TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम पास

    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम सफल, 5000 किमी रेंज की मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम

    ममता बनर्जी के चुनावी भाषण पर एक और एफआईआर

    ममता बनर्जी के चुनावी भाषण पर एक और एफआईआर, कानूनी जांच हुई तेज

    नोएडा में 110 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत

    नोएडा में 110 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत: ग्रेटर नोएडा तक सफर हुआ सस्ता, आसान और पर्यावरण के अनुकूल

    मोदी ने अनुच्छेद 370 हटाने, उत्तर-पूर्व के विकास और ऑपरेशन सिंदूर जैसे कदमों को सरकार के निर्णायक फैसलों के उदाहरण बताया।

    मोदी ने रिकॉर्ड कार्यकाल के दिन ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम पास

    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम सफल, 5000 किमी रेंज की मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम

    ममता बनर्जी के चुनावी भाषण पर एक और एफआईआर

    ममता बनर्जी के चुनावी भाषण पर एक और एफआईआर, कानूनी जांच हुई तेज

    नोएडा में 110 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत

    नोएडा में 110 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत: ग्रेटर नोएडा तक सफर हुआ सस्ता, आसान और पर्यावरण के अनुकूल

    मोदी ने अनुच्छेद 370 हटाने, उत्तर-पूर्व के विकास और ऑपरेशन सिंदूर जैसे कदमों को सरकार के निर्णायक फैसलों के उदाहरण बताया।

    मोदी ने रिकॉर्ड कार्यकाल के दिन ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

सांप्रदायिक हिंसा से पीड़ित बंगाली हिन्दू शरणार्थियों के लिए उम्मीद की नई किरण है सिटिजनशिप बिल

Shivam Chauhan द्वारा Shivam Chauhan
7 October 2019
in मत
बंगाली हिंदू

PC: Scroll.in

Share on FacebookShare on X

भारत के संवैधानिक मानकों के अनुसार राज्य का सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार करना अति आवश्यक है। परंतु यह दो प्रकार के शरणार्थियों – उत्तर भारत में स्थित पंजाबी हिन्दू व सिख शरणार्थी और बंगाली हिन्दू शरणार्थी पर ये बात लागू नहीं होती। दोनों ही समुदायों ने अखंड भारत के विभाजन के कारण हुई सांप्रदायिक हिंसा के शिकार बने, और दोनों ही समुदायों को इस ऐतिहासिक गलती के दुष्परिणाम भुगतने पड़े। परंतु पंजाबी शरणार्थियों की तुलना में आज भी बंगाली हिन्दू शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता के लिए कई समस्याओं से जूझना पड़ता है।

पंजाब के लिए, विभाजन का अर्थ था तत्कालीन जनसंख्या का त्वरित आदान-प्रदान करना। पश्चिमी पंजाब से आने वाले हिंदू और सिक्खों को भारत की ओर जाना था, तो वहीं भारतीय पंजाब के मुसलमानों को पाकिस्तान का रूख करना था। परंतु बांग्लादेश के मामले में आबादी का ऐसा आदान-प्रदान नहीं हुआ। बंगाली हिंदुओं की आवाजाही पहले पूर्वी पाकिस्तान और उसके बाद 1971 में बांग्लादेश के विभाजन के बाद कई वर्षों तक जारी रही।

संबंधितपोस्ट

मोदी सरकार के 12 वर्ष: भारत की रक्षा और कूटनीतिक रणनीति का नया अध्याय

वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

अमित शाह सांचू बॉर्डर पोस्ट पर बीएसएफ जवानों का बढ़ाया हौसला और सुरक्षा व्यवस्था की सराहना

और लोड करें

परंतु यह घटना अवैध प्रवासियों की घुसपैठ से पूरी तरह भिन्न थी, जो बेहतर आजीविका, आर्थिक अवसरों आदि के लिए भारत में प्रवेश करते हैं और यही वह बात है जहां नागरिकता (संशोधन) विधेयक का सार निहित है।  इस बिल के अंतर्गत पाकिस्तान और बांग्लादेश से आने वाले अल्पसंख्यक समुदायों को छोड़कर हिंदू, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और पारसी को “अवैध अप्रवासी” के वर्ग से अलग किया गया है, जो बंगाली हिंदू शरणार्थियों के साथ ऐतिहासिक अन्याय का प्रायश्चित ही है।

बंगाली हिन्दू शरणार्थियों को किस प्रकार के अत्याचार सहने पड़े थे, इसका प्रत्यक्ष प्रमाण मरीछझापी नरसंहार में देखने को मिलता है। इसकी शुरुआत उस समय शुरू होती है, जब दलित मुस्लिम एकता के प्रबल समर्थकों में से एक जोगेन्द्र नाथ मण्डल ने स्वतन्त्रता के बाद पूर्वी पाकिस्तान में रहने के लिए नांशूद्र समुदाय [अनुसूचित जाति] को मनाया था। परंतु 1950 तक जोगेन्द्र नाथ मण्डल स्वयं पाकिस्तान छोड़कर भाग आए और उन्होंने पाकिस्तानी सरकार पर हिन्दू विरोधी होने का आरोप लगाया। परंतु 1971 तक अधिकतर अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों को पूर्वी पाकिस्तान में रहना पड़ा।

जब उन्होंने भारत में शरण ली, तो बंगाल के प्रथम साम्यवादी मुख्यमंत्री ज्योति बसु ने काँग्रेस नेताओं को पत्र लिखते हुये इन शरणार्थियों के लिए सुंदरबन के द्वीपों पर बसाने को कहा। 1988 तक मरीचझापी द्वीप पर 30000 से ज़्यादा शरणार्थी बस चुके थे। परंतु इनकी बढ़ती संख्या साम्यवादी सरकार की आँखों में चुभने लगी, और जल्द ही मरीचझापी द्वीप पर एक वीभत्स नरसंहार हुआ, जिसमें 1700 से भी ज़्यादा लोग मारे गए और कई महिलाओं को यौन शोषण का शिकार होना पड़ा। परंतु यह नरसंहार हमारे इतिहास में महज़ एक ‘दुर्घटना’ मानी जाती है, जिससे यह सिद्ध होता है कि किस तरह इन साम्यवादी लोगों के प्रभुत्व के कारण बंगाली हिन्दू शरणार्थियों के साथ सदैव अन्याय किया गया।

इसके अलावा इस सोच ने भी स्थिति को बिगाड़ा, जिसमें ये माना जाता था कि भारत में बंगाली हिंदुओं का आना अस्थायी है, और मामला ठीक होने पर वे अपने मूल घरों [यानि बांग्लादेश] को लौट जाएंगे। ये भ्रम 1950 में हस्ताक्षरित नेहरू-लियाकत समझौते में निकलकर सामने आया और हमारे नेता इसी भ्रम में 1972 तक रहे। ऐसे में कोई बंगाली हिन्दू शरणार्थियों के पुनर्वास के लिए कैसे सोचता। कई जगह तो उन्हे आज भी भारतीय नागरिक के तौर पर नहीं माना जाता।

मेघालय उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति एसआर सेन द्वारा सुनाये 37 दिन लंबे निर्णय में भारत के विभाजन के बाद से पड़ोसी देशों से भारत आए शरणार्थियों के लिए नागरिकता का मुद्दा उठा। उन्होंने कहा, “यह एक निर्विवाद तथ्य है कि विभाजन के समय, लाखों सिख और हिंदू मारे गए थे, उन पर हर तरह के अत्याचार किए गए और महिलाओं के साथ बलात्कार हुआ और उन्हें अपने पूर्वजों की संपत्ति छोड़ने के लिए मजबूर किया गया। उन्हें अपने जीवन और गरिमा को बचाने के लिए भारत में प्रवेश करने के लिए मजबूर होना पड़ा”।

बिना किसी लाग लपेट के उन्होने आगे कहा, ” पाकिस्तान ने खुद को एक इस्लामिक देश घोषित किया और चूंकि भारत को धर्म के आधार पर विभाजित किया गया था, इसे भी एक हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाना चाहिए था, परंतु यह एक धर्मनिरपेक्ष देश के रूप में रहा। उनके अनुसार आज भी पाकिस्तान, बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों में हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, ईसाई, पारसी, खासी और गारो जाति के लोगों को प्रताड़ित किया जाता है और उनके पास जाने के लिए कोई जगह नहीं होती है और “उन हिंदुओं को विभाजन के दौरान भारत में प्रवेश दिया जाता है, परंतु उनके साथ विदेशियों जैसे व्यवहार किया जाता है। वास्तव में यह व्यवहार बेहद ही अतार्किक है और यह प्रकृति के नियमों के खिलाफ भी है।

साम्यवादियों की कृपा से सांप्रदायिक हिंसा के शिकार हुये बंगाली हिन्दू शरणार्थियों और देश को तोड़ने की मंशा रखने वाले घुसपैठियों के बीच का अंतर मिटा दिया गया। इसीलिए हमारी कम्युनिस्ट लॉबी लगभग जश्न मनाने लगी, क्योंकि रिपोर्टों के अनुसार असम एनआरसी लिस्ट में बहुसंख्यक हिंदू थे। इस लिस्ट के आने से आशंका और भी बढ़ जाती है कि बांग्लादेश से भारत आए बंगाली हिंदुओं को फिर से बांग्लादेश निर्वासित किया जा सकता है।

हमें इस बात को समझना होगा कि कौन किस परिप्रेक्ष्य में बांग्लादेश से भारत आया है। उनके बीच के अंतर को समझना होगा। जिन्हें तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान यानि अब के बांग्लादेश में पाकिस्तानी सेना द्वारा उत्पीड़ित किए जाने के बाद भारत आने के लिए उन्हें मजबूर होना पड़ा। बंगाली हिन्दू शरणार्थियों के साथ अवैध आप्रवासियों की तरह व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि यह देश का दायित्व है कि वह उन्हें पहले राष्ट्रीयता प्रदान करे और उसके बाद उन्हें उचित आर्थिक और बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराए।

बंगाली कम्यूनिस्ट बुद्धिजीवियों ने आज तक हिंदू शरणार्थियों और घुसपैठियों के बीच इस अंतर को हटाने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। बांग्लादेश में उत्पीड़न का सामना कर रहे बंगाली हिंदुओं की वास्तविकता से वे पूरी तरह बेखबर हैं। बंगाली हिंदू शरणार्थियों को भारत सरकार से वह न्याय नहीं मिला जो पंजाबी हिंदू शरणार्थियों को मिला और यह हमारे पूर्व की सरकार व न्याय व्यवस्था की सबसे बड़ी विफलता है। ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित नागरिकता संशोधन कानून आशा की एकमात्र झलक है जो वर्षों से बंगाली हिन्दू शरणार्थियों के साथ हुये अन्याय को रोक सकता है साथ ही उन्हें एक सम्मानजनक जीवन दे सकता है।

Tags: अमित शाहबंगाली हिंदू शर्णार्थीबांग्लादेशी हिंदूमोदी सरकार
शेयर44ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

देवेंद्र फडणवीस ने अपनी कुशल नीतियों से साबित किया है वही हैं पश्चिम के राजा

अगली पोस्ट

उइगर मुस्लिमों पर अत्याचार कर रहे चीन के खिलाफ US का एक्शन, 28 चीनी कंपनियों को किया ब्लैकलिस्ट

संबंधित पोस्ट

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!
चर्चित

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!

27 May 2026

उत्तर पूर्व भारत के रणनीतिक और राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण राज्य असम से एक बेहद बड़ी और युगांतकारी खबर सामने आई है। असम विधानसभा...

Keral Muslim Leauge
इतिहास

मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

19 May 2026

1947 मे भारत के विभाजन के जो अनेक कारक (factors) रहे, उनमे मुस्लिम लीग प्रमुख हैं। मुस्लिम लीग ने ही अलग मुस्लिम राष्ट्र की मांग...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

MISSILE IN TANKER! How Indian Navy Pulled Off A Mission Impossible At Sea | Hormuz | Gulf of Oman

MISSILE IN TANKER! How Indian Navy Pulled Off A Mission Impossible At Sea | Hormuz | Gulf of Oman

00:03:38

12 YEARS OF MODI GOVERNMENT: INDIA'S DEFENCE & DIPLOMATIC RESET | PM Modi | Armed Forces

00:04:43

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

00:03:22

Rudram 2 Success: Made in India Missile Ready To Crush Enemy Radars| DRDO’s Big Breakthrough

00:03:46

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited