TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    कॉकरोच जनता पार्टी

    ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नाम पर साइबर जाल, व्हाट्सऐप मैसेज से लोगों को ठगने की कोशिश, पुलिस अलर्ट

    प्रेमानंद की अपील

    प्रेमानंद की अपील- मैं रहूं न रहूं, हमेशा साथ रहूंगा:मेरी चिंता छोड़िए, श्रीजी का ध्यान लगाइए; तबीयत बिगड़ने के बाद 9 दिन से पदयात्रा बंद

    पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह की हो सकती है राज्यसभा में एंट्री; क्या केंद्र की राजनीति में बड़ी भूमिका देगी बीजेपी?

    पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह की हो सकती है राज्यसभा में एंट्री; क्या केंद्र की राजनीति में बड़ी भूमिका देगी बीजेपी?

    CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!

    CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    मोदी सरकार का ‘स्मार्ट बॉर्डर’ अभियान, अमित शाह ने घुसपैठ के खिलाफ पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमाओं को अभेद्य बनाने का वादा किया

    मोदी सरकार का ‘स्मार्ट बॉर्डर’ अभियान, अमित शाह ने घुसपैठ के खिलाफ पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमाओं को अभेद्य बनाने का वादा किया

    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सीजफायर के लिए कैसे मजबूर किया

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए कैसे मजबूर किया ?

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    Keral Muslim Leauge

    मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

    भोजशाला

    भोजशाला: इतिहास, आस्था और साक्ष्यों के बीच उभरता सत्य

    कोर्ट ने भोजशाला को 'वाग्देवी मंदिर' माना है और हिंदू पक्ष को वहां पूजा-अर्चना का पूरा अधिकार देने की बात कही।

    भोजशाला: इतिहास, संघर्ष और “विजेता भाव” की अनकही कहानी

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    कॉकरोच जनता पार्टी

    ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नाम पर साइबर जाल, व्हाट्सऐप मैसेज से लोगों को ठगने की कोशिश, पुलिस अलर्ट

    प्रेमानंद की अपील

    प्रेमानंद की अपील- मैं रहूं न रहूं, हमेशा साथ रहूंगा:मेरी चिंता छोड़िए, श्रीजी का ध्यान लगाइए; तबीयत बिगड़ने के बाद 9 दिन से पदयात्रा बंद

    पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह की हो सकती है राज्यसभा में एंट्री; क्या केंद्र की राजनीति में बड़ी भूमिका देगी बीजेपी?

    पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह की हो सकती है राज्यसभा में एंट्री; क्या केंद्र की राजनीति में बड़ी भूमिका देगी बीजेपी?

    CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!

    CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    मोदी सरकार का ‘स्मार्ट बॉर्डर’ अभियान, अमित शाह ने घुसपैठ के खिलाफ पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमाओं को अभेद्य बनाने का वादा किया

    मोदी सरकार का ‘स्मार्ट बॉर्डर’ अभियान, अमित शाह ने घुसपैठ के खिलाफ पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमाओं को अभेद्य बनाने का वादा किया

    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सीजफायर के लिए कैसे मजबूर किया

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए कैसे मजबूर किया ?

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    Keral Muslim Leauge

    मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

    भोजशाला

    भोजशाला: इतिहास, आस्था और साक्ष्यों के बीच उभरता सत्य

    कोर्ट ने भोजशाला को 'वाग्देवी मंदिर' माना है और हिंदू पक्ष को वहां पूजा-अर्चना का पूरा अधिकार देने की बात कही।

    भोजशाला: इतिहास, संघर्ष और “विजेता भाव” की अनकही कहानी

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जिंजी दुर्ग की विजय गाथा, जिसने मुग़ल साम्राज्य के पतन की नींव रखी

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
19 February 2020
in इतिहास
जिंजी दुर्ग की विजय गाथा, जिसने मुग़ल साम्राज्य के पतन की नींव रखी
Share on FacebookShare on X

कहते हैं अर्ध सत्य किसी भी समाज के लिए काफी घातक होता है। यह तथ्य हमारे भारतीय इतिहास पर भी अक्षरशः सिद्ध होती है। इस्लामी साम्राज्य को लेकर प्रतिचारित की गयी अनेक मिथ्याओं में एक ये भी असत्य प्रकाशित किया गया कि विजयनगर साम्राज्य के अधःपातन के पश्चात दक्षिण भारत पर यूरोपीय ताकतों के आने तक या तो बीजापुरी सल्तनत, या फिर मुगल साम्राज्य का ही आधिपत्य रहा है। परंतु एक कथा ऐसी भी है, जो न केवल इस भ्रम को झुठलाती है, अपितु यह भी सिद्ध भी करती है कि कैसे वीर मराठा सम्राट छत्रपति शिवाजी महाराज ने दक्षिण भारत को मुगलों और अन्य साम्राज्यवादियों के निषेधन से मुक्त कराया था।
आज छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती है। हर ओर बस प्रौढप्रताप पुरंदर क्षत्रिय कुलावतंस सिंहासनाधीश्वर, राजाधीराज छत्रपति शिवाजी राजे महाराज का ही गुण गान हो रहा है। आज जो कथा मैं सुनाने जा रहा हूँ वह कथा है जिंजी के अभेद्य दुर्ग पर विजय की। ये कथा है छत्रपति शिवाजी महाराज के उस विजय की, जिसे उनके अन्य अभियानों के जितना महत्व नहीं दिया, परंतु यह विजय उनकी अन्य विजयों से कम महत्वपूर्ण नहीं थी। जितनी महत्वपूर्ण पावन खिंड के युद्ध की विजय थी, जितनी महत्वपूर्ण सिंहगढ़ की विजय थी, उतना ही महत्वपूर्ण था जिंजी के दुर्ग पर मराठा योद्धाओं की विजय।

जिंजी का दुर्ग तमिलनाडु में दक्षिण आर्कोट जिले के उत्तर-पश्चिमी कोने में स्थित हैं। यह अभेद्य दुर्ग वर्षो से लगातार अनेकानेक राजवंशों के अनल्प युद्धों का साक्षी रहा है तब चाहे वो इस्लामी सल्तनत हो, या फ्रांसीसी साम्राज्य हो, या ब्रिटिश साम्राज्य ही क्यों न हो। जिंजी दुर्ग की सुरक्षा प्रकृतिक रूप से तीन पहाड़ियां – उत्तर में कृष्णागिरि, पश्चिम में राजगिरि और दक्षिण पूर्व में चंद्रयानदुर्ग करती हैं। राजगिरी के पहाड़ी पर राजा का किला स्थित है।

संबंधितपोस्ट

मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

मार्को रूबियो की ताजमहल फोटो पर कूटनीतिक ‘वार’, ईरान बोला- इतिहास पता होता तो यहाँ खड़े भी न होते!

धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण सम्मान, हेमा ने किया रिसीव, रो पड़ी बेटी अहाना

और लोड करें

इस दुर्ग कई शक्ति परिवर्तनों का शाला साक्ष्य रहा हैं। सर्वप्रथम इस पर कुरुम्बा प्रमुखों ने शासन किया था, उसके बाद जिंजी के नायकों ने विजयनगर साम्राज्य के राजराणक अथवा जागीरदार के रूप में शासन किया था। इसके बाद बीजापुर सल्तनत ने जिंजी को अपने अधीन कर लिया और फिर मराठों ने इस पर अपना अधिकार जताया। जिंजी किला काल-कालेषु अनेकों कसौटियों के सामने भव्यता के साथ खड़ा रहा और कई घटनाओं का साक्षी रहा। बाद में यह क्षेत्रीय दंतकथाओं और स्थानीय लोकगीतों के रूप में अमर हो गया।
जिंजी का दुर्ग विजयनगर साम्राज्य के आंतरिक कलह की भेंट चढ़ गया। जिंजी के नायक समेत, मदुरई और तन्जोर के शासक, विजयनगर साम्राज्य के सबसे शक्तिशाली जागीरदार थे। विजयनगर साम्राज्य के पतन के पश्चात् प्रभुत्व के लिए आपस में कई वर्षों तक चले युद्धों और डेक्कन सल्तनत से युद्ध के बाद तीनों ही राजा अत्यंत निर्बल हो चुके थे। इन युद्धों से हुई फूट ने इस्लामी आक्रमणों के लिए मार्ग प्रशस्त किया। इस क्रम में बीजापुर सल्तनत के रानादुल्लाह खान से अपनी पहली सफलता प्राप्त किया था। कई सालो से इन प्रान्तीय राजाओं में सत्ता के लिए हो रहे संघर्ष के बाद आखिरकार बीजापुर की सल्तनत ने जिंजी पर अपना अधिकार जमा लिया।

परंतु जिंजी के बद्ध दुर्ग पर जल्द ही छत्रपति शिवाजी महाराज की कृपादृष्टि पड़ी। छत्रपति शिवाजी महाराज को मराठा साम्राज्य के छत्रपति बने 3 वर्ष हो चुके थे, और इस समय तक उनके लगभग सभी विश्वासपात्र इस संसार से चले गए थे। पावन खिंड के युद्ध में बाजी प्रभु देशपांडे ने अपने प्राणों की आहुति दे दी थी, तो वहीं कोंढाणा दुर्ग को पुनः प्राप्त करने के युद्ध में वीर ताणाजी मालुसरे वीरगति को प्राप्त हुए थे। छत्रपति शिवाजी महाराज के विश्वासपात्रों में से एक प्रताप राव गूजर भी उनके राज्याभिषेक से कुछ महीने पहले ही वीरगति को प्राप्त हुए थे। इसके बाद भी छत्रपति शिवाजी महाराज ने हार नहीं मानी, और उन्होंने जिंजी दुर्ग को स्वाधीन कराने को अपना उद्देश्य बना लिया था।

यह अभियान छत्रपति शिवाजी महाराज के सबसे साहसिक अभियानों में से एक माना जाता है। यह प्रथम अवसर था जब शिवाजी महाराज अपने किले से इतनी दूर गए थे। उन्होंने पश्चिमी घाटों में स्थित रायगढ़ से दूर अपनी 50,000 सेना जिनमे 30,000 अश्वारोही और 20,000 पैदल सेना थी, उसे ले दक्षिणी मैदानों में कूच किया था।
एक प्रचलित कथन के अनुसार “शिवाजी ने 10,000 सैनिकों के साथ जिंजी के पास में चकरावती नदी के किनारे चकरापुरी में अपना डेरा डाला था और शीघ्र ही किले को अपने अधिकार में कर लिया था। कहा जाता है कि वे इंद्र के वज्र सदृश रिपुदल पर गिरे और प्रत्युत्तर से पूर्व ही आक्रमण में किले को अपने अधिकार में ले लिया।

शिवाजी महाराज के जिंजी की विजय पर जाने से पहले, रघुनाथ पंत ने रौफ खान और नजीर खान के साथ किले के आत्मसमर्पण के लिए एक गुप्त समझौता किया था और इसके बदले उन्हें धन और जागीरें प्रदान की गई थी। इस समझौते की योजना ने बीजापुर सल्तनत के लिए शिवाजी महाराज से मुकाबला करना और भी कठिन बना दिया था।

हिन्दवी स्वराज स्थापित करने के अपने स्वप्न में शिवाजी महाराज को कई हिंदुओं ने उनकी सहायता की जिसमे मदान्ना का योगदान उल्लेखनीय है। मदाना गोलकुंडा के कुतुब शाही सुल्तान के प्रधान मंत्री थे और शिवाजी के पक्ष में गठजोड़ कर शिवाजी की मदद भी की। इस तथ्य से भलीभाँति भिज्ञ होते हुए भी कि इस योजना से उनकी स्थिति और प्राण को खतरा हो सकता है, मदान्ना ने, कर्नाटक में एक हिंदू साम्राज्य की स्थापना करने के लिए अथक परिश्रम किया। इतिहासकार मार्टिन के शब्दों में, “मदान्ना का विचार यह था कि दक्षिण क्षेत्र के इस भाग को एक बार फिर हिंदुओं के वर्चस्व में आना चाहिए।”

जिंजी किले ने मराठा राज्य की सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और यह सब शिवाजी महाराज की दूरदृष्टि तथा मदान्ना और रघुनाथ पंत जैसे सहयोगियों के कारण संभव हुआ। रायगढ़ के पतन तथा संभाजी महाराज के परिवार को बन्दी बनाने के बाद, शिवाजी महाराज के दूसरे पुत्र राजा राम का राज्याभिषेक किया गया। उन्होंने अपने दरबारियों की सलाह पर रणनीतिक रूप मे जिंजी को राजधानी के रुप में स्वीकार किया।

जल्द ही राजा राम महाराज विशालगढ़ से जिंजी चले गए तथा ऐसा इसलिए किया गया ताकि मुगलों को एक बहुत बड़े रसद भंड़ार की रक्षा करनी पड़े, तथा मराठा सेना पर लगातार हमला कर, मुगल सेना को दुर्बल करने का अवसर मिले। भले ही जिंजी दुर्ग 18वीं शताब्दी के प्रारम्भ में आर्कट के नवाब के साम्राज्य का हिस्सा बन गया, परंतु मराठा साम्राज्य द्वारा प्रज्वलित स्वराज की ज्योति अनवरत जलती रही। दुर्ग के अधिपति एवं बुंदेला राजपूत राजा तेज सिंह, जिन्हें कुछ लोग दे सिंह के नाम से भी जानते थे, उन्होनें 1715 में नवाब सदातुल्लाह खान के विरुद्ध विद्रोह का बिगुल फूंका। हालांकि युद्ध में वे वीरगति को प्राप्त हुई, परंतु उनके शौर्य के प्रभाव से जिंजी दुर्ग पर आर्कट और अन्य साम्राज्यवादियों की पकड़ क्षीण पड़ गयी, और ब्रिटिश साम्राज्य के आने तक यह दुर्ग उनके प्रभाव से मुक्त रहा। जिंजी किले को हमेशा मराठा साम्राज्य के रणनीतिक कौशल और उसके प्रभाव के लिए याद किया जाएगा।

जिंजी दुर्ग के विजय के प्रभाव के बारे में जुलाई 1678 में आंद्रे फ्र्रेयर का जेसुइट पत्र, छत्रपति शिवाजी महाराज की जिंजी विजय व अन्य विजयों के अभिलेखों की पुष्टि करता है, तथा उनके द्वारा की गई किलेबंदी का भी वर्णन करता है। पत्र के अनुसार शिवाजी महाराज ने जिंजी किले को मजबूत करने के लिए हर सम्भव प्रयास किया था। उसके आस-पास गहरी और चौड़ी खाई के साथ किले की दीवारों का भी निर्माण किया गया था। किले को और विक्रान्त तथा बलिन् बनाया गया था और इसके चारों ओर लंबी घेराबंदी भी की गई।
जुलाई 1678 के जेसुइट पत्र से संबंधित प्रासंगिक निष्कर्ष ऐसा वर्णित करते हैं-

“छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपने मस्तिष्क की सम्पूर्ण शक्ति और अपने प्रभुत्व के सभी संसाधनों का उचित तरीके से प्रयोग करते हुए, अपने सभी प्रमुख स्थानों की किलेबंदी करवा दी और उन्होंने जिंजी के आसपास के सभी क्षेत्रों में नए बांधों का निर्माण भी करवाया, इसके साथ-साथ छत्रपति शिवाजी महाराज ने खाई खोदवाने और स्तम्भों को खड़ा करवाने आदि सभी कार्यों को ऐसी दक्षता के साथ को कार्यान्वित किया, कि यूरोपीयन भी शर्मिदा हो जाए।

उपरोक्त लेखों से यह स्पष्ट है कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने किले को एक आधुनिक किले के रुप में रूपांतरित किया और इस प्रक्रिया में व्यक्तिगत रुचि दिखाते हुए सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया। छत्रपति शिवाजी महाराज महाराज दूरदर्शी थे और उनके इस कदम के पीछे के रणनीतिक उद्देश्य का वर्णन करते हुए सीवी वैद्य लिखते हैं कि “यह विचित्र नहीं है कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने, अपने उन्नत ज्ञान और उच्च राजनीतिक तथा सैन्य प्रतिभा से यह अनुमान लगा लिया था कि उनका औरंगजेब के साथ जीवन-मृत्यु का संघर्ष अपरिहार्य था और दूर दक्षिण में जिंजी जैसा एक मजबूत और व्यापक किला, पन्हाला और रायगढ़ छिन जाने की सम्भावना में भी, एक आखिरी गढ के रुप में साहाय्य हो सकता है।”

ये कथा थी मराठा साम्राज्य के शौर्य और पराक्रम की, ये कथा थी मदान्ना के हिन्दुत्व रक्षा की। ये कथा थी छत्रपति शिवाजी महाराज के साहस, शौर्य, दूरदर्शिता, दक्षता और हिंदवी स्वराज्य के लिए उनके धर्मयुद्ध की।
नमस्कार। जय हिन्द। जय शिवाजी। जय भवानी।

शेयर53ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

‘न्‍यायपालिका को पहले अपने घर को दुरुस्‍त करना चाहिए’, के के वेणुगोपाल ने न्यायपालिका को दिखाया आईना

अगली पोस्ट

“दिमाग खुला रखो, फिर बात करो”, भारत विरोधी तत्वों से निपटने के लिए जयशंकर का तगड़ा फॉर्मूला

संबंधित पोस्ट

Keral Muslim Leauge
इतिहास

मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

19 May 2026

1947 मे भारत के विभाजन के जो अनेक कारक (factors) रहे, उनमे मुस्लिम लीग प्रमुख हैं। मुस्लिम लीग ने ही अलग मुस्लिम राष्ट्र की मांग...

भोजशाला
इतिहास

भोजशाला: इतिहास, आस्था और साक्ष्यों के बीच उभरता सत्य

19 May 2026

हाल ही में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर बेंच ने धार स्थित भोजशाला के विवाद को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है। इस निर्णय में...

कोर्ट ने भोजशाला को 'वाग्देवी मंदिर' माना है और हिंदू पक्ष को वहां पूजा-अर्चना का पूरा अधिकार देने की बात कही।
इतिहास

भोजशाला: इतिहास, संघर्ष और “विजेता भाव” की अनकही कहानी

16 May 2026

जब किसी आक्रांता ने किसी मंदिर को तोड़ा होगा, तब शायद उसे यह विश्वास रहा होगा कि उसने केवल पत्थर नहीं गिराए, बल्कि एक सभ्यता...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited