TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फर्जी नाम से दोस्ती

    बटला हाउस में मुस्लिम युवक के धोखे के बाद हिंदू युवती ने झेला गैंगरेप, प्रताड़ना और धर्म परिवर्तन का दबाव

    अभिषेक बनर्जी के ‘श्मशान’ वाले बयान पर सियासी बवाल,

    अभिषेक बनर्जी के ‘श्मशान’ वाले बयान पर सियासी बवाल, BJP ने बताया धमकी भरी राजनीति

    गंगा नदी को लेकर सरकार का अहम फैसला

    अलकनंदा-भागीरथी पर नई पनबिजली परियोजनाओं पर रोक, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में दिया हलफनामा

    ताइवान में इंडियन को किया जा रहा परेशान

    ताइवान में भारतीय मजदूरों के विरोध वाला पोस्टर विवादों में, नस्लीय भेदभाव के आरोप तेज

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सीजफायर के लिए कैसे मजबूर किया

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए कैसे मजबूर किया ?

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    सैन डिएगो मस्जिद में अंधाधुंध गोलीबारी

    सैन डिएगो मस्जिद में अंधाधुंध गोलीबारी, हमले के बाद दोनों हमलावरों ने की आत्महत्या

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Keral Muslim Leauge

    मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

    भोजशाला

    भोजशाला: इतिहास, आस्था और साक्ष्यों के बीच उभरता सत्य

    कोर्ट ने भोजशाला को 'वाग्देवी मंदिर' माना है और हिंदू पक्ष को वहां पूजा-अर्चना का पूरा अधिकार देने की बात कही।

    भोजशाला: इतिहास, संघर्ष और “विजेता भाव” की अनकही कहानी

    भोजशाला पर हिंदुओं की बड़ी जीत

    धार की भोजशाला को इंदौर हाईकोर्ट ने माना वाग्देवी मंदिर माना, मुस्लिमों के नमाज़ के अधिकार का दावा ख़ारिज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फर्जी नाम से दोस्ती

    बटला हाउस में मुस्लिम युवक के धोखे के बाद हिंदू युवती ने झेला गैंगरेप, प्रताड़ना और धर्म परिवर्तन का दबाव

    अभिषेक बनर्जी के ‘श्मशान’ वाले बयान पर सियासी बवाल,

    अभिषेक बनर्जी के ‘श्मशान’ वाले बयान पर सियासी बवाल, BJP ने बताया धमकी भरी राजनीति

    गंगा नदी को लेकर सरकार का अहम फैसला

    अलकनंदा-भागीरथी पर नई पनबिजली परियोजनाओं पर रोक, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में दिया हलफनामा

    ताइवान में इंडियन को किया जा रहा परेशान

    ताइवान में भारतीय मजदूरों के विरोध वाला पोस्टर विवादों में, नस्लीय भेदभाव के आरोप तेज

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सीजफायर के लिए कैसे मजबूर किया

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए कैसे मजबूर किया ?

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    सैन डिएगो मस्जिद में अंधाधुंध गोलीबारी

    सैन डिएगो मस्जिद में अंधाधुंध गोलीबारी, हमले के बाद दोनों हमलावरों ने की आत्महत्या

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Keral Muslim Leauge

    मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

    भोजशाला

    भोजशाला: इतिहास, आस्था और साक्ष्यों के बीच उभरता सत्य

    कोर्ट ने भोजशाला को 'वाग्देवी मंदिर' माना है और हिंदू पक्ष को वहां पूजा-अर्चना का पूरा अधिकार देने की बात कही।

    भोजशाला: इतिहास, संघर्ष और “विजेता भाव” की अनकही कहानी

    भोजशाला पर हिंदुओं की बड़ी जीत

    धार की भोजशाला को इंदौर हाईकोर्ट ने माना वाग्देवी मंदिर माना, मुस्लिमों के नमाज़ के अधिकार का दावा ख़ारिज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जिस तरह से उमर खालिद ने द वायर के साथ कमलेश तिवारी की घटना पर चर्चा की है, वह बिल्कुल उल्टा है

Shivam Chauhan द्वारा Shivam Chauhan
1 November 2019
in चर्चित
उमर खालिद, द वायर
Share on FacebookShare on X

हाल ही में एक 43 वर्षीय पूर्व हिंदू महासभा के नेता कमलेश तिवारी की हत्या ने पूरे देश का ध्यान खिंचा। तिवारी ने लगभग 4 साल पहले पैगंबर मोहम्मद साहब पर कुछ अभद्र टिप्पणी की थी, जिसके बाद उनकी बेहद निर्मम हत्या कर दी गई। तिवारी के बयान को मोहम्मद साहब के प्रति अपमानजनक करार दिया गया था और मौलवियों ने तिवारी के खिलाफ फतवा जारी किया था। धार्मिक नेताओं में से एक ने घोषणा की थी कि जो भी कमलेश तिवारी का सिर कलम करेगा उसे 51 लाख रूपए का इनाम दिया जाएगा। कमलेश तिवारी की मौत की सजा के लिए लगभग एक लाख मुसलमान सड़कों पर उतर आए थे।

बता दें कि कमलेश तिवारी की बीते 18 अक्टूबर को लखनऊ स्थित उनके घर में घुसकर हत्या कर दी गई थी। दो आरोपियों अशफाक और मोईनुद्दीन ने गला रेतकर और गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। मृत्यु से पहले गंभीर अवस्था में उन्हें अस्पताल भी ले जाया जा रहा था लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। लेकिन इस मामले में देश की लेफ्ट लिबरल मीडिया द वायर प्रोपेगेंडा फैलाने से बाज नहीं आ रही है। वामपंथियों के पक्ष में ढोल पीटने वाले दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अपूर्वानंद ने टुकड़े-टुकड़े गैंग के उमर खालिद की एक इंटर्व्यू ली है, जो यूट्यूब पर उपलब्ध है, उसका शीर्षक है क्या मुसलमान, मुसलमान की तरह बोल सकता है?

संबंधितपोस्ट

उमर ख़ालिद की ज़मानत को लेकर अमेरिकी सांसदों का दबाव, भारत के राजदूत को लिखा पत्र

दिल्ली धमाका: ‘वाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ की बर्बरता को कैसे ‘ह्यूमनाइज़’ कर रहे हैं  The Wire जैसे मीडिया संस्थान ?

उमर खालिद-शरजील केस से फिर बेनकाब हुआ ‘रेड-लिबरल इकोसिस्टम’

और लोड करें

अपने कई साक्षात्कारों में नास्तिकता का ढोल पीटने वाले उमर खालिद ने दावा किया है कि हिंदू धर्म में उच्च जाति का वर्चस्व है और जब वे पाश इलाकों में गए तो उन्होंने पाया कि केवल उच्च जाति के लोगों ने ही घरों के बाहर नेमप्लेटों पर अपनी जाति लिखे हैं।

अभिव्यक्ति की आजादी की बात करने वाले उमर खालिद न तो कमलेश तिवारी की हत्या करने वालों के खिलाफ बोला और न ही उन्होंने उन लोगों के खिलाफ बोला जो तिवारी की हत्या का जश्न मना रहे थे।  इसलिए यह समझ से परे है कि तिवारी की हत्या के बाद द वायर ने उमर खालिद जैसे किसी व्यक्ति का साक्षात्कार क्यों लिया। खालिद कोई प्रगतिशील मुसलमान नहीं हैं जो इस मुद्दे के बारे में संवेदनशील तरीके से बात कर सकते थे, बल्कि उनका पक्षपाती विचार उजागर हो गया है। द वायर को अगर तार्किक बात ही करनी होती तो केरल के राज्यपाल, आरिफ मोहम्मद खान जैसे किसी व्यक्ति को आमंत्रित कर सकता था, जो इस तरह के मुद्दों के प्रति उदार और प्रगतिशील दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

अपूर्वानंद ने इंटरव्यू की शुरूआत तिवारी हत्याकांड में शिकार हुए एक पीड़ित व्यक्ति से की। उन्होंने सबसे पहले तिवारी को एक नफरती करार दिया। इसके बाद उन्होंने मात्र एक वाक्य में कहा कि ऐसे नफरती लोगों की हत्या की निंदा भी की जानी चाहिए। अपूर्वानंद यहीं नहीं रूके उन्होंने कहा कि कमलेश तिवारी की हत्या अभी भी एक रहस्य है। इसके साथ ही एंकर ने तिवारी के हत्यारों पर चर्चा करने से बचने की कोशिश की। उन्होंने यह भी बताने की कोशिश की कि चार साल पहले तिवारी ने मोहम्मद साहब पर जो बयान दिया था उस कारण उनकी हत्या नहीं हुई थी। यहां यह बताना जरूरी है कि कुछ दिन पहले कमलेश तिवारी हत्याकांड के दो मुख्य आरोपियों को गुजरात एटीएस ने गिरफ्तार किया था। दोनों संदिग्धों की पहचान 34 वर्षीय अशफाक हुसैन जाकिर हुसैन शेख और 27 वर्षीय मोइनुद्दीन खुर्शीद पठान के रूप में की गई है, दोनों सूरत के निवासी हैं। इन्हें एटीएस ने गुजरात-राजस्थान सीमा से गिरफ्तार किया गया था। प्राथमिक जांच से पता चला है कि दोनों ने हत्या की वारदात को “तिवारी के मोहम्मद साहब के खिलाफ वाले बयानों के प्रतिशोध में” किया था। ऐसे में यह स्पष्ट रूप से स्पष्ट है कि नबी के बारे में टिप्पणी के प्रतिशोध में भीषण हत्या की गई थी।

द वायर को इस बात से सहमत होने से पहले और क्या सबूत चाहिए कि तिवारी की हत्या वास्तव में हिंदूफोबिया और कट्टरपंथी इस्लामवाद का परिणाम था। द वायर जैसे वामपंथी पोर्टल जुनैद खान की हत्या जैसे अन्य मामलों में धैर्यवान नहीं दिखे, तब तो उन्होंने झट से निर्णय सुनाते हुए कहा कि इस हत्या में सांप्रदायिक कोण था। द वायर का यह तर्क यानि आर्टिकल बाद में गलत साबित हुआ। जब पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने अपने जमानत आदेश में कहा, “जानबूझकर या जानबूझकर घटना पैदा करने या असहमति पैदा करने के लिए किसी भी तरह की तैयारी का कोई सबूत नहीं है।”

पूरा साक्षात्कार इस बात पर आधारित था कि हिंदू धर्म के लोग मुसलमानों पर कैसे हमले कर रहे हैं और तिवारी की हत्या के बाद की घटनाएं मुसलमानों के लिए खतरा है। लेकिन अपूर्वानंद को पहले यह भी जानना होगा कि किस तरह से कमलेश तिवारी की हत्या के बाद मुस्लिम समुदाय के लोग जश्न मना रहे थे, एक दूसरे को बधाईयां दे रहे थे। जिसके बाद हिंदुओं में गुस्सा का माहौल बना और उन्होंने भी पैगंबर के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए हैश टैग के साथ ट्वीट करना शुरू कर दिया। अब सोचने वाली बात यह है कि तिवारी की नृशंस हत्या करने वाले हत्यारों व इस हत्या पर खुशी मनाने वाले लोगों के खिलाफ बोलना कैसे उमर खालिद और पूरे मुसलमानों पर हत्या है? क्या ये अपूर्वानंद बता सकते हैं?

उमर खालिद ने दावा किया कि वह ‘प्रेम’ के साथ ‘नफरत’ का मुकाबला कर रहे थे, उन्होंने दावा किया कि इस्लामी पैगंबर का अपमान वास्तव में मुसलमानों के स्वाभिमान का अपमान था। उन्होंने कहा कि जो अपमानजनक टिप्पणी की गई, वह इस बहाने नजरअंदाज नहीं की जा सकती थी। इसके बाद उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आज जो अपमान के रूप में प्रकट हो रहा है, वह कल मुस्लिमों पर हमले के रूप में बदल जाएगा। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि खालिद जिस इस्लामिक पैगंबर के अपमान की बात कर रहे थे, उसका सीधा कारण तिवारी की हत्या भी है। यह ठीक उसी तरह का डर-भय है, जिससे यह विश्वास पैदा हुआ कि तिवारी इस्लाम के लिए खतरा थे और इसीलिए उन्हें क्रूर तरीके से खत्म कर दिया गया। बाद में, उमर खालिद ने यह भी तर्क दिया कि मुसलमानों को “क्रोध में वृद्धि” क्यों करनी चाहिए, अन्य चीजों के अलावा, अपने आत्म-सम्मान की रक्षा के लिए।

इस पूरे इंटरव्यू में यह दिखाने की कोशिश की गई है कि मुस्लिम एक पीड़ित वर्ग है जिसे देश में सताया जाता है, हिंदू उन्हें प्रताड़ित करते हैं। नास्तिकता की बात करने वाले उमर खालिद पैगंबर के लिए धार्मिक हो जाते हैं। वहीं तिवारी की हत्या को पूरे इंटरव्यू में बस मुसलमानों को डराने व उन्हें जागृत करने के लिए प्रयोग किया गया है।

Tags: उमर खालिदकमलेश तिवारीद वायर
शेयर22ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

अभिव्यक्ति की आज़ादी कुछ को बहुत ज्यादा, तो कुछ को बहुत कम मिलती है: जस्टिस बोबडे

अगली पोस्ट

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के यूनियन टेरिटरी बनने पर चीन की बौखलाहट देखने लायक है

संबंधित पोस्ट

फर्जी नाम से दोस्ती
चर्चित

बटला हाउस में मुस्लिम युवक के धोखे के बाद हिंदू युवती ने झेला गैंगरेप, प्रताड़ना और धर्म परिवर्तन का दबाव

21 May 2026

दिल्ली में 23 वर्षीय एक दलित हिंदू युवती ने पुलिस को दिए बयान में कई सालों तक चले कथित यौन शोषण, धमकी और मानसिक प्रताड़ना...

गंगा नदी को लेकर सरकार का अहम फैसला
चर्चित

अलकनंदा-भागीरथी पर नई पनबिजली परियोजनाओं पर रोक, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में दिया हलफनामा

21 May 2026

पर्यावरण और धार्मिक महत्व को देखते हुए अब अलकनंदा और भागीरथी नदियों पर कोई नई पनबिजली परियोजना शुरू नहीं की जाएगी। केंद्र सरकार ने सुप्रीम...

ताइवान में इंडियन को किया जा रहा परेशान
चर्चित

ताइवान में भारतीय मजदूरों के विरोध वाला पोस्टर विवादों में, नस्लीय भेदभाव के आरोप तेज

20 May 2026

ताइवान के काऊशुंग शहर में लगे एक चुनावी होर्डिंग को लेकर राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा हो गया है। स्वतंत्र सिटी काउंसिल उम्मीदवार Lee Hung-yi...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited