TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

    बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    BRICS 2026 VS 2016

    2016 से 2026 तक BRICS में कितना बदलाव आया? 5 देशों के समूह से 11 देशों की ताकत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    स्त्री भारतीय स्त्री-विमर्श को पश्चिमी प्रतिमानों के अनुकरण से आगे ले जाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भीतर स्त्री की अवधारणा को पुनः देखने का अवसर प्रदान करती है।

    स्त्री: भारतीय स्त्री-विमर्श और नारीत्व की पुनर्परिभाषा

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

    बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    BRICS 2026 VS 2016

    2016 से 2026 तक BRICS में कितना बदलाव आया? 5 देशों के समूह से 11 देशों की ताकत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    स्त्री भारतीय स्त्री-विमर्श को पश्चिमी प्रतिमानों के अनुकरण से आगे ले जाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भीतर स्त्री की अवधारणा को पुनः देखने का अवसर प्रदान करती है।

    स्त्री: भारतीय स्त्री-विमर्श और नारीत्व की पुनर्परिभाषा

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

बांग्लादेश में जल्द चुनाव की मांग: क्या जल्दीबाज़ी बढ़ाएगी अस्थिरता?

चुनाव कराने का सबसे बड़ा खतरा यह है कि कुछ बड़े राजनीतिक दल चुनाव का बहिष्कार कर सकते हैं। बांग्लादेश में पहले भी ऐसा हो चुका है, जब विपक्ष ने चुनाव को निष्पक्ष न मानते हुए हिस्सा नहीं लिया।

Kashish Mishra द्वारा Kashish Mishra
11 February 2026
in भारत, राजनीति
बांग्लादेश में जल्द चुनाव की मांग

बांग्लादेश में जल्द चुनाव की मांग

Share on FacebookShare on X

वैधता यानी लोगों का भरोसा बहुत नाज़ुक चीज़ होती है। जब कानून ठीक से काम नहीं करते और पुलिस भी हालात संभालने में पीछे हट जाती है, तब यही भरोसा किसी देश को जोड़े रखता है। इस समय बांग्लादेश में यही भरोसा कमजोर पड़ता दिख रहा है।

ढाका की अंतरिम सरकार पर जल्द से जल्द चुनाव कराने का दबाव है ताकि देश फिर से लोकतांत्रिक व्यवस्था में लौट सके। लेकिन दुनिया के नजरिए से देखें तो इतनी जल्दी चुनाव कराना लोकतंत्र की ओर कदम कम और एक बड़े संकट की शुरुआत ज्यादा लग सकता है।

संबंधितपोस्ट

SIR Notice: चुनाव आयुक्त से CBI डायरेक्टर तक को नोटिस, क्यों आई बड़े अफसरों की बारी? आगे क्या होगा ?

बांग्लादेश में 35 साल बाद राष्ट्रपति चुनाव, मिर्जा फखरुल आलमगीर और ओली अहमद आमने-सामने

Delimitation 2026: दक्षिण भारत के राज्यों के लिए यही समय ही सही समय है। Explained

और लोड करें

अगर सरकारी संस्थाओं—जैसे चुनाव आयोग और न्यायपालिका—को मजबूत किए बिना चुनाव कराए गए, तो इससे स्थिरता नहीं आएगी। इसके बजाय चुनाव परिणाम पर विवाद होगा और देश पहले से ज्यादा बंट सकता है। आज जल्दबाज़ी में चुनाव कराने का मतलब है कल और बड़ी समस्या खड़ी करना।

जल्द चुनाव कराने का सबसे बड़ा खतरा यह है कि कुछ बड़े राजनीतिक दल चुनाव का बहिष्कार कर सकते हैं। बांग्लादेश में पहले भी ऐसा हो चुका है, जब विपक्ष ने चुनाव को निष्पक्ष न मानते हुए हिस्सा नहीं लिया। अगर चुनाव प्रक्रिया पर सभी को भरोसा नहीं होगा, तो कई दल चुनाव से दूर रहेंगे।

बिना सभी बड़े दलों की भागीदारी के चुनाव का कोई खास मतलब नहीं रह जाता। ऐसी संसद पूरे देश का प्रतिनिधित्व नहीं करती। इससे मतदान प्रतिशत भी कम रहता है और नई सरकार की नैतिक ताकत कमजोर पड़ जाती है।

अगर कोई सरकार केवल 20 प्रतिशत लोगों के समर्थन से चुनी जाती है, तो बाकी 80 प्रतिशत लोग उसे दिल से स्वीकार नहीं करेंगे। बांग्लादेश जैसे संवेदनशील देश में यह असंतोष जल्दी ही सड़कों पर विरोध में बदल सकता है।

जब संस्थाएं कमजोर होती हैं, तो चुनाव हारने वाला पक्ष परिणाम को आसानी से स्वीकार नहीं करता। एक मजबूत लोकतंत्र में हारने वाला इसलिए परिणाम मान लेता है क्योंकि उसे भरोसा होता है कि चुनाव निष्पक्ष था और वह अगली बार फिर कोशिश कर सकता है।

लेकिन अगर अदालतों और पुलिस पर भरोसा नहीं है, तो चुनाव में हार को लोग अपने राजनीतिक अस्तित्व के लिए खतरा मानते हैं। ऐसे में हारने वाला पक्ष चुपचाप विपक्ष में नहीं बैठेगा, बल्कि सड़कों पर उतर सकता है।

वे धांधली और गड़बड़ी के आरोप लगाएंगे। अगर चुनाव आयोग मजबूत और स्वतंत्र नहीं हुआ, तो इन आरोपों की जांच करने वाला कोई भरोसेमंद तंत्र नहीं होगा। इससे सरकार और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ेगा—सरकार दफ्तरों में और विपक्ष सड़कों पर—और देश में लगातार अस्थिरता बनी रहेगी।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस स्थिति पर नजर रख रहा है। बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था काफी हद तक विदेशों पर निर्भर है, खासकर यूरोप और अमेरिका को होने वाले कपड़ा निर्यात पर। विदेशी देश उसी सरकार के साथ मजबूत संबंध रखते हैं, जिसे जनता का स्पष्ट समर्थन मिला हो।

अगर चुनाव हिंसक या विवादित होते हैं, तो यूरोप और अमेरिका जैसे देश व्यापारिक रियायतों पर फिर से विचार कर सकते हैं। बांग्लादेश को अभी एलडीसी (अल्पविकसित देश) से आगे बढ़ने की प्रक्रिया से भी गुजरना है। ऐसे समय में राजनीतिक अस्थिरता उसके लिए मुश्किलें बढ़ा सकती है।

साथ ही, अगर देश जीएसपी+ जैसी व्यापारिक सुविधाएं पाना चाहता है, तो उसे स्थिर और जिम्मेदार शासन दिखाना होगा। अस्थिर माहौल विदेशी निवेश को भी हतोत्साहित करेगा।

इसलिए समाधान जल्दबाज़ी नहीं, बल्कि थोड़ा धैर्य है। अगर छह महीने से एक साल तक का समय लेकर सभी राजनीतिक दलों, नागरिक समाज और अन्य संस्थाओं के बीच सहमति बनाई जाए, तो चुनाव ज्यादा भरोसेमंद हो सकते हैं।

अगर पहले नियम तय कर लिए जाएं और फिर चुनाव कराया जाए, तो बाद में विवाद की संभावना कम होगी। इससे लोगों का गुस्सा भी शांत होगा और राजनीति व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ सकेगी।

चुनाव में थोड़ी देरी करना अलोकतांत्रिक नहीं है, अगर उसका उद्देश्य व्यवस्था को मजबूत करना हो। लोकतंत्र सिर्फ एक तारीख तय करने का नाम नहीं है, बल्कि भरोसा बनाने की प्रक्रिया है।

बांग्लादेश के पास मौका है कि वह पुरानी टकराव वाली राजनीति से बाहर निकले। लेकिन इसके लिए उसे जल्दी समाधान की जगह लंबी और कठिन प्रक्रिया अपनानी होगी।

यहां तेज़ी नहीं, स्थिरता ज़्यादा जरूरी है। लक्ष्य ऐसा चुनाव होना चाहिए जो सत्ता के सवाल को हमेशा के लिए शांत करे—न कि एक नए संघर्ष की शुरुआत करे।

Tags: BangladeshDhakaElection CommissionInterim Governmentparliamenttrade exposureबांग्लादेशलोकतांत्रिक व्यवस्थासरकार दफ्तरों
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

कानपुर एचडीएफसी विवाद: ‘मैं ठाकुर हूं’ वीडियो पर सफाई, कर्मचारी ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

अगली पोस्ट

1913 में दलाई लामा की घोषणा: तिब्बत की स्वतंत्रता और चीन के दावे की चुनौती

संबंधित पोस्ट

बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा
समीक्षा

बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

18 September 2026

पुस्तक का नाम: कथा रूप: बलिदानी हेमू कालानी लेखक: किशोर कान्त प्रकाशक: सुरुचि प्रकाशन, नई दिल्ली पृष्ठ: 99 मूल्य: 149 प्रिंट भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का...

वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ
मत

वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

4 September 2026

आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी है। आज के दिन हम प्रायः श्रीकृष्ण के बालरूप को याद करते हैं। माखन चुराने वाले नटखट कान्हा, मुरली बजाने वाले गोप...

हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्
ज्ञान

हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

4 September 2026

हिन्दवः सोदराः सर्वे, न हिन्दूः पतितो भवेत् मम दीक्षा हिन्दू रक्षा, मम मन्त्रः समानता यही वह भाव है, जिसके साथ विश्व हिन्दू परिषद् की स्थापना...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

The Su-57 Question: Is India Taking a Huge Risk by Waiting for AMCA only ? IAF | Stealth fighter

The Su-57 Question: Is India Taking a Huge Risk by Waiting for AMCA only ? IAF | Stealth fighter

00:05:37

Beginning Of Saudi Arabia's End ? A Case Study...

00:16:00

₹2 Crore Film, ₹143 Crore Hit: The ‘Hanuman Ansh’ Box Office Shock

00:02:46

Who Is Major Rishabh Sambhyal? The Army Officer Who Became a Social Media Sensation

00:03:34

The Missing 54: What Happened to India’s Soldiers After the 1965 & 1971 Wars | POW | Indo-Pak

00:04:43
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited