TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिसाइल पर भारत की नजर

    गोल्डन होराइजन’ मिसाइल पर भारत की नजर: 2,000 किमी तक मार करने वाली इज़राइली हाइपरसोनिक हथियार से बढ़ेगी डीप-स्ट्राइक ताकत

    केरल का नाम बदलकर केरलम रखने की तैयारी

    केरल नहीं अब ‘केरलम’ कहिए – ‘सेवातीर्थ’ में मोदी कैबिनेट का पहला फैसला

    इन्फ्लुएंसर विवाद पर मानवाधिकार जांच

    एनएचआरसी का नोटिस: Malabar Gold and Diamonds–इन्फ्लुएंसर विवाद पर मानवाधिकार जांच

    बिहार में खुले में मांस-मछली बिक्री पर रोक

    बिहार में खुले में मांस-मछली बिक्री पर रोक: सेहत, सद्भाव और बच्चों के हित में सरकार का फैसला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    पीएम मोदी

    AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    AI समिट का तीसरा दिन Galgotias University के रोबोटिक डॉग पर उठे सवाल, स्टॉल को कराया गया खाली

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Tejas mark -1

    वायु सेना का तीसरा तेजस लड़ाकू विमान हादसे का शिकार, पायलट सुरक्षित; हादसे की जांच जारी

    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    मैक्सिकों में भारतीयों को अलर्ट रहने की सलाह

    मैक्सिको में ‘ एल मेंचो ‘की हत्या के बाद भारतीय नागरिकों को सर्तक रहने की सलाह

    ट्रंप का टैरिफ विवाद

    ट्रंप के 15% टैरिफ से वैश्विक व्यापार में हलचल; भारत-चीन को बढ़त, ब्रिटेन पर दबाव, यूरोप सख्त रुख में

    ट्रंप का टैरिफ विवाद

    ट्रंप का टैरिफ ड्रामा : कोर्ट के झटके के बाद नया आदेश 10% ग्लोबल टैरिफ का किया ऐलान

    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिसाइल पर भारत की नजर

    गोल्डन होराइजन’ मिसाइल पर भारत की नजर: 2,000 किमी तक मार करने वाली इज़राइली हाइपरसोनिक हथियार से बढ़ेगी डीप-स्ट्राइक ताकत

    केरल का नाम बदलकर केरलम रखने की तैयारी

    केरल नहीं अब ‘केरलम’ कहिए – ‘सेवातीर्थ’ में मोदी कैबिनेट का पहला फैसला

    इन्फ्लुएंसर विवाद पर मानवाधिकार जांच

    एनएचआरसी का नोटिस: Malabar Gold and Diamonds–इन्फ्लुएंसर विवाद पर मानवाधिकार जांच

    बिहार में खुले में मांस-मछली बिक्री पर रोक

    बिहार में खुले में मांस-मछली बिक्री पर रोक: सेहत, सद्भाव और बच्चों के हित में सरकार का फैसला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    पीएम मोदी

    AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    AI समिट का तीसरा दिन Galgotias University के रोबोटिक डॉग पर उठे सवाल, स्टॉल को कराया गया खाली

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Tejas mark -1

    वायु सेना का तीसरा तेजस लड़ाकू विमान हादसे का शिकार, पायलट सुरक्षित; हादसे की जांच जारी

    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    मैक्सिकों में भारतीयों को अलर्ट रहने की सलाह

    मैक्सिको में ‘ एल मेंचो ‘की हत्या के बाद भारतीय नागरिकों को सर्तक रहने की सलाह

    ट्रंप का टैरिफ विवाद

    ट्रंप के 15% टैरिफ से वैश्विक व्यापार में हलचल; भारत-चीन को बढ़त, ब्रिटेन पर दबाव, यूरोप सख्त रुख में

    ट्रंप का टैरिफ विवाद

    ट्रंप का टैरिफ ड्रामा : कोर्ट के झटके के बाद नया आदेश 10% ग्लोबल टैरिफ का किया ऐलान

    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अमेरिकियों का संदेश स्पष्ट है: अब कोई भी स्थापित नेता या deep state एजेंट नहीं चाहिए

Vikrant Thardak द्वारा Vikrant Thardak
7 January 2021
in अमेरिकाज़
अमेरिकियों का संदेश स्पष्ट है: अब कोई भी स्थापित नेता या deep state एजेंट नहीं चाहिए
Share on FacebookShare on X

6 जनवरी 2020 का दिन लोकतांत्रिक अमेरिका के इतिहास में सबसे काले दिन के रूप में अपनी जगह लगभग पक्की कर चुका है। बुधवार को दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र अमेरिका के संसद भवन से दुनिया ने वो तस्वीर देखी, जिसने अमेरिकी लोकतंत्र पर सदैव के लिए अमिट धब्बा लगा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हजारों समर्थकों ने अमेरिकी संसद भवन को लगभग चार घंटों तक बंधक बनाकर रखा और इस दौरान संसद में जारी Electoral College को गिनने एवं अगले राष्ट्रपति को मनोनीत करने की प्रक्रिया को प्रभावित कर दिया गया। ट्रम्प के हजारों समर्थक Trump 2020 और अमेरिका के झंडे लहराते हुए अमेरिकी संसद में घुस गए और जमकर उपद्रव मचाया। हिंसा में चार लोगों के मारे जाने की भी पुष्टि हुई है। चार घंटे चले ड्रामे के बाद आखिरकार पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को भवन से बाहर निकाला और सांसदों ने Electoral College गिनने की प्रक्रिया समाप्त कर जो बाइडन को आधिकारिक रूप से अगले राष्ट्रपति के तौर पर मनोनीत कर दिया गया। हालांकि, बड़ा सवाल यह है कि ट्रम्प के समर्थकों का गुस्सा आखिर अमेरिकी लोकतंत्र की किस कमजोरी को दिखाता है, और इसके जरिये ट्रम्प समर्थक अमेरिकी सरकार को क्या संदेश देना चाहते हैं?

ज़ाहिर है कि ट्रम्प अपनी तरह के सबसे अलग राजनेता हैं, या कुछ लोग तो उन्हें राजनेता मानने तक से परहेज करते हैं। उन्हें अमेरिकी Power circles में एक “बाहरी” के तौर पर देखा जाता है, जो सब अपनी ही धुन में करता है और जो अमेरिकी लोकतांत्रिक संस्थानों के दबाव के सामने झुकने से साफ़ मना कर देता है। ट्रम्प को अमेरिकी deep state के सबसे बड़े दुश्मन के तौर पर देखा गया जो अमेरिका की पुरानी और सांस्कृतिक नीतियों को कूड़े के ढ़ेर में फेंककर अपनी खुद की नीति बनाने में विश्वास रखते हैं। चीन के साथ चार सालों तक भीषण ट्रेड वॉर करना, कुछ मुस्लिम देशों के लोगों पर अमेरिका में घुसने पर पाबंदी लगाना, ईरान के कमांडर को जान से मार देना, अफ़ग़ानिस्तान से सैनिकों को वापस बुलाने का ऐलान करना और खुलकर चीनी आक्रामकता के खिलाफ सैन्य कदम उठाना, ये सब ऐसे कदम थे, जिन्हें बिना Deep State के प्रभाव के कुचले उठाया नहीं जा सकता था।

संबंधितपोस्ट

गोल्डन होराइजन’ मिसाइल पर भारत की नजर: 2,000 किमी तक मार करने वाली इज़राइली हाइपरसोनिक हथियार से बढ़ेगी डीप-स्ट्राइक ताकत

केरल नहीं अब ‘केरलम’ कहिए – ‘सेवातीर्थ’ में मोदी कैबिनेट का पहला फैसला

एनएचआरसी का नोटिस: Malabar Gold and Diamonds–इन्फ्लुएंसर विवाद पर मानवाधिकार जांच

और लोड करें

यहां deep state का अर्थ ऐसे तंत्र से है, जो अमेरिकी प्रशासन में पैठ जमा चुके ब्यूरोक्रैट्स, अधिकारी, राजनेताओं से मिलकर बनता है और जो सरकार बदलने के बाद भी पुरानी सरकारों की घिसी-पिटी नीतियों को आगे बढ़ाने में विश्वास रखता है। अब चूंकि, ट्रम्प से पहले लगातार आठ साल Democrats की सरकार ही रही थी, ऐसे में ट्रम्प के समय में भी deep state पर Democrats की नीतियों का ही अधिकतर प्रभाव दिखता रहा! शायद यही कारण था कि हिलेरी क्लिंटन के खिलाफ जारी emails से जुड़ी जांच को “कमजोर” बताकर नवंबर 2017 में ट्रम्प ने Deep state पर भ्रष्ट होने का आरोप लगाया था! रूस के साथ उनकी “मिलीभगत” की “झूठी कहानियों” को लेकर भी ट्रम्प समय-समय पर Deep State को कोसते रहे हैं। मुस्लिमों पर लगाए गए उनके प्रतिबंधों के फैसले को पलटने के लिए भी ट्रम्प ने Deep State पर ही आरोप लगाया! कुल मिलाकर ट्रम्प ने अपने समर्थकों के बीच ऐसी छवि बना ली, जिसके बाद उन्हें कुख्यात Deep State के संहारक के तौर पर जाना जाने लगा और इसके लिए वे अपने समर्थकों के बीच और ज़्यादा पोपुलर होते गए!

ऐसे में चार सालों के “सुनहरे” काल के बाद अब वे दोबारा ऐसे शख्स को राष्ट्रपति बनते नहीं देखना चाहते, जिन्हें वे Deep State का पिछलग्गू समझते हों! इसमें कोई शक नहीं है कि ओबामा के कार्यकाल के दौरान Deep State कभी प्रभावशाली रहा। अब चूंकि, ओबामा के उपराष्ट्रपति रहे जो बाइडन अब देश के राष्ट्रपति बनने वाले हैं, तो यह Deep State दोबारा अपने पैरों पर खड़ा होकर सरकार की नीतियों को उसी तरह प्रभावित करना शुरू कर देगा, जैसे कि ट्रम्प से पहले हुआ करता था। अब दोबारा अमेरिकावासियों को एक ऐसा राष्ट्रपति देखना पड़ेगा, जो इंसान कम और राजनेता ज़्यादा होगा, जो हमेशा Political correct होने की कोशिश में रहेगा! वो भी तब जब इन चुनावों में बड़े पैमाने पर fraud होने के आरोप लगाए जा रहे हों और ट्रम्प के समर्थक चुनावों के नतीजों को मानने से ही इंकार कर रहे हों।

जो बाइडन अगले चार वर्ष deep state के प्यादे के तौर पर काम करने वाले हैं, और शायद यही कारण है कि ट्रम्प के समर्थन और अमेरिकी लोग ट्रम्प के हारने से ज़्यादा बाइडन की जीत के खिलाफ अपना आक्रोश प्रकट कर रहे हैं। अमेरिकी लोकतंत्र के लिए बुधवार का दिन बेशक काला रहा, लेकिन ट्रम्प के समर्थकों की वजह से नहीं, बल्कि ऐसे अमेरिकी तंत्र के कारण जो उन हजारों लोगों को अपने विश्वास में लेने में असफ़ल रहा! उन्हें आज भी लगता है कि ट्रम्प को चुनाव हरवाया गया और बाइडन जैसा शख्स देश का राष्ट्रपति बनने के लायक तो बिलकुल नहीं है! उन्हें लगता है कि यह बाइडन की नहीं, बल्कि अमेरिका के Deep State की जीत है, जिसे ट्रम्प ने पिछले चार सालों में बर्बाद करने की भरपूर कोशिश की।

शेयर65ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

लिबरलों के अनुसार हिंसा तो बस right-wingers ही करते हैं, BLM और Antifa तो बस सड़क मार्च निकाला करते हैं

अगली पोस्ट

पंजाब के कैप्टन की राजनीतिक बलि लेकर फिर से लॉन्च होने को तैयार ‘युवा’ राहुल गांधी

संबंधित पोस्ट

वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है
अमेरिकाज़

वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

8 January 2026

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में पैदा होने वाले तनाव अक्सर वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन जाते हैं, खासकर जैसा कि अमेरिका और...

भूमध्यसागर में भारत की दहाड़: आईएनएस त्रिकंद ने बढ़ाया नौसैनिक परचम
अमेरिकाज़

भूमध्यसागर में भारत की दहाड़: आईएनएस त्रिकंद ने बढ़ाया नौसैनिक परचम

15 September 2025

जब भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस त्रिकंद भूमध्यसागर की लहरों पर उतरा, तो यह सिर्फ एक साधारण तैनाती नहीं थी। यह उस भारत की पहचान...

अहमदाबाद में एअर इंडिया फलाइट क्रैश
अमेरिकाज़

एअर इंडिया विमान दुर्घटना: अमेरिकी और ब्रिटिश एजेंसियां भारतीय जमीन पर जांच क्यों कर रही हैं?

19 June 2025

15 जून को  एअर इंडिया की फ्लाइट AI 171 अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त होना के बाद  पूरा देश हैरान रह गया और इस हादसे में फ्लाइट...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited