TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अमेरिका का ट्रेड वॉर: संभावनाएं और दुष्परिणाम

आज अमेरिका स्वयं भी आपूर्ति श्रृंखला संकट, महँगाई और बेरोज़गारी से जूझ रहा है। ऐसे में भारत जैसे लोकतांत्रिक और उदार राष्ट्रों के साथ टैरिफ युद्ध छेड़ना केवल आत्मघाती ही नहीं, अपमानजनक भी है।

Dr. Raghvendra Pratap Singh द्वारा Dr. Raghvendra Pratap Singh
8 August 2025
in AMERIKA, अर्थव्यवस्था, चर्चित, भू-राजनीति, विश्व, व्यापार
Amid Trump's tarrif Putin will visit India soon

ट्रम्प के भारत पर टैरिफ के बीच पुतिन ने भारत आने पर सहमति जताई है

Share on FacebookShare on X

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वैश्विक समुदाय के साथ ट्रेड के संबंध में रूखा रवैया अमेरिकी अर्थव्यवस्था को उसके पतन की ओर ले जाएगा ऐसा कहने के पीछे मेरे पास कई उदाहरण हैं और कई प्रमाण हैं, 1930 से लेकर के अभी हाल फिलहाल तक में जितने भी ट्रेड से संबंधित विवाद हुए हैं या फिर ट्रेड वॉर हुए हैं उनमें हमेशा से समझौता ही आखिरी विकल्प रहा है। वैश्विक समुदाय और वैश्विक राजनीति की अगर बात करें तो लगभग हर देश ने यह समझौता कभी न कभी किसी न किसी से अवश्य किया है, यह समझौता अमेरिका ने किया है, यह समझौता यूरोप ने किया है, यह समझौता एशिया ने किया है, यह समझौता वैश्विक समुदाय के लगभग हर एक समझदार राष्ट्र ने किया है, क्योंकि हर एक सरकार को उसकी जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए उसकी जरूरतों को पूरा करने के लिए कुछ नियम बनाने पड़ते हैं, एवं  उन नियमों को ईमानदारी से लागू करना होता है, जरूरत पड़ने पर उनमें कुछ ढील भी देनी पड़ती है, इन्हीं नियमों को आज ट्रंप अमेरिका की बख्शीश समझ रहे हैं, जिसे अमेरिका हर किसी को बांटता फिर रहा है। ट्रंप जो गलती कर रहे हैं उनके पहले भी कई लोगों ने ऐसी गलतियां की है और फिर थक हार के उन्होंने अपनी गलतियों को बहुत कुछ गंवाने के बाद सुधारा भी है। विश्व व्यापार की नाव एक बार फिर उस भँवर में फँसी प्रतीत होती है जहाँ से बहुपक्षीय विश्वास की दिशा में बढ़ती वैश्विक व्यवस्था को झटका लगा है। अमेरिका की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के तहत भारत पर लगाया गया 24–25% आयात शुल्क केवल एक आर्थिक निर्णय नहीं है, बल्कि यह एक वैचारिक दंभ का प्रतीक है, जो सहयोग की बजाय प्रतियोगिता और व्यापारिक स्वार्थ को प्राथमिकता देता है। परंतु भारत न तो इस आर्थिक दबाव से विचलित होगा, न ही नीति-निर्माण की दिशा से डिगेगा। भारत का उत्तर एक सधी हुई रणनीति है—संतुलित, आत्मनिर्भर और वैश्विक उत्तरदायित्व से युक्त। वर्ष 2025 में अमेरिका द्वारा भारत के खिलाफ लगाए गए टैरिफ का औपचारिक कारण भारत द्वारा रूस से रियायती दरों पर तेल की खरीद बताया गया। इसके तहत अमेरिका ने भारत के प्रमुख निर्यात क्षेत्रों जैसे वस्त्र, रत्न-आभूषण, ऑटो पार्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और इंजीनियरिंग सामानों पर लगभग 25 प्रतिशत शुल्क लगा दिया। इससे भारत के करीब 40 अरब डॉलर मूल्य के वार्षिक निर्यात पर सीधा प्रभाव पड़ने की आशंका व्यक्त की गई है। इस निर्णय का सर्वाधिक प्रभाव भारत के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों पर पड़ सकता है, जिनमें लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से रोजगार मिला हुआ है। लुधियाना, सूरत, तिरुपुर, नोएडा, पुणे और चेन्नई जैसे औद्योगिक केंद्र इस नीति से सर्वाधिक प्रभावित होंगे।

हालाँकि यह कोई पहली बार नहीं हुआ है जब किसी महाशक्ति ने इस प्रकार का व्यापारिक हथकंडा अपनाया हो। वर्ष 1930 में अमेरिका ने स्मूट-हॉले टैरिफ कानून लागू करते हुए हजारों आयातित वस्तुओं पर टैरिफ बढ़ा दिया था। परिणामस्वरूप वैश्विक व्यापार 66 प्रतिशत तक घट गया और महामंदी गहराती गई। यही संरक्षणवाद वर्ष 2018 से 2020 के बीच अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध में भी देखने को मिला, जब दोनों देशों ने एक-दूसरे के उत्पादों पर भारी शुल्क लगा दिए। इससे तकनीक, कृषि और उपभोक्ता वस्तुओं की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला टूट गई। इस अशांति का लाभ भारत, वियतनाम और बांग्लादेश जैसे देशों को मिला, लेकिन वैश्विक निवेशकों के मन में अस्थिरता और भय भी उत्पन्न हुआ। वर्ष 2019 में जापान और दक्षिण कोरिया के बीच हुआ ट्रेड विवाद भी उल्लेखनीय है, जिसमें जापान ने सेमीकंडक्टर के कच्चे माल के निर्यात पर नियंत्रण लगा दिया था। इस निर्णय से दक्षिण कोरियाई कंपनियाँ जैसे सैमसंग और हाइनिक्स प्रभावित हुईं, किंतु दीर्घकालिक दृष्टि से कोरिया ने आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए।

संबंधितपोस्ट

वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस: ट्रम्प टैरिफ़ के बीच युवाओं पर क्यों हैं देश की नजर ?

पार्टी से पहले देश: ट्रंप टैक्स विवाद में मनीष तिवारी ने मोदी सरकार का समर्थन किया

और लोड करें

इन ऐतिहासिक उदाहरणों से स्पष्ट होता है कि व्यापार युद्ध में कोई स्थायी विजेता नहीं होता, बल्कि अंततः सभी पक्ष किसी न किसी प्रकार से आर्थिक और सामाजिक क्षति उठाते हैं। भारत के सामने यह चुनौती भी है और अवसर भी। भारत को इस समय अपनी रणनीति को बहुआयामी बनाना होगा। सबसे पहले उसे अपने निर्यात के गंतव्यों का विविधीकरण करना होगा। अमेरिका पर अत्यधिक निर्भरता को कम करते हुए यूरोपीय संघ, अफ्रीकी देशों, खाड़ी सहयोग परिषद और ASEAN देशों के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय व्यापार समझौतों को गति देनी चाहिए। इसके साथ ही “ब्रांड इंडिया” की अवधारणा को सशक्त बनाते हुए केवल सस्ते उत्पाद नहीं, बल्कि गुणवत्ता और नवाचार आधारित मूल्यवर्धित वस्तुएँ वैश्विक बाज़ार में प्रस्तुत करनी होंगी।

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत को अपनी आवाज़ को मजबूती से रखना होगा। यदि अमेरिका का यह निर्णय विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों का उल्लंघन करता है, तो भारत को कानूनी दृष्टिकोण से प्रतिवाद करना चाहिए। साथ ही G20, BRICS जैसे बहुपक्षीय मंचों पर नैतिक और राजनीतिक दबाव बनाकर वैश्विक समर्थन जुटाना भी आवश्यक होगा। घरेलू स्तर पर ‘मेक इन इंडिया’, ‘आत्मनिर्भर भारत’, PLI योजनाओं और स्टार्टअप ईकोसिस्टम को नई ऊर्जा देने की आवश्यकता है ताकि भारत का उत्पादन वैश्विक प्रतिस्पर्धा में टिक सके। तकनीकी नवाचार और लॉजिस्टिक सुधारों के माध्यम से भारत न केवल लागत घटा सकता है, बल्कि समय और गुणवत्ता में भी उत्कृष्टता प्राप्त कर सकता है।

रोजगार की दृष्टि से सरकार को उन क्षेत्रों में कौशल विकास, पुनः प्रशिक्षण और बीमा योजनाओं को लागू करना होगा जहाँ टैरिफ के कारण मांग में गिरावट आने की आशंका है। यह सामाजिक असंतोष को रोकने में भी सहायक होगा। इन सब रणनीतियों के साथ भारत सरकार ने जिस प्रकार संयम और धैर्य से यह संकट संभाला है, वह प्रशंसनीय है। भारत ने किसी प्रकार की उत्तेजक प्रतिक्रिया नहीं दी, बल्कि विदेश मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय और नीति आयोग के सहयोग से बहुपक्षीय रणनीति तैयार की, जिसमें WTO में कानूनी समीक्षा, वैकल्पिक बाजारों की खोज, राहत पैकेज और MSME नीतियों का पुनर्गठन शामिल है।

इसके उलट ट्रंप प्रशासन की व्यापारिक नीति एकपक्षीय, आक्रामक और अस्थिर रही है। उन्होंने न केवल भारत बल्कि चीन, यूरोप और कनाडा जैसे सहयोगी देशों पर भी व्यापारिक प्रतिबंध लगाए, जिससे अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय छवि को धक्का पहुँचा है। इस नीति से न तो अमेरिका के उपभोक्ताओं को राहत मिली, न ही वहाँ के उद्योगों को दीर्घकालिक लाभ हुआ। आज अमेरिका स्वयं भी आपूर्ति श्रृंखला संकट, महँगाई और बेरोज़गारी से जूझ रहा है। ऐसे में भारत जैसे लोकतांत्रिक और उदार राष्ट्रों के साथ टैरिफ युद्ध छेड़ना केवल आत्मघाती ही नहीं, अपमानजनक भी है।

भारत को इस पूरे परिदृश्य को एक अवसर के रूप में देखना चाहिए। संकट का उत्तर रणनीति और साहस से देना भारत की परंपरा रही है। यदि भारत आंतरिक आर्थिक ढाँचे को मज़बूत करे, वैश्विक मंचों पर नेतृत्व करे, और नवाचार को नीति का हिस्सा बनाए, तो वह निश्चित रूप से आने वाले वर्षों में विश्व व्यापार के संतुलन का नया ध्रुव बन सकता है। अमेरिका की व्यापारिक आक्रामकता के विरुद्ध भारत की शांत, संयमित और संतुलित नीति ही उसका सबसे सशक्त उत्तर सिद्ध होगी। यह लेख इस विश्वास को पुनः पुष्ट करता है कि भारत न केवल उभरता हुआ बाज़ार है, बल्कि वह अब वैश्विक नीति निर्धारण की मेज पर निर्णायक शक्ति भी बन चुका है।

Tags: Donald Trump and ModiGeo-PoliticsIndia Trade WarTerrif Politicsterrifictrade warWTO
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

हरियाणा में हिन्दुओं के मुकाबले तेजी से बढ़ रहे मुसलमान, जानें सीएम ने की क्या अपील

अगली पोस्ट

दिल्ली के रेस्टोरेंट में भारतीय कपड़ों में एंट्री नहीं, वीडियो वायरल : जानें, सीएम ने क्या दिया आदेश

संबंधित पोस्ट

PSC-JSSC समेत विभिन्न मांगों को लेकर छात्र आंदोलन 20वें दिन
Uncategorized

PSC-JSSC समेत विभिन्न मांगों को लेकर छात्र आंदोलन 20वें दिन भी जारी, प्रेम नायक का अनशन 11वें दिन पहुंचा

13 August 2026

रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में PSC-JSSC समेत विभिन्न मांगों को लेकर छात्रों का आंदोलन गुरुवार को 20वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारी छात्र...

मानसून सत्र खत्म, किरेन रिजिजू ने बताया
चर्चित

मानसून सत्र खत्म, किरेन रिजिजू ने बताया- राज्यसभा की उत्पादकता 39% और लोकसभा की 19%

13 August 2026

संसद का मानसून सत्र खत्म होने के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सत्र के कामकाज की जानकारी दी। उन्होंने...

लाल किले के पास नवंबर 2025 में हुए धमाके के घटनास्थल और जांच के बाद की तस्वीरें
चर्चित

लाल किले के पास नवंबर 2025 धमाका: UN रिपोर्ट में AQIS का नाम, 11 लोगों की हुई थी मौत

13 August 2026

दिल्ली के लाल किले के पास नवंबर 2025 में हुए धमाके को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की नई रिपोर्ट में बड़ा दावा किया...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Kargil From the Sky: Inside IAF’s Operation Safed Sagar

Kargil From the Sky: Inside IAF’s Operation Safed Sagar

00:05:36

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

00:05:03

Beyond S-400: Why India's Indigenous Kusha Missile Could Change Air Defence

00:03:42

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

00:32:39

INS NIPUN: MEET INDIA’S NEW DSV

00:03:05
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited