TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    BRICS 2026 VS 2016

    2016 से 2026 तक BRICS में कितना बदलाव आया? 5 देशों के समूह से 11 देशों की ताकत

    jefferies Industrial revolution

    क्या है नया Industrial Revolution? 6 सेक्टर में बड़े बदलाव से बनेगा विकसित भारत 2047

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    स्त्री भारतीय स्त्री-विमर्श को पश्चिमी प्रतिमानों के अनुकरण से आगे ले जाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भीतर स्त्री की अवधारणा को पुनः देखने का अवसर प्रदान करती है।

    स्त्री: भारतीय स्त्री-विमर्श और नारीत्व की पुनर्परिभाषा

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    BRICS 2026 VS 2016

    2016 से 2026 तक BRICS में कितना बदलाव आया? 5 देशों के समूह से 11 देशों की ताकत

    jefferies Industrial revolution

    क्या है नया Industrial Revolution? 6 सेक्टर में बड़े बदलाव से बनेगा विकसित भारत 2047

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    स्त्री भारतीय स्त्री-विमर्श को पश्चिमी प्रतिमानों के अनुकरण से आगे ले जाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भीतर स्त्री की अवधारणा को पुनः देखने का अवसर प्रदान करती है।

    स्त्री: भारतीय स्त्री-विमर्श और नारीत्व की पुनर्परिभाषा

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अमेरिकियों का संदेश स्पष्ट है: अब कोई भी स्थापित नेता या deep state एजेंट नहीं चाहिए

Vikrant Thardak द्वारा Vikrant Thardak
7 January 2021
in अमेरिकाज़
अमेरिकियों का संदेश स्पष्ट है: अब कोई भी स्थापित नेता या deep state एजेंट नहीं चाहिए
Share on FacebookShare on X

6 जनवरी 2020 का दिन लोकतांत्रिक अमेरिका के इतिहास में सबसे काले दिन के रूप में अपनी जगह लगभग पक्की कर चुका है। बुधवार को दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र अमेरिका के संसद भवन से दुनिया ने वो तस्वीर देखी, जिसने अमेरिकी लोकतंत्र पर सदैव के लिए अमिट धब्बा लगा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हजारों समर्थकों ने अमेरिकी संसद भवन को लगभग चार घंटों तक बंधक बनाकर रखा और इस दौरान संसद में जारी Electoral College को गिनने एवं अगले राष्ट्रपति को मनोनीत करने की प्रक्रिया को प्रभावित कर दिया गया। ट्रम्प के हजारों समर्थक Trump 2020 और अमेरिका के झंडे लहराते हुए अमेरिकी संसद में घुस गए और जमकर उपद्रव मचाया। हिंसा में चार लोगों के मारे जाने की भी पुष्टि हुई है। चार घंटे चले ड्रामे के बाद आखिरकार पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को भवन से बाहर निकाला और सांसदों ने Electoral College गिनने की प्रक्रिया समाप्त कर जो बाइडन को आधिकारिक रूप से अगले राष्ट्रपति के तौर पर मनोनीत कर दिया गया। हालांकि, बड़ा सवाल यह है कि ट्रम्प के समर्थकों का गुस्सा आखिर अमेरिकी लोकतंत्र की किस कमजोरी को दिखाता है, और इसके जरिये ट्रम्प समर्थक अमेरिकी सरकार को क्या संदेश देना चाहते हैं?

ज़ाहिर है कि ट्रम्प अपनी तरह के सबसे अलग राजनेता हैं, या कुछ लोग तो उन्हें राजनेता मानने तक से परहेज करते हैं। उन्हें अमेरिकी Power circles में एक “बाहरी” के तौर पर देखा जाता है, जो सब अपनी ही धुन में करता है और जो अमेरिकी लोकतांत्रिक संस्थानों के दबाव के सामने झुकने से साफ़ मना कर देता है। ट्रम्प को अमेरिकी deep state के सबसे बड़े दुश्मन के तौर पर देखा गया जो अमेरिका की पुरानी और सांस्कृतिक नीतियों को कूड़े के ढ़ेर में फेंककर अपनी खुद की नीति बनाने में विश्वास रखते हैं। चीन के साथ चार सालों तक भीषण ट्रेड वॉर करना, कुछ मुस्लिम देशों के लोगों पर अमेरिका में घुसने पर पाबंदी लगाना, ईरान के कमांडर को जान से मार देना, अफ़ग़ानिस्तान से सैनिकों को वापस बुलाने का ऐलान करना और खुलकर चीनी आक्रामकता के खिलाफ सैन्य कदम उठाना, ये सब ऐसे कदम थे, जिन्हें बिना Deep State के प्रभाव के कुचले उठाया नहीं जा सकता था।

संबंधितपोस्ट

BRICS की उपलब्धि छोड़ ‘नाराज फूफा’ को स्नैकिंग पर एतराज, कांग्रेस प्रवक्ता के अजीब सवाल 

मुंबई में गणेश उत्सव की धूम, ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों से गूंजा शहर, PM मोदी ने दी शुभकामनाएं

ब्रिटेन के टूटने की चर्चा फिर तेज, स्कॉटलैंड-वेल्स-उत्तरी आयरलैंड के नेता एक साथ आए

और लोड करें

यहां deep state का अर्थ ऐसे तंत्र से है, जो अमेरिकी प्रशासन में पैठ जमा चुके ब्यूरोक्रैट्स, अधिकारी, राजनेताओं से मिलकर बनता है और जो सरकार बदलने के बाद भी पुरानी सरकारों की घिसी-पिटी नीतियों को आगे बढ़ाने में विश्वास रखता है। अब चूंकि, ट्रम्प से पहले लगातार आठ साल Democrats की सरकार ही रही थी, ऐसे में ट्रम्प के समय में भी deep state पर Democrats की नीतियों का ही अधिकतर प्रभाव दिखता रहा! शायद यही कारण था कि हिलेरी क्लिंटन के खिलाफ जारी emails से जुड़ी जांच को “कमजोर” बताकर नवंबर 2017 में ट्रम्प ने Deep state पर भ्रष्ट होने का आरोप लगाया था! रूस के साथ उनकी “मिलीभगत” की “झूठी कहानियों” को लेकर भी ट्रम्प समय-समय पर Deep State को कोसते रहे हैं। मुस्लिमों पर लगाए गए उनके प्रतिबंधों के फैसले को पलटने के लिए भी ट्रम्प ने Deep State पर ही आरोप लगाया! कुल मिलाकर ट्रम्प ने अपने समर्थकों के बीच ऐसी छवि बना ली, जिसके बाद उन्हें कुख्यात Deep State के संहारक के तौर पर जाना जाने लगा और इसके लिए वे अपने समर्थकों के बीच और ज़्यादा पोपुलर होते गए!

ऐसे में चार सालों के “सुनहरे” काल के बाद अब वे दोबारा ऐसे शख्स को राष्ट्रपति बनते नहीं देखना चाहते, जिन्हें वे Deep State का पिछलग्गू समझते हों! इसमें कोई शक नहीं है कि ओबामा के कार्यकाल के दौरान Deep State कभी प्रभावशाली रहा। अब चूंकि, ओबामा के उपराष्ट्रपति रहे जो बाइडन अब देश के राष्ट्रपति बनने वाले हैं, तो यह Deep State दोबारा अपने पैरों पर खड़ा होकर सरकार की नीतियों को उसी तरह प्रभावित करना शुरू कर देगा, जैसे कि ट्रम्प से पहले हुआ करता था। अब दोबारा अमेरिकावासियों को एक ऐसा राष्ट्रपति देखना पड़ेगा, जो इंसान कम और राजनेता ज़्यादा होगा, जो हमेशा Political correct होने की कोशिश में रहेगा! वो भी तब जब इन चुनावों में बड़े पैमाने पर fraud होने के आरोप लगाए जा रहे हों और ट्रम्प के समर्थक चुनावों के नतीजों को मानने से ही इंकार कर रहे हों।

जो बाइडन अगले चार वर्ष deep state के प्यादे के तौर पर काम करने वाले हैं, और शायद यही कारण है कि ट्रम्प के समर्थन और अमेरिकी लोग ट्रम्प के हारने से ज़्यादा बाइडन की जीत के खिलाफ अपना आक्रोश प्रकट कर रहे हैं। अमेरिकी लोकतंत्र के लिए बुधवार का दिन बेशक काला रहा, लेकिन ट्रम्प के समर्थकों की वजह से नहीं, बल्कि ऐसे अमेरिकी तंत्र के कारण जो उन हजारों लोगों को अपने विश्वास में लेने में असफ़ल रहा! उन्हें आज भी लगता है कि ट्रम्प को चुनाव हरवाया गया और बाइडन जैसा शख्स देश का राष्ट्रपति बनने के लायक तो बिलकुल नहीं है! उन्हें लगता है कि यह बाइडन की नहीं, बल्कि अमेरिका के Deep State की जीत है, जिसे ट्रम्प ने पिछले चार सालों में बर्बाद करने की भरपूर कोशिश की।

शेयर65ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

लिबरलों के अनुसार हिंसा तो बस right-wingers ही करते हैं, BLM और Antifa तो बस सड़क मार्च निकाला करते हैं

अगली पोस्ट

पंजाब के कैप्टन की राजनीतिक बलि लेकर फिर से लॉन्च होने को तैयार ‘युवा’ राहुल गांधी

संबंधित पोस्ट

‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?
अमेरिकाज़

‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

22 May 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों एक बेहद अजीब और संवेदनशील दुविधा में फंस गए हैं। यह मामला सिर्फ व्हाइट हाउस की फाइलों या अंतरराष्ट्रीय...

वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है
अमेरिकाज़

वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

8 January 2026

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में पैदा होने वाले तनाव अक्सर वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन जाते हैं, खासकर जैसा कि अमेरिका और...

भूमध्यसागर में भारत की दहाड़: आईएनएस त्रिकंद ने बढ़ाया नौसैनिक परचम
अमेरिकाज़

भूमध्यसागर में भारत की दहाड़: आईएनएस त्रिकंद ने बढ़ाया नौसैनिक परचम

15 September 2025

जब भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस त्रिकंद भूमध्यसागर की लहरों पर उतरा, तो यह सिर्फ एक साधारण तैनाती नहीं थी। यह उस भारत की पहचान...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Beginning Of Saudi Arabia's End ? A Case Study...

Beginning Of Saudi Arabia's End ? A Case Study...

00:16:00

₹2 Crore Film, ₹143 Crore Hit: The ‘Hanuman Ansh’ Box Office Shock

00:02:46

Who Is Major Rishabh Sambhyal? The Army Officer Who Became a Social Media Sensation

00:03:34

The Missing 54: What Happened to India’s Soldiers After the 1965 & 1971 Wars | POW | Indo-Pak

00:04:43

J-20 vs India: How Super Sukhoi, Rafale & AMCA Could Counter China’s Stealth Fleet | IAF | HAL

00:03:32
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited