लंबे वक्त से बढ़ रहे पेट्रोल के दामों से राहत देते हुए दिवाली में मोदी सरकार ने एक्साइज ड्यूटी को कम कर दिया, जिसके फलस्वरुप इसकी कीमत में 5 रुपए की गिरावट देखने को मिली। वहीं, सभी बीजेपी शासित राज्य सरकारों ने भी पेट्रोल-डीजल पर लगने वाला वैल्यू ऐडेड टैक्स को कम किया है, जिसके कारण राज्यों में ₹12 तक पेट्रोल की कीमत में कमी आई है। इसके विपरीत एक राज्य के मुख्यमंत्री, जिन्होंने झूठ से ही अपनी राजनीति की शुरुआत की, लोगों को बड़े-बड़े हसीन सपने दिखाएं, दिल्ली के विकास के लिए कई बड़े और झूठे वादे किए!
वो खुद को जनता का सेवक बताते हैं, लेकिन उन्होंने अपने राज्य की जनता को निरस्त करने के उद्देश्य से ही संभवतः पेट्रोल डीजल पर लगने वाला वैट नहीं घटाया है। जी हां! हम दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ही बात कर रहे हैं। आश्चर्य की बात है कि दिल्ली में आज भी पुरानी कीमत पर पेट्रोल और डीजल खरीदा जा रहा है। जिसका नतीजा यह है कि दिल्लीवासी गुरुग्राम और नोएडा में जाकर धड़ल्ले से पेट्रोल भरवा रहे हैं, ऐसे में सर्वाधिक नुकसान दिल्ली के पेट्रोल डीलर्स को हो रहा है, जिसके लिए अब उन्होंने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से इस मुद्दे पर संज्ञान लेने की बात कही है।
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गुरुग्राम और नोएडा जा रहे लोग
कहा जाता है कि जब कहीं कम कीमत पर वही चीज मिल रही हो, तो व्यक्ति ज्यादा पैसा खर्च क्यों करे, दिल्ली के निवासियों के साथ भी कुछ ऐसा ही हो रहा है। एक तरफ जहां हरियाणा बॉर्डर पर लगे गुरुग्राम में पेट्रोल सस्ता है, तो ठीक उसी तरह नोएडा में भी पेट्रोल के दाम पहले से कम हो गए हैं, लेकिन दिल्ली में पेट्रोल अपनी पुरानी आग उगलती कीमतों के साथ दिल्लीवासियों की जेब को चोट पहुंचा रहा है। जिसका नतीजा यह है कि सस्ते पेट्रोल की इच्छा रखने वाले लोग गुरुग्राम और नोएडा जाकर अपनी गाड़ियों के टैंक फुल करा रहे हैं। जिसके कारण सबसे ज्यादा समस्या दिल्ली के पेट्रोल-डीजल के डीलर्स को हो रही है।
डीलर्स के सामने आई समस्याएं
इस मुद्दे को लेकर दिल्ली पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन की तरफ से कहा गया कि “दिल्ली की सीमा 15 किलोमीटर तक पड़ोसी राज्यों से लगती है और इसीलिए दिल्ली वाले पड़ोसी राज्यों में जाकर पेट्रोल और डीजल खरीद रहे हैं। पहले दिल्ली में पेट्रोल डीजल की कीमत कम होती थी, लेकिन VAT के चक्कर में यह कीमत पिछले कुछ सालों में काफी बढ़ गई है।” खास बात यह है कि कीमतों में क्षेत्र के आसपास इतना कम अंतर होने के चलते एसोसिएशन को पेट्रोल की स्मगलिंग का डर भी सता रहा है। इसकी एक बड़ी वजह यह भी है कि गुरुग्राम और नोएडा से पेट्रोल भरवाने के कारण दिल्ली के पेट्रोल-डीजल डीलर के मुनाफे में 50% की कमी दर्ज की गई है।
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वैट घटाने की मांग
वहीं, समस्या को बढ़ता देख दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुराग नारायण ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर पेट्रोल-डीजल पर वैट घटाने की मांग की है। उन्होंने कहा, “हमनें दिल्ली सरकार से वैट घटाने का आग्रह किया है, इससे आम आदमी पार्टी को आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान काफी मदद मिल सकती है। ऐसा करने से हमारी बिक्री अन्य राज्यों में स्थानांतरित नहीं होगी और राज्य सरकार को भी राजस्व का नुकसान नहीं होगा। वैट न घटाए जाने से दिल्ली में ईंधन की बिक्री 50 प्रतिशत घट चुकी है।”
विरोध की नौटंकी
बताते चलें कि देश में जब पेट्रोल-डीजल के दाम तेजी से बढ़ रहे थे, उस समय दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल लगातार मोदी सरकार और भाजपा पर महंगाई बढ़ाने का आरोप लगा रहे थे। किंतु जब दिवाली पर पेट्रोल-डीजल के दामों में कटौती कर मोदी सरकार और भाजपा शासित राज्य सरकारों द्वारा जनता को राहत देने की कोशिश की गई, तब भी गैर बीजेपी शासित राज्यों द्वारा जनता को राहत देने का कोई प्रयास नहीं किया गया। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की हालत भी वैसी ही हैं, क्योंकि उन्होंने दिल्ली में पेट्रोल डीजल के दामों को कम करने के लिए वैट में किसी प्रकार की कटौती नहीं की है, जिसके लिए उनकी खूब आलोचना की जा रही है।
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