TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा

    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा, मोदी पर पश्चिमी दबाव को किया खारिज; भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का किया समर्थन

    राजीव गांधी

    जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

    Cockroach Janta Party

    Cockroach Janta Party ने दिल्ली प्रदर्शन से पहले तीन प्रवक्ताओं का किया ऐलान, नेताओं की पृष्ठभूमि पर छिड़ी बहस

    रुद्रम-2 मिसाइल

    रुद्रम-2 मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत की रक्षा ताकत बढ़ी, दुश्मन के रडार सिस्टम को 300 किमी दूर से कर सकती है तबाह

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा

    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा, मोदी पर पश्चिमी दबाव को किया खारिज; भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का किया समर्थन

    राजीव गांधी

    जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

    Cockroach Janta Party

    Cockroach Janta Party ने दिल्ली प्रदर्शन से पहले तीन प्रवक्ताओं का किया ऐलान, नेताओं की पृष्ठभूमि पर छिड़ी बहस

    रुद्रम-2 मिसाइल

    रुद्रम-2 मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत की रक्षा ताकत बढ़ी, दुश्मन के रडार सिस्टम को 300 किमी दूर से कर सकती है तबाह

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

महुआ मोइत्रा के भाषण का गुणगान करने वालों जरा इन तथ्यों और सबूतों को भी देख लो

Atul Kumar Mishra द्वारा Atul Kumar Mishra
27 June 2019
in मत
महुआ मोइत्रा

PC: huffingtonpost

Share on FacebookShare on X

जब ब्रिटेन में आधिकारिक तौर पर slavery यानि दासत्व का उन्मूलन हुआ था तब अपने क्रोधपूर्ण परंतु ओजस्वी भाषणों के लिए प्रसिद्ध यॉर्कशायर के विलियम विल्बरफोर्स ने एक यादगार भाषण दिया था। उस भाषण को आज तक ब्रिटिश पार्लियामेंट में दिये गए सबसे यादगार भाषणों में से एक माना जाता है। कल भारत के संसद में भी कुछ ऐसा ही हुआ, एक नव-निर्वाचित महिला सांसद ने ऐसा धमाकेदार भाषण दिया जिसे भारतीय संसद का विलियम विल्बरफोर्स मोमेंट कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी। या शायद होगी? अगर भारतीय मीडिया और कुछ चुनिन्दा विदेशी मीडिया की माने तो नव-निर्वाचित महिला संसद कुछ ऐसी चीज़ें कह दी हैं जो किसी ने आज तक बोलने की हिम्मत नहीं की। उन महिला सांसद का नाम है महुआ मोइत्रा और उसकी पार्टी का नाम है तृणमूल कांग्रेस। जी हां वही ममता बनर्जी वाली टीएमसी।

महुआ मोइत्रा जी के भाषण की समीक्षा करने से पहले आइये पहले नज़रें डालते हैं कुछ प्रतिक्रियाओं पर जो उनके प्रथम भाषण के बाद लोगों और विभिन्न मीडिया संस्थानों ने दिये।

संबंधितपोस्ट

अभिषेक बनर्जी के ‘श्मशान’ वाले बयान पर सियासी बवाल, BJP ने बताया धमकी भरी राजनीति

पश्चिम बंगाल में मदरसों में वंदे मातरम् का आदेश, राष्ट्रीय एकता और साझा नागरिक संस्कृति की दिशा में कदम के रूप में पेश किया गया

संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

और लोड करें

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने महुआ मोइत्रा के भाषण को आइकॉनिक अर्थात महान बताया

What a brilliant speech. More power to Mahua Moitra! https://t.co/PrjoueoM6o

— Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) June 26, 2019

जम्मू कश्मीर के और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने महुआ मोइत्रा की स्पीच पर आधारित एक लेख को कोट किया:

Indian MP Mahua Moitra's 'rising fascism' speech wins plaudits https://t.co/XguHUqCnsL

— Omar Abdullah (@OmarAbdullah) June 26, 2019

लगभग एक महीने के अज्ञातवास के पश्चात लौटे पूर्व क्विज मास्टर और टीएमसी के नेता डेरेक ओ’ब्रायन जी ने महुआ की स्पीच को sizzling अर्थात जबरदस्त बताया।

So proud of my colleague, Mahua Moitra, from Trinamool. Despite professional heckling from BJP MPs, she delivered a sizzling maiden speech. #Parliament #SansadWatch https://t.co/0SnboRPyYT

— Derek O'Brien | ডেরেক ও'ব্রায়েন (@derekobrienmp) June 25, 2019

इसी प्रकार विपक्षी दलों के अन्य नेताओं ने भी महुआ मोइत्रा की स्पीच को महान, हैरतअंगेज, शक्तिशाली और चमत्कारी बताया। तो ऐसा क्या था महुआ के भाषण में की विपक्ष के नेताओं ने उन्हें भारत का विलियम विल्बरफोर्स बना दिया। आइये पहाड़ खोद कर चुहिया निकालते हैं।

https://www.youtube.com/watch?v=dnh-mpg_oF4

महुआ ने सर्वप्रथम मौलाना अब्दुल कलाम आज़ाद को कोट किया और बताया कि भारत सदा से विभिन्न जातियों और धर्मों की शरण स्थली रहा है, जिसका स्वरूप आज बदल रहा है। शायद टीएमसी सांसद महुआ का ये कोट मोदी सरकार के रोहिंग्या विरोधी अभियान और अवैध बंगलादेशियों को भगाने के लिए बनाए गए एनआरसी का विरोध था क्योंकि इस बिल के विरोध में टीएमसी सबसे ज़्यादा मुखर रही है। मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति करने वाली टीएमसी अब रोहिंग्या और अवैध बांग्लादेशियों के भारत में निवास की सबसे बड़ी पक्षधर भी हैं। इसमें सहिष्णुता वाला एंगल तो सर्वथा गौण है, हां, वोट बैंक की राजनीति अवश्य है। क्या इस शुरूआती पंक्तियों में कुछ महान, हैरतअंगेज, शक्तिशाली और चमत्कारिक था? मुझे तो बस कॉपी पेस्ट और घटिया वर्णन ही दिखा।

आगे बढ़ते हैं – उन्होंने फिर कहा कि “Constitution is under threat today”, ये एक पुराना और घिसा पिटा टेम्पलेट है, जब पार्टियों का अस्तित्व संकट में आता है तो ‘देश का संविधान संकट में हैं’ का राग अलापने लगते हैं। विगत छह सालों में जितनी बार भी चुनाव हुए हैं, संविधान संकट में आ गया है।

आगे बढ़ते हैं – फिर महुआ मोइत्रा ने फासीवाद के सात संकेत गिनवाएं और बताया कि भारत में ये सातों संकेत दिखने लगे हैं। पहला संकेत है – powerful and continuing nationalism अर्थात राष्ट्रवाद का प्रचार प्रसार, दूसरा संकेत है – resounding disdain for human rights अर्थात मानवाधिकार की अवज्ञा, तीसरा संकेत है – unimaginable subjugation and control of mass media अर्थात मीडिया का दमन और नियंत्रण, चौथा संकेत है – obsession with national security राष्ट्रीय सुरक्षा पर अतिशय फोकस करना, पांचवां संकेत है – government and religion are now intertwined in this country – यानि धर्म और सरकार का एकाकीकरण, छठा संकेत है – complete disdain for intellectuals and the arts अर्थात कलाकारों और कला का तिरस्कार और आखिरी यानि सातवां संकेत है – erosion of independence in our electoral system – यानि चुनावी तंत्र की पराधीनता।

राष्ट्रवाद का सशक्तिकरण क्या होता है? राष्ट्रवाद तो राष्ट्रवाद है और यह स्वयं अपने आप में ही एक शक्तिशाली भावना है। क्या अवैध घुसपैठियों को भगाना चरम राष्ट्रवाद है? क्या जन गण मन पर उठ कर खड़े हो जाना अति राष्ट्रवाद है? क्या वंदे मातरम बोलना चरम राष्ट्रवाद है? क्या भारत पाकिस्तान के मैच में भारत का पक्ष लेना चरम राष्ट्रवाद है? क्या स्वयं से पहले राष्ट्र हित सोचना चरम राष्ट्रवाद है? अगर ऐसा है तो चरम राष्ट्रवाद ही असली राष्ट्रवाद है और ऐसे चरम राष्ट्रवाद का और प्रचार प्रसार होना चाहिए।

मानवाधिकार की अवज्ञा कहां दिखाई दी महुआ मोइत्रा को? क्या किसी अपराधी को गैरकानूनी तरीके से मृत्युदंड दिया गया? क्या किसी समुदाय विशेष को प्रताड़ित किया गया? क्या कोई सरकार समर्थित दंगा हुआ जैसे कि 1984 में हुआ था? तो कहां हुई मानवाधिकार की अवज्ञा। पिछले छह सालों में कोई दंगा नहीं हुआ, छिटपुट घटनाएं ज़रूर हुई जो आज से नहीं सदा से होती आई है। और अफजल गुरु के लिए नारे लगाना मानवाधिकार का सम्मान हुआ? बुरहान वानी के लिए छाती पीटना मानवाधिकार का सम्मान हुआ? या फिर याक़ूब मेमन जैसे आतंकवादी को फांसी से बचाने के लिए मध्यरात्रि में प्रदर्शन करना मानवाधिकार का सम्मान हुआ? देशद्रोहियों और आतंकवादियों के लिए मानवाधिकार का पक्ष रखने वाले आम जनता के मानवाधिकार के विरोधी होते हैं। महुआ मोइत्रा को शायद ये फर्क नहीं दिखाई देता। 

मीडिया का दमन और नियंत्रण सबसे हास्यास्पद टिप्पणी है। इस देश के प्रधानमंत्री मीडिया द्वारा लगाए जाने वाली कचहरी के सबसे बड़े पीड़ित रहे हैं। 2002 के दंगों के बाद से मीडिया ने उन्हें देश का सबसे बड़ा हत्यारा और जल्लाद घोषित कर दिया था। एनडीटीवी जैसे मीडिया संस्थानो ने बिना साक्ष्य और सबूतों के उनका मीडिया एंकाउंटर कर दिया, क्या ऐसी मीडिया का दमन होना चाहिए या नहीं? बिलकुल होना चाहिए। और सिर्फ नकली और बिना सिर-पैर के समाचार नहीं, मीडिया संस्थानों ने राडिया कांड जैसे शर्मनाक प्रकरणों में लोब्बीस्ट की भूमिका निभाई, शेयर का हेर-फेर कर करोड़ो में काला धन कमाया, देश की आंतरिक सुरक्षा को ताक पर रख कर युद्ध और आतंक विरोधी अभियानों को लाइव टीवी पर दिखाया। ऐसे में उनका दमन होना चाहिए कि नहीं, अवश्य होना चाहिए। सोशल मीडिया के आने के बाद से मीडिया का वर्चस्व निरंतर घटता रहा है और ये आगे चल कर गौण हो जाएगा, ऐसा सिर्फ भारत में नहीं, पूरे विश्व में हो रहा है। ये फासीवाद नहीं सोशल मीडिया का बढ़ता प्रभाव है।  

राष्ट्रीय सुरक्षा पर अतिशय ध्यान नहीं दिया जाए तो क्या कबीर सिंह के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर दिया जाये? ये इकलौती सरकार रही है जिसके राज में किसी भी शहर में कोई आतंकी हमला नहीं हुआ। जब पाकिस्तान ने उरी में हमारे जवानों को मारा तो हमने उसके घर में घुस कर उसका जवाब दिया, जब चीन ने डोकलामा में हमे आँख दिखाई तो हमने उसे खदेड़ दिया, जब पाकिस्तान ने कायरतापूर्ण तरीके से हमारे जवानों को मारा तो हमने आतंकवादियों समेत उसके पूरे आतंकी ठिकाने को हवाई हमले में मटियामेट कर दिया। क्या 2008 के मुंबई ब्लास्ट्स के बाद जैसे मनमोहन सरकार कायरों की तरह बैठी रही वो ही सही कदम है? क्या शौर्य फासीवाद है? क्या देश की सुरक्षा करना फासीवाद है? क्या दुश्मनों को जवाब देना फासीवाद है? महुआ मोइत्रा जी आप वीरता को फ़ासीवाद की संज्ञा दे रही हैं, धिक्कार है आप पर।

आपने कहा कि इस देश में धर्म और राजनीति आपस में मिल गयी है? सच बताइये, कब मिली हुई नहीं थी? जब धर्मनिरपेक्षता के नाम पर मुस्लिम तुष्टीकरण हो रहा था तब फासीवाद नहीं था? वेस्टर्न स्टाइल सेकुलरिस्म इस देश में कभी नहीं था। हमारे यहां राजनीति को राजधर्म कहते हैं, राज भी और धर्म भी तो इनको अलग कैसे करे। और कभी आपने प्रधानमंत्री को हिंदुओं को आरक्षण देते हुए सुना क्या? या ब्राह्मणों को? हां आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को आरक्षण देते हुए ज़रूर सुना होगा। क्या अपने संस्कारों का पालन फासीवाद है? क्या अपनी विरासत का सम्मान फासीवाद है? क्या अपनी भाषाओं का प्रचार प्रसार फासीवाद है? महुआ मोइत्रा जी आप या तो मूर्ख है या मूर्खता का नाटक कर रहीं हैं।

आपने कहा कलाकारों और कला का तिरस्कार हो रहा है? कैसे, कोई उदाहरण है? कहीं आप अवार्ड वापसी गैंग की बात तो नहीं कर रही जहां अशोक वाजपेयी जैसे कामचलाऊ कवियों ने मोदी-विरोधी अभियान चलाया था। क्या कला इस गैंग की बपौती है? आप उस बॉलीवुड की बात तो नहीं कह रही जो पीके जैसी मूवी को कला के नाम पर बनाता है, ब्राह्मणों को धूर्त, राजपूतों को अहंकारी, वैश्यों को लालची और मुसलमानों को सताया हुआ बताता है, जो वामपंथ से लेकर अब चरमपंथ तक को सही ठहरता है। वे कलाकार नहीं पॉलिटिकल एजेंट है और पॉलिटिकल एजेंट से पॉलिटिकल एजेंट की तरह ही निपटा जाता है। और ये कलाकार कांग्रेस के तलवे चाट कर ललित कला अकादमी सरीखी संस्थाओं में बैठ कर मालपुआ भकोसते थे, इनकी नौकरी जाएगी तो ये तो इंटोलेरंस इंटोलेरेन्स चिल्लायेंगे ही।

आखिरी पॉइंट में तो अपने हद ही कर दी। इलेक्टोरल सिस्टम कि स्वतंत्रता क्या होती है? अभी हाथ पकड़ कर वोटिंग कराई जाती है क्या? ऐसी कितनी शिकायतें सुनी आपने अभी तक? बैलट बॉक्स पर चले वापस जिसे तोड़ना, फाड़ना, यहां तक की जलाना और चुराना सब आसान था। चुनाव आयोग  ने हैकिंग के लिए सबको आमंत्रित किया, अच्छा होता महुआ मोइत्रा कि आप हैक कर के दिखा देती, ये परेशानी सदा के लिए खत्म हो जाती।

अब आते हैं आप कि स्वयं की पार्टी पर। आपकी पार्टी क्या करती है आप तो जानती ही होंगी? रोहिंग्या से लेकर बांग्लादेशी सबको ठूस दिया बंगाल में? क्यों? आपके मुंह से फासीवाद की बात सुनकर हंसी आती है। ‘जय श्री राम’ बोलने पर कौन सी पार्टी गोली मारती है? टीएमसी। सबसे ज़्यादा राजनैतिक हिंसा कौन सी पार्टी करती है? टीएमसी। किस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सरस्वती पूजा के समारोह में तोड़ फोड़ मचाई? टीएमसी। किस पार्टी की सरकार ने दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को रोक कर रखा? टीएमसी। किस पार्टी की सरकार ने रामधनुष को रोंगधनुष बना दिया? टीएमसी। किस पार्टी की सरकार में बसीरहाट और मालदा जैसे दंगे हुए? टीएमसी। किस पार्टी की सरकार में डॉक्टर सारे आम पिटे और गुंडे निर्भय घूमे? आप संकेतों की बात छोड़िए महुआ मोइत्रा आप वास्तविकता देखिये। अपनी पार्टी को सुधारिए, अपने कार्यकर्ताओं को हिंसा से दूर ले जाइए, ये देश धार्मिक था, राष्ट्रवादी था, स्वतंत्र था और रहेगा। आपके सर्टिफिकेट की कोई आवश्यकता नही।

7 takeaways from Mahua Moitra’s speech are:

1. Give our Bangladeshis & Rohingyas back
2. Give us ballot box back
3. Let Pakistan attack India in peace
4. Hindus to be away from politics
5. More opposition friendly media plz
6. Respect Liberal artists
7. Don’t kill Yakubs & Wanis

— Atul Kumar Mishra (@TheAtulMishra) June 27, 2019

Tags: पश्चिम बंगाल
शेयर411ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

खालिस्तानी मूवमेंट का समर्थन करने के लिए अमरिंदर सिंह ने कनाडा को लताड़ा

अगली पोस्ट

एक ट्विटर ट्रोल यूपी पुलिस पर लगा रही थी संगीन आरोप. यूपी पुलिस ने ऐसा जवाब दिया की ट्वीट डिलीट कर भागना पड़ा

संबंधित पोस्ट

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!
चर्चित

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!

27 May 2026

उत्तर पूर्व भारत के रणनीतिक और राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण राज्य असम से एक बेहद बड़ी और युगांतकारी खबर सामने आई है। असम विधानसभा...

Keral Muslim Leauge
इतिहास

मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

19 May 2026

1947 मे भारत के विभाजन के जो अनेक कारक (factors) रहे, उनमे मुस्लिम लीग प्रमुख हैं। मुस्लिम लीग ने ही अलग मुस्लिम राष्ट्र की मांग...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

00:03:22

Rudram 2 Success: Made in India Missile Ready To Crush Enemy Radars| DRDO’s Big Breakthrough

00:03:46

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited