अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। शीर्ष अदालत ने इस मामले से जुड़ी चार अलग-अलग याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए जांच की मौजूदा स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। अदालत ने विशेष जांच दल (एसआईटी) को मामले की प्रगति से जुड़ी रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी संबंधित पक्षों से जवाब दाखिल करने को कहा। अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़नी चाहिए ताकि पूरे मामले के तथ्यों का पता लगाया जा सके। अब इस मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को निर्धारित की गई है।
उधर, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों की पुलिस कस्टडी भी सोमवार को समाप्त हो गई। जांच एजेंसियां अब आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत से आवश्यक निर्देश लेने की तैयारी में हैं। इस दौरान आरोपियों से पूछताछ में जुटाई गई जानकारी और बरामद सबूतों का भी विश्लेषण किया जा रहा है।
यह मामला सामने आने के बाद से लगातार सुर्खियों में बना हुआ है और इसकी जांच पर पूरे देश की नजर है। एसआईटी इस मामले में वित्तीय लेनदेन, चढ़ावे की गणना और धन के प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट की ओर से एसआईटी रिपोर्ट तलब किए जाने और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करने के बाद मामले की कानूनी प्रक्रिया और तेज होने की संभावना है।
अब सभी की निगाहें 20 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां एसआईटी अपनी रिपोर्ट पेश कर सकती है और अदालत जांच की दिशा को लेकर आगे के महत्वपूर्ण निर्देश जारी कर सकती है।


































