‘ये वायरस यूरोप से आया है’, बीजिंग में आए कोरोना के दूसरे चरण के लिए चीन ने यूरोप पर दोष मढ़ा

पहले अमेरिका पर और अब यूरोप पर, चीन की कभी कोई गलती नहीं होती

कोरोना

पूरी दुनिया में कोरोना फैला कर तबाही मचाने के बाद भी चीन बाज नहीं आ रहा है और इस बार कोरोना के लिए यूरोप को दोषी ठहराया है। दरअसल, चीन के वुहान शहर से फैली कोरोना महामारी को नियंत्रित करने की खबरों के बीच फिर से चीन में कोरोना का दूसरा चरण देखने को मिल रहा है। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (NHC) के अनुसार कोरोना संक्रमण के 66 नए पॉज़िटिव केस मिले हैं। इनमें से 57 मरीजों में कोरोना के लक्षण मिले, जबकि नौ बिना लक्षण वाले मरीज हैं। इन मामलों में सबसे अधिक 36 केस चीन की राजधानी बीजिंग से सामने आए हैं। बता दें कि बीते दिनों राजधानी में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ा है इस कारण से शहर में प्रमुख बाजारों को बंद कर दिया गया है।

चीन की मीडिया CGTN के अनुसार बीजिंग सीडीसी के यांग पेंग का कहना है कि बीजिंग के शिनफादी थोक बाजार में कोरोनोवायरस का स्रोत अभी भी जांच के दायरे में है, लेकिन genome sequencing से पता चलता है कि यह वायरस यूरोप से आया था।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार शिनफादी थोक बाजार में नए मामले आने से राजधानी के लोगों में अफरा-तफरी मची हुई है क्योंकि यहीं से बीजिंग के 90 प्रतिशत सब्जियों और मांस उत्पादों की आपूर्ति की जाती है।

शिनफादी बाजार के साथ ही छह अन्य बाजारों पर भी ताला लगा दिया गया है। बीजिंग में अधिकारियों ने शिनफादी बाजार में आयातित सैल्मन मछली को काटने वाले बोर्ड पर कोरोना वायरस पाया और साथ ही में बाजार में लिए गए 40 पर्यावरणीय नमूने भी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं।

यहाँ यह ध्यान देने वाली बात यह है कि चीन के वुहान से फैले कोरोना को नियंत्रित करने के बाद दोबारा मामले सामने आए हैं और पहले की तरह ही इस बार भी चीन कोरोना संक्रमण का आरोप यूरोप पर मढ़ना चाहता है।

 पिछली बार जब लॉक डाउन के बाद वुहान में कोरोना के मामले  सामने आए थे तब उनके मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने आरोप लगाया था कि सब इम्पोर्टेड केस हैं।

उससे पहले चीन ने सीधे तौर पर अमेरिकी सेना पर इस वायरस को फैलाने के आरोप लगाए थे। चीन के विदेश मंत्रालय ने ट्वीट के जरिये अमेरिका पर यह आरोप लगाते हुए कहा था कि अमेरिकी सेना अक्टूबर 2019 में वुहान, मध्य चीन के हुबेई प्रांत में कोरोनोवायरस लायी थी। उन्होंने दावा किया था कि एक शीर्ष अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारी ने कुछ मृत फ्लू रोगियों पर कोरोनोवायरस संक्रमण का पता लगाया था। स्पष्ट है कि अब अपनी ज़िम्मेदारी से भागने के लिए चीन ने दूसरों पर इस वायरस को फैलाने का दोष मढ़ा, जो चीन की आदत रही है।

जब वुहान के वेट मार्केट्स से कोरोना के मामले आने शुरू हुए थे तब भी चीन ने इस बात को दबाने की भरपूर कोशिश की थी। कोरोना वुहान के वेट मार्केट्स से ही फैला था जहां पर जानवरों का ताजा मांस खुलेआम बेचा जाता है। चीन ने इस वायरस को लेकर पहले जानकारी छुपाई फिर ये कहा कि यह वायरस एक मनुष्य से दूसरे में नहीं फैलता। इसके बाद भी चीन ने कई झूठ बोले और जो देश उसके खिलाफ जांच की मांग करता उसपर चीन दबाव बनाता था। हालाँकि, उसके झूठ के खुलासे के बाद दुनिया के कई बड़े देश इस कम्युनिस्ट शासित देश से दूरी बना ली है।

आज कोरोना के पूरे विश्व में लगभग 8 मिलियन लोगों को कोरोना हो चुका है और लगभग 4 लाख 35 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इन सब का जिम्मेदार अगर कोई है तो वो चीन की है। लेकिन आज भी चीन अपने उसी प्रोपोगेंडे को जारी रखे हुए है और अपने किए का आरोप दूसरों पर मढ़ रहा है।

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