TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    SFDR तकनीक इन दोनों समस्याओं का समाधान करती है

    SFDR टेस्ट: भारत की ‘स्वदेशी मीटियोर’ कैसे बदलने वाली है BVR कॉम्बैट का पूरा समीकरण

    बंगाल सीएम ममता बेनर्जी खुद करेंगी करेगी कोर्ट में सवाल

    सुप्रीम कोर्ट पहुंची बंगाल सीएम ममता बनर्जी, खुद लड़ सकती हैं अपना केस

    दिल्ली में लापता महिलाओं की बढ़ती संख्या

    2026 की शुरुआत में दिल्ली में लापता मामलों में तेज़ उछाल, महिलाओं की संख्या सबसे अधिक

    बुद्ध ग्रां प्री की वापसी की संभावनाएं

    भारत में फ़ॉर्मूला 1 की वापसी की उम्मीदें तेज़, बुद्ध सर्किट पर फिर दौड़ सकती हैं रेस कारें

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    युवाओॆ का बजट

    युवा चेतना को लेकर क्या कहता है 2026–27 का यूनियन बजट ?

    भारत-यूरोपीय संघ समझौता वैश्विक व्यापार के लिए बड़ा अवसर

    पीएम मोदी-ट्रम्प के बीच बातचीत के बाद भारत पर अमेरिकी टैरिफ घट कर हुआ 18%

    वित्त मंत्री ने देश का रक्षा बजट ₹6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ कर दिया है

    रक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस: बजट 2026–27 की रणनीति

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील जल्द! समुद्र में बढ़ेगी भारत की ताकत

    MSME और ड्रोन उद्योग पर राहुल गांधी के बयान, BJP ने किया खंडन

    मेक इन इंडिया पर राहुल गांधी की आलोचना, भाजपा का पलटवार

    ravikota

    एलसीए मैन’ रवि कोटा संभालेंगे एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की जिम्मेदारी, उत्पादन और सुधार पर रहेगा फोक्स

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    SFDR तकनीक इन दोनों समस्याओं का समाधान करती है

    SFDR टेस्ट: भारत की ‘स्वदेशी मीटियोर’ कैसे बदलने वाली है BVR कॉम्बैट का पूरा समीकरण

    बंगाल सीएम ममता बेनर्जी खुद करेंगी करेगी कोर्ट में सवाल

    सुप्रीम कोर्ट पहुंची बंगाल सीएम ममता बनर्जी, खुद लड़ सकती हैं अपना केस

    दिल्ली में लापता महिलाओं की बढ़ती संख्या

    2026 की शुरुआत में दिल्ली में लापता मामलों में तेज़ उछाल, महिलाओं की संख्या सबसे अधिक

    बुद्ध ग्रां प्री की वापसी की संभावनाएं

    भारत में फ़ॉर्मूला 1 की वापसी की उम्मीदें तेज़, बुद्ध सर्किट पर फिर दौड़ सकती हैं रेस कारें

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    युवाओॆ का बजट

    युवा चेतना को लेकर क्या कहता है 2026–27 का यूनियन बजट ?

    भारत-यूरोपीय संघ समझौता वैश्विक व्यापार के लिए बड़ा अवसर

    पीएम मोदी-ट्रम्प के बीच बातचीत के बाद भारत पर अमेरिकी टैरिफ घट कर हुआ 18%

    वित्त मंत्री ने देश का रक्षा बजट ₹6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ कर दिया है

    रक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस: बजट 2026–27 की रणनीति

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील जल्द! समुद्र में बढ़ेगी भारत की ताकत

    MSME और ड्रोन उद्योग पर राहुल गांधी के बयान, BJP ने किया खंडन

    मेक इन इंडिया पर राहुल गांधी की आलोचना, भाजपा का पलटवार

    ravikota

    एलसीए मैन’ रवि कोटा संभालेंगे एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की जिम्मेदारी, उत्पादन और सुधार पर रहेगा फोक्स

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

क्या गडकरी बन सकते हैं वह भगीरथ जिसकी प्रतीक्षा गंगा कर रही है?

Sanghamitra Purohit द्वारा Sanghamitra Purohit
5 December 2017
in Uncategorized
गंगा गडकरी
Share on FacebookShare on X

गंगा नदी को सनातन धर्म में बड़ा ही महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। अति प्राचीन समय से गंगा नदी ने न केवल अपने जल से बल्कि अपने क्षेत्र में फसलों द्वारा लाखों भारतीयों का पालन पोषण किया है।  गंगा नदी को देवी माँ के रूप में सम्मान दिया गया है। जो हमें जीवन प्रदान करती हैं, हमारे पापों को धोती हैं और हमारी आत्मा को पवित्र करती हैं। दुनियाभर के हिंदुओं के लिए गंगा नदी देवत्व से समागम का एक मार्ग है। हमारी मृत्यु कहीं भी हो लेकिन यदि हमारी राख को गंगा में प्रवाहित किया जाता है तो हमें मोक्ष की प्राप्ति होती है।

प्राचीन शास्त्रों में हमें राजा भगीरथ की कठिन तपस्या के बारे में एक रोचक कहानी मिलती हैं, जो अपने पूर्वजों को मोक्ष दिलवाने के लिए गंगा नदी को पृथ्वी पर लाने में सफल होते हैं।Gadkari Ganga

संबंधितपोस्ट

धर्मरक्षा के लिए बलिदान हुए करोड़ों अज्ञात हिंदुओं का हरिद्वार में सामूहिक तर्पण

रणनीति और दृष्टि: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व की असली पहचान

एक पास, पूरे साल टेंशन फ्री सफर! जानें FASTag वार्षिक पास की फीस और अप्लाई करने से जुड़ी डिटेल्स

और लोड करें

गंगा नदी का महत्व और इनका विशेष आदर हमेशा से ही  सनातन धर्म का एक विशिष्ट लक्षण रहा है लेकिन एक कटु सत्य यह भी है कि इस नदी का प्रदूषण और इसके आसपास के क्षेत्रों का प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है।

लगातार बढ़ते हुए जनसंख्या के स्तर और औद्योगीकरण के घातक प्रभाव ने गंगा में दम घोटने वाला प्रदूषण पैदा कर दिया है।  १९८५ में प्रदूषण का स्तर  पहली बार राष्ट्रव्यापी रूप से ध्यान में आया जब नदी में आग लग गई। हाँ, कानपुर में एक धूम्रपानकर्ता द्वारा माचिस की तीली फेकने से नदी में एक बड़े पैमाने पर आग लग गयी। नालों से छोड़े गये गंदे पानी में ठोस कचरा और ज्वलनशील विषाक्त गैसें बहुत अधिक मात्रा में थीं जिससे कि आग बुझाने में लगभग ३० घंटे लग गए। इसके बाद पर्यावरणविद, वकील और सामाजिक कार्यकर्ता एम.सी. मेहता ने एक प्रसिद्ध जनहित याचिका दायर की, जिसे “एम.सी. मेहता” बनाम “भारत का संघ” के नाम से जाना जाता है। उन्होंने कानपुर के सभी ७५ चमड़े के कारखानों, उत्तर प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और कानपुर नगर निगम को इसके लिए उत्तरदायी ठहराया। एक ऐतिहासिक निर्णय में, सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी समितियों को आवश्यक कदम उठाने के लिए कहा और कानपुर के चमड़े के कारखानों को ये निर्देश दिया कि या तो कानूनों का पालन करें या फिर इन कारखानों को बंद कर दें।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद, कई अन्य सरकारों ने भी सम्बन्धित कार्यक्रमों की शुरुआत की और गंगा को साफ़ करने के मिशन के साथ जुड़ गये। इन सभी योजनाओं पर अरबों रुपये खर्च किए गए लेकिन जमीनी स्तर पर इसका कोई महत्वपूर्ण बदलाव दिखाई नहीं दिया। इसके बावजूद भी उद्योगों और चमड़े के कारखानों ने ठोस अपशिष्ट, जहरीले पानी और जैव-कचरे को छोड़ना जारी रखा। किसी भी कठोर कार्यवाही और जागरूकता अभियानों की कमी के कारण लोगों ने घरेलू अपशिष्ट, धार्मिक मूर्तियों और आधे जले शवों को नदी में विसर्जित करना जारी रखा। अतः सभी कार्यक्रमों और समारोहों के बाद भी जमीनी स्तर पर इसके परिणाम अभी भी शून्य थे।

गंगा की सफाई करने के लिए न तो धनराशि की कमी रही और न ही योजनाओं और मिशनों की कमी रही। गंगा की सफाई योजना या जीएपी चरण-1 को अस्सी के दशक में राजीव गांधी द्वारा शुरू किया गया था, इसके बाद १९९३ में जीएपी चरण २ शुरू किया गया लेकिन इसके कोई प्रत्यक्ष परिणाम नहीं मिले। गंगा प्रदूषित ही रही, यह इस धरती की पांचवी सबसे प्रदूषित नदी है।

इसके पर्यावरण, जनसांख्यिकीय और जैविक प्रभाव बहुत ही वृहत्काय हैं। निम्नलिखित को धयान मे रखते हुए:

–>ये नदी उत्तराखंड में गो-मुख से निकलती है और बंगाल की खाड़ी में समाप्त हो जाती है। ये कुल २५०० किलोमीटर का जलमार्ग है।

–>मुख्य सहायक नदियों सहित गंगा नदी की घाटी का कुल क्षेत्रफल ८,६०,०० वर्ग किलोमीटर है।

–>सहायक नदियों, कृषि और औद्योगिक निर्भरता को देखते हुए पूरी भारतीय आबादी का लगभग ४०% भाग गंगा पर ही निर्भर है।

–>सभी उद्योगों, कृषि और आजीविकाओं की ७०० अरब अमेरिकी डालर की जीडीपी इसी नदी पर आश्रित है।

यदि उपर्युक्त बिंदुओं ने गंगा का आर्थिक महत्व स्पष्ट किया है, तो आइए इन बिंदुओं पर विचार करें:

–>विश्व बैंक के एक सर्वेक्षण के अनुसार, उत्तर प्रदेश में १२ प्रतिशत बीमारियाँ गंगा के प्रदूषित जल के कारण फैलती हैं।

–>लगभग १.७ बिलियन लीटर घरेलू कचरा हर रोज गंगा नदी में गिराया जाता है।

–>लगभग ३.८९ मिलियन लीटर गन्दे नाले (सीवेज) ऐसे हैं जिन्हें अनुपचारित रुप से हर दिन गंगा नदी में बहाया जाता है।

–>उसी विश्व बैंक के एक अध्ययन के अनुसार गंगा नदी में प्रदूषकों का स्तर “स्वस्थ पानी” के स्तर से ३००० गुना ज्यादा दूषित है।

सरकारी नीतियां –

जैसा कि मैंने पहले भी बताया था कि गंगा नदी की सफाई को लेकर भारत सरकार द्वारा की जा रही कागजी कारवाई में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं हुई है। लेकिन उनके परिणाम अभी भी न्यूनतम और संदेह के घेरे में हैं। मनमोहन सरकार ने गंगा नदी की सफाई को लेकर राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण का गठन किया। इसके अलावा स्वामी निगमानंद सरस्वती और अन्ना हजारे ने भी गंगा की सफाई से संबंधित आंदोलन किए, लेकिन एक स्वच्छ और अविरल बहने वाली गंगा का सपना केवल एक सपना ही रहा।

भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सफाई एजेंडों में गंगा की सफाई को सबसे पहले स्थान दिया। इसलिए, नरेंद्र मोदी ने २०१४ में प्रधान मंत्री का पदभार संभालने के बाद ही उमा भारती को ये प्रभार सौंपा और उन्हें जल संसाधन मंत्री बनाया। २०१६ के आंकड़ों के अनुसार गंगा से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं के लिए भारत सरकार द्वारा २,००० करोड़ रुपये से अधिक का वितरण किया गया है। लेकिन दुर्भाग्य से, जैसा कि अन्य सरकारों के साथ हुआ, स्वच्छ गंगा का सपना एक सपना ही बना रहा। निष्क्रियता के लिए आलोचनाओं के बीच, मंत्रालय का प्रभार भाजपा सरकार के “गो गेटर”(व्यक्ति, जो अपने लक्ष्य को आसानी से पा लेता है) मंत्री श्री नितिन गडकरी को दिया गया।

क्या नितिन गडकरी गंगा को बचा सकते हैं?

नितिन गडकरी एक बेहतरीन निर्वाहक हैं जो अपने काम को समय पर पूरा करने के लिए तत्पर रहते हैं। उनके द्वारा काम करने की शैली को राष्ट्रीय राजमार्ग के विस्तार में देखा गया था। “रिमूवल रोड़ ब्लाक” उन्हीं के द्वारा उठाया गया कदम है। वह कई बड़ी परियोजनाओं को कम से कम समय में पूरा करने और अधिकतर अंतर विभागीय एवं अंतर एजेंसी ब्लॉक को भंग करने के लिए जाने जाते हैं। वह तकनीक की समझ रखने वाले व्यक्ति हैं और आर्थिक रूप से कुशल भी हैं।

पदभार संभालने के कुछ ही दिनों के भीतर, गडकरी जी ने शहरी विकास, पेयजल और स्वच्छता के लिए जल संसाधन मंत्रालय से कर्मियों के गठन के लिए एक टॉस्क फोर्स की घोषणा कर दी। जबकि उमा भारती के काम को लेकर बहुत सारी आलोचनाएं हुई थीं। लेकिन गडकरी जी ने उमा भारती द्वारा कई मूलभूत कार्यों का आधार बनाने के लिए उनकी प्रशंसा की, जहाँ से वह अब इन कार्यों को आगे बढ़ा सकते हैं। गडकरी ने अभी तक सभी परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया है। 2020 तक 20,000 करोड़ तक की राशि के अगले आवंटन के लिए प्रधानमंत्री मोदी की एक घोषणा के बाद, इस मिशन पर आने वाले वह पहले व्यक्ति हैं।

अक्टूबर 2017 में, श्री गडकरी ने क्रमशः हरिद्वार और वाराणसी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित करने के लिए निजी क्षेत्र के साथ त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने एक शानदार हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल के अनुसार अपनी अनूठी शैली में परियोजनाएं स्थापित की हैं। इस मॉडल के अनुसार, एसटीपी का निर्माण, संचालन और रखरखाव, बोली लगाने वाले विजेता द्वारा किया जाना है। इस मॉडल के अनुसार, बताई गयी पूंजीगत लागत का 40% भुगतान निर्माण पूरा होने पर किया जाएगा, जबकि शेष 60% लागत का भुगतान 15 वर्षों में प्रति वर्ष के अनुसार किया जाएगा। इसमें संचालन और रखरखाव के खर्च शामिल होंगे।

ये गडकरी की कार्य शैली है – वार्षिक भुगतान और ओ एंड एम के भुगतान एसटीपी के प्रदर्शन से जुड़े हैं, यानी खराब पर पैसा नहीं मिलेगा। श्री गडकरी ने इस मॉडल को पहले से ही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में कार्यान्वित किया है और इन परियोजनाओं पर यह मॉडल बेहद सफल रहा है। इस योजना के तहत १४ सीवेज ट्रीटमेंट प्लान कानपुर, प्रयाग, भागलपुर, कोलकाता और हावड़ा इत्यादि शहरों में लागू किए जाएंगे। बोली लगाने की प्रक्रिया को दिसंबर तक पूरा किया जाना है और उसके कार्यान्वयन के आदेश अगले साल मार्च तक जारी किए जाएंगे।

गडकरी यहीं पर नहीं रुके। नमामि गंगे मिशन एक बहुत ही व्यापक और समावेशी कार्यक्रम है जो जन जारुकरता को बढ़ावा देता है, सतत विकास, औद्योगिक विनियमन तथा स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन में सुधार करता है। पहले से ही ४५०० गांवों में नदी के किनारे पौधों को लगाने का कार्य किया जा रहा है। पौधों को जियो टैग किया जा रहा है ताकि उनका विकास और रखरखाव वास्तविक समय पर किया जा सके।

अपने हाल ही के ब्रिटेन दौरे पर श्री नितिन गडकरी ने स्वच्छ गंगा परियोजना को एक नया आयाम देने के लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) का आह्वान किया। उन्होंने इस परियोजना में निवेश करने के लिए वैश्विक व्यापारिक शक्तियों के लिए दरवाजा खोल दिया है। केवल ब्रिटेन ने अकेले ही इस परियोजना में करीब ५०० करोड़ का निवेश किया है। वेदांत ग्रुप के अध्यक्ष श्री अनिल अग्रवाल ने पटना रिवरफ्रंट के पुनर्निर्माण का वादा किया है, इसी प्रकार शिपिंग टाइकून रवि मेहरोत्रा ने कानपुर के रिवरफ्रंट के पुनर्निर्माण का वादा किया है। हिंदुजा ग्रुप, हरिद्वार के घाटों का रखरखाव करेंगे और इंदौरमा ग्रुप के प्रमुख श्री प्रकाश लोचिया कोलकाता में गंगा सागर के विकास कार्यो में सहयोग करेंगे।

आखिरकार, लंबे समय के बाद एक नई आशा जागी है कि भविष्य में हम स्वछ और अविरल गंगा को देख सकते हैं। स्वच्छ और अविरल गंगा आने वाली अनगिनत पीढ़ियों के लिए आशा और सकारात्मकता का प्रतीक साबित होगी। एक महार्षि भगीरथ थे जो गंगा को स्वर्ग से पृथ्वी पर लाए थे, शायद दुसरे भगीरथ बनने का मौका भाग्य ने गडकरी को दिया है।

Tags: गंगागडकरीनितिन गडकरी
शेयर829ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

भारत ने लगायी वैश्विक समृद्धि सूचकांक 2017 में चार पायदानों की छलांग

अगली पोस्ट

जस्टिस लोया की पूरी कहानी

संबंधित पोस्ट

भारत-रूस का Su-57 संयुक्त निर्माण प्रोजेक्ट
Uncategorized

यात्री विमान से स्टेल्थ फाइटर: क्या SJ-100 की डील भारत में खोल सकती है Su-57 का रास्ता?

30 January 2026

भारत की सरकारी एयरोस्पेस कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और रूस की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन (UAC) ने अपनी करीब तीन दशक पुरानी साझेदारी को और...

जीएसटी कम होने से सड़क पर कारों की लंबी लाइन
Uncategorized

GST कटौती से बढ़ी कार ब्रिकी, शहरों में बढ़ा जाम और प्रदूषण

20 January 2026

भारत में वाहनों पर जीएसटी को कम करने के बाद से पहले से ज्यादा वाहन सड़क पर नजर आने लगें हैं, जिससे रोड़ जाम कि...

अमेरिका भर में AlloClae नामक एक नया और विवादास्पद कॉस्मेटिक ट्रेंड तेज़ी से चर्चा में है
Uncategorized

मौत के बाद भी सुंदरता की खोज: कॉस्मेटिक सर्जरी में शवों के इस्तेमाल पर बहस

8 January 2026

अमेरिका भर में AlloClae नामक एक नया और विवादास्पद कॉस्मेटिक ट्रेंड तेज़ी से चर्चा में है। इस प्रक्रिया में दान किए गए शवों (मृत मानव...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India’s Swadesi ‘Meteor’: Word’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

India’s Swadesi ‘Meteor’: Word’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

00:09:35

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited