TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    कॉकरोच के पुतले

    दिल्ली में दशहरे पर रावण के साथ जलेगा कॉकरोच का पुतला, कॉकरोच के पुतले को लेकर चर्चा जारी

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    संघ की सौ वर्ष की यात्रा: नागपुर से देशव्यापी विस्तार तक

    संघ की सौ वर्ष की यात्रा: नागपुर से देशव्यापी विस्तार तक

    राष्ट्र सेविका समिति की शाखा – व्यक्ति निर्माण का केंद्र

    राष्ट्र सेविका समिति की शाखा – व्यक्ति निर्माण का केंद्र

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    कॉकरोच के पुतले

    दिल्ली में दशहरे पर रावण के साथ जलेगा कॉकरोच का पुतला, कॉकरोच के पुतले को लेकर चर्चा जारी

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    संघ की सौ वर्ष की यात्रा: नागपुर से देशव्यापी विस्तार तक

    संघ की सौ वर्ष की यात्रा: नागपुर से देशव्यापी विस्तार तक

    राष्ट्र सेविका समिति की शाखा – व्यक्ति निर्माण का केंद्र

    राष्ट्र सेविका समिति की शाखा – व्यक्ति निर्माण का केंद्र

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

पूर्णागिरि मंदिर चंपावत की कहानी, इतिहास और यहाँ कैसे पहुंचे

TFI Desk द्वारा TFI Desk
8 June 2018
in धार्मिक कथा
पूर्णागिरि मंदिर

PC: Amarujala

Share on FacebookShare on X

देवभूमि उत्तराखण्ड के टनकपुर में अन्नपूर्णा शिखर पर पूर्णागिरि मंदिर स्थित है। पूर्णागिरि मंदिर को 108 सिद्ध पीठों में से एक माना जाता है पूर्णागिरि को महाकाली की पीठ भी कहा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार माता सती की नाभि का भाग यहीं पर भगवान विष्णु के चक्र से कटकर गिरा था। इस पीठ की यात्रा पर जाने से पहले देवी के द्वारपाल के रूप में भैरव मंदिर में बाबा भैरव नाथ की पूजा करने की परंपरा है।

पूर्णागिरि मंदिर का इतिहास

मां पूर्णागिरि मंदिर उत्तराखंड के चंपावत जिले के टनकपुर में स्थित है (भारत का उत्तरी हिमालयी राज्य) 3000 मीटर की ऊंचाई पर। समुद्र तल से ऊपर और टनकपुर से सिर्फ 20 किमी दूर। टनकपुर से थुलीगढ़ तक एक मोटर योग्य सड़क है और पवित्र पूर्णागिरि मंदिर तक पहुंचने के लिए आसान सीढ़ियों के माध्यम से 3 किमी और पैदल चलना पड़ता है। बंस की चराई की चढ़ाई के बाद अवलाखान आता है (नया नाम हनुमान चट्टी है)। इस स्थान से ‘पुण्य पर्वत’ का दक्षिण-पश्चिमी भाग देखा जा सकता है। इस मंदिर को पुण्यगिरि भी कहा जाता है। पूर्णागिरि मंदिर उत्तराखंड के सभी प्रसिद्ध मंदिरों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसे भारत के 108 सिद्ध पीठों में से एक माना जाता है। टनकपुर नदी में काली मैदानी इलाकों में उतरती है और इसे शारदा नदी के नाम से जाना जाता है

संबंधितपोस्ट

दिल्ली में दशहरे पर रावण के साथ जलेगा कॉकरोच का पुतला, कॉकरोच के पुतले को लेकर चर्चा जारी

मोहन भागवत बोले- बंटने की वजह से कमजोर हुए, भारत की एकता और सामाजिक सद्भाव पर दिया जोर

विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

और लोड करें

माना जाता है कि धाम के द्वार पर बाबा भैरवनाथ ही देवी के दर्शन के लिए जाने की अनुमति देते हैं। पुराणों की माने उस क्षेत्र में टुन्ना, शुंभ-निशुंभ नामक राक्षसों ने आतंक मचा रखा था, इन राक्षसों की वजह से देवी-देवता भी आतंकित थे। तब मां पूर्णागिरि ने महाकाली का रूप धारण किया और टुन्ना राक्षस का वध कर दिया था। पुराणों के अनुसार, महाभारत काल में प्राचीन ब्रह्माकुंड के पास पांडवों ने मां भगवती की कठोर पूजा-अर्चना तथा बह्मादेव मंडी में ब्रह्मा द्वारा आयोजित विशाल यज्ञ में एकत्रित अपार सोने से यहां सोने का पर्वत बन गया था। टनकपुर शहर से पूर्णागिरि मंदिर के आधार तल की दूरी 21 किलोमीटर है। मंदिर के आधार तल से श्रद्धालुओं को तीन किलोमीटर का सफर पैदल ही तय करना पड़ता है।

और पढ़े : Naimisharanya : नैमिषारण्य का सम्पूर्ण इतिहास, मंदिर, कथाएं और महत्व

पूर्णागिरि मंदिर से जुडी पौराणिक कथा

हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, सत्य युग पार्वती (सती) में, दाख प्रजापति की बेटी ने दाखा प्रजापति की इच्छा के विरुद्ध “योगी” (भगवान शिव) से शादी की थी। तो भगवान शिव से बदला लेने के लिए, दक्ष प्रजापति ने एक बृहस्पति यज्ञ किया जहां उन्होंने भगवान शिव और सती को छोड़कर सभी देवताओं को आमंत्रित किया। लेकिन इस तथ्य को जानकर कि सती को आमंत्रित नहीं किया गया था, उन्होंने भगवान शिव के सामने यज्ञ में भाग लेने की इच्छा व्यक्त की। भगवान शिव ने उसे रोकने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह कुछ समझ नहीं पा रही थी, इसलिए भगवान शिव को उसे यज्ञ में शामिल होने की अनुमति देनी पड़ी। जहां बिन बुलाए मेहमान होने के कारण उन्हें कोई सम्मान नहीं दिया गया। संक्रमित, उसके पिता ने भगवान शिव का अपमान किया जो सती के लिए असहनीय था। इसलिए अपने पति को अपमानित करने के लिए अपने पिता की चाल का पता चलने पर वह यज्ञ में कूद गई और आत्महत्या कर ली।

सती के जलते शरीर को देखकर भगवान शिव ने दक्ष प्रजापति के यज्ञ को नष्ट कर दिया। उन्होंने उसके शरीर के अवशेषों को दु: ख के साथ ले लिया और ब्रह्मांड के माध्यम से विनाश के नृत्य को नृत्य किया। जिन स्थानों पर उनके शरीर के अंग गिरे थे, उन्हें शक्तिपीठों के रूप में मान्यता दी गई थी। पूर्णागिरि में सती का नाभि (नौसेना) हिस्सा गिर गया जहां वर्तमान पूर्णागिरि मंदिर स्थित है। लोग यहां साल भर बड़ी संख्या में देवी की पूजा करने आते हैं।

पूर्णागिरि मेला

मार्च-अप्रैल के महीने में हर साल लाखों तीर्थयात्री चैत्र नवरात्रि में पूर्णागिरि मंदिर जाते हैं। अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए इस समय भक्त बड़ी संख्या में पूर्णागिरि मंदिर जाते हैं। यह भी माना जाता है कि माता पूर्णागिरि की पूजा करने के बाद सिद्ध बाबा मंदिर जाना आवश्यक है। अन्यथा यात्रा सफल नहीं होगी।

नवरात्रों के दौरान, भारतीय कैलेंडर के चैत्र महीने में, बड़ी संख्या में भक्त अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए यहां आते हैं। माता पूर्णागिरि की पूजा करने के बाद, लोग नेपाल के ब्रह्मदेव और महेंद्र नगर में उनके वफादार भक्त बड़ा सिद्ध नाथ को भी श्रद्धांजलि देते हैं।

और पढ़े : शिव पार्वती विवाह : शिव जी और माँ पार्वती का विवाह कैसे हुआ? पढ़िए पूरी कथा

पूर्णागिरि मंदिर कैसे पहुंचे?

108 सिद्ध पीठों में से एक, यह देवी मंदिर टनकपुर से 21 किमी, तुन्यास 17 किमी और वहां से 3 किमी ट्रेक पूर्णागिरि मंदिर की ओर जाता है। टनकपुर लखनऊ, दिल्ली, आगरा, देहरादून, कानपुर और अन्य जिलों के साथ सीधी बस सेवा से जुड़ा हुआ है। पूर्णागिरि मंदिर टनकपुर रेलवे स्टेशन से करीब 23 किमी दूर है। टनकपुर से पूर्णागिरि मंदिर के लिए सार्वजनिक परिवहन के विकल्प उपलब्ध हैं।

टनकपुर रेल और सड़क मार्ग से भारत के विभिन्न शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। सड़क नेटवर्क अच्छा है क्योंकि दिल्ली से टनकपुर पहुंचने के लिए विभिन्न सार्वजनिक, निजी बसें और अन्य छोटे वाहन उपलब्ध हैं। दिल्ली से सड़क यात्रा में लगभग 8-9 घंटे (330 किमी) लगते हैं। टनकपुर रेलवे स्टेशन का जल्द ही नवीनीकरण किया जाएगा क्योंकि उत्तराखंड सरकार इस स्टेशन को बड़ा जंक्शन बनाने की योजना बना रही है। लेकिन अन्य निकटतम रेलवे स्टेशन में से एक काठगोदाम रेलवे स्टेशन है जो टनकपुर से सिर्फ 95 किलोमीटर दूर है और सभी प्रमुख शहरों से भी जुड़ा हुआ है।

सिर्फ पैदल चलने में सक्षम लोग ही मंदिर तक पहुंच सकते हैं। मां पूर्णागिरि धाम में हर साल होली के अगले दिन से तीन माह का मेला लगता है। दक्ष प्रजापति की पुत्री पार्वती (सती) ने अपने पति महादेव के अपमान के विरोध में दक्ष प्रजापति द्वारा आयोजित यज्ञ कुण्ड में स्वयं कूदकर प्राण आहूति दे दी थी। भगवान विष्णु ने अपने चक्र से महादेव के क्रोध को शान्त करने के लिए सती पार्वती के शरीर के 64 टुकडे कर दिये थे। यहा के सबसे ऊपरी हिस्से (पूर्णागिरि) से काली नदी का फैलाव, टनकपुर शहर और कुछ नेपाली गांव दिखने लगते हैं।

शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

जब प्रणब मुखर्जी RSS को संबोधित करने के लिए तैयार हो रहे थे, सोनिया अलग ही योजना में लगी थी

अगली पोस्ट

कांग्रेस में दरार: बेंच पर बैठाये गए लिंगायत विधायक कर रहे हैं नेतृत्व

संबंधित पोस्ट

भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?
धार्मिक कथा

भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

25 September 2026

10 दिनों की धूमधाम के बाद बप्पा के विसर्जन के साथ ही गणेश उत्सव समाप्त हो गया। गणपति महोत्सव हिंदू धर्म का बहुत ही खास...

हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा
चर्चित

हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

2 April 2026

चैत्र मास की पूर्णिमा का दिन हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। इसी दिन भगवान हनुमान का जन्मोत्सव बड़े श्रद्धा और उत्साह के...

राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी
इतिहास

राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

26 March 2026

राम नवमी हिंदू पंचांग के सबसे पवित्र त्योहारों में से एक है, जिसे पूरे भारत में भक्ति और भव्यता के साथ मनाया जाता है। लेकिन,...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

INS Samarthak: The Indigenous Warship Built to Do More Than One Job VO:

INS Samarthak: The Indigenous Warship Built to Do More Than One Job VO:

00:03:01

Why Is India Investing in Underwater Weapons?

00:02:10

How DRDO Is Making India's Military Communications More Secure

00:03:28

How Ice on Aircraft Wings Can Turn Deadly

00:03:19

Indian Army’s New Logistics Plan: Why Bharat Rice Matters

00:04:35
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited