TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    14 जनवरी के बाद नए परिसर में जाएगा प्रधानमंत्री कार्यालय

    14 जनवरी के बाद नए कार्यालय में शिफ्ट होंगे पीएम मोदी, सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत हो रहा तैयार

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीएम मोदी संग पतंगबाजी

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीेएम मोदी संग जर्मन चांसलर मर्ज ने की पतंगबाजी, लोगों ने कहा दोस्ती की पतंग

    शशि त्रिपाठी अपनी प्रदर्शनी में शहर और प्रकृति के सह-अस्तित्व को दर्शाती कला के साथ

    शशि त्रिपाठी की कला: शहर और प्रकृति के बीच का मौन संवाद

    ज़ंजीरों से आज़ादी तक: बलिदान और संघर्ष से जन्मा बांग्लादेश

    ज़ंजीरों से आज़ादी तक: पूर्वी पाकिस्तान से बांग्लादेश के उदय की कहानी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    ईरान के ऐतिहासिक ध्वज का पुनरुत्थान: संस्कृति, बदलाव और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक

    ईरान का ऐतिहासिक ध्वज: संस्कृति, बदलाव और गर्व का प्रतीक

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या के खिलाफ सिंध में हो रहे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी

    फंडिंग फ्रीज़ रोकने के बाद भारतीय-अमेरिकी जज को ऑनलाइन हमलों का सामना

    ट्रंप की फंडिंग फ्रीज़ रोकने के बाद भारतीय-अमेरिकी जज को MAGA समर्थकों के विरोध का सामना

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    14 जनवरी के बाद नए परिसर में जाएगा प्रधानमंत्री कार्यालय

    14 जनवरी के बाद नए कार्यालय में शिफ्ट होंगे पीएम मोदी, सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत हो रहा तैयार

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीएम मोदी संग पतंगबाजी

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीेएम मोदी संग जर्मन चांसलर मर्ज ने की पतंगबाजी, लोगों ने कहा दोस्ती की पतंग

    शशि त्रिपाठी अपनी प्रदर्शनी में शहर और प्रकृति के सह-अस्तित्व को दर्शाती कला के साथ

    शशि त्रिपाठी की कला: शहर और प्रकृति के बीच का मौन संवाद

    ज़ंजीरों से आज़ादी तक: बलिदान और संघर्ष से जन्मा बांग्लादेश

    ज़ंजीरों से आज़ादी तक: पूर्वी पाकिस्तान से बांग्लादेश के उदय की कहानी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    ईरान के ऐतिहासिक ध्वज का पुनरुत्थान: संस्कृति, बदलाव और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक

    ईरान का ऐतिहासिक ध्वज: संस्कृति, बदलाव और गर्व का प्रतीक

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या के खिलाफ सिंध में हो रहे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी

    फंडिंग फ्रीज़ रोकने के बाद भारतीय-अमेरिकी जज को ऑनलाइन हमलों का सामना

    ट्रंप की फंडिंग फ्रीज़ रोकने के बाद भारतीय-अमेरिकी जज को MAGA समर्थकों के विरोध का सामना

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

ममता बनर्जी ने किया ‘Self Goal’, मिशनरी ऑफ़ चैरिटी को बचाने के चक्कर में डूबा दिया

ममता बनर्जी ने फैलाया भ्रम पर सरकार ने सच में कार्रवाई कर दी!

Aniket Raj द्वारा Aniket Raj
31 December 2021
in राजनीति
मिशनरी ऑफ चैरिटी
Share on FacebookShare on X

नेता अच्छे होते है, बुरे होते हैं, अलग-अलग विचारधाराओं के होते हैं, सत्तालोभी और महत्वाकांक्षी भी होते हैं। परन्तु, सत्ता की सनक में राष्ट्र की एकता से समझौता करने में कथित तौर पर एक नेता का नाम सबसे अग्रणी हैं, और वो हैं- ममता बनर्जी!
राष्ट्र के लिए सबसे ख़तरनाक एक लोभी और स्वार्थी नेता है क्योंकि वो लोकतंत्र को व्यापार बनाकर शाश्वत सत्ता सुख के लिए देश की तिलांजलि देने लगता है। राजनीति को व्यापार और देश को विक्रय की वस्तु समझने लगता है।

ममता बनर्जी ने हाल ही में उन्हें मिशनरी ऑफ चैरिटी वाले प्रकरण में उन्हें अपना वोट बैंक बनाने का अवसर दिखा। दरअसल, उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है लेकिन फिर भी अपने वोट बैंक निर्माण के लिए राष्ट्रहित से समझौता करते हुए वो जांच और कार्रवाई को प्रभावित करना चाह रही हैं। लेकिन, वो कहते हैं न “सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं” और अंततः हुआ भी वही। ममता जिसे इतने दिनों से बचा रही थी, उस मिशनरी फॉर चैरिटी दोनों का झूठ पकड़ा गया है।

संबंधितपोस्ट

पीएम मोदी का पश्चिम बंगाल दौरा, 3,200 करोड़ को लेकर सियासी हलचल

अरुणाचल प्रदेश के वनवासियों को धर्मांतरण से बचाने वाले तालोम रुकबो: एक भूले-बिसरे नायक की कहानी

बिहार के बाजीगरों के जरिये पश्चिम बंगाल फतह का ताना-बाना बुन रही भाजपा

और लोड करें

आइए सबसे पहले आपको साधारण भाषा में समझाते हैं कि मिशनरीज आफ चैरिटी क्या है?

मिशनरी ऑफ चैरिटी एक रोमन कैथोलिक स्वयंसेवी धार्मिक संगठन है, जो कहने के लिए तो विश्व-भर में मानवीय कार्यों में संमग्न है पर असल में भारत में धर्मान्तरण को बढ़ावा देने के लिए यह मदर टेरेसा द्वारा सृजित एक हथियार है जिसे समाज सेवा का चोगा ओढ़ा दिया गया है। इसकी शुरुआत एवं स्थापना कलकत्ता की संत मदर टेरेसा ने 1950 में की थी। आज यह विश्व के 120 से भी अधिक देशों में कार्यरत 4500 से भी अधिक ईसाई मिशनरियों का समूह है।

उनपर मरते हुए लोगों का ज़बरन धर्मपरिवर्तन कर, गर्भपात समेत अन्य महिलाधिकारों का विरोध कर, विवादास्पद लोगों का समर्थन करने, जैसे कई आरोप शामिल हैं। 2017 में, खोजी पत्रकार जियानलुइगी नुज़ी ने बताया कि वेटिकन के एक बैंक में मदर टेरेसा के नाम पर उनकी चैरिटी द्वारा जुटाई गई धनराशि अरबों डॉलर में थी।

उनपर धोखाधड़ी का आरोप भी लगाया जाता है क्योंकि उन्होंने ग़रीबों को अपनी पीड़ा सहन करने के लिए तो कहा, लेकिन जब वे स्वयं बीमार पड़ीं तो उन्होंने सबसे उच्च-गुणवत्ता वाले महँगे अस्पताल में अपना इलाज कराया। भारी मात्रा में दुनिया भर से दान में पैसा मिलने के बावजूद उनके संस्थानों की हालत दयनीय थी। उनके धर्मान्तरण के विशेष तरीके के अलावा कई चिकित्सा पत्रिकाओं में उनकी धर्मशालाओं में दी जाने वाली चिकित्सा सुरक्षा के मानकों की आलोचना की गई और दान का धन खर्च करने के अपारदर्शी प्रकृति के बारे में सवाल उठाए गए।

दुर्भाग्यवश, इस प्रकार की व्यवस्था आज भी इस संगठन में जस की तस व्याप्त है और ममता बनर्जी के कार्यकाल में फल-फूल भी रही है। परंतु, नागरिकता कानून और किसान आंदोलन से यह साबित हो गया है कि विदेशी ताकतें कैसे अप्रत्यक्ष रूप से भारतीय NGO को दान देकर अव्यवस्था और अराजकता फैलाने का कार्य करती है? SDPI और Justice for Sikh इसका मानद उदाहरण हैऔर मोदी सरकार इस बात को समझ चुकी है।

हाल के दिनों में FCRA ने देश भर में संचालित ऐसे फर्जी और विदेशी फंडिंग प्राप्त करने वाले तथाकथित समाजसेवी संस्थाओं पर‌ नकेल कसने शुरू कर दी। सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम से सभी समाजसेवी संगठन सकते में हैं। राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए विदेश से चंदा लेने के मामले में अब वह अत्यधिक सतर्कता बरत रहे ताकि पकड़े ना जाए। ऐसी ही सतर्कता बरतते हुए मिशनरीज ऑफ चैरिटी ने भी सरकार से निवेदन किया कि उनके विदेशी खाते फ्रीज कर दिया जाए क्योंकि विदेशी फंडिंग प्राप्त करने की निर्धारित नियमों और मानकों को वो पूरा करने में असमर्थ है।

सरकार ने उनके निवेदन पर तत्काल कार्रवाई करते हुए FCRA के माध्यम से एसबीआई में मौजूद उनके खाते को बंद कर दिया। परन्तु, उनके द्वारा स्वेच्छा से किए गए इस निवेदन को ममता बनर्जी ने सरकारी तानाशाही में परिवर्तित कर वोट बैंक के लिए भ्रम फैलाया। परंतु, उनके इस भ्रम की जगह संदेह फैला और इस संगठन में व्याप्त भ्रष्टाचार सतह पर आने लगा है। एक अध्ययन में पता चला है की मिशनरी ऑफ चैरिटी को 15 सालों में कुल 1099 करोड़ का विदेशी चंदा प्राप्त  हुआ है जिसमें विगत 5 वर्षों में 426 करोड़ और इस वित्तीय वर्ष में अब तक 75 करोड़ प्राप्त हो चूकें हैं। इन दानदाताओं में 59 विदेशी नागरिक या संगठन है। आपको जानकार हैरानी होगी की इस संगठन के कुल 250 बैंक खाते है।

76 पृष्ठ के इस  FCRA रिपोर्ट का विश्लेषण करते समय आप पाएंगे की मिशनरी ऑफ चैरिटी को 2021 के वित्तीय वर्ष में प्राप्त 75Cr  के दान में से 44Cr सिर्फ में इसके USA  शाखा से प्राप्त हुआ है। दूसरे नंबर के दानदाता तो और आश्चर्यचकित करते है। उनका नाम कृति फाइनेंस एसए है और उन्होने 13.5 करोड़ का दान दिया है।

अब दिलचस्प बात यह है कि कृति फाइनेंस के अध्यक्ष और निदेशक एडगार्डो ई. डियाज़ संयोग से फरवुड इन्वेस्टमेंट कंपनी सहित कई ऐसी कंपनियों में भी निदेशक जैसे पद पर आरूढ़ हैं। यह वही फर्म है जिसका नाम हाल ही में जारी पेंडोरा पेपर्स में ‘कर चोरी’ में शामिल है। एक और पकड़ यह है कि इन दोनों पनामा फर्मों का प्रबंधन एक ही कानूनी फर्म (एलेमेन, कोर्डेरो, गैलिंडो और ली) द्वारा किया जाता है। इस अजीबोगरीब 18% दान को उजागर नहीं किया है? जिसके कारण कुछ उनसुलझे प्रश्न अभी भी रह गए है जैसे वास्तविक दाता कौन है? क्या यह मनी लॉन्ड्रिंग का मामला है? ऐसी टैक्स हेवन कंट्री फाइनेंस फर्म भारत में एक ईसाई मिशनरी संगठन को दान क्यों दे रही है?

मिशनरी ऑफ चैरिटी  का बचाव करने वाली एक लॉबी पहले से ही गुजरात में धर्मांतरण प्राथमिकी और रांची में तस्करी के मामले का सामना कर रही है तो मन में अचानक से कौंधता है क्या नोबेल लॉरेल नाम आपको कानूनों से छूट दे सकता है? ये सब शक्तियां परजीवी के भांति हो गई हैं जिन्हें अपना अस्तित्व बचाने के लिए एक दूसरे की जरूरत पड़ रहीं है। सबसे अच्छी बात ममता बनर्जी के भ्रम ने ना चाहते हुए भी इस संगठन का पर्दाफाश किया।

और पढ़े: राष्ट्रीय विकास परिषद को गठन कब हुआ, इसके कार्य और मूल्यांकन

Tags: ईसाई मिशनरीपश्चिम बंगालभारत सरकारममता बनर्जी
शेयर77ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

‘COVID-19 लिए के लिए भारत दोषी और चीन COVID से लड़ता है’ Bloomberg की अजब लीला है

अगली पोस्ट

गुरुग्राम में फर्जी रेप की आरोपी छात्रा की हुई गिरफ्तारी, कब आएगी जसलीन कौर की बारी?

संबंधित पोस्ट

14 जनवरी के बाद नए परिसर में जाएगा प्रधानमंत्री कार्यालय
राजनीति

14 जनवरी के बाद नए कार्यालय में शिफ्ट होंगे पीएम मोदी, सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत हो रहा तैयार

12 January 2026

पीएम मोदी जल्द अपने नए कार्यालय में शिफ्ट होने वाले हैं। खबर है कि पीएम मोदी 14 जनवरी के बाद अपने नए कार्यालय में शिफ्ट...

साबरमती रिवरफ्रंट पर पीएम मोदी संग पतंगबाजी
राजनीति

साबरमती रिवरफ्रंट पर पीेएम मोदी संग जर्मन चांसलर मर्ज ने की पतंगबाजी, लोगों ने कहा दोस्ती की पतंग

12 January 2026

भारत के पहले दौरे पर हैं जर्मनी के वाइस चांसलर फ्रेडरिक मर्ज । गुजरात के अहमदाबाद में उनका ग्रैंडवेलकम हुआ, जहां पीएम मोदी भी मौजूद...

शशि त्रिपाठी अपनी प्रदर्शनी में शहर और प्रकृति के सह-अस्तित्व को दर्शाती कला के साथ
राजनीति

शशि त्रिपाठी की कला: शहर और प्रकृति के बीच का मौन संवाद

10 January 2026

शशि त्रिपाठी, नेवी वेलफेयर और वेलनेस एसोसिएशन (NWWA) की अध्यक्ष, एक जानी-मानी और संवेदनशील दृश्य कलाकार हैं, जिनका काम प्रकृति और शहरीकरण के बीच एक...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

00:06:59

Dhurandar: When a Film’s Reality Shakes the Left’s Comfortable Myths

00:06:56
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited