TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भारतीय वायुसेना “ऑपरेशन सिंदूर” फॉर्मेशन के साथ फ्लायपास करेगी

    गणतंत्र दिवस: सेना दिखाएगी अपनी युद्ध शक्ति, एस-400 रक्षा प्रणाली होगी प्रदर्शित, 77वीं परेड में ईयू का दल भी होगा शामिल

    गणतंत्र दिवस पर आतंकी साजिश नाकाम

    गणतंत्र दिवस पर आतंकी साजिश नाकाम: पंजाब में आरडीएक्स और हथियारों के साथ बब्बर खालसा के आतंकी गिरफ्तार

    बांग्लादेश में बढ़ते संकट पर शेख हसीना की दो टूक

    शेख हसीना का आरोप: अंतरिम सरकार से बांग्लादेश का भविष्य खतरे में

    सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया धन्यवाद

    उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया नमन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भारतीय वायुसेना “ऑपरेशन सिंदूर” फॉर्मेशन के साथ फ्लायपास करेगी

    गणतंत्र दिवस: सेना दिखाएगी अपनी युद्ध शक्ति, एस-400 रक्षा प्रणाली होगी प्रदर्शित, 77वीं परेड में ईयू का दल भी होगा शामिल

    गणतंत्र दिवस पर आतंकी साजिश नाकाम

    गणतंत्र दिवस पर आतंकी साजिश नाकाम: पंजाब में आरडीएक्स और हथियारों के साथ बब्बर खालसा के आतंकी गिरफ्तार

    बांग्लादेश में बढ़ते संकट पर शेख हसीना की दो टूक

    शेख हसीना का आरोप: अंतरिम सरकार से बांग्लादेश का भविष्य खतरे में

    सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया धन्यवाद

    उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया नमन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

खुद तो धड़ल्ले से निलंबित किया पर बात अपने पर आई तो विपक्ष को नैतिकता याद आई है

'जनता 'सनीमा' देखे और भाड़ में जाए देश का लोकतन्त्र!'

Aniket Raj द्वारा Aniket Raj
30 November 2021
in मत
सांसद
Share on FacebookShare on X

संसद सर्वोच्च है। श्रेष्ठ से भी श्रेष्ठतम और श्रेष्ठतम से भी श्रेष्ठ है। यही हमारे लोकतन्त्र का आधार और भारत की पहचान है। सदियों के सतत संघर्ष पश्चात जो एक थाती हमने पायी वो संसद ही है। ब्रिटेन के महान अधिवक्ता और लोकतन्त्र समर्थक Jean-Louis de Lolme अपनी पुस्तक Constitution de l’Angleterre में अंकित करते हैं कि संसद पुरुष को स्त्री बनाने के अलावा सभी कार्य कर सकती है। हालांकि, सबसे बड़ी बात यह है कि इस सर्वोच्च शक्ति के केंद्र बिन्दु आप हैं। आप ही इसके सामार्थ्य के स्रोत हैं। लोकतान्त्रिक प्रक्रिया में आप ही, प्रतिनिधियों के रूप में स्वयं का चुनाव कर के, उनके माध्यम से स्वयं को लोकतन्त्र के इस मंदिर में स्थापित करते हैं। अतः स्वाभाविक रूप से आप यह अपेक्षा रखते है कि ये सांसद संसदीय गरिमा के अनुरूप अनुपालन करें क्योंकि संसद या किसी राज्य के विधायी सदन में ये आप ही को प्रतिबिम्बित करते हैं। संसद में किए इनके आचरण को दुनिया देखती है और इसी से हमारी मातृभूमि की पहचान बनती है।

और पढ़ें:- 26 विधेयक पारित करने चली मोदी सरकार और 12 विपक्षी सांसद पहले ही हिट विकेट

संबंधितपोस्ट

विधेयकों को मंजूरी देने के लिए समयसीमा से बाध्य नहीं हैं राष्ट्रपति और राज्यपाल , प्रेसिडेंट मुर्मू के सवालों पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या जवाब दिया, और ये क्यों महत्वपूर्ण हैं?

जेपी नड्डा के घर ‘डिनर’ से शुरू- पीएम मोदी के घर ‘डिनर’ पर खत्म: भाजपा सांसदों की ‘क्लास’ में क्या है ख़ास ?

ट्रक भर दस्तावेज़ या ठोस जवाब? सिंधु जल संधि पर नेहरू के बयान से उठी थी यह बहस

और लोड करें

हालांकि, कुछ जन प्रतिनिधि, चाहे वो सांसद हों या विधायक, इसकी गरिमा को भूल, अपने आचरण और निजी राजनीतिक स्वार्थ की पूर्ति हेतु इसे कलंकित करने का कोई अवसर नहीं छोड़ते। वो भूल जाते हैं कि आलाकमान के आदेश से पहले मिट्टी की पहचान है। वाजपेयी जी के कथानुसार- “सरकारें आएंगी, जाएंगी पर यह देश रहना चाहिए, इसका लोकतन्त्र रहना चाहिए।”

परंतु, सेवा के बजाय सत्ता को ही राजनीति का एकमात्र सिद्धान्त समझने वाली काँग्रेस ने लोकतन्त्र के इस ब्रम्हवाक्य को ताक पर रख दिया है।

काँग्रेस का यह विकृत कृत्य हमारे लोकतान्त्रिक और संसदीय इतिहास का सबसे कलंकित अध्यायों में शामिल हो चुका है। 11 अगस्त 2021 को संसद में जो हुआ उससे हम आपको अवगत कराते हैं और निर्णय आप पर छोड़ते है।

विपक्ष का विकृत कृत्य

टीएमसी सांसद डोला सेन ने अपने सहयोगी सांसद शांता छेत्री के गले में दुपट्टे का लूप फसांकर, सदन की स्थगित करने की नियति से ज़ोर-ज़ोर से नारेबाजी करने लगीं। इसी अवस्था में दोनों वेल तक पहुँच गए और कार्य को बाधित करेने लगे। तभी अचानक कांग्रेस सांसद फूलो देवी और छाया वर्मा कागज फाड़कर सदन के पटल पर फेंकनें लगीं। इस अराजकता का लाभ उठाकर भाकपा सांसद बिनॉय विश्वम,एलाराम करीम,राजमणि पटेल और शिवसेना के अनिल देसाई ने सदन के पटल पर रखे कागजात छीन लिए। कांग्रेस के अखिलेश प्रसाद सिंह द्वारा सुरक्षाकर्मियों को तुरंत धक्का मारा और डोला सेन ने सभापति के कक्ष से सदन में अपनी सीट पर बैठने के लिए आ रहे सदन के नेता और संसदीय कार्य मंत्री रास्ते को अवरुद्ध कर दिया। इतना ही नहीं उन्होंने उनके साथ धक्का-मुक्की भी की। इतना ही नहीं TMC सांसद डोला सेन ने बहस की और संसद सुरक्षा सेवा (पीएसएस) की महिला अधिकारियों को भी धक्का दिया। कांग्रेस के नसीर हुसैन और शिवसेना की प्रियंका चतुर्वेदी ने कागज फाड़कर सदन के पटल की ओर फेंक दिया। कांग्रेस के रिपुन बोरा कुर्सी के बाईं ओर लगे एलईडी टीवी स्टैंड पर चढ़कर चिल्लाने लगे। इलामाराम करीम ने सुरक्षा घेरा तोड़ने के लिए एक पुरुष मार्शल की गर्दन पर वार कर उन्हें पीटा और घसीटा। एक महिला मार्शल को फूलो देवी नेताम और छाया वर्मा ने खींचकर घसीटा और वेल में उसके साथ मारपीट की। नसीर हुसैन और एलाराम करीम ने एक पुरुष मार्शल का कंधा पकड़ लिया और महिला मार्शल को बचाने की कोशिश कर रहे सुरक्षाकर्मी को पीटने की कोशिश की।

और पढ़ें:- न्यायपालिका या विधायिका नहीं बल्कि अतिरिक्त न्यायिक बुद्धिजीवियों के कारण भारत की न्यायिक प्रक्रिया धीमी है

ये वृतांत किसी मछली बाज़ार के नहीं बल्कि देश की सर्वोच्च संस्था संसद का है। जनप्रतिनिधियों के ऐसे आचरण पर जो आपका निर्णय होता वहीं सरकार का भी था।

संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन सरकार ने विपक्षी दलों के बारह राज्यसभा सांसदों को पिछले मानसून सत्र अर्थात 11 अगस्त 2021 को उनके अनियंत्रित,अराजक और निकृष्ट आचरण के कारण शेष सत्र के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया। निलंबित सांसद कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, भाकपा, माकपा और शिवसेना से हैं। सदस्य हैं – कांग्रेस के सैयद नसीर हुसैन, अखिलेश प्रसाद सिंह, फूलो देवी नेताम, छाया वर्मा, रिपुन बोरा और राजमणि पटेल,प्रियंका चतुर्वेदी, शिवसेना के अनिल देसाई; माकपा के इलामाराम करीम, भाकपा के बिनॉय विश्वम, तृणमूल के डोला सेन और शांता छेत्री।

चोरी भी और सीनाजोरी भी

परंतु, विपक्ष देश से क्षमा मांगना तो दूर अपने इस कृत्य के लिए शर्मिंदा भी नहीं है। ऊपर से आप “चोरी भी और सीनाजोरी भी” वाले कहावत का मानद उदाहरण देखिये। इन विपक्षी पार्टियों ने आपको दिग्भ्रमित करने कुत्सित प्रयास प्रारम्भ कर दिया है। आजकल धरने देकर लोकतन्त्र को ध्वस्त करने की रवायत चली है। विपक्ष भी यही करने जा रहा है। इन सभी सांसदों और उनकी पार्टियों ने संसद के शीतकालीन सत्र बहिष्कार करने का आह्वान किया है और संसद के बाहर धरने पर बैठने की धमकी भी दी है। ऊपर से जनता की हमदर्दी बटोरने के लिए विपक्ष सरकार को तनाशाह बता रहा है।

ऐसे में विपक्ष जनता की सहानुभूति प्राप्त करने में कामयाब हो भी जाए तो आश्चर्य की बात नहीं है क्योंकि हम लोकसभा टीवी नहीं बल्कि “सनीमा” देखनेवाले लोकतन्त्र है। हमें भ्रमित करना संसद को बाधित करने से भी सरल है। हालांकि, यह बताना आवश्यक है जिसके तहत ऐसे कलुषित कृत्य करने के कारण ऐसे सांसदों को निलंबित किया गया ताकि वो आपको दिग्भ्रमित ना कर सकें।

और पढ़ें:- भारत को दुनिया का Good Boy बनना बंद कर देना चाहिए

2001 में लोकसभा के नियम में संशोधन कर अध्यक्ष को एक अतिरिक्त शक्ति प्रदान की गई। नियम 374 A के अनुसार जनप्रतिनिधियों से देश और संसद एक संसदीय और गरिमामयी आचरण की अपेक्षा रखता है जिसमें किसी जनप्रतिनिधि को अभिव्यक्ति, चर्चा या प्रस्ताव के दौरान नारेबाजी या बाधा उत्पन्न ना करने जैसे निर्देश शामिल हैं। अगर वो शुचिता के इन मानद निर्देशों की अवज्ञा करते हैं तो सदन के कामकाज को बाधित करने के लिए अध्यक्ष को उन्हें निलंबित करने का अधिकार है।

जब विपक्ष ने भाजपा के नेताओं  बिना किसी कारण के निलंबित किया

अब ऐसे उदाहरण देना भी आवश्यक है जब बिना ऐसे नियमों का पालन किए राजनीतिक दुराग्रह के कारण भाजपा के नेताओं को इन ही विपक्षी पार्टियों ने सत्ता में रहते हुए निलंबित किया। इसी साल जुलाई में महाराष्ट्र में इसी शिवसेना सरकार द्वारा स्पीकर के कक्ष में पीठासीन अधिकारी भास्कर जाधव के साथ “दुर्व्यवहार” करने का गलत आरोप लगाकर बारह भाजपा विधायकों को महाराष्ट्र विधानसभा से एक साल के लिए निलंबित कर दिया गया था। इसी साल 17 मार्च को अपने फोन टेपिंग की जांच की मांग उठाने के लिए काँग्रेस की गहलोत सरकार मदन दिलावर को निलंबित कर दिया था।

2019 में बंगाल विधान सभा में तो ममता सरकार ने बिना किसी आरोप के बीजेपी के नेता को निलंबित कर दिया। कोई सुनवाई नहीं हुई और अंतत विरोध में दो भाजपा नेताओं ने त्यागपत्र दे दिया था।

आज जब न्याय और नियम के आधार पर इन नेताओं को निलंबित किया गया है तो देश से क्षमा मांगने के बजाए इन्होंने देश को दिग्भ्रमित करने का प्रयास किया है। देश की जनता ‘सनीमा’ देखने में व्यस्त है, ये वो भी जानते हैं, इसीलिए बार-बार ऐसा करने का दुस्साहस करते हैं। एक आंकड़े के अनुसार संसद का 80 प्रतिशत कार्य इन नेताओं की वजह से स्थगित हो जाता है। मॉनसून सत्र नेताओं के विरोध में व्यतीत हुआ। शीतकालीन सत्र उनके निलंबन के विरोध में व्यतीत होगा। जनता के हित के कानून गट्ठर में पड़े रहेंगे। बिना चर्चा के कानून पारित होने पर वही विपक्ष सड़क पर उतरकर देश रोक देगा और उस समय आरोप लगाएगा कि कानून पर चर्चा नहीं हुई। जनता ‘सनीमा’ देखे और भाड़ में जाए देश का लोकतन्त्र।

Tags: संसदसांसद
शेयर128ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

राणा राज सिंह : जिनके नाम से ही आलमगीर ‘त्राहिमाम’ कर उठता था

अगली पोस्ट

ऑस्ट्रेलिया बनाम चीन Trade war का अंतिम परिणाम आ चुका है और ऑस्ट्रेलिया ने शानदार जीत दर्ज की है

संबंधित पोस्ट

बांग्लादेश
चर्चित

हिंदू दीपू दास की इस्लामी भीड़ के हाथों बर्बर हत्या उस्मान हादी हत्याकांड का ‘साइड इफेक्ट’ नहीं है, ये मजहबी कट्टरता को आत्मसात कर चुके बांग्लादेश का नया सच है

20 December 2025

बांग्लादेश इस समय गहरी अस्थिरता से गुज़र रहा है। दुर्भाग्य से ये अस्थिरता सिर्फ राजनैतिक नहीं है, ये नैतिक और सामाजिक भी है। अलग भाषाई...

ऑपरेशन सिंदूर 2:0
मत

दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

21 November 2025

पाकिस्तान एक आतंकी मुल्क है और इसमें शायद ही किसी को कोई संशय हो, ख़ुद पाकिस्तान के मित्र भी न सिर्फ इसे अच्छी तरह जानते...

शशि थरूर पीएम की तारीफ कर अपनी ही पार्टी के अंदर निशाने पर आ गए हैं
चर्चित

कांग्रेस का नया नियम यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए पीएम मोदी/बीजेपी का हर क़ीमत पर विरोध ही करना है?

21 November 2025

कांग्रेस के नेता देश ही नहीं विदेशों में भी जाकर लोकतंत्र बचाने की दुहाई देते रहते हैं। लेकिन जब बारी आंतरिक लोकतंत्र की आती है...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited