TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    रैली में मासूम बच्चे ने जीत लिया पीएम मोदी का दिल, रोका भाषण

    तिरुवनंतपुरम रैली में मासूम बच्चे ने जीत लिया पीएम मोदी का दिल, पीएम ने भाषण रोक कहां-अपना एड्रेस लिख दो

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    उड़ीसा सरकार ने तंबाकू और पान पर बैन लगा दिया है।

    ओडिशा सरकार का बड़ा फैसला: गुटखा, पान मसाला और तंबाकू पर पूरे राज्य में बैन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    रैली में मासूम बच्चे ने जीत लिया पीएम मोदी का दिल, रोका भाषण

    तिरुवनंतपुरम रैली में मासूम बच्चे ने जीत लिया पीएम मोदी का दिल, पीएम ने भाषण रोक कहां-अपना एड्रेस लिख दो

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    उड़ीसा सरकार ने तंबाकू और पान पर बैन लगा दिया है।

    ओडिशा सरकार का बड़ा फैसला: गुटखा, पान मसाला और तंबाकू पर पूरे राज्य में बैन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

कांग्रेस व लुटियंस मीडिया के तानों से तंग आकर जस्टिस ए के सीकरी ने CSAT में जाने से किया इंकार

Mahima Pandey द्वारा Mahima Pandey
14 January 2019
in मत
जस्टिस सीकरी कांग्रेस आलोक वर्मा सीबीआई

PC: Jagran

Share on FacebookShare on X

जस्टिस ए के सीकरी ने काफी विवादों के बाद लंदन स्थित राष्ट्रमंडल सचिवालय मध्यस्थता न्यायाधिकरण (सीएसएटी) में अध्यक्ष/सदस्य के तौर काम करने को लेकर दी गई अपनी सहमती वापस ले ली है। ये प्रस्ताव केंद्र सरकार ने साल 2018 में दिसंबर के माह में दिया था तब उन्होंने इसपर अपनी मौखिक स्वीकृती दी थी। ये फैसला उन्होंने उन आरोपों की वजह से लिया है जिसमें आलोक वर्मा को सीबीआई निदेशक पद से हटाए जाने में उनकी भागीदारी को सीएसएटी में उनके काम से जोड़ा गया। इस तरह के आक्षेप के बाद उन्होंने विवादों से दूर रहने के लिए ये फैसला लिया। इस फैसले से कांग्रेस और लेफ्ट लिबरल गैंग को अपने मकसद में जरुर कामयाबी मिल गयी है जो न्यायपालिका के कार्यों में हस्तक्षेप करने से पीछे नहीं हटते। इसके साथ ही वो न्यायपालिका में डर को बैठाने में भी सफल हुए हैं। 

बता दें कि कुछ दिनों पहले ही प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई वाली और कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे व सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस एके सीकरी की सदस्यता वाली हाई-पावर्ड कमिटी ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) जांच रिपोर्ट के आधार पर आलोक वर्मा को सीबीआई डायरेक्टर पद से हटाया था। कमिटी ने 2:1 से ये निर्णय लिया था। हालांकि, आलोक वर्मा को महानिदेशक, अग्निशमन सेवा, नागरिक सुरक्षा और होमगार्ड के रूप में तैनात किया गया है। इसके बाद विपक्षी दलों खासकर कांग्रेस और लुटियंस मीडिया ने जस्टिस सीकरी पर पीएम मोदी के पक्ष में फैसला लेने को सीएसटी में उनके काम से जोड़कर पेश किया जाने लगा जिससे जस्टिस सीकरी आहत थे। वास्तव में जस्टिस एके सीकरी ने सीवीसी की रिपोर्ट और तथ्यों के आधार पर आलोक वर्मा को सीबीआई पद से हटाया था। दरअसल, रिपोर्ट में कुछ ऐसे गंभीर आरोप आलोक वर्मा पर लगाये गये थे जिनकी जांच जरुरी है।

संबंधितपोस्ट

देवी-देवताओं की मूर्तियां, सनातन परंपराओं की झलक’… नंगी आंखों से दिखते हैं सबूत, फिर भी विवादित क्यों है भोजशाला?

वसंत पंचमी: सरस्वती पूजा पर भोजशाला में सुबह से हवन-पूजन जारी, दोपहर 1-3 बजे होगी जुमे की नमाज

7 साल की कानूनी जंग और इंसाफ की जीत: शाह बानो केस पर बनी फिल्म ‘हक’

और लोड करें

दरअसल, केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की रिपोर्ट में तथ्यों के आधार पर लगे गंभीर आरोपों में आलोक वर्मा दोषी पाए गये थे। इन आरोपों पर आलोक वर्मा को अपना पक्ष रखने का मौका भी दिया गया था जिसके लिए उन्हें सीवीसी की रिपोर्ट की एक प्रति भी दी गयी थी लेकिन वो इसपर कोई सफाई नहीं दे पाए। इसके बाद सीवीसी की रिपोर्ट के आधार पर आलोक वर्मा को सीबीआई के निदेशक जैसे महत्वपूर्ण पद से हटाये जाने का फैसला लिया गया। प्रधानमंत्री और जस्टिस सीकरी ने वर्मा को हटाना ही उचित समझा क्योंकि जब तक वो निर्दोष करार नहीं होते तब तक उन्हें सीबीआई के पद पर नहीं होना चाहिए। वहीं कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे इसके वर्मा को हटाए जाने के पक्ष में नहीं थे जिन्होंने कभी आलोक वर्मा की नियुक्ति का विरोध किया था। आज आरोपों के समाने होने के बाद भी वर्मा के पक्ष में नजर आये ताकि मोदी सरकार को विपक्ष घेरने में कामयाब हो सके और जनता के सामने ये दिखा सकें कि केंद्र सरकार न्यायपालिका के कार्यों पर दबाव बनाती है।

आलोक वर्मा के हटाए जाने के बाद विपक्ष ने जस्टिस सीकरी पर ही हमले शुरू कर दिए। लुटियंस मीडिया ने भी इसे न्यायपालिका से छेड़छाड़ करार दिया और केंद्र की मोदी सरकार पर एक जस्टिस पर दबाव बनाने की बात कही। एक ईमानदार जस्टिस पर इस तरह के आरोपों से खुद सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मार्कंडेय काटजू इतने आहत हुए कि उन्हें सफाई देनी पड़ी कि जिस तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं वास्तव में उनमें कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा, “जब कमेटी ने आलोक वर्मा को हटा दिया तो मेरे रिश्तेदारों और दोस्तों के फोन मेरे पास आने लगे उनका पूछना था कि क्या सीकरी द्वारा आलोक वर्मा को सीबीआई के निदेशक पद से हटाए जाने का फैसला सही था? इसके बाद मैंने जस्टिस सीकरी से फोन पर बातचीत की। उन्होंने मुझे वो कारण बताये कि आखिर क्यों आलोक वर्मा को सीबीआई के पद से हटाया गया।” इसके बाद उन्होंने अपने पोस्ट में उन कारणों का भी उल्लेख किया है जो जस्टिस एके सीकरी ने उन्हें बताये थे। उन्होंने ये भी लिखा कि ”मैं जस्टिस सीकरी को बहुत अच्छी तरह से जानता हूं। जब मैं दिल्ली हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस था तब वो मेरे साथ जज थे। अगर उनके पास कोई ठोस आधार नहीं होता तो उन्होंने आलोक वर्मा को हटाने का फैसला नहीं लिया होता।” इसके अलावा पूर्व जस्टिस ने ये भी कहा कि “न ही आलोक वर्मा को उनके पद से हटाया गया है और न ही उन्हे निलंबित किया गया है बल्कि उन्हें उसी रैंक के किसी दूसरे पद पर स्थानांतरित कर दिया गया। जस्टिस मार्कंडेय काटजू के सफाई के देने के बावजूद जस्टिस सीकरी के फैसले पर विपक्ष और लुटियंस मीडिया ने आरोप लगाये कि उन्होंने सीएसएटी के पद के लिए ही ऐसा किया है।

द प्रिंट के शेखर गुप्ता ने तो ये तक लिखा कि जस्टिस सीकरी को सरकार के पक्ष में फैसला लेने पर ये पद मिला है। उन्होंने लिखा कि, “आलोक वर्मा को हटाने वाले पैनल में रहे जस्टिस सीकरी कॉमलवेल्थ ट्रिब्यूनल में नियुक्त होंगे।”

Exclusive: Supreme Court Judge Sikri, whose vote decided Alok Verma’s fate, gets Modi govt nod for plum post-retirement posting. I report.https://t.co/QZaxcGhSBw

— Maneesh Chhibber (@maneeshchhibber) January 13, 2019

अब सीकरी की सहमती वापस लेने पर द प्रिंट में खुशी की लहर है।

After ThePrint report, SC judge Sikri withdraws assent for Modi govt’s post-retirement job offer@maneeshchhibber reports: https://t.co/ceQs8VyttO

— Shekhar Gupta (@ShekharGupta) January 13, 2019

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने भी कहा कि ‘झूठे, अप्रमाणित और बेहद हल्के’ आरोपों को आधार पर वर्मा को हटाया गया है। यही नहीं उन्होंने तो ये भी कहा कि आलोक वर्मा को जल्दबाजी को दूसरी बार हटाए जाने के पीछे  सुप्रीम कोर्ट की भूमिका कई सवाल खड़े करती है।”

Must read: Why the hasty removal of Verma for the second time raises serious questions about the unflattering role of the Supreme Court in this case https://t.co/4Y2bhAmDGN

— Prashant Bhushan (@pbhushan1) January 13, 2019

इन आरोपों से परेशान होकर जस्टिस एके सीकरी ने अपने राष्ट्रमंडल सचिवालय मध्यस्थता न्यायाधिकरण (सीएसएटी) से अपनी सहमती वापस ले ली। चीफ जस्टिस के बाद देश के दूसरे सबसे वरिष्ठ जस्टिस के एक करीबी सूत्र से मिली जानकारी के अनुसार जस्टिस ने रविवार शाम को विधि मंत्रालय को लिखकर सहमति वापस ले ली। सूत्रों ने कहा, “क्योंकि ये सहमति दिसंबर 2018 के पहले हफ्ते में ली गई थी, इसका सीबीआई मामले से कोई संबंध नहीं था जिसके लिये वो जनवरी 2019 में चीफ जस्टिस की तरफ से नामित किये गए।” उन्होंने ये भी कहा कि “दोनों मामलों को जोड़ते हुए “एक पूरी तरह से अन्यायपूर्ण विवाद” खड़ा किया गया।”

सूत्रों ने अनुसार, “असल तथ्य ये है कि दिसंबर 2018 के पहले हफ्ते में सीएसएटी में पद के लिये जस्टिस की मौखिक स्वीकृति ली गई थी।” ये शर्मनाक है कि सुप्रीम कोर्ट के एक जस्टिस के फैसले पर इस तरह के आरोप मढ़े गए जबकि उन्होंने स्वतंत्र रूप से आरोपों पर गंभीरता से विचार करने के बाद वर्मा को हटाने का फैसला लिया था। सूत्रों ने ये भी बताया कि “सीएसटी कोई नियमित आधार पर जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिये कोई मासिक पारिश्रमिक भी नहीं है। इस पद पर रहते हुए प्रतिवर्ष दो से तीन सुनवाई के लिए वहां जाना होता और लंदन या कहीं और रहने का सवाल ही नहीं था।”

सूत्रों से मिली जानकारी पर गौर करें तो कांग्रेस और लुटियंस मीडिया द्वारा लगाये गये आरोप न सिर्फ निराधार साबित होते हैं बल्कि इससे न्यायपालिका के कार्यों में उसके हस्तक्षेप का सच एक बार फिर से सामने आ गया है। कांग्रेस ने एक बार फिर से न्यायपालिका में डर की व लकीर खींचने में कामयाब रही जिसके लिए वो जानी जाती है। अगर फैसला पक्ष में न हो तो बेमतलब का विवाद खड़ा करो और मुख्यधारा की मीडिया हो या न्यायपालिका उन्हें कटघरे में खड़ा कर दो।

By forcing #JusticeSikri to withdraw his consent for nomination in CSAT with insinuations of quid-pro-quo the Congress has once again revealed its streak of intimidating the judiciary. It is in fact the Congress that is weakening institutions. https://t.co/gqu19TO1fg #AlokVerma

— GhoseSpot (@SandipGhose) January 14, 2019

पिछले साल कांग्रेस पूर्व चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा पर भी कुछ इसी तरह के आरोप लगाकर उनके खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव लेकर आई थी। हालांकि, उसे अपने इस मकसद में कामयाबी नहीं मिली थी। उस समय भी कांग्रेस पार्टी और लुटियंस मीडिया ने ‘लोकतंत्र खतरे में है’ का झूठा राग अलापा था। जबकि सच ये है कि लोकतंत्र खतरे में सिर्फ उसकी इस निम्न स्तर की हरकतों की वजह से है जो बार-बार न्यायपालिका के फैसलों पर संदेह उत्पन्न करने का प्रयास करती है। ऐसा करके वो आम जनता को भ्रमित करने का भी प्रयास कर रही है। ये शर्मनाक है कि कांग्रेस की गंदी राजनीति में कुछ मीडिया हाउस भी शामिल हैं।

Tags: आलोक वर्माचीफ जस्टिससीबीआईसुप्रीम कोर्ट
शेयर517ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

गुजरात में गरीब सवर्णों को आज से मिलेगा 10 फीसदी आरक्षण, विजय रूपाणी ने की घोषणा

अगली पोस्ट

बंपर कमाई कर रही ‘उरी-द सर्जिकल स्ट्राइक’, देशवासियों का जोश भी हुआ हाई

संबंधित पोस्ट

बांग्लादेश
चर्चित

हिंदू दीपू दास की इस्लामी भीड़ के हाथों बर्बर हत्या उस्मान हादी हत्याकांड का ‘साइड इफेक्ट’ नहीं है, ये मजहबी कट्टरता को आत्मसात कर चुके बांग्लादेश का नया सच है

20 December 2025

बांग्लादेश इस समय गहरी अस्थिरता से गुज़र रहा है। दुर्भाग्य से ये अस्थिरता सिर्फ राजनैतिक नहीं है, ये नैतिक और सामाजिक भी है। अलग भाषाई...

ऑपरेशन सिंदूर 2:0
मत

दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

21 November 2025

पाकिस्तान एक आतंकी मुल्क है और इसमें शायद ही किसी को कोई संशय हो, ख़ुद पाकिस्तान के मित्र भी न सिर्फ इसे अच्छी तरह जानते...

शशि थरूर पीएम की तारीफ कर अपनी ही पार्टी के अंदर निशाने पर आ गए हैं
चर्चित

कांग्रेस का नया नियम यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए पीएम मोदी/बीजेपी का हर क़ीमत पर विरोध ही करना है?

21 November 2025

कांग्रेस के नेता देश ही नहीं विदेशों में भी जाकर लोकतंत्र बचाने की दुहाई देते रहते हैं। लेकिन जब बारी आंतरिक लोकतंत्र की आती है...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited