TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पूर्व पीएम हसीना ने अलार्म बजाया: बांग्लादेश में बढ़ती धार्मिक कट्टरता और कानून की विफलता

    पूर्व पीएम हसीना ने अलार्म बजाया: बांग्लादेश में बढ़ती धार्मिक कट्टरता और कानून की विफलता

    रेल मंत्रालय की मंथन योजना शताब्दी एक्सप्रेस की जगह वंदे भारत चेयर कार

    शताब्दी एक्सप्रेस को धीरे-धीरे बंद करने की तैयारी, वंदे भारत चेयर कार कोचों का बड़ा प्लान

    कोलकाता में IPAC प्रमुख के आवास पर ईडी की कार्रवाई के दौरान बढ़ा राजनीतिक तनाव

    IPAC प्रमुख पर ईडी की कार्रवाई से सियासी भूचाल, लोकतंत्र और संघीय ढांचे पर उठे सवाल

    पीएम मोदी बोले– विध्वंस नहीं, यह भारत की आत्मा का पुनर्जागरण

    सोमनाथ 1000 वर्ष: मोदी ने कहा– आस्था को नष्ट नहीं किया जा सकता

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    टैरिफ विवाद ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता पर बहस तेज की

    ट्रंप की 500% टैरिफ चेतावनी: भारत के लिए आर्थिक और कूटनीतिक चुनौती

    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा

    क्या अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा है? मिनियापोलिस ICE गोलीबारी से उठते सवाल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पूर्व पीएम हसीना ने अलार्म बजाया: बांग्लादेश में बढ़ती धार्मिक कट्टरता और कानून की विफलता

    पूर्व पीएम हसीना ने अलार्म बजाया: बांग्लादेश में बढ़ती धार्मिक कट्टरता और कानून की विफलता

    रेल मंत्रालय की मंथन योजना शताब्दी एक्सप्रेस की जगह वंदे भारत चेयर कार

    शताब्दी एक्सप्रेस को धीरे-धीरे बंद करने की तैयारी, वंदे भारत चेयर कार कोचों का बड़ा प्लान

    कोलकाता में IPAC प्रमुख के आवास पर ईडी की कार्रवाई के दौरान बढ़ा राजनीतिक तनाव

    IPAC प्रमुख पर ईडी की कार्रवाई से सियासी भूचाल, लोकतंत्र और संघीय ढांचे पर उठे सवाल

    पीएम मोदी बोले– विध्वंस नहीं, यह भारत की आत्मा का पुनर्जागरण

    सोमनाथ 1000 वर्ष: मोदी ने कहा– आस्था को नष्ट नहीं किया जा सकता

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    टैरिफ विवाद ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता पर बहस तेज की

    ट्रंप की 500% टैरिफ चेतावनी: भारत के लिए आर्थिक और कूटनीतिक चुनौती

    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा

    क्या अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा है? मिनियापोलिस ICE गोलीबारी से उठते सवाल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

बेरूत ब्लास्ट के बाद लेबनान से हिजबुल्लाह आतंकी संगठन का खात्मा तय- बड़े देशों ने अपनाई शानदार रणनीति

बहुत बढ़िया!

Abhinav Kumar द्वारा Abhinav Kumar
20 August 2020
in विश्व
हिजबुल्लाह

PC-JCPA

Share on FacebookShare on X

लेबनान को 4 अगस्त के धमाकों के बाद विश्व भर से समर्थन मिल रहा है। यह समर्थन लेबनान की सरकार को नहीं बल्कि लेबनान के लोगों के लिए आ रहा है। पूरी दुनिया लेबनान के लोगों की हरसंभव मदद करने का प्रयास कर रही है। इन प्रयासों में एक बात सामान्य है, और वह है एक शर्त कि लेबनान की हिजबुल्लाह समर्थित सरकार को रुपये न देकर गैर सरकारी संगठनों के माध्यम से लोगों तक मदद पहुंचाने की। कोई भी देश यह नहीं चाहता है कि उनके द्वारा की गई मदद लेबनान के भ्रष्ट मंत्रियों और अधिकारियों के पॉकेट में जाए। इस तरह से लेबनान की सरकार को नजरंदाज कर अप्रासंगिक बनाने का एक ही मकसद है और वह है, हिजबुल्लाह को लेबनान से बाहर खदेड़ना।

लेबनान के अंदर भी लोगों को अपनी सरकार पर विश्वास नहीं है। उन्हें पता है कि अगर बाहर से मदद मिलेगी तो उन तक मदद का  एक पैसा भी नहीं पहुंचेगा, यदि इसे सरकार के माध्यम से निर्देशित किया गया।

संबंधितपोस्ट

वर्ल्ड वॉर-3 की आहट? ईरान का इजरायल पर 181 मिसाइलों से अटैक, IDF बोला- सही वक्त पर जवाब देंगे

जिसकी होती थी पेरिस से तुलना, वो कैसे बन गया Ghost City? ‘आरक्षण’ के चक्कर में तबाह हो गया लेबनान

कनाडा जल्द ही बन जाएगा खालिस्तान, लेबनान के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था

और लोड करें

अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने स्पष्ट कहा है कि वह स्वतंत्र एजेंसियों के माध्यम से अपनी सहायता को लोगों तक पहुंचाएगा। Foreign Policy की रिपोर्ट के अनुसार United Nations Office for the Coordination of Humanitarian Affairs ने लोगों को अपने दस्तावेजों को सरकारी अधिकारियों के पास जमा करने से मना किया है।

पिछले सप्ताह जब फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने UN के साथ वर्चुअल कोन्फ्रेंस की और लगभग 300 मिलियन जुटाया तो उन्होंने स्पष्ट कहा था, ये मदद उन लोगों तक पहुंचनी चाहिए जिन्हें इसकी जरूरत है। इसका सीधा तात्पर्य था कि विश्व भर से मिल रही मदद को लेबनान के लोगों तक पहुँचाना है , न कि लेबनानी सरकार को देना है। अमेरिका ब्रिटेन और जर्मनी के साथ लगभग सभी देशों ने लेबनान की सरकार से दूरी बनाए रखने पर बल दिया। U.S. Agency for International Development लेबनान के स्वस्थ्य मंत्रालय की बजाय आपातकालीन मेडिकल किट सीधे हॉस्पिटल भेज रहा। वहीं जर्मनी ने भी Red Cross और the U.N. Office for the Coordination of Humanitarian Affairs के माध्यम से 24 मिलियन डॉलर की मदद गैर सरकारी संगठनों को देने का वादा किया है। UN की छत्रछाया में काम करने वाले अंतरराष्ट्रीय सहायता संगठनों को लगता है कि वे सरकार के बजाय भरोसेमंद स्थानीय सहायता समूहों के साथ समन्वय कर अधिक मदद कर सकते हैं।

इन बातों से साबित होता है कि मदद के लिए भेजी जा रहे पैसे हिजबुल्लाह समर्थित सरकार के लिए नहीं है , वहाँ के जनता के लिए हैं। हिजबुल्लाह को सरकार और देश से बाहर निकालना ही लेबनान के लोगों के लिए विकल्प है।

लेबनान के विस्फोट के लिए आम जनता हिजबुल्ला को ही दोषी मानती है। बता दें कि लेबनान के अंदर हिजबुल्लाह की विशेष पकड़ है। हिज्बुल्लाह और उसके सहयोगियों की पकड़ संसद और सरकार में पहले से कहीं अधिक मजबूत है। इसी साल 21 जनवरी को लेबनान में एक नई सरकार बनी थी। यह एक ही पार्टी की सरकार है जिसमें हिजबुल्लाह और उनके सहयोगी शामिल हैं और जो संसद में भी बहुमत में हैं। यही नहीं, राष्ट्रपति मिशेल आउन भी हिजबुल्लाह के समर्थक है। इस समूह को लेबनान के शिया समुदाय तथा ईरान का समर्थन प्राप्त है। इस आतंकी संगठन के पास लेबनान की सेना से अधिक हथियार हैं। दुनिया के कई देश इसे आतंकी संगठन घोषित कर चुके हैं। यूरोपीय संघ ने वर्ष 2013 में इसके सैन्य अंग को आतंकी घोषित किया था, 2016 में सऊदी अरब और इस वर्ष जर्मनी ने भी इसे आतंकी संगठन घोषित कर दिया है।

4 अगस्त को लेबनान में हुए धमाकों में भी हिजबुल्लाह के हाथ होने की आशंका जताई गयी थी। जिस बंदरगाह पर धमाका हुआ है, उसे संयुक्त राष्ट्र के राजदूत Danny Danon ने हिजबुल्लाह बंदरगाह कहा था क्योंकि यही बंदरगाह हथियारों और धन के आवागमन के लिए आतंकियों द्वारा इस्तेमाल होता था। धमाके के बाद ही पूरे लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ प्रदर्शन होने शुरू हो गए थे। प्रदर्शनों में लोगों के निशाने पर हिजबुल्लाह के साथ ही हिजबुल्लाह समर्थक सरकार भी थी। लोगों ने हिजबुल्लाह नेताओं के पुतलों को फांसी लगाते हुए आक्रामक प्रदर्शन किये थे। अगर यह धमाका किसी अन्य देश में होता तो तुरंत सेना और आपदा प्रबंधन के अधिकारी विस्फोट की जगह पर पहुंच गए होते और राजनेता संवेदना और समर्थन देने के लिए लाइन लगा चुके होते लेकिन लेबनान में सरकार का नामोनिशान नहीं था।

इसके बजाय, राष्ट्रपति मिशेल आउन ने आपातकाल लागू कर दिया और सेना को प्रदर्शनकारियों के आंदोलनों को दबाने, प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने के लिए व्यापक अधिकार दे दिए।

लेबनान के लोगों का मनना भी यही था कि हिजबुल्लाह को लेबनान से बाहर किया जाए। अब दुनिया भर के देश भी लेबनान के लोगों की सीधे मदद कर लेबनान से हिजबुल्लाह को बाहर खदेड़ने के दिशा में काम कर रहे हैं। अब यह देखना है कि लेबनान के लोग और विश्व भर के देश मिलकर कैसे इस आतंकी संगठन के प्रभाव को समाप्त कर इसके वजूद को मिटाते हैं जिससे कि लेबनान के लोगों के अंदर एक सुरक्षित वातावरण का भाव विकसित हो सके।

Tags: लेबनानहिजबुल्लाह
शेयर34ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

“China Occupied Nepal”, नेपाल के 7 जिले अब चीन के कब्जे में जाने ही वाले हैं

अगली पोस्ट

चीन को ग्लोबल सप्लाई चेन से बाहर करने के लिए भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया का मास्टर प्लान तैयार है

संबंधित पोस्ट

एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा
भारत

एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

9 January 2026

अपने स्वभाव के अनुरूप, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर शोर-शराबे और आर्थिक दबाव की नीति अपनाई। उन्होंने टैरिफ़ को व्यापार नीति...

टैरिफ विवाद ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता पर बहस तेज की
AMERIKA

ट्रंप की 500% टैरिफ चेतावनी: भारत के लिए आर्थिक और कूटनीतिक चुनौती

9 January 2026

संयुक्त राज्य अमेरिका ने रूसी तेल की खरीद जारी रखने वाले देशों के प्रति अपने रुख में तीव्र सख्ती के संकेत दिए हैं, और भारत...

वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है
अमेरिकाज़

वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

8 January 2026

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में पैदा होने वाले तनाव अक्सर वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन जाते हैं, खासकर जैसा कि अमेरिका और...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

00:06:59

Dhurandar: When a Film’s Reality Shakes the Left’s Comfortable Myths

00:06:56
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited