TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    दिमागी नक्सल

    बंदूक से आगे की लड़ाई  ‘दिमागी नक्सल’ और राष्ट्र को दिग्भ्रमित करने वाले नैरेटिव का खेल

    राहुल गांधी के धरने पर जेपी नड्डा का हमला

    राहुल गांधी के धरने पर जेपी नड्डा का हमला, बोले- ‘कैमराजीवी’ बनकर कर रहे हैं सस्ती राजनीति

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    दिमागी नक्सल

    बंदूक से आगे की लड़ाई  ‘दिमागी नक्सल’ और राष्ट्र को दिग्भ्रमित करने वाले नैरेटिव का खेल

    राहुल गांधी के धरने पर जेपी नड्डा का हमला

    राहुल गांधी के धरने पर जेपी नड्डा का हमला, बोले- ‘कैमराजीवी’ बनकर कर रहे हैं सस्ती राजनीति

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

कांग्रेस व लुटियंस मीडिया के तानों से तंग आकर जस्टिस ए के सीकरी ने CSAT में जाने से किया इंकार

Mahima Pandey द्वारा Mahima Pandey
14 January 2019
in मत
जस्टिस सीकरी कांग्रेस आलोक वर्मा सीबीआई

PC: Jagran

Share on FacebookShare on X

जस्टिस ए के सीकरी ने काफी विवादों के बाद लंदन स्थित राष्ट्रमंडल सचिवालय मध्यस्थता न्यायाधिकरण (सीएसएटी) में अध्यक्ष/सदस्य के तौर काम करने को लेकर दी गई अपनी सहमती वापस ले ली है। ये प्रस्ताव केंद्र सरकार ने साल 2018 में दिसंबर के माह में दिया था तब उन्होंने इसपर अपनी मौखिक स्वीकृती दी थी। ये फैसला उन्होंने उन आरोपों की वजह से लिया है जिसमें आलोक वर्मा को सीबीआई निदेशक पद से हटाए जाने में उनकी भागीदारी को सीएसएटी में उनके काम से जोड़ा गया। इस तरह के आक्षेप के बाद उन्होंने विवादों से दूर रहने के लिए ये फैसला लिया। इस फैसले से कांग्रेस और लेफ्ट लिबरल गैंग को अपने मकसद में जरुर कामयाबी मिल गयी है जो न्यायपालिका के कार्यों में हस्तक्षेप करने से पीछे नहीं हटते। इसके साथ ही वो न्यायपालिका में डर को बैठाने में भी सफल हुए हैं। 

बता दें कि कुछ दिनों पहले ही प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई वाली और कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे व सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस एके सीकरी की सदस्यता वाली हाई-पावर्ड कमिटी ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) जांच रिपोर्ट के आधार पर आलोक वर्मा को सीबीआई डायरेक्टर पद से हटाया था। कमिटी ने 2:1 से ये निर्णय लिया था। हालांकि, आलोक वर्मा को महानिदेशक, अग्निशमन सेवा, नागरिक सुरक्षा और होमगार्ड के रूप में तैनात किया गया है। इसके बाद विपक्षी दलों खासकर कांग्रेस और लुटियंस मीडिया ने जस्टिस सीकरी पर पीएम मोदी के पक्ष में फैसला लेने को सीएसटी में उनके काम से जोड़कर पेश किया जाने लगा जिससे जस्टिस सीकरी आहत थे। वास्तव में जस्टिस एके सीकरी ने सीवीसी की रिपोर्ट और तथ्यों के आधार पर आलोक वर्मा को सीबीआई पद से हटाया था। दरअसल, रिपोर्ट में कुछ ऐसे गंभीर आरोप आलोक वर्मा पर लगाये गये थे जिनकी जांच जरुरी है।

संबंधितपोस्ट

राहुल गांधी साहिल संग पहुंचे थाने , FIR की मांग को लेकर धरने पर बैठे कहा-FIR दर्ज होने तक नहीं हटेंगे

भोजशाला विवाद: वैकल्पिक नमाज स्थल को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, मुस्लिम पक्ष ने आदेश का पालन न होने का लगाया आरोप

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: सुप्रीम कोर्ट ने मांगी एसआईटी रिपोर्ट, केंद्र-राज्य और ट्रस्ट को जारी किया नोटिस

और लोड करें

दरअसल, केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की रिपोर्ट में तथ्यों के आधार पर लगे गंभीर आरोपों में आलोक वर्मा दोषी पाए गये थे। इन आरोपों पर आलोक वर्मा को अपना पक्ष रखने का मौका भी दिया गया था जिसके लिए उन्हें सीवीसी की रिपोर्ट की एक प्रति भी दी गयी थी लेकिन वो इसपर कोई सफाई नहीं दे पाए। इसके बाद सीवीसी की रिपोर्ट के आधार पर आलोक वर्मा को सीबीआई के निदेशक जैसे महत्वपूर्ण पद से हटाये जाने का फैसला लिया गया। प्रधानमंत्री और जस्टिस सीकरी ने वर्मा को हटाना ही उचित समझा क्योंकि जब तक वो निर्दोष करार नहीं होते तब तक उन्हें सीबीआई के पद पर नहीं होना चाहिए। वहीं कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे इसके वर्मा को हटाए जाने के पक्ष में नहीं थे जिन्होंने कभी आलोक वर्मा की नियुक्ति का विरोध किया था। आज आरोपों के समाने होने के बाद भी वर्मा के पक्ष में नजर आये ताकि मोदी सरकार को विपक्ष घेरने में कामयाब हो सके और जनता के सामने ये दिखा सकें कि केंद्र सरकार न्यायपालिका के कार्यों पर दबाव बनाती है।

आलोक वर्मा के हटाए जाने के बाद विपक्ष ने जस्टिस सीकरी पर ही हमले शुरू कर दिए। लुटियंस मीडिया ने भी इसे न्यायपालिका से छेड़छाड़ करार दिया और केंद्र की मोदी सरकार पर एक जस्टिस पर दबाव बनाने की बात कही। एक ईमानदार जस्टिस पर इस तरह के आरोपों से खुद सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मार्कंडेय काटजू इतने आहत हुए कि उन्हें सफाई देनी पड़ी कि जिस तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं वास्तव में उनमें कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा, “जब कमेटी ने आलोक वर्मा को हटा दिया तो मेरे रिश्तेदारों और दोस्तों के फोन मेरे पास आने लगे उनका पूछना था कि क्या सीकरी द्वारा आलोक वर्मा को सीबीआई के निदेशक पद से हटाए जाने का फैसला सही था? इसके बाद मैंने जस्टिस सीकरी से फोन पर बातचीत की। उन्होंने मुझे वो कारण बताये कि आखिर क्यों आलोक वर्मा को सीबीआई के पद से हटाया गया।” इसके बाद उन्होंने अपने पोस्ट में उन कारणों का भी उल्लेख किया है जो जस्टिस एके सीकरी ने उन्हें बताये थे। उन्होंने ये भी लिखा कि ”मैं जस्टिस सीकरी को बहुत अच्छी तरह से जानता हूं। जब मैं दिल्ली हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस था तब वो मेरे साथ जज थे। अगर उनके पास कोई ठोस आधार नहीं होता तो उन्होंने आलोक वर्मा को हटाने का फैसला नहीं लिया होता।” इसके अलावा पूर्व जस्टिस ने ये भी कहा कि “न ही आलोक वर्मा को उनके पद से हटाया गया है और न ही उन्हे निलंबित किया गया है बल्कि उन्हें उसी रैंक के किसी दूसरे पद पर स्थानांतरित कर दिया गया। जस्टिस मार्कंडेय काटजू के सफाई के देने के बावजूद जस्टिस सीकरी के फैसले पर विपक्ष और लुटियंस मीडिया ने आरोप लगाये कि उन्होंने सीएसएटी के पद के लिए ही ऐसा किया है।

द प्रिंट के शेखर गुप्ता ने तो ये तक लिखा कि जस्टिस सीकरी को सरकार के पक्ष में फैसला लेने पर ये पद मिला है। उन्होंने लिखा कि, “आलोक वर्मा को हटाने वाले पैनल में रहे जस्टिस सीकरी कॉमलवेल्थ ट्रिब्यूनल में नियुक्त होंगे।”

Exclusive: Supreme Court Judge Sikri, whose vote decided Alok Verma’s fate, gets Modi govt nod for plum post-retirement posting. I report.https://t.co/QZaxcGhSBw

— Maneesh Chhibber (@maneeshchhibber) January 13, 2019

अब सीकरी की सहमती वापस लेने पर द प्रिंट में खुशी की लहर है।

After ThePrint report, SC judge Sikri withdraws assent for Modi govt’s post-retirement job offer@maneeshchhibber reports: https://t.co/ceQs8VyttO

— Shekhar Gupta (@ShekharGupta) January 13, 2019

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने भी कहा कि ‘झूठे, अप्रमाणित और बेहद हल्के’ आरोपों को आधार पर वर्मा को हटाया गया है। यही नहीं उन्होंने तो ये भी कहा कि आलोक वर्मा को जल्दबाजी को दूसरी बार हटाए जाने के पीछे  सुप्रीम कोर्ट की भूमिका कई सवाल खड़े करती है।”

Must read: Why the hasty removal of Verma for the second time raises serious questions about the unflattering role of the Supreme Court in this case https://t.co/4Y2bhAmDGN

— Prashant Bhushan (@pbhushan1) January 13, 2019

इन आरोपों से परेशान होकर जस्टिस एके सीकरी ने अपने राष्ट्रमंडल सचिवालय मध्यस्थता न्यायाधिकरण (सीएसएटी) से अपनी सहमती वापस ले ली। चीफ जस्टिस के बाद देश के दूसरे सबसे वरिष्ठ जस्टिस के एक करीबी सूत्र से मिली जानकारी के अनुसार जस्टिस ने रविवार शाम को विधि मंत्रालय को लिखकर सहमति वापस ले ली। सूत्रों ने कहा, “क्योंकि ये सहमति दिसंबर 2018 के पहले हफ्ते में ली गई थी, इसका सीबीआई मामले से कोई संबंध नहीं था जिसके लिये वो जनवरी 2019 में चीफ जस्टिस की तरफ से नामित किये गए।” उन्होंने ये भी कहा कि “दोनों मामलों को जोड़ते हुए “एक पूरी तरह से अन्यायपूर्ण विवाद” खड़ा किया गया।”

सूत्रों ने अनुसार, “असल तथ्य ये है कि दिसंबर 2018 के पहले हफ्ते में सीएसएटी में पद के लिये जस्टिस की मौखिक स्वीकृति ली गई थी।” ये शर्मनाक है कि सुप्रीम कोर्ट के एक जस्टिस के फैसले पर इस तरह के आरोप मढ़े गए जबकि उन्होंने स्वतंत्र रूप से आरोपों पर गंभीरता से विचार करने के बाद वर्मा को हटाने का फैसला लिया था। सूत्रों ने ये भी बताया कि “सीएसटी कोई नियमित आधार पर जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिये कोई मासिक पारिश्रमिक भी नहीं है। इस पद पर रहते हुए प्रतिवर्ष दो से तीन सुनवाई के लिए वहां जाना होता और लंदन या कहीं और रहने का सवाल ही नहीं था।”

सूत्रों से मिली जानकारी पर गौर करें तो कांग्रेस और लुटियंस मीडिया द्वारा लगाये गये आरोप न सिर्फ निराधार साबित होते हैं बल्कि इससे न्यायपालिका के कार्यों में उसके हस्तक्षेप का सच एक बार फिर से सामने आ गया है। कांग्रेस ने एक बार फिर से न्यायपालिका में डर की व लकीर खींचने में कामयाब रही जिसके लिए वो जानी जाती है। अगर फैसला पक्ष में न हो तो बेमतलब का विवाद खड़ा करो और मुख्यधारा की मीडिया हो या न्यायपालिका उन्हें कटघरे में खड़ा कर दो।

By forcing #JusticeSikri to withdraw his consent for nomination in CSAT with insinuations of quid-pro-quo the Congress has once again revealed its streak of intimidating the judiciary. It is in fact the Congress that is weakening institutions. https://t.co/gqu19TO1fg #AlokVerma

— GhoseSpot (@SandipGhose) January 14, 2019

पिछले साल कांग्रेस पूर्व चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा पर भी कुछ इसी तरह के आरोप लगाकर उनके खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव लेकर आई थी। हालांकि, उसे अपने इस मकसद में कामयाबी नहीं मिली थी। उस समय भी कांग्रेस पार्टी और लुटियंस मीडिया ने ‘लोकतंत्र खतरे में है’ का झूठा राग अलापा था। जबकि सच ये है कि लोकतंत्र खतरे में सिर्फ उसकी इस निम्न स्तर की हरकतों की वजह से है जो बार-बार न्यायपालिका के फैसलों पर संदेह उत्पन्न करने का प्रयास करती है। ऐसा करके वो आम जनता को भ्रमित करने का भी प्रयास कर रही है। ये शर्मनाक है कि कांग्रेस की गंदी राजनीति में कुछ मीडिया हाउस भी शामिल हैं।

Tags: आलोक वर्माचीफ जस्टिससीबीआईसुप्रीम कोर्ट
शेयर517ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

गुजरात में गरीब सवर्णों को आज से मिलेगा 10 फीसदी आरक्षण, विजय रूपाणी ने की घोषणा

अगली पोस्ट

बंपर कमाई कर रही ‘उरी-द सर्जिकल स्ट्राइक’, देशवासियों का जोश भी हुआ हाई

संबंधित पोस्ट

दिमागी नक्सल
चर्चित

बंदूक से आगे की लड़ाई  ‘दिमागी नक्सल’ और राष्ट्र को दिग्भ्रमित करने वाले नैरेटिव का खेल

22 August 2026

स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन केवल सरकार की उपलब्धियों का लेखा-जोखा नहीं होता। वह देश की दिशा,...

बच्चे आपके, संस्कार किसके?
मत

बच्चे आपके, संस्कार किसके?

17 August 2026

हाल ही में एक पुस्तक पढ़ी, जिसका शीर्षक है “जिस ओर जवानी चलती है, उस ओर जमाना चलता है।” पुस्तक में विकसित भारत 2047 के...

‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?
इतिहास

‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

14 August 2026

वर्ष 2021 में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अगस्त को 'विभाजन की विभीषका स्मृति दिवस' (Partition Horrors Remembrance Day) के रूप में मनाने...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Why India Needs a Bigger Navy | More Ships, More Presence, More Maritime Power

Why India Needs a Bigger Navy | More Ships, More Presence, More Maritime Power

00:05:33

India’s Fighter Force Needs More Than Jets | Here’s Why 150 Trainers Matter ? IAF | HAWK | HAL

00:04:44

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

00:03:30

Kargil From the Sky: Inside IAF’s Operation Safed Sagar

00:05:36

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

00:05:03
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited