TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    सीएम नायाब सिंह सैनी ने दिखाया बड़ा दिल

    सीएम नायाब सिंह सैनी का बड़ा दिल : भीड़ से उठी गुहार पर सीएम ने दी हेलीकॉप्टर में सवारी

    हाई-सिक्योरिटी जेल में ड्रोन

    हाई-सिक्योरिटी जेल में ड्रोन के जरिए प्रतिबंधित सामान की सप्लाई, सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक उजागर

    हॉर्मुज़ संकट गहराया

    हॉर्मुज़ संकट गहराया: ईरान के समर्थन में रूस-चीन की सैन्य मौजूदगी, अमेरिका पर बढ़ा दबाव

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    पीएम मोदी

    AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    AI समिट का तीसरा दिन Galgotias University के रोबोटिक डॉग पर उठे सवाल, स्टॉल को कराया गया खाली

    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर कार्रवाई की तैयारी

    ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर कार्रवाई की तैयारी? ट्रंप के सामने सैन्य विकल्पों पर मंथन

    खामेनेई की सख्त चेतावनी

    खामेनेई की सख्त चेतावनी: अमेरिकी सुपरकैरियर USS Gerald R. Ford को निशाना बनाने की बात, बढ़ा तनाव

    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    एआई सम्मेलन: इमैनुएल मैक्रों, लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा के अलावा भी 20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल, एआइ के भविष्य पर करेंगे मंथन

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    सीएम नायाब सिंह सैनी ने दिखाया बड़ा दिल

    सीएम नायाब सिंह सैनी का बड़ा दिल : भीड़ से उठी गुहार पर सीएम ने दी हेलीकॉप्टर में सवारी

    हाई-सिक्योरिटी जेल में ड्रोन

    हाई-सिक्योरिटी जेल में ड्रोन के जरिए प्रतिबंधित सामान की सप्लाई, सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक उजागर

    हॉर्मुज़ संकट गहराया

    हॉर्मुज़ संकट गहराया: ईरान के समर्थन में रूस-चीन की सैन्य मौजूदगी, अमेरिका पर बढ़ा दबाव

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    पीएम मोदी

    AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    AI समिट का तीसरा दिन Galgotias University के रोबोटिक डॉग पर उठे सवाल, स्टॉल को कराया गया खाली

    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर कार्रवाई की तैयारी

    ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर कार्रवाई की तैयारी? ट्रंप के सामने सैन्य विकल्पों पर मंथन

    खामेनेई की सख्त चेतावनी

    खामेनेई की सख्त चेतावनी: अमेरिकी सुपरकैरियर USS Gerald R. Ford को निशाना बनाने की बात, बढ़ा तनाव

    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    एआई सम्मेलन: इमैनुएल मैक्रों, लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा के अलावा भी 20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल, एआइ के भविष्य पर करेंगे मंथन

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

सरदार पटेल के सामने जब नतमस्तक हो गया था हैदराबाद का निजाम

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
17 September 2019
in इतिहास
हैदराबाद

PC: studyiq

Share on FacebookShare on X

15 अगस्त 1947, इस दिन हमारा देश तो स्वतंत्र हुआ था, परंतु उसके साथ ही साथ 565 रियासतें और रजवाड़े भी स्वतंत्र हुए थे। उन्हें एक देश में पिरोने का दायित्व तत्कालीन गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल एवं उनके विश्वसनीय सेक्रेटरी और चर्चित आईसीएस ऑफिसर वीपी मेनन को सौंपा गया था। कुशल नेतृत्व और बेजोड़ रणनीति से सरदार पटेल और वीपी मेनन ने असंभव को संभव कर दिखाया, और साल भर के अंदर ही 562 रियासत भारत में विलय को तैयार हो गये।

परंतु जो क्षेत्र अभी भी भारत से नहीं जुड़े थे, उनमें प्रमुख थे, कश्मीर, जूनागढ़ और हैदराबाद। इनमें हैदराबाद जनसंख्या, क्षेत्रफल एवं सकल घरेलू उत्पादन की दृष्टि से सबसे बड़ी रियासत थी। इसका कुल क्षेत्रफल यूनाइटेड किंगडम से भी ज़्यादा बड़ा था। हैदराबाद रियासत में आज के महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के कई क्षेत्र शामिल थे। उस समय हैदराबाद पर निज़ाम उस्मान अली खान का राज था, जो निज़ाम आसफ जाही वंश के सातवें शासक थे।

संबंधितपोस्ट

मदन मोहन मालवीय: BHU की नींव रखने वाले ‘महामना’, जिन्होंने निजाम की जूती को कर दिया था नीलाम

सिडनी हमलावर साजिद अकरम का इंडिया लिंक, तेलंगाना पुलिस ने किया खुलासा

सरदार पटेल: लौहपुरुष जिन्होंने मातृभूमि के लिए अपना सबकुछ कुर्बान कर दिया

और लोड करें

हालांकि, वे मात्र कठपुतली थे, क्योंकि असली शासन निज़ाम के सलाहकारों में से एक और मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (MIM) के कद्दावर नेता, कासिम रिजवी के पास था। बता दें कि इत्तिहाद-ए-मुस्लिमीन वही संगठन है जो आज एआईएमआईएम के नाम से जाना जाता है और असदुद्दीन ओवैसी इसके अध्यक्ष हैं। कासिम रिजवी अपनी खुद की रजाकारों की फौज खड़ी कर रहे थे। सूत्रों के मुताबिक रजाकारों की संख्या 20,000 से 2 लाख के बीच थी। इन रजाकारों का मानना था कि या तो हैदराबाद को एक स्वतंत्र राज्य रहने दिया जाए जहां शरिया कानून लागू होता, या फिर उसे पाकिस्तान के साथ जोड़ दिया जाए। इस बात का उल्लेख केंद्र सरकार में मंत्री रह चुके वरिष्ठ स्वतंत्रता सेनानी केएम मुंशी और प्रख्यात पत्रकार कुलदीप नैयर भी अपनी-अपनी पुस्तकों में कर चुके हैं।

इनमें से किसी एक बात को भी उस समय मानना हर स्थिति में असंभव था। हैदराबाद में भले ही कट्टरपंथी रजाकारों का राज था, परंतु वहां की जनता इनके शासन का न केवल विरोध करती थी, अपितु भारत के साथ किसी भी कीमत पर विलय करने को तैयार थी। दूसरा कारण तो यह भी था कि पाकिस्तान को हैदराबाद से जोड़ना उतना ही तार्किक था जितना यूके में रूस का विलय करना क्योंकि पाकिस्तान का सबसे निकटतम शहर भी हैदराबाद क्षेत्र से लगभग 1500 किलोमीटर दूर था।

परंतु रजाकारों ने एक न सुनी, और हैदराबाद की जनता को काबू करने के लिए आतंक का रास्ता अपना लिया। गावों को लूटना शुरू किया, यही नहीं कई क्षेत्रों में गैर मुस्लिमों पर हमले किये जाने लगे। इस दौरान न केवल निर्दोष लोगों को निशाना बनाया जाने लगा, अपितु महिलाओं और बच्चियों के साथ दुर्व्यवहार भी किया जाने लगा। ये सब ठीक वैसे ही हो रहा था जैसे डायरेक्ट एक्शन डे के दौरान बंगाल क्षेत्र और विभाजन के समय अविभाजित पंजाब में हुआ था। इन सभी अत्याचारों पर निज़ाम ने आंखें मूँद रखी थी, और भारत में होते हुए भी हैदराबाद भारत के लिए नासूर बनने लगा था।

उस समय भारत के गवर्नर जनरल लॉर्ड माउंटबैटन हुआ करते थे, जो हैदराबाद पर किसी प्रकार के बल प्रयोग के पक्ष में नहीं थे। वे चाहते थे कि सभी मुद्दों पर बातचीत से हल हो, और इसी बात का प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने भी अनुमोदन किया। परंतु सरदार पटेल इस बात से पूर्ण रूप से असहमत थे, और उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना सैन्य कार्रवाई के हैदराबाद का भारत में विलय संभव नहीं है।

अत: तीनों इस बात पर सहमत थे कि हैदराबाद को स्टैंडस्टिल एग्रीमेंट के लिए सहमत कराया जाये।  इस एग्रीमेंट में भारत की सेना को हैदराबाद की सीमाओं के बाहर तैनात किया जाना और हैदराबाद के शासक द्वारा निवासियों के साथ नरमी से बर्ताव करना शामिल था। परंतु कासिम रिजवी के रजाकारों के उग्र प्रदर्शनों के चलते निज़ाम ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया, जिसके पश्चात सरदार पटेल को बल प्रयोग का सहारा लेना पड़ा।

इस दौरान हैदराबाद के अंदर भी विद्रोह शुरू हो चुका था। क्या साम्यवादी क्या राष्ट्रवादी, सभी निज़ाम और उनके नाम पर अत्याचार ढाने वाले रजाकारों के विरुद्ध एकजुट हो गये। इसके साथ ही हैदराबाद के भारत में विलय के लिए भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल राजेंद्र सिंहजी और मेजर जनरल जयंतो नाथ चौधरी को प्रमुख अफसरों के तौर पर नियुक्त किया गया। चूंकि हैदराबाद में देशभर के मुक़ाबले सबसे ज़्यादा पोलो ग्राउंड मौजूद थे, इसलिए इस सैन्य कार्रवाई का नाम ‘ऑपरेशन पोलो’ रखा गया।

#OnThisDay in the year 1948, under direct intervention from then Deputy Prime Minister of India Sardar Vallabhbhai Patel, #OperationPolo commenced to integrate the state of Hyderabad into the Indian Union.#HistoryWithAIR pic.twitter.com/JitvmceT21

— Akashvani आकाशवाणी (@AkashvaniAIR) September 13, 2019

ऑपरेशन पोलो के अंतर्गत सैन्य कार्रवाई 13 सितंबर 1948 को प्रारम्भ हुई। शुरुआत में भारतीय सेना को कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, परंतु भारतीय सेना ने रजाकारों को दुम दबाकर भागने पर विवश कर दिया। अंतत: 17 सितंबर 1948 की शाम 5 बजे निज़ाम ने सीजफायर की घोषणा की। मेजर जनरल जयंतो नाथ चौधुरी ने हैदराबाद के कमांडर-इन-चीफ़ जनरल सैय्यद अहमद अल-इदरोस से उनका समर्पण स्वीकार किया और हैदराबाद का आधिकारिक रूप से भारत में विलय हो गया। इस युद्ध में 2000 से ज़्यादा रज़ाकार मारे गए, जबकि 800 से ज़्यादा हैदराबाद के शाही सेना के लड़ाके युद्ध में मारे गए। दुर्भाग्यवश भारतीय सेना के 32 योद्धा वीरगति को प्राप्त हुए।

हालांकि, इस विजय में हमारे देश का एक स्याह पहलू भी उजागर हुआ। ऑपरेशन पोलो उस समय भारत के प्रधानमंत्री रहे जवाहर लाल नेहरू ने ‘धर्मनिरपेक्ष’ सुंदरलाल कमेटी बनाई और इसे घटना के पीछे की समस्त वास्तविकता पर रिपोर्ट बनाने का आदेश दिया। परंतु इस कमेटी रिपोर्ट में घटना की वास्तविकता के बारे में कम, और ऑपरेशन पोलो के पहले की पूरी हिंसा का दोष गैर मुस्लिमों और भारतीय सेना पर मढ़ने का काम किया गया। इसके अलावा जिस कासिम रिजवी को जीवन भर के लिए कारावास की सज़ा दी गयी थी, उसे सरदार पटेल की मृत्यु होने के कुछ ही वर्षों में छोड़ दिया गया, और बड़े ही प्रेम से पाकिस्तान भेज दिया गया, जहां कासिम रिजवी की मृत्यु 1955 में हुई।

आज ऑपरेशन पोलो को हुए 72 वर्ष हो चुके हैं। ये किसी धर्मयुद्ध से कम नहीं था क्योंकि इसका प्रमुख उद्देश्य रजाकार जैसे अधर्मियों का नाश कर भारत में हैदराबाद का विलय करना था। इसके लिए हम आजीवन सरदार पटेल और भारतीय सैनिकों के ऋणी रहेंगे। हालांकि, सरदार पटेल का ये अभूतपूर्व योगदान भारत के इतिहास के पन्नों में कहीं खो गया। परन्तु भारत के प्रथम उप प्रधानमन्त्री तथा प्रथम गृहमन्त्री वल्लभभाई पटेल के इस योगदान को दुनिया के समक्ष रखने के लिए आज स्टैचू ऑफ यूनिटी को बनाया गया जो उस बड़े दिग्गज के योगदान को दर्शाता है जिनकी वजह से आज भारत एकजुट है।

Tags: सरदार वल्लभ भाई पटेलहैदराबाद
शेयर50ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

हिन्द महासागर में चीन की घुसपैठ पर भारतीय नौसेना का संदेश- ‘ज़्यादा उड़ो मत, नजर में हो हमारे!’

अगली पोस्ट

धर्म परिवर्तन पर मोदी सरकार सख्त, विदेशी फंडिंग से चलने वाले NGOs को अब देना होगा शपथ पत्र

संबंधित पोस्ट

ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग
इतिहास

ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

14 February 2026

भारत एक बार फिर इतिहास रचने जा रहा है, केंद्र सरकार ने ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे देश की पहली सड़क-सह-रेल सुरंग (अंडरवॉटर टनल) बनाने को...

के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक
इतिहास

फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

29 January 2026

फील्ड मार्शल कोडंडेरा मदप्पा करियप्पा, जिन्हें प्यार से के.एम. करियप्पा कहा जाता है, भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ और राष्ट्र सेवा, अनुशासन और समर्पण...

10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं
इतिहास

इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

28 January 2026

होलोकॉस्ट एक सुनियोजित, राज्य-प्रायोजित नरसंहार था, जिसे 1933 से 1945 के बीच नाजी जर्मनी ने एडॉल्फ़ हिटलर के नेतृत्व में अंजाम दिया। इसका मूल कारण...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited