चीनी Handsets ने Micromax को बर्बाद कर दिया था, अब Micromax एक धमाकेदार वापसी करने जा रहा है

माइक्रोमैक्स

भारतीय स्मार्टफोन निर्माता माइक्रोमैक्स ने स्मार्टफोन मार्केट में वापसी की घोषणा कर दी है, और इस बार वह चीनी स्मार्टफोन को अच्छी ख़ासी टक्कर देगा। अपने कंपनी के प्लान साझा करते हुए माइक्रोमैक्स के सह संस्थापक राहुल शर्मा ने नए ‘In’ स्मार्टफोन रेंज की घोषणा की है, जो जल्द ही अपने चीनी समकक्ष यानि शाओमी, वीवो, रेडमी, ओप्पो इत्यादि से मुक़ाबला करेगी।

एक समय था जब माइक्रोमैक्स भारत का दूसरा सबसे बड़ा और सबसे लोकप्रिय स्मार्टफोन निर्माता था। परंतु जल्द ही चीनी स्मार्टफोंस की ऐसी बाढ़ आई, जिसमें माइक्रोमैक्स लगभग बह गया। इसी पर एक अहम वीडियो मैसेज में चर्चा करते हुए राहुल शर्मा ने बताया, “तीन और दोस्तों के साथ मिलकर हमने माइक्रोमैक्स की शुरुआत की। आप सब लोगों ने देखते ही देखते माइक्रोमैक्स को देश का नंबर 1 और विश्व का 10वां सबसे बड़ा ब्रांड बना दिया”।

इसके बाद माइक्रोमैक्स की असफलता के बारे में मुखर होते हुए राहुल ने आगे बताया, “अच्छा, कुछ गलतियाँ भी हुई हमसे, पर ये पहली बार कर रहे थे। काम भी कर रहे थे और सीख भी रहे थे, पर फिर एक ऐसा वक्त भी आया, जब चीनी स्मार्टफोन्स ने मुझे मेरे देश में ही पछाड़ दिया। हारा तो तब भी नहीं था, पर जो बॉर्डर पर हुआ न, वो ठीक नहीं हुआ। आपने फिर आवाज़ दी माइक्रोमैक्स को, और हमारे प्रधानमंत्री जी ने भी आत्मनिर्भर भारत का ऐलान कर दिया। बहुत सोचा की क्या करूँ, क्यों करूँ, किसके लिए करूँ। ज़िंदगी ने फिर उस जगह लाकर खड़ा कर दिया है जहां से सब शुरू किया था, और अब जो भी करूंगा, भारत के लिए करूंगा। माइक्रोमैक्स वापस आ रहा है, इंडिया के लिए”।

पीटीआई से अपनी बातचीत में राहुल शर्मा ने यह भी कहा,  “हमारा नया ‘In’ ब्रांड केवल वर्तमान भावनाओं का फायदा उठाने के लिए लॉंच नहीं किया गया है। हम एक ऐसी योजना के साथ वापस आना चाहते हैं, जो असफल न हो पाये। हम एक स्पष्ट रणनीति के साथ वापिस आ रहे हैं, और इसके लिए हम अगले 12-18 महीने में 500 करोड़ का निवेश करेंगे, चाहे वह रिसर्च एण्ड डेव्लपमेंट में हो, मार्केटिंग में हो, या फिर मैनुफेक्चुरिंग में हो”। राहुल के अनुसार, ‘In’ स्मार्टफोन्स को भिवाड़ी और हैदराबाद में स्थित कंपनी के उत्पादन यूनिट्स में निर्मित किया जाएगा, जिसकी उत्पादन क्षमता करीब प्रतिमाह 20 लाख स्मार्टफोन्स निर्मित करने की है।

राहुल शर्मा माइक्रोमैक्स के भविष्य के बारे में काफी आशान्वित है, क्योंकि उनके अनुसार केंद्र सरकार ने भारतीय और विदेशी निर्माताओं को बराबर प्रतिस्पर्धा में रहने के लिए जो पीएलआई स्कीम को स्वीकृति दी है, वो अपने आप में प्रशंसनीय है। राहुल गलत भी नहीं है, क्योंकि इस समय माइक्रोमैक्स के लिए भारतीय स्मार्टफोन मार्केट में वापसी करना किसी सुनहरे अवसर से कम नहीं है। चीनी स्मार्टफोन की हिस्सेदारी 2020 के प्रारम्भ में 81 प्रतिशत से अब जून आते आते 72 प्रतिशत तक गिर चुका है। माइक्रोमैक्स कई वर्षों से बढ़िया प्रोडक्ट बनाता आया था, और R & D पर 500 करोड़ खर्च करने की प्रतिबद्धता से उन्होंने ये सिद्ध किया है कि अब माइक्रोमैक्स की धमाकेदार वापसी तय है।

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