TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    कोलकाता में IPAC प्रमुख के आवास पर ईडी की कार्रवाई के दौरान बढ़ा राजनीतिक तनाव

    IPAC प्रमुख पर ईडी की कार्रवाई से सियासी भूचाल, लोकतंत्र और संघीय ढांचे पर उठे सवाल

    पीएम मोदी बोले– विध्वंस नहीं, यह भारत की आत्मा का पुनर्जागरण

    सोमनाथ 1000 वर्ष: मोदी ने कहा– आस्था को नष्ट नहीं किया जा सकता

    बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    असहिष्णुता की हिंसा: बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    भारत के मौलिक अधिकारों की जड़ें

    मौलिक अधिकार: पश्चिमी नहीं, भारतीय ज्ञान परंपरा की देन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    टैरिफ विवाद ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता पर बहस तेज की

    ट्रंप की 500% टैरिफ चेतावनी: भारत के लिए आर्थिक और कूटनीतिक चुनौती

    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा

    क्या अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा है? मिनियापोलिस ICE गोलीबारी से उठते सवाल

    लश्कर शिविर में दिखा हमास का नाजी ज़हीर

    पाकिस्तान में आतंकी नेटवर्क का खुलासा: लश्कर शिविर में दिखा हमास का नाजी ज़हीर

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    कोलकाता में IPAC प्रमुख के आवास पर ईडी की कार्रवाई के दौरान बढ़ा राजनीतिक तनाव

    IPAC प्रमुख पर ईडी की कार्रवाई से सियासी भूचाल, लोकतंत्र और संघीय ढांचे पर उठे सवाल

    पीएम मोदी बोले– विध्वंस नहीं, यह भारत की आत्मा का पुनर्जागरण

    सोमनाथ 1000 वर्ष: मोदी ने कहा– आस्था को नष्ट नहीं किया जा सकता

    बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    असहिष्णुता की हिंसा: बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    भारत के मौलिक अधिकारों की जड़ें

    मौलिक अधिकार: पश्चिमी नहीं, भारतीय ज्ञान परंपरा की देन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    टैरिफ विवाद ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता पर बहस तेज की

    ट्रंप की 500% टैरिफ चेतावनी: भारत के लिए आर्थिक और कूटनीतिक चुनौती

    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा

    क्या अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा है? मिनियापोलिस ICE गोलीबारी से उठते सवाल

    लश्कर शिविर में दिखा हमास का नाजी ज़हीर

    पाकिस्तान में आतंकी नेटवर्क का खुलासा: लश्कर शिविर में दिखा हमास का नाजी ज़हीर

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

शिंजो आबे – सम्मान, साहस और विनम्रता की मूर्ति, दुनिया जापानी PM को मिस करेगी

एक शक्तिशाली और मजबूत इच्छाशक्ति वाला नेता

Abhinav Kumar द्वारा Abhinav Kumar
30 August 2020
in एशिया पैसिफिक
शिंजो आबे – सम्मान, साहस और विनम्रता की मूर्ति, दुनिया जापानी PM को मिस करेगी

PC: Financial Times

Share on FacebookShare on X

जापान के प्रधान मंत्री शिंजो आबे ने भले ही शुक्रवार को अपनी बीमारी के कारण जापान के प्रधानमंत्री का पद छोड़ने का फैसला लिया हो, परन्तु जापान के विकास में उनके योगदान को हमेशा दुनिया याद रखेगी।

वो चाहते तो अपनी बीमारी को छुपा कर सत्ता पर काबिज रह सकते थे परन्तु उन्होंने एक जिम्मेदार प्रधानमंत्री का दायित्व निभाना और अपने देश की भलाई के लिए इस पद को छोड़ना उचित समझा। आबे पहली बार 2006 में देश के पीएम बने थे, लेकिन बीमारी के कारण 2007 में इस्तीफा दे दिया। उनका वर्तमान कार्यकाल 2012 में शुरू हुआ। वह सबसे अधिक बार भारत आने वाले जापानी प्रधानमंत्री हैं। वो अब तक 4 बार भारत की यात्रा कर चुके हैं। यानि देखा जाए तो वह भारत के साथ अपने रिश्तों को बेहद अहम मानते थे। भारत के साथ यह संबंध असैन्य परमाणु ऊर्जा से लेकर समुद्री सुरक्षा, बुलेट ट्रेन से लेकर गुणवत्ता के बुनियादी ढाँचे तक तक पहुंच चुका है।

संबंधितपोस्ट

ट्रंप की 500% टैरिफ चेतावनी: भारत के लिए आर्थिक और कूटनीतिक चुनौती

IPAC प्रमुख पर ईडी की कार्रवाई से सियासी भूचाल, लोकतंत्र और संघीय ढांचे पर उठे सवाल

वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

और लोड करें

जिस तरह से जापान का इतिहास हिंसक और साम्राज्यवादी रहा है, उसे देखते हुए जापान के नेताओं पर एक अतिरिक्त बोझ रहता है। कभी कभी यह इतिहास जापान और उसके नेताओं पर भारी पड़ता है। विशेष रूप से चीन और कोरिया में किए गए जापान के कारनामे के कारण जापान वैश्विक मामलों में एक मजबूत आवाज मानने के लिए अनिच्छुक रहा है। उसे लगता था कि अगर जापान ने आवाज उठाई तो वैश्विक स्तर पर उसे पुराने हिंसक तरीकों की ओर लौटते देखा जाएगा।

इस दबाव के बावजूद शिंजों आबे ने अपने धैर्य और डिप्लोमेसी से जापान को न सिर्फ एक मजबूत ऊंचाई दी, बल्कि बिना छवि बिगाड़े जापान को सैन्य रूप से भी मजबूत किया। वर्ष 2012 में जब आबे सत्ता में आए, तो जापान पाँच वर्षों में पांच प्रधानमंत्रियों को देख चुका था जिससे अर्थव्यवस्था की स्थिति नाजुक थी। उन्होंने अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने के लिए तत्काल 3 सूत्रीय आर्थिक सुधारों को लागू किया जिसे Abenomics भी कहा जाता है। इससे धीरे धीरे जापान स्थिरता की ओर लौटा।

वर्ष 2012 में जब शिंजो दूसरी बार पीएम बने, तो उनका दृष्टिकोण स्पष्ट था कि वह इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में क्या हासिल करना चाहते हैं, एक स्वतंत्र और खुला इंडो-पैसिफिक जिसमें शांति कायम रहे और छोटे राष्ट्र बड़े देशों की धमकी के डर के बिना अपने विकास कार्यों को बढ़ा सके।

इस क्षेत्र में शांति के लिए प्रमुख खतरा चीन दिखाई दिया। इसलिए शिंजो का मिशन यह सुनिश्चित करना था कि अमेरिका इस क्षेत्र के लिए प्रतिबद्ध रहे और साथ ही चीन को यह भी समझाया कि वह सभी के साथ मिलकर चले। परंतु जब चीन ने फिर भी आक्रामकता नहीं छोड़ी तब शिंजों आबे ने जापान को भी मजबूत करना शुरू किया और अमेरिका के साथ साथ भारत से भी जापान के रिश्तों को नया आयाम दिया।

इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक रणनीतिक संतुलन बनाए रखना उनकी दीर्घकालिक दृष्टि का एक अनिवार्य हिस्सा था। इसलिए उन्होंने जापान, ऑस्ट्रेलिया, यू.एस. और भारत के साथ Quadrilateral Security Dialogue यानि QUAD को पुनर्जीवित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और सभी देशों को एक साथ लाए।

वर्ष 2016 में जब ट्रम्प के अमेरिका के राष्ट्रपति बनने से पहले ही चीन South China Sea में आक्रामक हो चुका था और अपने पड़ोसियों पर गुंडई दिखा रहा था। यही नहीं पूर्व और दक्षिण चीन सागर में क्षेत्रीय दावों के साथ-साथ सभी अंतर्राष्ट्रीय कानून की अवहेलना करते हुए कृत्रिम द्वीपों पर निर्माण जारी रखे था।

उसी समय उत्तर कोरिया अपने नए नेता किम जोंग उन के नेतृत्व में परमाणु परीक्षणों के साथ जापान को लगातार उकसा रहा था। उत्तर कोरिया ने अपहरण किए गए जापानी नागरिकों को वापस करने से इनकार कर दिया और जापान के ऊपर मिसाइल भी दाग दी। यही नहीं अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने अमेरिका के सभी साथी देशों पर सवाल उठाना भी शुरू कर दिया था और उन्होंने जापान को भी निशाने पर लिया।

इन सभी चुनौतियों को शिंजों आबे ने समझा और बेहद ही संवेदनशील तरीके से सभी का सामना करते हुए हल निकाला। जापान को एक मजबूत ताकत बनाने के साथ-साथ अमेरिका को अपने पक्ष में किया और भारत तथा ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के साथ अपने संबंध बढ़ा कर चीन और उत्तर कोरिया के खिलाफ Indo-Pacific में अपनी स्थिति मजबूत किया।

शिंजो आबे ने जापान के वैश्विक कद और प्रभाव को बढ़ाने, अपनी सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने में सक्षम साबित हुए। वर्ष 2014 में एक ऐतिहासिक बदलाव में, शिंजों आबे की सरकार ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार जापानी सैनिकों को विदेशों में लड़ने की अनुमति देने के लिए संविधान के खंड को reinterpretation के लिए कानून पारित किया। वर्ष 2018 में घोषित पांच साल के रक्षा कार्यक्रम में 25.5 ट्रिलियन येन यानि 233.7 अरब डॉलर का आवंटन किया, जो पिछले पांच वर्षों में 6.4% की वृद्धि थी।

उन्होंने देश की सैन्य क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि की और संयुक्त राज्य अमेरिका पर अपनी पारंपरिक निर्भरता से परे जापान के रणनीतिक विकल्पों का विस्तार करने का भी प्रयास किया। इसका उदाहरण तब देखने को मिला जब अमेरिका ने ट्रांस-पैसिफिक पार्टनरशिप से कदम खींचे थे। उसके बाद जापान ने चीन के आर्थिक काउंटर के रूप में देखी जाने वाली ट्रांस-पैसिफिक पार्टनरशिप व्यापार का नेतृत्व किया।

पिछले सात वर्षों में, उन्होंने जापान के राजनीतिक परिदृश्य में स्थिरता ला दी है, जिससे बदलते भू राजनीतिक परिदृश्य में जापान आने वाले नई चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हो चुका है। वास्तव में उन्हें जापान का मोदी कहे तो कुछ गलत नहीं होगा क्योंकि आबे के लिए देश सबसे महत्वपूर्ण रहा है। प्रधानमंत्री के रूप में शिंजो की सेवानिवृत्ति अंतरराष्ट्रीय परिषदों में एक वास्तविक खालीपन छोड़ देगी जहां वह लंबे समय से सम्मानित नेता रहे हैं। भविष्य में भी उनके योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

शेयर3ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

मुस्लिम शरणार्थियों की हिंसा और दंगे: यूरोप को पोलैंड से क्या सीखने की आवश्यकता है ?

अगली पोस्ट

“तुम्हारी धमकी यहाँ नहीं चलेगी”- हुवावे की अफसर मेंग वांझू के मुद्दे पर कनाडा की चीन को दो-टूक

संबंधित पोस्ट

भारत की कूटनीति अब ‘वर्चुअल’ नहीं, रणनीतिक है: आसियान शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी का डिजिटल नेतृत्व और एशियाकी नई शक्ति-संतुलन रेखा
अर्थव्यवस्था

भारत की कूटनीति अब ‘वर्चुअल’ नहीं, रणनीतिक है: आसियान शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी का डिजिटल नेतृत्व और एशिया की नई शक्ति-संतुलन रेखा

23 October 2025

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आसियान शिखर सम्मेलन में वर्चुअल रूप से शामिल होने का निर्णय केवल एक ‘प्रोटोकॉल अपडेट’ नहीं, बल्कि बदलते भारत की कूटनीतिक...

गाजा में शांति, पर पाकिस्तान में जिहाद की आग: TLP ने लाहौर को किया लहूलुहान
एशिया पैसिफिक

गाजा में शांति, पर पाकिस्तान में जिहाद की आग: TLP ने लाहौर को किया लहूलुहान

13 October 2025

गाजा की धरती पर जब बमों की आवाज़ थमी, जब वर्षों बाद वहां की हवा में पहली बार राहत की सांस घुली, तब पाकिस्तान की...

बगराम पर बनता नया समीकरण: अमेरिका के खिलाफ भारत की कूटनीतिक हुंकार
AMERIKA

मोदी सरकार ने बगराम पर अमेरिका-पाकिस्तान दोनों को चित करने की पूरी प्लानिंग कर ली है , लेकिन कैसे?

10 October 2025

अफगानिस्तान के बगराम एयरबेस को लेकर छिड़ी कूटनीतिक जंग में भारत अब निर्णायक भूमिका निभा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मंशा है कि...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

00:06:59

Dhurandar: When a Film’s Reality Shakes the Left’s Comfortable Myths

00:06:56
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited