८ में, एक ऐसी मिठाई लेकर सामने आए जिसे हम आज रसगुल्ला के नाम से जानते हैं – सफेद, गोल और मीठे तथा चाशनी में डूबे हुए। नबीन चन्द्र दास ने रसगुल्ला को चीनी की चाशनी में छेना और सूजी के एक गोल मिश्रण को उबालते हुए बनाया। १९३० में, नबीन के पुत्र कृष्ण चंद्र दास ने मिठाई को लंबे समय तक उपयोग में लाने के लिए वैक्यूम पैकिंग की शुरुआत की। कुछ प्रतिष्ठित इतिहासकारों का कहना है कि पुर्तगालियों ने इसे दूध को फाड़कर बनाने का नुस्खा पेश किया था, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय उपमहाद्वीप में छेना लोकप्रिय हुआ था, इसलिए ऐसा संभव ही नहीं था कि यहां रसगुल्ला पहले से ही मौजूद हो।

संबंधितपोस्ट

बूथ स्तर तक होगा भाजपा के नए अध्यक्ष नितिन नबीन का स्वागत, पार्टी आलाकमान ने बनाई संगठन तक पहुँच बढ़ाने की रणनीतिs

पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, कहा— जेन Z को बीजेपी के विकास मॉडल पर भरोसा**

पीएम मोदी का पश्चिम बंगाल दौरा, 3,200 करोड़ को लेकर सियासी हलचल

और लोड करें

हालांकि, अनकहा इतिहास कुछ अलग बयान करता है। पुरी, भगवान जगन्नाथ की भूमि विष्णु भगवान के चार धामों में से एक होने के साथ-साथ हिंदू धर्म के सबसे प्रतिष्ठित तीर्थ स्थानों में से एक है। ११ वीं शताब्दी सीई में वापस चलते हैं, जगन्नाथ मंदिर के पुजारियों ने भगवान जगन्नाथ को प्रसाद के रूप में चढ़ाने के लिए एक विशेष मिठाई का आविष्कार किया। क्योंकि इस मिठाई को भगवान जगन्नाथ की बड़ी और गोल आंखों के सम्मान में श्रद्धा के रूप में पेश किया गया था, मिठाई पूरी तरह से सफेद रंग की थी और मिठाई का आकार वृत्त होने के बजाए बड़े अंडाकार रूप में था। शायद, यही कारण है कि इस मिठाई का आधुनिक संस्करण “बंगाल के रसगुल्ले” की तुलना में आकार में बड़ा है। चीनी की चाशनी में डूबी हुई इस मिठाई को ११ वीं शताब्दी सीई में खीर मोहन कही जाती थी।

जगन्नाथ मंदिर में माता लक्ष्मी को छोड़कर, भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा, हर साल रथयात्रा के दौरान गुंडिचा मंदिर में जाते हैं। जिससे माता देवी लक्ष्मी नाराज हो जाती है। देवी लक्ष्मी, यात्रा से लौट कर आए अपने पति भगवान विष्णु के लिए, दरवाजा नहीं खोलती हैं। जब भाई मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकते, तो बलभद्र और सुभद्रा कैसे जगन्नाथ को पीछे छोड़कर मंदिर में प्रवेश कर सकते हैं? तीनों भाई बहन बाहर ही खड़े रहते हैं। भगवान जगन्नाथ माता लक्ष्मी का गुस्सा शांत करने के लिए खीर मोहन की पेशकश करते हैं। इस कारण से, देवी लक्ष्मी आखिरकार भगवान को बुलाने के लिए सहमत हो जाती हैं और भगवान जगन्नाथ को अंदर आने देती हैं। इस अनुष्ठान को निलाद्री बीजे के रूप में मनाया जाता है।Rasogolla west bengal रसगुल्ला-पश्चिम-बंगाल

११ वीं सदी के दौरान, मंदिर के पुजारी अपने व्यंजनों के नुस्खों को अच्छी तरह से संरक्षित रखते थे और आम लोग इन नुस्खों से अनजान थे। सदियों बाद, जगन्नाथ मंदिर के एक पुजारी के कारण ओडिशा में यह मिठाई सबसे प्रसिद्ध मिठाईयों में से एक बन गई।

पुरी की एक लोककथा हमें ‘पहला’ के प्राचीन गांव के बारे में बताती है, जिसमें भगवान कृष्ण के पवित्र गौवंश के साथ संबंध होने के कारण बड़ी संख्या में गाय थीं। भगवान के आशीर्वाद के कारण, बछड़ों को दूध पिलाने, खुद पीने तथा मिठाई और भोजन-व्यंजन बनाने के बावजूद भी गांव में दूध बच जाता। चूंकि बचा हुआ दूध खराब हो जाता था, इसलिए गांव के लोग उस दूध को फेंक देते थे। जब जगन्नाथ मंदिर के एक पुजारी ने दूध को बर्बाद होते देखा, तो उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ दूध को फाड़ने की गुप्त कला को साझा किया और उन्होंने उन्हें खीर मोहन बनाने की कला सिखाई। अब जब वे बचे हुए दूध का उपयोग छेना बनाने के लिए कर सकते हैं और वे एक उस दूध से मिठाई बना सकते हैं। यह पहला मौका था जब मिठाई का नुस्खा मंदिर के परिसर से बाहर आया और अब इस मिठाई को आम आदमी भी बना सकता था और उसका उपयोग मिठाई बेचने के रूप में उपयोग कर सकते थे। यह मिठाई ओडिशा की आम जनता के बीच में, रसगुल्ला (रोशोगोला नहीं) के रूप में प्रसिद्ध हो गई। चूंकि इस व्यावसायिक मिठाई का पहला निर्माण पहला गांव में हुआ था, तो इस मिठाई को अक्सर पहला रसगुल्ला के रूप में भी जाना जाता है। आज के दिनों में, रसगुल्ला के सबसे बड़े और सबसे प्रसिद्ध केंद्र ओडिशा के पहला और सालेपुर में हैं। सालेपुर बिक्रीपुर से बीकानेनंद कर ने ओडिशा में रसगुल्ला उद्योग में महत्त्वपूर्ण बदलाव किया।

चूंकि भारतीय इतिहासकार और शिक्षित जन इतिहास लोककथाओं पर भरोसा नहीं करते, इसलिए आइये हम कुछ अधिक दस्तावेज देखते हैं। प्रतापरूद्र देव  (१४९७ से १५४० ईस्वी) सूर्यवंशी वंश के अंतिम गजपति सम्राट थे, जिनको राजा कपिलेन्द्र देव राउत्रे के द्वारा स्थापित किया गया था। प्रतापरूद्र के शासनकाल के दौरान बलराम दास पांच कवियों में से एक थे जिन्हें पंचसखा के नाम से जाना जाता था जिसका अर्थ होता है पाँच मित्र। इन्होंने ओडिया रामायण की रचना की जिसको जगमोहन रामायण उर्फ दांडी रामायण के नाम से जाना जाता है। बलराम दास ने इस रामायण  में कई स्थानीय खाद्य पदार्थों और सांस्कृतिक प्रथाओं का उल्लेख किया है। इस रामायण में छेना उत्पाद का पर्याप्त वर्णन किया गया था। १८४८ में जन्में पंडित गोविंद रथ इस रामायण को संपादित और प्रकाशित करने वाले प्रथम विद्वान थे। दांडी रामायण के अयोध्या कांड में इस बात का वर्णन किया गया है कि जब श्रीराम को वनवास  से वापस लाने की चाहत में भरत और शत्रुध्न वापस लौटे तो ऋषि भारद्वाज ने उनके सामने कुछ व्यंजन और मिठाइयाँ परोसीं थी। इस व्यंजन में दूध छेना (दूध से बनाया गया पनीर), छेना पूड़ी, छेना लड्डू, रसगुल्ला और रसबाली शामिल थे।

बिजय चंद्र मजूमदार की पुस्तक “टिपिकल सेलेक्शन फ्रॉम ओडिया लेक्चर” नामक पुस्तक में दांडी रामायण के कई अंश हैं। इस पुस्तक की पेज संख्या ८४ पर शब्द “रसगुल्ला” का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है। इस पुस्तक को १९२१ में कलकत्ता विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित किया गया था।Rasogolla west bengal रसगुल्ला-पश्चिम-बंगाल

बत्तीस बरस की आयु में श्री बलराम दास ने रामायण की रचना की, और जब तक श्री चैतन्य ओडिशा पहुंचे तब तक बलराम जी काफी वृद्ध थे, ये श्री चैतन्य के उड़ीसा आने से लगभग पचास साल पहले की बात है, यानी इस तथ्य से इस बात का तो खंडन हो ही जाता है कि श्री चैतन्य रसगुल्ले की विधि उड़ीसा लेकर आये।

दंडी रामायण के अलावा, मंडला पंजी नामक मंदिर का इतिहास भी रसगुल्ला के बारे में ११ वीं शताब्दी में उल्लेख करता है। इतिहास स्पष्ट रूप से यह साबित करता है कि रसगुल्ला की उत्पत्ति उड़ीसा में हुई थी। सरल शब्दों में, बंगाल का रसगुल्ला अलग है जबकि ओडिया का रसगुल्ला मूल है- जैसे उडुपी डोसा पहले अस्तित्व में आया और बाद में डोसा दक्षिण भारत में प्रसिध्द हो गया। ओडिया को न रसगुल्ला की उत्पत्तिस्थल के रूप में मान्यता प्राप्त करने में दिलचस्पी थी, न ही किसी प्रकार के जीआई नाम-पत्र में। जून २०१५  में, मंत्री प्रदीप कुमार पाणिग्रही ने रसगुल्ला का मूल खोजने के लिए एक समिति का गठन किया। पश्चिम बंगाल सरकार ने तुरंत जवाब दिया और उन्होंने एक समिति और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग निदेशालय का गठन किया, पश्चिम बंगाल ने बंगाल के रसगुल्ले के जीआई के नाम-पत्र के लिए आवेदन किया था और असली रसगुल्ले नहीं। जीआई नाम-पत्र के विवरण में बंगाल  के रसगुल्लों को वस्तु के रूप में उल्लेख किया गया है। इसलिए, पश्चिम बंगाल ने रसगुल्ले के अपने संस्करण के जीआई के नाम-पत्र को जीता न कि ९००  वर्ष  पुरानी रसगुल्ला की विरासत की लड़ाई को। ओड़िशा ने बंगाल के रसगुल्ले के लिए आवेदन ही नहीं किया था, इसलिए इसकी हार का कोई सवाल ही नहीं है।Rasogolla west bengal रसगुल्ला-पश्चिम-बंगाल

ओडिशा की हार के बारे में गलत जानकारी शायद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा किए ट्वीट के कारण फैली थी, जिन्होंने बांगलार रोशोगोला की जगह रोसोगोल्ला (यानी रसगुल्ला) का उल्लेख किया था।

Sweet news for us all. We are very happy and proud that #Bengal has been granted GI ( Geographical Indication) status for Rosogolla

— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) November 14, 2017

Sweet news for us all. We are very happy and proud that #Bengal has been granted GI ( Geographical Indication) status for Rosogolla

— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) November 14, 2017

ओडिशा के सीएमओ ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि राज्य ८०० वर्ष पुराने ओडिशा रसगुल्ला के लिए आवेदन करेगा।

Odisha Government is in process of obtaining GI tag for Odishara Rasagolla. It originated in #Odisha and is offered at Jagannath Temple as part of religious rituals by people of Odisha since centuries. pic.twitter.com/zk0tOAxj7c

— CMO Odisha (@CMO_Odisha) November 14, 2017

लगता है अभी युद्ध समाप्त नहीं हुआ हैi बल्कि और दिलचस्प हो गया है.

Tags: ओड़िशापश्चिम बंगालरसगुल्ला
शेयर215ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

भारतीय रेलवे इसरो के साथ मिलकर रोकेगी रेल हादसे

अगली पोस्ट

मोदी के खिलाफ घटिया बयानबाजी, गुजरात में कांग्रेस को पड़ेगी महँगी

संबंधित पोस्ट

बांग्लादेश
चर्चित

हिंदू दीपू दास की इस्लामी भीड़ के हाथों बर्बर हत्या उस्मान हादी हत्याकांड का ‘साइड इफेक्ट’ नहीं है, ये मजहबी कट्टरता को आत्मसात कर चुके बांग्लादेश का नया सच है

20 December 2025

बांग्लादेश इस समय गहरी अस्थिरता से गुज़र रहा है। दुर्भाग्य से ये अस्थिरता सिर्फ राजनैतिक नहीं है, ये नैतिक और सामाजिक भी है। अलग भाषाई...

ऑपरेशन सिंदूर 2:0
मत

दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

21 November 2025

पाकिस्तान एक आतंकी मुल्क है और इसमें शायद ही किसी को कोई संशय हो, ख़ुद पाकिस्तान के मित्र भी न सिर्फ इसे अच्छी तरह जानते...

शशि थरूर पीएम की तारीफ कर अपनी ही पार्टी के अंदर निशाने पर आ गए हैं
चर्चित

कांग्रेस का नया नियम यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए पीएम मोदी/बीजेपी का हर क़ीमत पर विरोध ही करना है?

21 November 2025

कांग्रेस के नेता देश ही नहीं विदेशों में भी जाकर लोकतंत्र बचाने की दुहाई देते रहते हैं। लेकिन जब बारी आंतरिक लोकतंत्र की आती है...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited