इमरान खान का रंगीन पोस्टर, जो उनके और बोरिस जॉनसन के बीच एक कॉल का जश्न मनाता है, अवश्य देखिए

फोन पर बातचीत भी पाकिस्तान ऐसे सेलिब्रेट करता है मानो जंग जीत ली हो।

टेलीफोन कॉल

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को जग हंसाई करवाने की आदत हो चुकी है। आए दिन उनको राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेइज्जती का सामना करना पड़ता है। अब तो लगता है कि इमरान खान प्रधानमंत्री नही, मीम बनाने के मटेरियल हैं। हाल ही में उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ ने फिर से उन पर हंसने का कारण दे दिया है।

हर नेता चाहता है कि ज्यादा से ज्यादा लोग उसे पहचानें और जब आपका राजनीतिक कद देश में सबसे बड़ा हो तो यह भी जरूरी हो जाता है कि लोग आपके कामों और उपलब्धियों को जानते रहें। उदाहरण के लिए आप नितिन गडकरी और तेजप्रताप यादव की प्रोफाइल को देख सकते है। इमरान खान भले ही एक राष्ट्र के प्रमुख है लेकिन उनके सरकार में आने से कुछ भी नही बदला है।

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अभी भी विदेशी सहायता पर पाकिस्तान चल रहा है जैसे वो पहले चलता था। बस कटोरे में भीख देने वाला व्यक्ति बदल गया है। कभी वो अमरीका था, आज वो चीन है। इमरान खान देश के लोगों को यह विश्वास दिलाना चाहते हैं कि वैश्विक स्तर पर उनकी मांग है, उनकी चर्चा है लेकिन सच बात तो यह है कि छः महीने से इंतजार करने वाले इमरान खान को अभी तक जो बाइडन ने फोन भी नही किया है।

हाल ही में इमरान खान की पार्टी ने इमरान खान के रंग-बिरंगे तस्वीरों को ट्विटर पर साझा किया है। इन तस्वीरों के जरिए दो देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच सामान्य-सी होनी वाली टेलीफोन कॉल बातचीत को इमरान खान की पार्टी बहुत बड़ी उपलब्धि बनाकर पेश कर रही थी लेकिन यहां दांव उल्टा पड़ गया। लोग तस्वीरों पर तंज कसने लगे और इमरान के नाम का मजाक उड़ाने लगे।

पीटीआई के ट्विटर हैंडल ने एक पोस्टर साझा किया जिसमें उनके अनुसार इमरान खान को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने टेलीफोन कॉल किया था। पार्टी ने ट्वीट किया, “प्रधानमंत्री @ImranKhanPTI को आज ब्रिटिश प्रधान मंत्री @BorisJohnson🇬🇧 का टेलीफोन कॉल आया।”

 

इसी तरह, जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल से एक टेलीफोन कॉल प्राप्त करने के बाद, पार्टी के हैंडल ने ट्वीट किया, “प्रधानमंत्री @ImranKhanPTI को जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल का टेलीफोन कॉल आया,”

 

किसी भी पोस्टर में सबसे अधिक जानकारी नीदरलैंड के प्रधानमंत्री मार्क रूट के साथ हुई फोन कॉल के बारे में थी। उस ट्वीट में लिखा था, “प्रधानमंत्री @ImranKhanPTI को आज डच प्रधानमंत्री मार्क रूटे ने टेलीफोन कॉल किया। अफगानिस्तान की ताजा स्थिति पर चर्चा की हुई। डच प्रधान मंत्री ने उनके निकासी प्रयासों के समर्थन और सुविधा के लिए धन्यवाद व्यक्त किया।

 

जनता ने इमरान खान की पार्टी के टेलीफोन कॉल ट्विट्स का मजाक बनाना शुरू कर दिया। एक यूजर ने लिखा, “जब आप नौकरी से नफरत करते हो और आपको बेवकूफ इमरान खान का पोस्टर बनाना हो, सिर्फ इसलिए क्योंकि पश्चिम से मान्यता प्राप्त करनी है।”

 

एक व्यक्ति ने यह भी लिखा की इस महान अवसर पर राष्ट्रीय छुट्टी का एलान कर देना चाहिए।

 

पाकिस्तान की पीड़ा समझी जा सकती है। अमेरिका से चंदा बंद है। दूसरे पश्चिमी देश भी पाकिस्तान को भाव नहीं दे रहे हैं। पाकिस्तान को मुफ्त की रोटी खाने की आदत हो चुकी है, इसलिए वो बार-बार चाटूकारिता करता रहता है।

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मानसिक रूप से गुलाम पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के लिए शायद ही इससे बड़ी कोई उपलब्धि हो, जो वो किसी को बता सकें।

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