TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ओम बिरला को हटाने का प्रस्ताव

    ओम बिरला को हटाने का प्रस्ताव: संसद में सरकार-विपक्ष आमने-सामने

    जयशंकर बोले – भारत की प्रगति का रास्ता भारत खुद तय करेगा

    अमेरिका के बयान पर विदेश मंत्री जयशंकर की प्रतिक्रिया, कहा– भारत आगे बढ़ता रहेगा

    कल्पवृक्ष बुक क्लब

    कल्पवृक्ष बुक क्लब, उदयपुर में “अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस” पर महिला विशेष पुस्तक सत्र आयोजित

    सीमांचल को लेकर पप्पू यादव के ट्वीट पर गृह मंत्री का जवाब

    सीमांचल बनेगा केंद्र शासित प्रदेश? सरकार ने सामने रखी सच्चाई

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    रूस से 5 और S-400 खरीदने को वायु सेना को मिली हरी झंडी

    रूस से 5 और S-400 खरीदने को वायु सेना को मिली हरी झंडी

    Tejas mark -1

    वायु सेना का तीसरा तेजस लड़ाकू विमान हादसे का शिकार, पायलट सुरक्षित; हादसे की जांच जारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान ने भारत का किया धन्यवाद

    ईरान ने भारत का किया धन्यवाद, कोच्चि डॉकिंग पर जयशंकर ने संसद को बताया हाल

    ईरान का बहरीन की BAPCO तेल रिफाइनरी पर हमला

    ईरान के हमले के बाद BAPCO रिफाइनरी से उठता दिखा घना धुआं

    आईआरआईएस डेना

    ईरानी युद्धपोत ‘IRIS देना’ पर हमला युद्ध का परिणाम, भारतीय नौसेना को इसमें घसीटना प्रोपेगेंडा से ज्यादा कुछ नहीं

    इज़राइल और ईरान

    इज़राइल और ईरान: सद्दाम के खिलाफ रणनीतिक सहयोगी से बदलते रिश्तों के कारण कट्टर प्रतिद्वंद्वी बने

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    पाश्चात्य सभ्यता में महिलाओं को कमतर आँकने के विचार को एक सिद्धान्त ने और पुष्ट किया कि उनमें आत्मा नहीं पायी जाती है।

    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: नारी सशक्तिकरण और पाश्चात्य Vs वैदिक दर्शन, क्या वैदिक काल में महिलाओं को प्राप्त अधिकारों का स्तर हासिल कर सके हैं पश्चिमी देश?

    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ओम बिरला को हटाने का प्रस्ताव

    ओम बिरला को हटाने का प्रस्ताव: संसद में सरकार-विपक्ष आमने-सामने

    जयशंकर बोले – भारत की प्रगति का रास्ता भारत खुद तय करेगा

    अमेरिका के बयान पर विदेश मंत्री जयशंकर की प्रतिक्रिया, कहा– भारत आगे बढ़ता रहेगा

    कल्पवृक्ष बुक क्लब

    कल्पवृक्ष बुक क्लब, उदयपुर में “अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस” पर महिला विशेष पुस्तक सत्र आयोजित

    सीमांचल को लेकर पप्पू यादव के ट्वीट पर गृह मंत्री का जवाब

    सीमांचल बनेगा केंद्र शासित प्रदेश? सरकार ने सामने रखी सच्चाई

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    रूस से 5 और S-400 खरीदने को वायु सेना को मिली हरी झंडी

    रूस से 5 और S-400 खरीदने को वायु सेना को मिली हरी झंडी

    Tejas mark -1

    वायु सेना का तीसरा तेजस लड़ाकू विमान हादसे का शिकार, पायलट सुरक्षित; हादसे की जांच जारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान ने भारत का किया धन्यवाद

    ईरान ने भारत का किया धन्यवाद, कोच्चि डॉकिंग पर जयशंकर ने संसद को बताया हाल

    ईरान का बहरीन की BAPCO तेल रिफाइनरी पर हमला

    ईरान के हमले के बाद BAPCO रिफाइनरी से उठता दिखा घना धुआं

    आईआरआईएस डेना

    ईरानी युद्धपोत ‘IRIS देना’ पर हमला युद्ध का परिणाम, भारतीय नौसेना को इसमें घसीटना प्रोपेगेंडा से ज्यादा कुछ नहीं

    इज़राइल और ईरान

    इज़राइल और ईरान: सद्दाम के खिलाफ रणनीतिक सहयोगी से बदलते रिश्तों के कारण कट्टर प्रतिद्वंद्वी बने

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    पाश्चात्य सभ्यता में महिलाओं को कमतर आँकने के विचार को एक सिद्धान्त ने और पुष्ट किया कि उनमें आत्मा नहीं पायी जाती है।

    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: नारी सशक्तिकरण और पाश्चात्य Vs वैदिक दर्शन, क्या वैदिक काल में महिलाओं को प्राप्त अधिकारों का स्तर हासिल कर सके हैं पश्चिमी देश?

    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अफ़ग़ानिस्तान के हिन्दू: सहस्राब्दी का वो नरसंहार, जिसके बारे में कोई चर्चा नहीं करना चाहता

हिंदुओं के लिए कब आवाज उठेगी?

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
18 August 2021
in चर्चित
अफ़ग़ानिस्तान के हिंदुओं का नरसंहार
Share on FacebookShare on X

हाल ही में अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबान ने दो दशक बाद अपना आधिपत्य पुनः जमा लिया है। मुल्ला बरादर के नेतृत्व में तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान के शासन पर फिलहाल के लिए कब्जा जमा लिया है। जहां एक ओर अफ़गान नागरिक तालिबान के बर्बर शासन के बारे में सोचकर ही भयभीत हो रहे हैं और किसी भी तरह बस निकलना चाहते हैं, तो वहीं कुछ राजेश कुमार जैसे वीर हिन्दू पुजारी भी हैं, जो अपनी संस्कृति को त्याग कर कहीं नहीं जाएंगे, चाहे जान पर ही क्यों न बन आए। लेकिन, कभी जिस अफ़ग़ानिस्तान के चर्चे हमारे वेद पुराणों में गांधार राज्य के नाम से होते थे, जिस अफ़ग़ानिस्तान में कभी मंत्रोच्चार और बौद्ध धर्म के अलावा किसी धर्म के बारे में उल्लेख तक नहीं होता था, वहाँ पर इस्लाम का ऐसा क्या आधिपत्य हुआ, कि आज केवल मुट्ठी भर हिन्दू और सिख ही बच पाए हैं? आखिर दुनिया भर के बुद्धिजीवी, जो सीरिया जैसे देशों के हालात पर दहाड़ें मार-मार कर रोते हैं, अफ़ग़ानिस्तान के हिंदुओं का नरसंहार पर मौन व्रत क्यों धारण कर लेते हैं?

और पढ़ें : ‘तालिबान भले ही मुझे मार डाले, मैं मंदिर छोड़ के नहीं जाऊंगा’, अफ़ग़ानिस्तान के हिंदू मंदिर के आखिरी पुजारी ने किया ऐलान

संबंधितपोस्ट

रूस हारा, अमेरिका हारा, अब पाकिस्तान की तालिबान से जंग की डींगे: अंतरराष्ट्रीय मज़ाक और उसकी वास्तविक कमजोरी

भारत ने चुपचाप बनाई नई भू-रणनीतिक धुरी, पीओके से लेकर बलूचिस्तान तक पाकिस्तान की दरकने लगी ‘पूर्वी दीवार’, जानें क्या है तालिबान-दिल्ली डील का असली मतलब?

तालिबान का ‘ग्रेटर अफ़ग़ानिस्तान’ नक्शा: लाहौर पर सार्वजनिक तमाचा, पाकिस्तान की सीमाएं और राजनीतिक कमजोरी बेनकाब

और लोड करें

अफ़ग़ानिस्तान में हिंदुओं का इतिहास और नरसंहार

एक समय अफ़ग़ानिस्तान में केवल सनातन धर्म की ही गूंज होती थी। कुषाण वंश के राजा कनिष्क का अधिकतम राज्य इसी क्षेत्र में फैला हुआ था। कुषाण वंश के शासन काल में ही बौद्ध धर्म का भी विस्तार हुआ। लेकिन 8 वीं शताब्दी में जब मुहम्मद बिन कासिम ने सिंध पर हमला किया, तो अफ़ग़ानिस्तान भी अरबों के प्रकोप से नहीं बच पाया। धीरे-धीरे इस्लामिक आक्रांताओं का प्रकोप बढ़ता ही गया, और कभी अफ़ग़ानिस्तान में जिस सनातन धर्म की जयजयकार होती थी, वो एक कोने तक ही सिमट कर रह गया। हालांकि मराठा योद्धाओं के अनेक अभियानों और सिख योद्धाओं जैसे हरी सिंह नलवा के युद्धों के कारण 18 वीं से 19 वीं शताब्दी के बीच इस्लामिक आक्रान्ताओं के विरुद्ध काफी विद्रोह भी हुआ। परंतु अनेक आघात होने के बावजूद 1970 के प्रारम्भिक दशक तक भी 2 लाख से अधिक हिन्दू और सिख अफ़ग़ानिस्तान में निवास करते थे। उसके बाद से अफ़ग़ानिस्तान के हिंदुओं और सिखों का नरसंहार हुआ कि अब ये संख्या 100 – 200 के आसपास भी नहीं है।

उत्तरी अफ़ग़ानिस्तान के बल्ख में प्रसिद्ध फ़ारसी बौद्ध मठ, जिसे नव विहार (“नया मठ”) के रूप में जाना जाता है, सदियों से मध्य एशिया बौद्ध शिक्षा के केंद्र के रूप में कार्य करता था। अफ़ग़ानिस्तान में बौद्ध धर्म 7वीं शताब्दी में मुस्लिम विजय के साथ लुप्त होने लगा था और अंत में 11वीं शताब्दी में गजनवी के दौरान समाप्त हो गया।

हिन्दू कुश पहाड़ी का नाम हिन्दू कुश क्यों पड़ा

आपको पता है अफ़ग़ानिस्तान में हिन्दू कुश पहाड़ी शृंखला का नाम वैसा क्यों रखा है? इसके पीछे का राज स्वयं मोरोक्को के चर्चित यात्री इतिहासकार इब्न बतूता ने बताया है, जो कभी तुगलक सल्तनत में दरबारी भी हुआ करते थे। उनके अनुसार हिन्दू कुश पहाड़ी का नाम इसलिए पड़ा क्योंकि इसी घाटी में वर्षों तक विदेशी आक्रांता, चाहे वो अरबी हो, तुर्की हो या फिर अफगानी, हिंदुओं को ‘मृत्युदंड’ देने के लिए यहाँ लाया करते थे। हिंदुओं के नरसंहार के लिए ये घाटी बहुत कुख्यात थी, इसीलिए इस पहाड़ी / घाटी शृंखला का नाम हिन्दूकुश पड़ा।

और पढ़ें : पाकिस्तान का एक ही उद्देश्य है, अफ़ग़ानिस्तान में बड़े पैमाने पर हिन्दुओं का नरसंहार किया जाये

सहस्राब्दी का नरसंहार

इतिहासकार इंदरजीत सिंह के अनुसार 1970 तक कम से कम 2 लाख से अधिक हिन्दू और सिख अफ़ग़ानिस्तान निवास करते थे। 2020 तक आते-आते यही संख्या लगभग 700 हिन्दू और सिखों तक सिमट गई। लेकिन इसके पीछे प्रमुख कारण क्या है? कारण एक ही है – अफ़ग़ानिस्तान में कट्टरपंथी इस्लाम का बढ़ता प्रभाव। तालिबान के आने से पहले अधिकांश हिंदू 90 के दशक के मध्य में या तो भाग गए या फिर वे आतंकियों के नरसंहार के शिकार हुए। जिस पैमाने पर अफ़ग़ानिस्तान में हिंदुओं और सिखों का नरसंहार हुआ है उसे अगर सहस्राब्दी का नरसंहार यानी The genocide of the millennium कहा जाए तो भी कम ही होगा।

पिछले ही वर्ष अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में एक गुरुद्वारे पर आतंकी हमला हुआ, जिसमें 27 अल्पसंख्यक सिखों को निशाना बनाकर मार दिया गया। एक फिदायीन ने अपने को पहले बम से उड़ा दिया और बाकि आतंकियों ने गुरुद्वारे पर ताबड़तोड़ गोलियाँ बरसानी शुरू कर दी। असल में मुद्दा यह है कि अफ़ग़ानिस्तान के 27 अल्पसंख्यक सिखों का नरसंहार हुआ है। इससे पहले भी अफ़ग़ानिस्तान में हिन्दू और सिखों पर आतंकी हमले हो चुके हैं। लेकिन कभी किसी को आर्थिक सहायता तो दूर, कोई दिलासा और भरोसा तक नहीं दिया गया।

अफ़ग़ानिस्तान का कोई आधिकारिक जनगणना नहीं है। स्वयं अमेरिका के स्टेट्स डिपार्टमेंट और मीडिया के अनुसार 1990 में वहाँ 1 लाख हिन्दू और सिख आबादी थी, जोकि अब 300 के करीब भी नहीं होगी। अब आप स्वयं अंदाजा लगाइए कि उन 97,000 हिन्दुओं और सिखों के साथ क्या हश्र हुआ होगा।

अब सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और सामाजिक तौर पर भारत उनके लिए एकमात्र उम्मीद की किरण है। भारत में भी पिछले कई दशकों से यह सवाल उठता रहा है कि अफ़ग़ानिस्तान के अल्पसंखक समुदाय के मानवाधिकारों की रक्षा के लिए संवैधानिक कदम उठाए जाने चाहिए। वर्षों तक अनदेखा किया जाने के बाद आखिरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की केंद्र सरकार ने साल 2019 में भारतीय नागरिकता कानून में एक संशोधन संसद से पारित करवाया, जिसका एकमात्र ध्येय पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान और बांग्लादेश के धार्मिक अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता प्रदान करना था। लेकिन इसके पीछे देशभर में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए, मानो हिंदुओं के हक में आवाज उठाना एक अक्षम्य अपराध है।

राजधानी दिल्ली सहित देशभर के शहरों में कट्टरपंथियों द्वारा पत्थरबाज़ी, हिंसा और आगजनी की गई। इस संशोधन का भारतीय नागरिकों से कोई लेना-देना नहीं था। सरकार की तरफ से लगातार भरोसा दिया गया कि किसी भी भारतीय नागरिक विशेषकर मजहब विशेष की नागरिकता को कोई नुकसान नहीं है। लेकिन फेक न्यूज के नाम पर पूर्वोत्तर दिल्ली में दंगे तक भड़काए गए, और ना जाने कितने निर्दोष हिंदुओं को मौत के घाट उतार दिया होगा।

अब एक प्रश्न ये उठता है : आखिर अफ़ग़ानिस्तान के इन हिंदुओं को और कितने अत्याचार झेलने होंगे? न इनके अपने घर में इनकी सुनने को कोई तैयार है, और यदि ये भारत में शरण लेना चाहिए, तो अपनी निकृष्ट राजनीति के लिए कुछ नीच लोग इन्हे शरण ही नहीं लेने देंगे।

Tags: अफ़ग़ानिस्तानसनातन धर्मंहिन्दू
शेयर197ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

‘वे हमारी विदेश नीति तय नहीं कर सकते’ इस्तेमाल करने के बाद तालिबान अब पाकिस्तान को दुत्कारने के लिए तैयार है

अगली पोस्ट

एक महिला को हवा में उछालते रहे 400 पाकिस्तानी, उसके कपड़े फाड़कर मना रहे थे ‘आज़ादी का जश्न’

संबंधित पोस्ट

कल्पवृक्ष बुक क्लब
चर्चित

कल्पवृक्ष बुक क्लब, उदयपुर में “अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस” पर महिला विशेष पुस्तक सत्र आयोजित

7 March 2026

कल्पवृक्ष रीडिंग क्लब, उदयपुर द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष पुस्तक समीक्षा सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें भारतीय साहित्य में नारी...

डिजिटल सुरक्षा की दिशा में कदम
चर्चित

कर्नाटक और आंध्र प्रदेश का बड़ा कदम: कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बंद करने की योजना

7 March 2026

डिजिटल युग में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कर्नाटक और आंध्र प्रदेश की सरकारों ने कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल...

मेट्रो को दी नई रफ्तार
चर्चित

पीएम मोदी ने दिल्ली मेट्रो को दी नई रफ्तार, दो कॉरिडोर शुरू और तीन नई लाइन की नींव रखी

6 March 2026

 पीएम मोदी बड़ा बदलाव करने जा रहे हैं, फिर से दिल्ली वालों को नई सौगात देने वाले हैं, दरअसल, पीएम मोदी  8 मार्च को दो...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited