TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी बोले– विध्वंस नहीं, यह भारत की आत्मा का पुनर्जागरण

    सोमनाथ 1000 वर्ष: मोदी ने कहा– आस्था को नष्ट नहीं किया जा सकता

    बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    असहिष्णुता की हिंसा: बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    भारत के मौलिक अधिकारों की जड़ें

    मौलिक अधिकार: पश्चिमी नहीं, भारतीय ज्ञान परंपरा की देन

    राजनीतिक संकट और हिंसा के बीच बांग्लादेश की सड़कें तनावपूर्ण

    1971 कोई विकल्प नहीं: राष्ट्र की स्थापना की स्मृति और इतिहास के कमजोर पड़ने का खतरा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    शिप बेस्ड ISBM लॉन्च के पाकिस्तान के दावे में कितना दम है

    पाकिस्तान जिस SMASH मिसाइल को बता रहा है ‘विक्रांत किलर’, उसकी सच्चाई क्या है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा

    क्या अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा है? मिनियापोलिस ICE गोलीबारी से उठते सवाल

    लश्कर शिविर में दिखा हमास का नाजी ज़हीर

    पाकिस्तान में आतंकी नेटवर्क का खुलासा: लश्कर शिविर में दिखा हमास का नाजी ज़हीर

    ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है

    वेनेज़ुएला जैसा प्रयोग ईरान में? अमेरिका की रणनीति पर सवाल

    ट्रंप के दावे बनाम हकीकत

    अपाचे सौदे पर ट्रंप के दावे बनाम हकीकत: भारत ने दिखाया सच का आईना

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी बोले– विध्वंस नहीं, यह भारत की आत्मा का पुनर्जागरण

    सोमनाथ 1000 वर्ष: मोदी ने कहा– आस्था को नष्ट नहीं किया जा सकता

    बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    असहिष्णुता की हिंसा: बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    भारत के मौलिक अधिकारों की जड़ें

    मौलिक अधिकार: पश्चिमी नहीं, भारतीय ज्ञान परंपरा की देन

    राजनीतिक संकट और हिंसा के बीच बांग्लादेश की सड़कें तनावपूर्ण

    1971 कोई विकल्प नहीं: राष्ट्र की स्थापना की स्मृति और इतिहास के कमजोर पड़ने का खतरा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    शिप बेस्ड ISBM लॉन्च के पाकिस्तान के दावे में कितना दम है

    पाकिस्तान जिस SMASH मिसाइल को बता रहा है ‘विक्रांत किलर’, उसकी सच्चाई क्या है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा

    क्या अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा है? मिनियापोलिस ICE गोलीबारी से उठते सवाल

    लश्कर शिविर में दिखा हमास का नाजी ज़हीर

    पाकिस्तान में आतंकी नेटवर्क का खुलासा: लश्कर शिविर में दिखा हमास का नाजी ज़हीर

    ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है

    वेनेज़ुएला जैसा प्रयोग ईरान में? अमेरिका की रणनीति पर सवाल

    ट्रंप के दावे बनाम हकीकत

    अपाचे सौदे पर ट्रंप के दावे बनाम हकीकत: भारत ने दिखाया सच का आईना

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

राजदीप, रविश और सुधीर चौधरी- जाने कैसे तीनों पत्रकारों ने दिल्ली हिंसा की ग्राउंड रिपोर्टिंग की!

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
27 February 2020
in चर्चित
सुधीर चौधरी
Share on FacebookShare on X

सीएए विरोध के नाम पर शाहीन बाग को दोहराने का प्रयास देखते ही दखते ही हिंसक हो गया, जिसकी चपेट में पूर्वोत्तर दिल्ली के कई इलाके आये हैं। इस हिंसा में दिल्ली पुलिस के एक हेड कांस्टेबल समेत 35 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं और 250 से ज़्यादा लोग घायल हो चुके हैं। परंतु जिस तरह से पत्रकारों ने इस घटना और इससे जुड़े तथ्यों को कवर किया है, उससे दो विचारधाराएँ स्पष्ट दिखाई दे रही हैं। एक तरफ जहां सुधीर चौधरी जैसे पत्रकार अपने कर्तव्य का पालन कर पत्रकारिता की एक नई मिसाल पेश कर रहें है, तो वहीं दूसरी तरफ रवीश कुमार, राजदीप सरदेसाई जैसे पत्रकार ऐसी स्थिति में भी अपने घृणित एजेंडे से बाज़ नहीं आ रहे हैं।

दरअसल, सुधीर चौधरी ने हाल ही में पूर्वोत्तर दिल्ली से संबन्धित दंगों की कवरेज करते हुए दंगा ग्रस्त इलाकों का दौरा किया। यहां उन्होंने बेहद संवेदनशीलता के साथ बिना किसी लाग लपेट के मामले की रिपोर्टिंग की। उनके एक ट्वीट से उनकी पत्रकारिता साफ झलक रही थी, जहां उन्होंने स्पष्ट रूप से बताया, “दिल्ली के दंगों पर अपनी ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान मैंने किसी भी श्रोता का नाम नहीं पूछा। सभी इस त्रासदी में पीड़ित थे। और आपको एक दंगा पीड़ित का नाम क्यों पूछना है? अपनी कुत्सित राजनीति के लिए?” –

संबंधितपोस्ट

सुधीर चौधरी ‘आज तक’ पहुंचे तो अजीत अंजुम समेत वामपंथियों की छाती पर सांप लोट गया!

सुधीर का जमीन जिहाद शो सच साबित हुआ, एक पाकिस्तानी ने 480 एकड़ जमीन कश्मीर में खरीद ली है

मणि शंकर अय्यर और NDTV की तरह न बर्ताव करें- RW पत्रकारों को जनादेश का सम्मान करना चाहिए

और लोड करें

During my ground reporting on #DelhiRiots I did not ask any interviewee’s name to suggest their caste and religion.For us everyone was a victim with equal rights and equal pain.Why do you want to know the name of a riot victim?Simply to play politics&send an adulterated dispatch? pic.twitter.com/ByT62hNTiI

— Sudhir Chaudhary (@sudhirchaudhary) February 27, 2020

दंगों में इंटेलिजेंस ब्यूरो के एक अफसर अंकित शर्मा की हत्या के बारे में जब सुधीर सच जानने के लिए मृत अंकित के परिवार से मिले, तो भी उन्होंने कोई भी ऐसा प्रश्न नहीं पूछा, जिससे पत्रकारिता कम और अवसरवादिता ज़्यादा लगे। उन्हीं के एक अन्य ट्वीट के अनुसार, “मैं अंकित शर्मा के घर गया लेकिन उसकी माँ का दर्द देखकर मेरे होंठ जैसे सिल गए। मैं उनसे कुछ भी नहीं कह पाया। बस वहां खड़ा रह गया और फिर चुपचाप वापस चला आया।”

मैं अंकित शर्मा के घर गया लेकिन उसकी माँ का दर्द देख कर मेरे होंठ जैसे सिल गए। मैं उनसे कुछ भी नहीं कह पाया। बस वहाँ खड़ा रह गया और फिर चुप चाप वापस चला आया । https://t.co/OcNT0VlxNE

— Sudhir Chaudhary (@sudhirchaudhary) February 27, 2020

आज मैं IB कर्मचारी अंकित शर्मा के घर गया।अंकित के भाई ने उसकी हत्या के लिए AAP के नेता ताहिर हुस्सैन का नाम लिया है।अगर सच सुनने की हिम्मत है तो ये बयान सुन लीजिए और फिर फ़ैसला कीजिए।#DangeKaSachOnZee pic.twitter.com/xp6Jk629We

— Sudhir Chaudhary (@sudhirchaudhary) February 26, 2020

 

सुधीर चौधरी उन चंद पत्रकारों में शामिल हैं, जो सस्ती लोकप्रियता के लिए पत्रकारिता का सौदा नहीं करते। भले ही 2000 रुपये के नोट पर उनके विचार विवाद का विषय बने हों, परंतु उनकी पत्रकारिता पर कम ही संदेह किया जा सकता है। ये वही सुधीर चौधरी हैं, जिन्होंने उस समय बंगाल के दंगों पर प्रकाश डाला था, जब कोई मीडिया हाउस इसे कवर करने की हिम्मत नहीं कर रहा था। ये वही सुधीर चौधरी हैं, जिन्होंने कठुआ केस में वामपंथियों की कुटिल नीतियों का भंडाफोड़ करते हुए विशाल जंगोत्रा को न केवल निर्दोष सिद्ध कराया, अपितु उसे रिहा करवाने में भी एक अहम भूमिका निभाई।

परंतु दूसरी ओर रवीश कुमार और राजदीप सरदेसाई जैसे पत्रकारों ने अपनी पत्रकारिता से सिद्ध कर दिया कि वे क्यों जनता में उपहास के पात्र बनते हैं। दंगों में ये स्पष्ट हो चुका है कि किस संप्रदाय के लोगों ने उत्पात मचाया है, किस समुदाय ने सबसे ज़्यादा गोलियां चलायी है, परंतु इससे रवीश कुमार को क्या? उनके लिए एजेंडा ऊंचा रहे हमारा। यहाँ पर ही इस पत्रकार ने अपनी घृणित और कुत्सित मानसिकता का परिचय देते हुए हिन्दू आतंकवाद का सिद्धान्त प्रचारित करने का प्रयास किया। रवीश के अनुसार दंगों में पकड़े जाने वाला आतंकी मोहम्मद शाहरुख नहीं, बल्कि अनुराग मिश्रा है, और ये हिन्दू आतंकवाद का परिचायक है। विश्वास नहीं होता तो इस वीडियो को देख लीजिये –

Astounding how Ravish Kumar can spread such blatant lies, defame an innocent Hindu man and get away with this. @IndEditorsGuild will do NOTHING in this case. pic.twitter.com/ZHu2cXOy3B

— Shefali Vaidya. 🇮🇳 (@ShefVaidya) February 27, 2020

परंतु जल्द ही इस झूठ का पर्दाफाश हो गया और सोशल मीडिया पर रवीश कुमार को यूजर्स ने जमकर धोया। स्वयं अनुराग मिश्रा ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए न सिर्फ इन अफवाह फैलाने वाले लोगों को लताड़ा, बल्कि रवीश कुमार को कोर्ट तक घसीटने की भी बात कही।

Anurag Mishra is not the man who opened fire in Delhi's Jafrabad when violence ensued there on February 24, 2020. Mishra's photos are being shared widely with this false claim. https://t.co/BJwge5dotm

— Times Fact Check (@timesfactcheck) February 27, 2020

परंतु रवीश कुमार अकेले नहीं थे। राजदीप सरदेसाई भी गिद्ध की भांति इन दंगों में लाभ कमाने का जरिया ढूंढ रहे थे। राजदीप के इरादे उनके एक ट्वीट से स्पष्ट झलकते हैं, जिसमें वो लिखते हैं, “दंगे में 35 लोग मारे गए हैं पर दक्षिणपंथी इंटरनेट आर्मी के लिए केवल अंकित शर्मा मायने रखता है क्योंकि शक की सुई आम आदमी पार्टी पार्षद ताहिर हुसैन पर है। जिस दिन हम हर मुस्लिम या हिन्दू पीड़ित के लिए न्याय की मांग करेंगे, उस दिन एक नया और बेहतर भारत बनेगा।”

35 people have died in riots till now; but for RW Internet army, only Ankit Sharma matters because needle of suspicion is on AAP councillor, Tahir Hussain. The day we seek justice for each and every innocent victim of riots, Hindu or Muslim, we will build a ‘new’ better India!

— Rajdeep Sardesai (@sardesairajdeep) February 27, 2020

परंतु राजदीप की पोल खुलने में ज़्यादा समय भी नहीं लगा। सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हीं के कवरेज के क्लिप्स दिखाते हुए राजदीप के ढोंग को पूरी तरह उजागर कर दिया। एक यूजर ने इंडिया टुडे की कवरेज रिपोर्ट की, जिसमें राजदीप दंगा ग्रस्त इलाकों के निवासियों से पूछताछ कर रहे थे। जहां निवासियों ने बताया कि कैसे बाहरी गुंडों ने इलाके में आकर गुंडई शुरू की, तो वहीं कपिल मिश्रा की भूमिका पर निवासियों ने जमकर राजदीप को लताड़ा, और हर बार पूछे जाने पर एक ही जवाब था, “कपिल मिश्रा की दंगा भड़काने में कोई भूमिका नहीं थी।”

Rajdeep was asking every one "Is @KapilMishra_IND Responsible for this?"

Now When their are clear proof against AAP Corporator Tahir Hussain he is saying why only Target Tahir Hussain

Not wonder this dalla was dancing on AAP's victory
https://t.co/zdmLSnwbkr

— Prakash (@Gujju_Er) February 27, 2020

एक अन्य यूजर ने राजदीप के डिलीटेड ट्वीट को सामने शेयर करते हुए पूछा, “राजदीप, यह दोहरा मापदंड क्यों? कट्टरपंथी ने धमका दिया, इसलिए?” –

ये ट्वीट को डिलेट क्यों किया राजदिप..?
शांतिप्रिय ने घमकी दी इसलिये..? pic.twitter.com/FNClgbjRbw

— शिवोहम (@MP_1476) February 27, 2020

पूर्वोत्तर दिल्ली में भड़के दंगों ने एक बार फिर सिद्ध किया है कि कैसे रवीश कुमार और राजदीप सरदेसाई जैसे पत्रकारों ने सिर्फ अपने एजेंडे के लिए पत्रकारिता और नैतिकता की बलि चढ़ाने से भी कोई परहेज़ नहीं किया, तो वहीं कुछ सुधीर चौधरी जैसे लोग भी हैं, जिनके लिए आज भी निष्पक्ष पत्रकारिता सर्वोपरि है।

Tags: सुधीर चौधरी
शेयर159ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

JNU प्रेसिडेंट आइशी घोष ने कहा- ‘मेरे मुसलमान साथियों JNU कैंपस में शरण ले लो’

अगली पोस्ट

दिल्ली समेत कई राज्यों में जहां दंगाइयों ने आतंक मचा रखा है, वहीं यूपी में योगी का खौफ कायम है

संबंधित पोस्ट

अंडमान में एक मंच पर होंगे अमित शाह और मोहन भागवत; वीर सावरकर के कार्यक्रम में संघ-भाजपा के मजबूत तालमेल का संदेश
चर्चित

अंडमान में एक मंच पर होंगे अमित शाह और मोहन भागवत; वीर सावरकर के कार्यक्रम में संघ-भाजपा के मजबूत तालमेल का संदेश

12 December 2025

अंडमान-निकोबार में शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक ही नहीं, राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम रहने वाला है। क्योंकि आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और...

नायब सैनी ने लापरवाही के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है
चर्चित

हरियाणा में खेल विभाग के सचिव-निदेशक का तबादला: लापरवाही को लेकर नायब सरकार का बड़ा एक्शन

1 December 2025

हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 20 IAS-IPS अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। यह फेरबदल...

सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ किया है कि राष्ट्रपति या गवर्नर को किसी भी तय न्यायिक समयसीमा के भीतर बिलों पर मंजूरी देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।
चर्चित

विधेयकों को मंजूरी देने के लिए समयसीमा से बाध्य नहीं हैं राष्ट्रपति और राज्यपाल , प्रेसिडेंट मुर्मू के सवालों पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या जवाब दिया, और ये क्यों महत्वपूर्ण हैं?

20 November 2025

20 नवंबर को एक ऐतिहासिक जवाब देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ किया है कि राष्ट्रपति या गवर्नर को किसी भी तय न्यायिक समयसीमा के...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

00:06:59

Dhurandar: When a Film’s Reality Shakes the Left’s Comfortable Myths

00:06:56

Tejas Under Fire — The Truth Behind the Crash, the Propaganda, and the Facts

00:07:45
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited