TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए खुशखबरी! उनके विदेश मंत्री ने उन्हें बुलाया है…अब तो जाना ही होगा!

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
16 December 2019
in चर्चित
बांग्लादेश, बांग्लादेशी घुसपैठिए, भारत,
Share on FacebookShare on X

भारत के लिए नागरिकता संशोधन कानून के दृष्टिकोण से एक बहुत अच्छी खबर आई है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमिन ने अपने नागरिकों को वापिस लेने के संकेत दिये हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि यदि भारत के पास अवैध रूप से उनके देश में रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की सूची है, तो वह हमें दे, हम उन्हें वापिस अपने देश में लेने को तैयार हैं।

मोमिन के अनुसार, “यदि भारत के पास उनके देश में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों की सूची है, तो हमें उन्हें स्वीकारने में कोई समस्या नहीं होगी। परंतु उनके अलावा यदि किसी और को बांग्लादेश भेजा, तो उन्हें वापस भेज दिया जाएगा। हम उन्हें [बांग्लादेशी] स्वीकारने को तैयार हैं क्योंकि उन्हें अपने देश में आने का पूरा-पूरा अधिकार है”।

संबंधितपोस्ट

बांग्लादेश में नई सरकार की तैयारी: तारिक रहमान को पीएम मोदी ने दी बधाई, कहां -मिलकर करेंगे काम

बांग्लादेश में जल्द चुनाव की मांग: क्या जल्दीबाज़ी बढ़ाएगी अस्थिरता?

बांग्लादेश चुनाव 2026: दुनिया की नजरें, भारत के लिए क्या है महत्व?”

और लोड करें

जब बांग्लादेशी विदेश मंत्री से मीडिया द्वारा पूछा गया कि क्या एनआरसी का असर भारत-बांग्लादेश के संबंधों पर पड़ेगा, तो उन्होंने स्पष्ट कहा, “मुझे नहीं लगता कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। भारत-बांग्लादेश के संबंध सामान्य और काफी मजबूत हैं। एनआरसी भारत का आंतरिक मामला है। हमने पहले ही कह दिया है कि इस भारतीय कानून से संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है”।

बता दें कि जब अमित शाह ने अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर होने वाले अत्याचारों के बारे में वर्णन किया, तो विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमिन ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि बांग्लादेश सरकार ने ऐसी घटनाओं को बढ़ावा नहीं दिया है। हालांकि इस पर विदेश मंत्रालय ने स्पष्टीकरण भी दिया था, पर चूंकि एके अब्दुल मोमिन ने अपनी संभावित भारत यात्रा रद्द कर दी थी, इसलिए हमारी वामपंथी मीडिया गुट ने यह भ्रम फैलाया कि बांग्लादेश CAA पर भारत के रुख से काफी नाराज़ है। पर हाल ही में बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापिस लेने की पेशकश कर बांग्लादेश ने अप्रत्यक्ष रूप से ही सही, पर CAA को अपना समर्थन दिया है।

इससे पहले मालदीव के संसदीय स्पीकर मोहम्मद नशीद ने भारत को CAA के विषय पर समर्थन देते हुए कहा था, “भारत अल्पसंख्यकों के हितों को कभी अनदेखा नहीं करता है, और हमें उनकी प्रतिबद्धता पर पूरा विश्वास है। CAA भारत का आंतरिक मामला है, और यह भारत के मूल सिद्धांतों के अनुरूप है”।

भारत के अलावा बांग्लादेश भी घुसपैठियों की समस्या से जूझ रहा है। स्वयं उनकी प्रधानमंत्री शेख हसीना वाजिद ने स्वीकार किया है कि रोहिंग्या समुदाय की उपस्थिति बांग्लादेशी अर्थव्यवस्था के लिए किसी खतरे से कम नहीं है। अगस्त 2017 के बाद से अभी तक लगभग 7.5 लाख से अधिक रोहिंग्या म्यांमार से विस्थापित हो कर बांग्लादेश में शरणार्थी बनकर रह रहे हैं। परंतु कुछ ही वर्षों में ये रोहिंग्या बांग्लादेश के लिए एक राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बन गए। हालांकि भला हो बांग्लादेश की सरकार और वहां के लोगों का, जिन्होंने इस समस्या को जल्द ही पहचान लिया और इसके लिए कारवाई शुरू हो चुकी है।

पहले तो बांग्लादेश सरकार ने इन रोहिंग्याओं को वापस म्यांमार भेजने के लिए कई कदम उठाए लेकिन अंत मौके पर म्यांमार सरकार ही पलट जाती थी। यही नहीं, रोहिंग्या भी वापस अपने देश नहीं जाना चाहते। खबरें ये भी आई कि ऐसे कई संगठन हैं जो रोहिंग्याओं की मदद कर रहे थे और उन्हें वापस म्यांमार न जाने के लिए भड़का रहे थे। इसी वजह से बांग्लादेश की सरकार ने 41 गैर-सरकारी संगठनों को रोहिंग्याओं की मदद करने के लिए दोषी पाया था जिसके बाद इन सभी एनजीओ की गतिविधियों पर रोक लगा दी गयी थी।

उधर भारत सरकार ने भी घुसपैठियों को वापस बांग्लादेश भेजने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। एक महीने पहले से भारत से लगभग 200 से ज़्यादा घुसपैठिए बॉर्डर पार कर बांग्लादेश चले गए हैं जिन्हें अब बांग्लादेश की पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है। इन लोगों को कहना है कि उन्हें भारत में प्रताड़ित किए जाने का खतरा सता रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक देश छोड़कर भागने वाले लोगों में से अधिकतर बंगलुरु के रहने वाले हैं। दरअसल, पिछले कुछ समय से बंगलुरु पुलिस ने वहां रह रहे अवैध प्रवासियों के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। अभी पिछले दिनों बंगलुरु पुलिस द्वारा लगभग 55 बंगलादेशी नागरिकों को कोलकाता रेलवे स्टेशन पर लाया गया था, उन्हें कुछ घंटों तक रेलवे स्टेशन पर रखा गया और बाद में उन्हें वहां से बस में बिठाकर किसी अन्य जगह ले जाया गया।

पुलिस के मुताबिक केंद्र सरकार ने यह पाया है कि वे भारत के नागरिक नहीं हैं और इसीलिए उन्हें बांग्लादेश में डिपोर्ट किया जाएगा। इसके अलावा बंगलुरु पुलिस ने कई पुलिस रेड्स में 60 से ज़्यादा मुस्लिम बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार किया था और पुलिस कमिशनर ने बंगलुरु के वासियों को इन घुसपैठियों को रोजगार और रहने की जगह ना देने की चेतावनी भी जारी की थी। इसी सब के बाद बांग्लादेशियों ने शहर को छोड़ना शुरू किया था और अब वे वापस अपने देश बांग्लादेश लौट रहे हैं। बांग्लादेश की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार तो वापस लौटने वाले लोगों की संख्या 350 के पार भी हो सकती है।

सच कहें तो सीएए की वास्तविकता से यदि सब परिचित हों, तो उन्हें आभास होगा कि हमारे देश के कुछ वर्ग भारत में शांति तो बिलकुल नहीं चाहते हैं, जिसके कारण वे दुनिया में सीएए के विरुद्ध प्रोपगैंडा फैला रहे हैं। हालांकि बांग्लादेश ने अवैध घुसपैठिए वापस लेने की पेशकश कर यह सिद्ध कर दिया है कि लिबरलों का प्रोपगैंडा उनके सामने नहीं चलने वाला, और वे घुसपैठियों की समस्या से निपटने के लिए भारत की हरसंभव सहायता करने के लिए तैयार है।

Tags: एनआरसीघुसपैठिएबांग्लादेशबांग्लादेशी घुसपैठियासीएए
शेयर6121ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

CJI बोबडे ने लगाई उपद्रवी छात्रों को फटकार, कहा- ‘हिंसा करने वालों की कोई सुनवाई नहीं होगी’

अगली पोस्ट

‘4 माह के अंदर आसमान को छूता हुआ भव्य राम मंदिर अयोध्या में बनने जा रहा है’, अमित शाह

संबंधित पोस्ट

उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया
चर्चित

उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

18 March 2026

तमिलनाडु में एक नई राजनीतिक विवाद की स्थिति पैदा हो गई है, जब उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा की तुलना प्रमुख धर्मों से की, जिससे...

काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला
चर्चित

काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

17 March 2026

सोमवार रात अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में बड़ा हवाई हमला हुआ। आरोप है कि पाकिस्तान ने एयरस्ट्राइक करते हुए शहर के कई इलाकों को निशाना...

एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म
चर्चित

एलपीजी संकट के बावजूद मोदी सरकार ने नियंत्रण रखा, जमाखोरी रोकने और जहाज सुरक्षित लाने की कार्रवाई

17 March 2026

भारत में लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की कमी को लेकर देशभर में हड़कंप मचा हुआ था। भारत अपनी गैस की लगभग 60% जरूरत कतर, बहरीन,...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited