TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    सरस्वती धरोहर विकास बोर्‍ के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती के उद्गम स्थल पर

    मोदी के ‘सेवा संकल्प’ को सरस्वती के पुनरुद्धार से जोड़ रहा हरियाणा, ‘आदि बद्री’ से सभ्यता और संस्कृति को सहेजने की मुहिम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    सरस्वती धरोहर विकास बोर्‍ के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती के उद्गम स्थल पर

    मोदी के ‘सेवा संकल्प’ को सरस्वती के पुनरुद्धार से जोड़ रहा हरियाणा, ‘आदि बद्री’ से सभ्यता और संस्कृति को सहेजने की मुहिम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अगर ममता भवानीपुर उप-चुनाव हारती हैं तो बंगाल और TMC सदा के लिए बदल जाएंगे

TFI Desk द्वारा TFI Desk
5 September 2021
in समीक्षा
ममता भवानीपुर सीट से लड़ेंगी चुनाव
Share on FacebookShare on X

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राष्ट्रीय राजनीति में हाथ मारने के प्रयास कर रही हैं, किंतु वर्तमान में वो एक विधायक तक नहीं हैं। विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की तो जीत हुई, पर ममता सुवेंदु अधिकारी के सामने अकड़ दिखाने की राजनीतिक अपरिपक्वता के कारण स्वयं ही नंदीग्राम से चुनाव हार गईं। ऐसे में टीएमसी के नेताओं की उपचुनाव कराने की आतुरता के बीच निर्वाचन आयोग ने बंगाल में उपचुनाव का ऐलान कर दिया है। यदि ममता चुनाव जीत गईं तो बंगाल की स्थिति यथावत् ही रहेगी, किन्तु इसके विपरीत अब सवाल ये है कि तब क्या होगा, यदि ममता अपनी परंपरागत सीट भवानीपुर से विधानसभा उपचुनाव ही हार जाएं?

ममता के पास परिवार के अलावा और कोई विश्वसनीय नेता नहीं है। ऐसे में क्या भरोसा कि ममता की हार के बाद जो नेता सीएम की कुर्सी पर बैठेगा, वो पूरे पांच वर्ष तक ममता की ही बात मानेगा । ऐसे में ममता की राजनीतिक ताकत पूर्णतः खत्म हो सकती है। वहीं उनकी गैर-मौजूदगी में टीएमसी की इस बर्बादी का असल कारण केवल नंदीग्राम से ममता के चुनाव लड़ने का अपरिपक्व निर्णय ही होगा। चुनाव आयोग के मुताबिक 30 सितंबर को उपचुनाव के लिए मतदान होगा, एवं 3 अक्टूबर को नतीजे आएंगे। ऐसे में ये कहा जा सकता है कि ममता के लिए ये एक महीना बेहद भारी होने वाला है।

संबंधितपोस्ट

AMCA, राफेल और तेजस: भारत एक साथ तीन लड़ाकू विमान कार्यक्रमों पर क्यों कर रहा है काम?

भारत की तरक्की समुद्र से जुड़ी, नौसेना प्रमुख बोले- देश को तीसरे एयरक्राफ्ट कैरियर की जरूरत

बैंक हड़ताल टली, 28 से 30 सितंबर तक सामान्य रहेंगी बैंकिंग सेवाएं; 26 अक्टूबर की हड़ताल भी स्थगित

और लोड करें

टीएफआई आपको पहले ही बता चुका है कि भवानीपुर सीट पर ममता का 2016 विधानसभा चुनाव का रिकॉर्ड अच्छा नहीं था। इतना ही नहीं, हाल के विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद भी राज्य में जो हिंसा हुई थी, उसमें टीएमसी के ही नेताओं और कार्यकर्ताओं की भूमिका स्पष्ट होने के बाद बहुसंख्यकों के बीच ममता की लोकप्रियता में बड़ी कमी आ सकती है। बीजेपी भी इस राजनीतिक हिंसा को भवानीपुर उप-चुनाव में मुख्य मुद्दा बना सकती है। एक इंटरव्यू  में बंगाल बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष भी ऐलान कर चुके हैं, कि पार्टी ममता के विरुद्ध विधानसभा चुनाव मे पूरी ताकत झोंकेगी और एक लोकप्रिय चेहरा भी उतार सकती है। ऐसे में मुख्य सवाल यही उठता है कि ममता उपचुनाव जीत गईं तब तो सब वैसा ही चलेगा जैसा ममता चलाती आई हैं, किन्तु यदि हार गईं तो क्या होगा?

और पढ़ें- ममता अगर उप-चुनाव हारीं तो इतिहास में वो पद पर रहते हुए हारने वाली तीसरी मुख्यमंत्री होंगी

ममता बनर्जी के बाद पार्टी की अन्य लीडरशिप की बात करें, तो महत्वपूर्ण बात ये है कि ममता भतीजे अभिषेक बनर्जी के अलावा अन्य टीएमसी नेताओं पर विश्वास नहीं करती हैं, किन्तु वो भी लोकसभा सांसद हैं। इसके अलावा डेरेक ओ ब्रायन एवं महुआ मोइत्रा टीएमसी के महत्वपूर्ण नेता तो हैं, लेकिन इन्हें जनता से जुड़ा नेता नहीं माना जाता है एवं ये दोनों भी राज्यसभा सांसद हैं। भतीजे समेत डेरेक या महुआ को ममता सीएम बनाने के लिए तैयार भी हो जाती हैं, तो इन तीनों के साथ भी वही दिक्कत होगी, जो ममता को विधायक न होने के कारण हो रही है, क्या पता पुनः उपचुनाव कराने के मुद्दे पर आयोग सहमत हो न हो। इसके अलावा ममता पहले मुकुल रॉय पर जितना विश्वास करती थीं, बीजेपी में जाने और पुनः टीएमसी में आने के बावजूद अब उन पर भी ममता का विश्वास नहीं रहा है। वहीं अपनी गैर-मौजूदगी में केन्द्र की राजनीति करने के लिए एक समय ममता ने जिस नेता पर भरोसा किया था, वो दिनेश त्रिवेदी भी अब बीजेपी में जा चुके हैं। इसके अलावा ममता का राज्य में जो सबसे विश्वसनीय चेहरा था, वो ही ममता की इस सबसे बड़ी मुसीबत का कारण (सुवेंदु अधिकारी) है।

इसके अलावा उनके सामने विकल्प नुसरत जहां से लेकर मिमी चक्रवर्ती जैसे नेताओं के ही बचते हैं, किन्तु ये सभी न ज्यादा विश्वास पात्र हैं और न ही राजनीतिक रूप से परिपक्व। ऐसे में ममता के सामने एक ही विकल्प होगा, कि वो अपने किसी करीबी को सीएम पद की कुर्सी पर बिठाएं, जो उनकी मर्जी के अनुसार काम करे। ममता के पास रिमोट कंट्रोल की सरकार चलाने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं बचेगा। ऐसा नहीं हैं कि रिमोट कंट्रोल की सरकार से ममता की मुश्किलें खत्म हो जाएंगी, अपितु इसमें उनकी मुसीबतों में बढ़ोतरी ही होगी।

भारतीय राजनीति में रिमोट कंट्रोल की सरकार ज्यादा दिन तक नहीं चल पाती, यद्यपि कोई पूर्व पीएम डॉ मनमोहन सिंह की तरह पार्टी प्रमुख के प्रति घोर चाटुकार न हो। रिमोट कंट्रोल सरकार चलाने की मंशाओं के विफल होने का बड़ा उदाहरण पूर्व पीएम पी. वी. नरसिम्हा राव हैं। 1991 के लोकसभा चुनाव के बाद तत्कालीन राजनीति की कच्ची खिलाड़ी सोनिया गांधी ने सोचा था कि वो रिमोट कंट्रोल से सरकार चलाएंगी। यही कारण था कि उन्होंने पी. वी. नरसिम्हा राव को चुना था, जबकि सूची में प्रणब मुखर्जी का नाम भी था, जो कि बाद में देश के राष्ट्रपति भी बनें।

पी. वी. नरसिम्हा राव को सरकार का नेतृत्व देने के बाद सोनियां गांधी को आभास हो गया कि उन्होंने सबसे बड़ी गलती कर दी। नरसिम्हा राव को राष्ट्रवादी नेता माना जाता था, यही कारण है कि उनकी प्रशंसा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपयी से लेकर वर्तमान पीएम नरेन्द्र मोदी तक कर चुके हैं। नरसिम्हा राव ने राजनीतिक कुशलता का प्रयोग करते हुए सरकार चलाई, और गांधी परिवार के निजी स्वार्थों को भाव नहीं दिया। इसी का नतीजा था, कि राव के करीबी माने जाने वाले सीताराम केसरी को कांग्रेस अध्यक्ष पद एवं कांग्रेस दफ्तर से अपमानित करके निकाला गया था।

वहीं, दूसरा सबसे बड़ा उदाहरण बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी हैं। बीजेपी के पीएम उम्मीदवार के रूप में नरेन्द्र मोदी को चुने जाने के बाद मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जब बीजेपी से 2013 में गठबंधन तोड़ा था, तो दलित  राजनीति का खेल खेलने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री पद अपने चाटुकार नेता जीतन राम मांझी को दिया।  मई 2014 को मांझी ने शपथ ली, और उसके बाद वो अपने मन से सरकार चलाने लगे; जिसका नतीजा ये हुआ कि नीतीश ने षडयंत्रों के दम पर फरवरी 2015 में पुनः सीएम पद मांझी से छीना। इस पूरे प्रकरण से न केवल दोनों के बीच खटास आई अपितु नीतीश का रानजीतिक करियर भी ढलान पर चला गया।

और पढ़ें- नंदीग्राम से हारने के बाद ममता भवानीपुर सीट से लड़ेंगी चुनाव, यह निर्णय घातक हो सकता है

रिमोट कंट्रोल सरकार को लेकर मनमोहन सिंह एवं सोनिया गांधी की सफलता के किस्से तो सुनाए जाते हैं, किन्तु इससे कांग्रेस की भी कम फजीहत नहीं हुई। कांग्रेस के राजनीतिक निर्वासन में जाने की एक बड़ी वजह मनमोहन सरकार का रिमोट सोनिया के पास होना भी था। इन उदाहरणों के आधार पर ये कहा जा सकता है कि यदि अपने परिवार के इतर ममता चुनाव हारने पर टीएमसी के किसी नेता को सीएम पद की कुर्सी देंगी, तो उनके लिए हमेशा ये चिंता रहेगी कि आखिर वो नेता कब तक रिमोट कंट्रोल पर काम करेगा, क्योंकि अभी तो नई सरकार का शुरूआती समय है।

चुनाव हुए 6 महीने भी नहीं हुए, ऐसे में यदि बंगाल को दूसरा मुख्यंमंत्री मिलता है, तो संभवतः वो 4 साल का लंबा कार्यकाल देखते हुए काम कर सकता है। ऐसे में सीएम न रहने पर ममता बनर्जी की सबसे बड़ी ताकत अर्थात बंगाल पुलिस से ममता का कंट्रोल खत्म हो सकता है। भले ही टीएमसी कार्यकर्ता ममता के प्रति वफादारी दिखायें पर कुछ तो नये मुख्यमंत्री की तरफ छुकाव रखेंगे ही। इससे टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच फूट बढ़ जायेगी और ममता की ताकत और कम हो जायेगी। वहीं, टीएमसी कार्यकर्ताओं पर उनके अपराधों के लिए कार्रवाई भी हो सकती है। ऐसे में ये निश्चित है कि ममता अपना राजनीतिक कंट्रोल बंगाल की राजनीति एवं सरकार से खो दें। नई विधानसभा के तुरंत बाद ममता के हटने के कारण राज्य में पार्टी बिखर भी सकती है। इस पूरे परिदृश्य के बीच यदि दोबारा ममता विधायकों के जरिए खेल करने की कोशिशें भी करती हैं, तो अंत में उन्हें विधायक तो बनना ही पड़ेगा, और निश्चित है कि जिस तरह से इस बार टीएमसी की बात मानकर संवैधानिक नियमों का पालन करते हुए आयोग उपचुनाव करा रहा है, संभवतः अगली बार चुनाव आयोग ममता को ही नजरंदाज कर दे।

इसी के चलते हम ये सोच सकते हैं कि अगर ममता ये उपचुनाव जीत गईं तो राज्य में सबकुछ सामान्य ही रहेगा, राजनीतिक हिंसा से लेकर मुस्लिम तुष्टीकरण एवं आर्थिक मोर्चे पर राज्य पिछड़ता हुआ ही दिखेगा। इसके विपरीत यदि ममता हार गईं तो ये बंगाल की राजनीति में ममता के रसूख के अंत का अध्याय शुरू हो जायेगा। ममता के सुवेंदु के विरोध में चुनाव लड़ने की उनकी गलती उनके राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी भूल साबित होगी, और ममता का राष्ट्रीय राजनीति में जाने का सपना भी चकनाचूर हो सकता है। वहीं ममता की हार के संबंध में ये परिदृश्य 2026 या उससे पहले भाजपा के लिए पश्चिम बंगाल मे स्वर्णिम युग ला सकता है।

शेयर18ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

BBC या PBC? पाकिस्तान का तालिबानी लिंक उजागर करने के लिए BBC ने किया विशेषज्ञ को OUT

अगली पोस्ट

देसी-विदेशी षड्यंत्रों के बावजूद भी नरेंद्र मोदी हैं विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता

संबंधित पोस्ट

बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा
समीक्षा

बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

18 September 2026

पुस्तक का नाम: कथा रूप: बलिदानी हेमू कालानी लेखक: किशोर कान्त प्रकाशक: सुरुचि प्रकाशन, नई दिल्ली पृष्ठ: 99 मूल्य: 149 प्रिंट भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का...

CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!
चर्चित

CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!

22 May 2026

पिछले कुछ दिनों से भारतीय सोशल मीडिया स्पेस, खासकर इंस्टाग्राम पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) नामक एक डिजिटल अभियान ने तहलका मचा रखा है। मीम्स,...

गवर्नर ने मांगा समर्थन का सबूत: क्या तमिलनाडु में विजय के साथ हो रहा है अन्याय?
चर्चित

गवर्नर ने मांगा समर्थन का सबूत: क्या तमिलनाडु में विजय के साथ हो रहा है अन्याय?

7 May 2026

तमिलनाडु की राजनीति आज एक ऐसे चौराहे पर खड़ी है जहाँ लोकतंत्र की परिभाषा और राज्यपाल के अधिकारों के बीच सीधी जंग छिड़ गई है।...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

F-35 vs Rafale? Inside India’s Biggest Air Exercise

F-35 vs Rafale? Inside India’s Biggest Air Exercise

00:05:54

China and the Philippines Are Fighting a War With Maps, Not Missiles

00:05:55

ONGC finds gas off Odisha: Can the Mahanadi basin fuel India’s energy future?

00:07:22

India-Russia Relations: Putin की रणनीति और भारत के लिए आगे क्या? | Maj Gen Deepak Mehra (Retd)

00:12:10

The Su-57 Question: Is India Taking a Huge Risk by Waiting for AMCA only ? IAF | Stealth fighter

00:05:37
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited