TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India GDP DEBATE Q1 FY 2027

    India GDP DEBATE: जीडीपी की तेज रफ्तार या आंकड़ों का खेल? जानिए सच

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India GDP DEBATE Q1 FY 2027

    India GDP DEBATE: जीडीपी की तेज रफ्तार या आंकड़ों का खेल? जानिए सच

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

भोपाल गैस त्रासदी: राजीव गांधी ने लगाया था पूरा ज़ोर ताकि Union Carbide बच जाए

राजीव गांधी को 'जनता' और 'दोस्ती' में से एक को बचाना था, राजीव ने दोस्ती चुनी!

Aniket Raj द्वारा Aniket Raj
4 December 2021
in मत
भोपाल गैस त्रासदी
Share on FacebookShare on X

ज़रा सोचिए,सबसे भयावह मृत्यु कैसी होती होगी? एक ऐसी मृत्यु जिसमें आप लड़ ना सके बस लचारगी के साथ लथपथ, अनवरत युद्धरत मृत्यु के लिए प्रतीक्षारत हों। मृत्यु की प्रतीक्षा मृत्यु से भी भयानक होती है। मृत्यु शरीर को खत्म करती है परंतु उसकी प्रतीक्षा आपके आत्मा के साहस और मनोबल को। अगर इस बेबस प्रतीक्षा में आपके साथ आपके प्रियजन और परिवारजन भी हों तो यह आपके आत्मा को क्षत-विक्षत कर देती है। आप सोच रहे होंगे की मैं ऐसी बातें आपसे क्यों कर रहा हूँ? ऐसा इसलिए क्योंकि एक ऐसी ही हृदयविरादक घटना भारत में घटी थी। उस घटना का नाम है- भोपाल गैस त्रासदी। परंतु, सबसे बड़ी त्रासदी तो यह है कि सत्ता के लोभ और राजनीति की सनक में राजीव सरकार ने ना सिर्फ इसके गुनहगारों को बचाया बल्कि क्षत-विक्षत और मृतकों के परिवारवालों को भी छला।

भयावह वृतांत

2 दिसंबर 1984 की रात को भोपाल में “यूनियन कार्बाइड इंडिया” के कीटनाशक संयंत्र से मिथाइल आइसोसाइनेट नामक जहरीली गैस का रिसाव होने लगता है। आपको बता दें कि यूनियन कार्बाइड एक अमेरीकन कंपनी है जिसने उर्वरक बनाने के लिए भोपाल में “यूनियन कार्बाइड इंडिया” के नाम से एक संयंत्र स्थापित किया था। गैस के रिसाव के बाद हवा के बहाव से यह गैस तेज़ी से फैलती है और पूरे भोपाल को ढँक देती है। फिर शुरू होता है मौत का नंगा नाच। मृतकों से धरा पट जाती है। लोगों की आँख, श्वास, गुर्दा, हृदय, फेफड़े सब खराब होने लगते हैं।

संबंधितपोस्ट

जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

कांग्रेस के पीछे कॉर्पोरेट का पैसा? भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने इंदिरा गांधी पर लगाया यह आरोप

विदेशी जासूसों का अड्डा था राजीव गांधी का PMO, निशिकांत दूबे का कांग्रेस पर जोरदार हमला

और लोड करें

पानी जहरीली हो जाए, तो आप एक दिन बिना पानी के रह सकते है परंतु हवा जहरीली हो जाए तो कोई उपाय नहीं बचता। जिन्होने साँसे रोकीं वो दम घुटने से मरे और जिन्होने साँसे लीं वो पहले अंधे हुए और फिर मरने का इंतज़ार करते-करते मरे। हर ओर अंधकार और अराजकता फैल गयी । अब क्योंकि प्राणवायु तो डॉक्टर और पुलिस वाले भी लेते हैं, सो सबसे बड़ा प्रश्न तो यह खड़ा था कि स्वयं बचें की लोगों को बचाएं?

मृत्यु के इस भीषण तांडव में करीब पाँच लाख लोग गैस के संपर्क में आए। परंतु, सरकार ने आंकड़ों को छोटा कर दिया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार तीन दिनों के भीतर सिर्फ  8,000 ही मरें। उसके बाद के महीनों में हजारों और लोग मर जाते हैं। जो होना था वो तो हो गया। हमारा उद्देश्य यहाँ मौत की विभीषिका को प्रस्तुत करना नहीं बल्कि सत्ता के लोभ के कारण काँग्रेस ने किस तरह अपने देश को छला है, यह उजागर करना है। इस मामले की लीपापोती कर कैसे राजीव सरकार ने अपने विदेशी दोस्तो को बचाया और पीड़ितों को उनके हक और न्याय से वंचित कर दिया, ये दिखाना है क्योंकि शासन की करकर्दगी और वंचितों की आवाज़ बनना ही सच्ची पत्रकारिता है।

कांग्रेस सरकार ने की थी दोषियों की मदद

भयानक भोपाल गैस त्रासदी के दौरान इटली ने भारत सरकार को फौरन मदद की पेशकश की क्योंकि 1976 में मिलान के पास सेवेसो में इटली को इसी तरह की आपदा का सामना करना पड़ा था। इटली में सेवारत भारतीय राजदूत होमी जेएच तलेयारखान ने भारतीय प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को पत्र लिखा जो फ़ाइल संख्या (17/2049/ए/86-III) में चिह्नित है। परंतु, राजीव सरकार ने इसे ठुकरा दिया। कारण था चुनाव और उनके छवि को होनेवाली हानी। लोगो को मरने के लिए छोड़ दिया गया।

केंद्र सरकार नें सारा ध्यान इस कंपनी के सर्वेसर्वा एंडर्सन को भारत से भगाने पर केन्द्रित कर दिया। परंतु, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यालय से प्राप्त 700 से अधिक दस्तावेजों से पता चलता है कि कैसे उन्होने भोपाल गैस त्रासदी के 4 दिन बाद यानि 7 दिसम्बर 1984 को नज़रबंद किए गए वारेन एंडर्सन को पुलिस हिरासत से छुड़ाया। अर्जुन सिंह ने पुलिस अधिकारियों से उन्हे मात्र 25 हज़ार रुपये के जमानत पर छोड़ देने का निर्देश दिया। विशेष विमान की व्यवस्था कर उन्हे भोपाल से दिल्ली भेजा गया। इसके लिए अर्जुन सिंह, दिग्विजय सिंह और कमलनाथ जैसे राजीव के खास नेताओं को विशेष रूप से नियुक्त किया गया और फिर दिल्ली से एंडर्सन को अमेरिका भेज दिया गया जहां 92 साल की उम्र में फ्लॉरिडा में उसकी मृत्यु हो गयी। इतना ही नहीं अब बारी थी राजीव सरकार के अपने जनता के साथ छल करने की।

सबसे बड़ा छल

टाटा संस के पूर्व अध्यक्ष जेआरडी टाटा द्वारा तत्कालीन प्रधान मंत्री राजीव गांधी को एक पत्र (दिनांक 31 मई, 1988) लिखा। पत्र में जेआरडी टाटा ने पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री हेनरी किसिंजर का संदेश देते हुए कहा कि ‘यूनियन कार्बाइड क्षतिपूर्ति के रूप में काफी अधिक राशि का भुगतान करने को तैयार है। जो दो भारतीय अदालतों के असाधारण निर्णयों में भी प्रस्तावित है। परंतु, यह तभी संभव होगा जब सरकार द्वारा अनुमोदित अदालत के बाहर समझौते की राजनीतिक विरोधियों द्वारा आलोचना न की जाए।’

जेआरडी टाटा के अनुसार किसिंजर अमेरिका में यूनियन कार्बाइड जैसे बड़े निगमों के सलाहकार और सलाहकार थे। जेआरडी टाटा के अनुसार किसिंजर भोपाल गैस पीड़ितों को कानूनी दाँव-पेंच के कारण मुआवजे में होने वाली देरी से चिंतित थे। अतः उन्होने टाटा के माध्यम से भारत सरकार को यूनियन कार्बाइड के आउट ऑफ कोर्ट सेटलमेंट के संदेश से अवगत कराया। परंतु, राजीव गांधी ने 14 जून, 1988 को टाटा को जवाब देते हुए कहा कि “सुझावों पर विचार किया जाएगा” और मामले को ठंढे बस्ते में डाल दिया।

उसके बाद राजीव सरकर ने जनता को ठगने की कुत्सित चाल चली। सबसे पहले उन्होने मृतकों और पीड़ितों की संख्या आधिकारिक रूप से इतनी कम कर दी की यूनियन कार्बाइड को नाम मात्र का मुआवजा देना पड़े। ऊपर से पीड़ितों और मृतकों के परिवारजनों को ज्यादा मुआवज़े का लालच देकर सरकार इस केस में एकमेव पक्षकार बन गयी। जनता के कानूनी प्रतिनिधि के रूप में सरकार ने पहले 3.3 बिलियन डॉलर की मांग की परंतु सरकार ने मात्र 470 मिलियन डॉलर पर समझौता कर मामले को रफा दफा कर दिया। ऊपर से यूनियन कार्बाइड के सभी अधिकारियों को किसी भी आपराधिक मामले से भी मुक्त कर दिया गया।

जनता के सतत विरोध के कारण दिसंबर 2010 में भारत के अटॉर्नी जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर कहा की 470 मिलियन का मुआवजा गलत आंकड़ों पर आधारित था और इसमें पर्यावरण और लोगों की सही क्षति का आंकड़ा शामिल नहीं था। परंतु, उसके बाद भी जो मुआवजे का आंकलन किया गया वो भी सिर्फ एक लीपापोती ही थी।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार की याचिका में अभी भी पीड़ितों की संख्या को कम करके आंका गया है और मुआवजा उन लोगों के पास नहीं गया जिन्हें इसकी जरूरत थी। सरकार ने उन मौतों और घायलों की संख्या में संशोधन करने का वादा किया है जिनके लिए वह मुआवजे की मांग कर रही है परंतु, आज भी यह वादा सिर्फ एक वादा ही है।

भोपाल गैस त्रासदी के तीस साल बाद, पीड़ित अभी भी एक निष्पक्ष और पूर्ण मुआवजे के लिए संघर्ष कर रहे हैं। डाउन टू अर्थ द्वारा प्राप्त दस्तावेजों से पता चलता है कि यूनियन कार्बाइड द्वारा पीड़ितों को बहुत बड़ा मुआवजा दिया जा सकता था। स्वयं कंपनी उसके लिए तैयार थी परंतु तत्कालीन कांग्रेस सरकार और राजीव गांधी ने अपनी साख बचाने के लिए जनता की तिलांजलि दे दी। अब उस कंपनी की चारदीवारी पर लिखे नारे धुंधले पड़ गए है। अंधी आँखों के आँसू सूख चुके है और अब दर्द अंधेपन का नहीं पर अपनी ही सरकार द्वारा विदेशी दोस्तों के लिए छले जाने के कारण है।

Tags: Union CarbideUPA सरकारभोपाल गैसराजीव गांधी
शेयर114ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

ममता के राज में सरकारी सुविधा का लाभ उठा कर बच्चों का यौनशोषण कर रहे हैं सरकारी अधिकारी

अगली पोस्ट

मिस्र में मिला 4500 साल पुराना हिंदू मंदिर, फिर उठ रहा है सवाल – क्या हिंदुओं ने बनाये पिरामिड?

संबंधित पोस्ट

वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ
मत

वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

4 September 2026

आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी है। आज के दिन हम प्रायः श्रीकृष्ण के बालरूप को याद करते हैं। माखन चुराने वाले नटखट कान्हा, मुरली बजाने वाले गोप...

हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्
ज्ञान

हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

4 September 2026

हिन्दवः सोदराः सर्वे, न हिन्दूः पतितो भवेत् मम दीक्षा हिन्दू रक्षा, मम मन्त्रः समानता यही वह भाव है, जिसके साथ विश्व हिन्दू परिषद् की स्थापना...

मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था
मत

हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

3 September 2026

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क अभियान के तहत सरसंघचालक मोहन भागवत वैश्विक प्रवास पर हैं। इस अभियान के तहत उन्होंने अमेरिका...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

The Missing 54: What Happened to India’s Soldiers After the 1965 & 1971 Wars | POW | Indo-Pak

The Missing 54: What Happened to India’s Soldiers After the 1965 & 1971 Wars | POW | Indo-Pak

00:04:43

J-20 vs India: How Super Sukhoi, Rafale & AMCA Could Counter China’s Stealth Fleet | IAF | HAL

00:03:32

QRSAM to Akash NG: India’s Massive Push to Build 2,000 Indigenous Air Defence Missiles | DRDO| IAF

00:04:05

MQ-9B SeaGuardian: Why India Needs More Eyes Over the Indian Ocean | NAVY | USA | Hormuz

00:03:51

What Actually Hit Pakistan’s Nuclear Backyard? CDS | Anil Chauhan | Kirana hills

00:06:34
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited