TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    जयशंकर बोले – भारत की प्रगति का रास्ता भारत खुद तय करेगा

    अमेरिका के बयान पर विदेश मंत्री जयशंकर की प्रतिक्रिया, कहा– भारत आगे बढ़ता रहेगा

    कल्पवृक्ष बुक क्लब

    कल्पवृक्ष बुक क्लब, उदयपुर में “अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस” पर महिला विशेष पुस्तक सत्र आयोजित

    सीमांचल को लेकर पप्पू यादव के ट्वीट पर गृह मंत्री का जवाब

    सीमांचल बनेगा केंद्र शासित प्रदेश? सरकार ने सामने रखी सच्चाई

    भाजपा ने लोकसभा सांसदों को जारी किया व्हिप

    भाजपा ने लोकसभा सांसदों को जारी किया व्हिप, 9 और 10 मार्च को सदन में रहना अनिवार्य

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    रूस से 5 और S-400 खरीदने को वायु सेना को मिली हरी झंडी

    रूस से 5 और S-400 खरीदने को वायु सेना को मिली हरी झंडी

    Tejas mark -1

    वायु सेना का तीसरा तेजस लड़ाकू विमान हादसे का शिकार, पायलट सुरक्षित; हादसे की जांच जारी

    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    आईआरआईएस डेना

    ईरानी युद्धपोत ‘IRIS देना’ पर हमला युद्ध का परिणाम, भारतीय नौसेना को इसमें घसीटना प्रोपेगेंडा से ज्यादा कुछ नहीं

    इज़राइल और ईरान

    इज़राइल और ईरान: सद्दाम के खिलाफ रणनीतिक सहयोगी से बदलते रिश्तों के कारण कट्टर प्रतिद्वंद्वी बने

    नेपाल में संसद चुनाव के लिए मतदान शुरू

    नेपाल में संसद चुनाव के लिए मतदान शुरू, महीनों की अशांति के बाद जनता ने डाले वोट

    बेटे मौजतबा को सौंपी गई देश की जिम्मेदारी

    खामनेई के निधन के बाद बेटे मौजतबा को सौंपी गई देश की जिम्मेदारी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    पाश्चात्य सभ्यता में महिलाओं को कमतर आँकने के विचार को एक सिद्धान्त ने और पुष्ट किया कि उनमें आत्मा नहीं पायी जाती है।

    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: नारी सशक्तिकरण और पाश्चात्य Vs वैदिक दर्शन, क्या वैदिक काल में महिलाओं को प्राप्त अधिकारों का स्तर हासिल कर सके हैं पश्चिमी देश?

    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    जयशंकर बोले – भारत की प्रगति का रास्ता भारत खुद तय करेगा

    अमेरिका के बयान पर विदेश मंत्री जयशंकर की प्रतिक्रिया, कहा– भारत आगे बढ़ता रहेगा

    कल्पवृक्ष बुक क्लब

    कल्पवृक्ष बुक क्लब, उदयपुर में “अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस” पर महिला विशेष पुस्तक सत्र आयोजित

    सीमांचल को लेकर पप्पू यादव के ट्वीट पर गृह मंत्री का जवाब

    सीमांचल बनेगा केंद्र शासित प्रदेश? सरकार ने सामने रखी सच्चाई

    भाजपा ने लोकसभा सांसदों को जारी किया व्हिप

    भाजपा ने लोकसभा सांसदों को जारी किया व्हिप, 9 और 10 मार्च को सदन में रहना अनिवार्य

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    रूस से 5 और S-400 खरीदने को वायु सेना को मिली हरी झंडी

    रूस से 5 और S-400 खरीदने को वायु सेना को मिली हरी झंडी

    Tejas mark -1

    वायु सेना का तीसरा तेजस लड़ाकू विमान हादसे का शिकार, पायलट सुरक्षित; हादसे की जांच जारी

    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    आईआरआईएस डेना

    ईरानी युद्धपोत ‘IRIS देना’ पर हमला युद्ध का परिणाम, भारतीय नौसेना को इसमें घसीटना प्रोपेगेंडा से ज्यादा कुछ नहीं

    इज़राइल और ईरान

    इज़राइल और ईरान: सद्दाम के खिलाफ रणनीतिक सहयोगी से बदलते रिश्तों के कारण कट्टर प्रतिद्वंद्वी बने

    नेपाल में संसद चुनाव के लिए मतदान शुरू

    नेपाल में संसद चुनाव के लिए मतदान शुरू, महीनों की अशांति के बाद जनता ने डाले वोट

    बेटे मौजतबा को सौंपी गई देश की जिम्मेदारी

    खामनेई के निधन के बाद बेटे मौजतबा को सौंपी गई देश की जिम्मेदारी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    पाश्चात्य सभ्यता में महिलाओं को कमतर आँकने के विचार को एक सिद्धान्त ने और पुष्ट किया कि उनमें आत्मा नहीं पायी जाती है।

    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: नारी सशक्तिकरण और पाश्चात्य Vs वैदिक दर्शन, क्या वैदिक काल में महिलाओं को प्राप्त अधिकारों का स्तर हासिल कर सके हैं पश्चिमी देश?

    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

ये 5 नेता पीएम मोदी को सुबह-शाम गाली बकते थे, अब इनके राजनीतिक करियर पर ग्रहण लग चुका है

Shivam Chauhan द्वारा Shivam Chauhan
19 September 2019
in समीक्षा
मोदी
Share on FacebookShare on X

कल यानि बुद्धवार को चौकाते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीएम मोदी से मुलाक़ात की। जिस तरह से ममता बनर्जी ने लोकसभा चुनाव के दौरान पीएम मोदी के साथ व्यवहार किया था, उसके ठीक विपरीत जाकर उन्होंने पीएम मोदी के जन्मदिन के एक दिन बाद यानि बुद्धवार को मुलाकात की और उन्हें भेंट स्वरूप एक कुर्ता और मिठाइयाँ भी दी।

मीटिंग के बाद जब ममता ने प्रेस से वार्ता की, तब भी पीएम मोदी के प्रति उनका व्यवहार बेहद सकारात्मक था। उन्होंने बताया, “पीएम के साथ हमारी मुलाक़ात काफी सकारात्मक और संतोषजनक थी। मैंने पीएम मोदी से पश्चिम बंगाल में विश्व के दूसरे सबसे बड़े कोयला ब्लॉक के उद्घाटन में आने के लिए निवेदन भी किया है”।

संबंधितपोस्ट

एम.के. स्टालिन ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर उठाए सवाल, ईरानी युद्धपोत डूबने पर जताई गहरी चिंता

पीएम मोदी ने दिल्ली मेट्रो को दी नई रफ्तार, दो कॉरिडोर शुरू और तीन नई लाइन की नींव रखी

AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

और लोड करें

परंतु ममता बनर्जी का अचानक से ऐसा हृदय परिवर्तन क्यों? ऐसा क्या हो गया कि कल तक जो ममता बनर्जी पीएम मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते नहीं थकती थीं, कल तक जो ममता बनर्जी पीएम मोदी को कंकड़ भरे, मिट्टी से बने रसगुल्ले भेंट में देना चाहती थीं। वो आज पीएम मोदी के प्रति इतना नरम रुख क्यों दिखा रही हैं?

ऐसा इसलिए क्योंकि ममता वो बात समझ गयी हैं, जिसे न समझने के कारण कई अहम राजनीतिक पार्टियां अब विलुप्त होने के कगार पर हैं। 2 वर्ष के अंदर ही ममता को बंगाल पता चल गया है कि कैसे उनकी बंगाल में जमीन खिसक रही है। उन्हें समझ में आ गया है कि अपनी कुर्सी बचाने के लिए एक निर्णायक लड़ाई लड़नी होगी, और वे इसे अच्छी तरह से समझ गयी हैं कि पीएम मोदी को हराने के लिए अपशब्दों और आलोचनाओं का मार्ग बिल्कुल भी उचित नहीं है। आइये उन नेताओं पर एक नजर डालते हैं जिन्होंने इस सिद्धान्त का पालन नहीं किया और आज राजनीति में केवल हंसी के पात्र बन कर रह गए हैं।

तो सबसे पहले बात करते हैं, आम आदमी पार्टी के प्रमुख और दिल्ली के वर्तमान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की। कभी भाजपा और काँग्रेस के बाद उचित विकल्प माने जाने वाले अरविंद केजरीवाल ने उसी समय गलती कर दी थी, जब उन्होंने 2015 में दिल्ली के मुख्यमंत्री दोबारा बनने पर अपनी लड़ाई भ्रष्टाचार और कुशासन के खिलाफ न करके पीएम मोदी के विरुद्ध मोड़ दी। चाहे वो लालू यादव जैसे भ्रष्ट नेता से संधि कर महागठबंधन का ज़बरदस्ती हिस्सा बनना हो, पीएम मोदी की डिग्री को फेक घोषित करना हो, या फिर पीएम मोदी को कायर और विकृत कहना हो। केजरीवाल ने पीएम मोदी को अपशब्द कहने का कोई अवसर हाथ से नहीं जाने दिया।
स्थिति तो यहाँ तक पहुँच गई कि केजरीवाल ने पीएम मोदी पर उन्हें जान से मारने की तैयारी करने का आरोप भी लगा दिया। यही नहीं, मोदी विरोध के नाम पर केजरीवाल ने पहले उरी हमले के प्रत्युत्तर में भारतीय सेना के पैरा स्पेशल फोर्सेस द्वारा किए गए सर्जिकल स्ट्राइक्स, और 2019 की शुरुआत में ही हुये पुलवामा हमले के प्रत्युत्तर में किए गए एयर स्ट्राइक्स पर भी सवाल उठा दिये। परिणाम स्वरूप, जिस आम आदमी पार्टी को भारतीय राजनीति में एक अहम बदलाव के रूप में देखा जा रहा था, वो महज 4 वर्षों में दिल्ली एनसीआर की एक क्षेत्रीय पार्टी तक ही सिमट कर रह गई।

परंतु केजरीवाल ही अकेले व्यक्ति नहीं हैं, जिन्हें पीएम मोदी की अनुचित आलोचना करने के कारण राजनीतिक हाशिये पर आना पड़ा हो। स्वयं ममता बनर्जी ने भी 2016 में सत्ता वापसी करने के बाद अपने शासन को मजबूत करने के बजाए पीएम मोदी को ही विलेन बनाना शुरू कर दिया। मोदी विरोध में ममता बनर्जी इतनी अंधी हो गयी, कि राज्य में होने वाले सांप्रदायिक हिंसा, विपक्षी नेताओं के विरुद्ध टीएमसी के सदस्यों द्वारा की जा रही गुंडई, या फिर हिन्दू त्योहारों पर सरकार द्वारा लगाई जा रही अनुचित रोक पर इन्होंने किसी प्रकार का अफसोस नहीं जताया।

उल्टे उन्होंने इसके लिए पीड़ित पक्ष और उनकी आवाज़ उठाने वाली भाजपा को ही दोषी ठहराया। शायद इसीलिए बंगाल पर इतनी ‘मजबूत’ पकड़ होने के बावजूद भी ममता बनर्जी की तृणमूल काँग्रेस लोकसभा चुनावों में हरसंभव प्रयास करने के बावजूद भाजपा को 10 से कम सीटों पर नहीं रोक पायी, और 42 में से 18 सीट जीतकर भाजपा तृणमूल काँग्रेस के समक्ष बंगाल में प्रमुख विपक्षी पार्टी बनकर उभरी।

परंतु ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल कम से कम इस बात पर संतुष्ट हो सकते हैं कि उनकी पार्टी क्षेत्र में अभी भी सबसे बड़ी पार्टी है। पीएम मोदी को अपशब्द कहकर तो दो प्रमुख नेताओं ने अपना क्षेत्रीय वर्चस्व ही गंवा दिया। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम व सपा प्रमुख अखिलेश यादव और आंध्र प्रदेश के तेलुगू देसम पार्टी के वर्तमान प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू की। आज से कुछ वर्ष पहले ये दोनों नेता अपने-अपने राज्य के मुख्यमंत्री हुआ करते हैं, और इन्हें अच्छा खासा बहुमत भी प्राप्त था।

परंतु जहां एक ओर अखिलेश तीसरे मोर्चे की सरकार में अपने लिए प्रमुख भूमिका चाहते थे और नायडू एनडीए का हिस्सा होते हुये भी पीएम मोदी से ज़्यादा शक्तिशाली होना चाहते थे। अखिलेश यादव 2017 में सत्ता वापसी को पूरी तरह तैयार कर दी, परंतु उन्होंने भी केजरीवाल की भांति अपनी लड़ाई राज्य में कुशासन के विरुद्ध न करके पीएम मोदी को नीचा दिखाने की ओर ओर मोड़ दी। बात यहीं पर खत्म नहीं हुई, मोदी विरोध के नाम पर तो महाशय ने उसी काँग्रेस पार्टी से गठबंधन कर लिया, जिसने कुछ ही महीने यह नारा निकाला था – ’27 साल यूपी बेहाल’। फिर क्या था, जनता ने भी इन्हें अपनी तरह से जवाब दिया, और नोटबंदी के कारण उत्पन्न चिंताजनक माहौल के बाद भी उत्तर प्रदेश में भाजपा प्रचंड बहुमत से जीतते हुये अपने दम पर 312 सीटों पर विजय प्राप्त की। बहुमत तो छोड़िए, काँग्रेस और सपा दोनों को ही 50 सीटों पर सिमटना पड़ा।

इसके बावजूद अखिलेश यादव ने इस परिणाम से कोई सबक न लेते हुये पीएम मोदी और उनके निजी संबंध पर टिप्पणियाँ करने लगे। गुजरात के लोगों की देशभक्ति का मज़ाक उड़ाना हो, या फिर सर्जिकल स्ट्राइक्स और एयर स्ट्राइक्स पर प्रश्न चिन्ह लगाना हो, अखिलेश यादव जान बूझकर पीएम मोदी को भड़काने का हरसंभव प्रयास कर रहे थे। जब भाजपा छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में अप्रत्याशित रूप से चुनाव हार गयी, तो अखिलेश यादव की खुशी का कोई ठिकाना न रहा, और उन्होंने तपाक से ट्वीट किया – “अब की बार, खो दी सरकार”। अंत में परिणाम यह निकला कि लोकसभा चुनाव में पूरे देश की तो छोड़िए, अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश में भी अपने पार्टी को नहीं बचा पाये। मायावती के साथ गठबंधन कर अखिलेश यादव ने जितना पाया नहीं, उससे ज़्यादा तो उन्होने गंवा दिया। अब समाजवादी पार्टी केवल पाँच सीटों पर ही सिमट कर रह गयी है, और अनुच्छेद 370 का जिस तरह इन्होंने विरोध किया, उससे एक बात तो साफ है कि आने वाले दिनों में समाजवादी पार्टी जल्द ही इतिहास का हिस्सा बन सकती है।
इसी तरह चंद्रबाबू नायडू का भी बुरा हाल हुआ। तेलुगू देसम पार्टी के प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने सत्ता की लालच में एक बार फिर वही गलती दोहराई, जिसके लिए आज भी उनकी आलोचना होती है। अपने ससुर व आंध्र प्रदेश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्रियों में से एक रहे एनटी रामा राव की भांति चंद्रबाबू नायडू ने भी विश्वासघात कर न सिर्फ एनडीए छोड़ा, बल्कि भाजपा के विरुद्ध संसद में अविश्वास प्रस्ताव भी लाने का प्रयास किया।

यही नहीं, चंद्रबाबू नायडू ने केजरीवाल की राह पर चलते हुये पीएम मोदी को हर प्रकार का अपशब्द कहा। उन्हें नीचा दिखाने के लिए चंद्रबाबू नायडू ने कोई कसर नहीं छोड़ी। परंतु इसी अंध विरोध में वे भूल गए कि उनके अपने राज्य में वाईएस जगन मोहन रेड्डी जैसे नेता की चुनौती उनकी प्रतीक्षा कर रही है। परिणाम वही रहा – लोकसभा तो लोकसभा, चंद्रबाबू नायडू को विधानसभा में भी करारी हार का सामना पड़ा था।

परंतु अगर मोदी की आलोचना में अगर किसी ने सबसे ज़्यादा नुकसान झेला है, तो वह कोई और नहीं, हमारे अपने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी जी हैं। उनका दिन पीएम मोदी की आलोचना से ही शुरू होता था और पीएम मोदी पर ही खत्म होता था। पीएम मोदी की आलोचना करने में राहुल ने सभी सीमाएं पार कर दी, और सेना, पुलिस, प्रशासन, किसी को भी नहीं छोड़ा।

एक-एक कर काँग्रेस के सभी पुराने गढ़ उनके हाथ से फिसलते गए, परंतु राहुल का सारा ध्यान पीएम मोदी को नीचा दिखाने पर ही केन्द्रित था। पीएम मोदी को नीचा दिखाने की ज़िद में राहुल इतने अंधे हो गए कि उन्होने आतंकियों तक का महिमा मंडन शुरू कर दिया। ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि काँग्रेस के पतन के पीछे राहुल बाबा का मोदी पुराण ही मुख्य रूप से ज़िम्मेदार रहा है।
ऐसे में अब ममता बनर्जी समझ गयी हैं कि पीएम मोदी को अपशब्द कहकर अपना राजनीतिक अंत लिखने से अच्छा है कि अपना गियर बदलकर पीएम मोदी को ‘उचित पैमानों’ पर चुनौती दिया जाए। अब वे इसमें कितना सफल रहती हैं, ये तो समय ही बताएगा, परंतु यदि ममता बनर्जी ने केजरीवाल, नायडू जैसे लोगों से कोई सीख न ली, तो 2021 विधानसभा चुनाव में उनका पत्ता कटना बिल्कुल तय है।

Tags: अखिलेश यादवचंद्रबाबू नायडूपीएम मोदीममता बनर्जीराहुल गाँधी
शेयर225ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

‘आर्यन इंवेजन थ्योरी’ के जरिए ‘मैकाले की सेना’ ने कैसे दक्षिण व उत्तर भारतीयों के बीच जहर बोया

अगली पोस्ट

हैदराबाद पर नेहरू की जो नीति थी वही नीति कश्मीर के लिए सोनिया गांधी की रही है

संबंधित पोस्ट

Anu Lal
समीक्षा

क्या धर्म पर्यावरण की रक्षा कर सकता है? ‘बिश्नोईज़ एंड द ब्लैकबक’ के माध्यम से अनु लाल का एक जरूरी सवाल

9 February 2026

आज का युग अभूतपूर्व विकास और तकनीकी प्रगति का युग है, रील्स का दौर है, जीवन की भागदौड़ इतनी तेज है कि ‘ठहराव’ शब्द अब...

‘The journey within’: श्रीखंड कैलाश से आत्मबोध तक की यात्रा
समीक्षा

‘The journey within’: श्रीखंड कैलाश से आत्मबोध तक की यात्रा

20 December 2025

जीवन स्वयं एक यात्रा है, उतार-चढ़ाव से भरी, अनुभवों से सजी और निरंतर आगे बढ़ती हुई। किंतु यात्रा केवल स्थानों के बीच की भौतिक गति...

Luxury Sedan Showdown: Price and Maintenance Comparison of a Used Audi A4 vs. Other 2nd Hand Audi Cars
समीक्षा

Luxury Sedan Showdown: Price and Maintenance Comparison of a Used Audi A4 vs. Other 2nd Hand Audi Cars

18 December 2025

In the high-stakes world of luxury sedans, the Audi A4 has long been the "thinking person’s choice." It doesn't scream for attention like a BMW...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited