TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नोएडा में सिस्टम की लापरवाही से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नितिन नबीन के ताजपोशी में पीएम मोदी ने खुद को बताया कार्यकर्ता , बीजेपी ऑफिस में जश्न का माहौल

    मोटेगी की यह भारत यात्रा उनकी 2026 की पहली विदेश यात्रा का हिस्सा थी

    हिंद-प्रशांत में चीन की बढ़ती सक्रियता के बीच भारत–जापान संबंध और मजबूत

    भारत और यूएई के बीच समग्र रणनीतिक साझेदारी

    ईरान संकट के बीच भारत पहुंचे UAE राष्ट्रपति, पीएम मोदी से अहम रणनीतिक बातचीत

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत और यूएई के बीच समग्र रणनीतिक साझेदारी

    ईरान संकट के बीच भारत पहुंचे UAE राष्ट्रपति, पीएम मोदी से अहम रणनीतिक बातचीत

    ईरान से लौटें भारतीय नागरिकों के आंखों में साफ दिखा डर

    ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों ने जताया अभार ,आंखों में दिखा डर और चिंता

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नोएडा में सिस्टम की लापरवाही से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नितिन नबीन के ताजपोशी में पीएम मोदी ने खुद को बताया कार्यकर्ता , बीजेपी ऑफिस में जश्न का माहौल

    मोटेगी की यह भारत यात्रा उनकी 2026 की पहली विदेश यात्रा का हिस्सा थी

    हिंद-प्रशांत में चीन की बढ़ती सक्रियता के बीच भारत–जापान संबंध और मजबूत

    भारत और यूएई के बीच समग्र रणनीतिक साझेदारी

    ईरान संकट के बीच भारत पहुंचे UAE राष्ट्रपति, पीएम मोदी से अहम रणनीतिक बातचीत

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत और यूएई के बीच समग्र रणनीतिक साझेदारी

    ईरान संकट के बीच भारत पहुंचे UAE राष्ट्रपति, पीएम मोदी से अहम रणनीतिक बातचीत

    ईरान से लौटें भारतीय नागरिकों के आंखों में साफ दिखा डर

    ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों ने जताया अभार ,आंखों में दिखा डर और चिंता

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

रमेशचंद्र मजूमदार: भारत के महानतम इतिहासकारों में से एक जिन्हें कभी श्रेय नहीं दिया गया

तुम मुझे और मेरी लिखी हुई कृतियों को तो मिटा दोगे पर उसे नहीं जो मेरे दिमाग में है!

Aniket Raj द्वारा Aniket Raj
5 December 2021
in इतिहास
रमेशचंद्र मजूमदार: भारत के महानतम इतिहासकारों में से एक जिन्हें कभी श्रेय नहीं दिया गया
Share on FacebookShare on X

क्या आप रमेशचन्द्र मजूमदार को जानते हैं? अगर नहीं जानते तो यह सिर्फ आपका दुर्भाग्य ही नहीं बल्कि इतिहास के राजनीतिक एवं कुत्सित विकृतिकरण का प्रत्यक्ष प्रमाण है। ऐसा इसलिए है क्योंकि अंग्रेजों के पूर्व भारत पर इस्लामी शासन था, जिसने छल और बल के माध्यम से भारत के धर्म और संस्कृति को विकृत किया। बड़े पैमाने पर हिंदुओं का नरसंहार और धर्मांतरण किया और जो धर्मांतरित हो मुसलमान बने उन्होंने हीन भावना से ग्रसित बचे हुए हिंदुओं के नरसंहार, धर्मांतरण और एतिहासिक विकृतिकरण की अंतहीन प्रक्रिया शुरू कर दी, जो आज तक चालू है। 700 सालों के मुस्लिम शासन में 250 साल अंग्रेजों ने राज़ किया।

मुसलमानों के शरीयत को उन्होंने हाथ तक नहीं लगाया पर पाश्चात्य संस्कृति के चक्कर में हिन्दू अंग्रेज बन गए। अंगेज़ों के जाने के बाद मुसलमानों ने पाकिस्तान ले लिया और यहां मुसलमानों ने भारत की शिक्षा पद्दती। आज़ादी के पश्चात भारत का शिक्षा मंत्रालाय मुख्यतः मुसलमानों के पास ही रहा और उसके बाद इतिहास के हर पन्ने पर हिंदुओं को जलील किया गया। इसलिए आप रमेश चन्द्र मजूमदार को नहीं जानते क्योंकि उनके जैसे सत्यपरक, तार्किक और प्रामाणिक इतिहासकारों को लिखने का मौका ही नहीं मिला। सभी मुग़लों के महिमामंडन में लगे थे। चलिये हम आपको बताते हैं कि रमेश चन्द्र मजूमदार कौन थे?

संबंधितपोस्ट

भारत–न्यूज़ीलैंड समझौता: वैश्विक व्यापार में गहरी भागीदारी की ओर कदम

अमेरिका ने भारत को बताया “मेजर डिफेंस पार्टनर”, जैवलिन मिसाइल समेत बड़े डिफेंस पैकेज को दी मंजूरी, पटरी पर लौट रहे हैं रिश्ते ?

कितना भरोसेमंद है BBC? नई दिल्ली से तेल अवीव और वॉशिंगटन तक क्यों गिरती जा रही है बीबीसी की साख और विश्वसनीयता ?tfi

और लोड करें

रमेशचन्द्र मजूमदार: एक विस्मृत इतिहासकार

डॉ. रमेशचंद्र मजूमदार जो भारत के सबसे प्रतिष्ठित और एक विवादित इतिहासकार हैं। भारतीय इतिहास के प्रति उनके असाधारण मौलिक योगदान के कारण उन्हें इतिहास का अग्रणी माना जाता है। जदुनाथ सरकार से प्रेरित और सर आशुतोष मुखर्जी द्वारा पल्लवित मजूमदार ने प्राचीन भारत के अध्ययन में अपने अकादमिक करियर की शुरुआत की। अगले पांच दशकों में उन्होंने बंगाल के क्षेत्रीय इतिहास, भारतीय सांस्कृतिक प्रभाव की देखरेख, प्राचीन हिंदू उपनिवेशवादियों और आधुनिक भारतीय इतिहास पर बड़े पैमाने पर शोध किया।

मजूमदार 4 दिसंबर 1888 को खंडारपारा जिले, फरीदपुर (अब के बांग्लादेश) में जन्मे। वह तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। बहुआयामी विद्वान सर आशुतोष मुखर्जी की सलाह पर आर.सी. मजूमदार जुलाई 1914 में कलकत्ता विश्वविद्यालया के प्राचीन भारतीय इतिहास और संस्कृति विभाग में एक व्याख्याता के रूप में विश्वविद्यालय में शामिल हुए। उसके पहले वे कॉलेज ऑफ इंडोलॉजी, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) और फिर नागपुर विश्वविद्यालय में पहले प्रिंसिपल के रूप में नियुक्त हुए।

वह शिकागो और पेनसिल्वेनिया विश्वविद्यालय में भारतीय इतिहास के गेस्ट प्रोफेसर थे। वह ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैंड की रॉयल एशियाटिक सोसाइटी और बॉम्बे के मानद फेलो थे। वह कलकत्ता की एशियाटिक सोसाइटी के अध्यक्ष बने इसके साथ-साथ भंडारकर ओरिएंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट, पूना के मानद सदस्य थे। उन्हें भारतीय इतिहास कांग्रेस और अखिल भारतीय ओरिएंटल सम्मेलन का अध्यक्ष भी बनाया गया। उन्हें रामकृष्ण मिशन इंस्टीट्यूट ऑफ कल्चर, कलकत्ता का अध्यक्ष भी बनाया गया था।

और पढ़ें:- बप्पा रावल: वो योद्धा जिसने तीन शताब्दियों तक विदेशी आक्रान्ताओं को भारत की भूमि से दूर रखा

मजूमदार की कृतियां बार-बार उनकी याद दिलतीं हैं

आचार्य आर.सी. मजूमदार ने मुख्य रूप से अंग्रेजी और बंगाली में कुल सैंतीस खंड और सैकड़ों लेख और पत्र लिखे। बंगाल का प्रारंभिक इतिहास, ढाका, 1924, चंपा (सुदूर पूर्व में प्राचीन भारतीय उपनिवेश), सुवर्णद्वीप (सुदूर पूर्व में प्राचीन भारतीय उपनिवेश), बंगाल का इतिहास, कंबुजा देसा या कंबोडिया में एक प्राचीन हिंदू कॉलोनी, भारत का एक उन्नत इतिहास जैसी मानद पुस्तकें लिखीं। ग्यारह खंडों में भारतीय लोगों का इतिहास और संस्कृति, तीन खंडों में भारत में स्वतंत्रता आंदोलन का इतिहास, वाकाटक, पूर्व में हिंदू उपनिवेश, भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया और प्राचीन लक्षद्वीप का इतिहास भी उनकी महत्वपूर्ण कृतियां हैं।

 

फिर आखिर ऐसा क्या था जो इस इतिहासकार का नाम हमे इतिहास में कहीं देखने को नहीं मिलता? उनका पहला काम ‘प्राचीन भारत में कॉर्पोरेट जीवन’ 1919 में प्रकाशित हुआ था, जब भारतीय इतिहास लेखन ज्यादातर विदेशियों के हाथ में छोड़ दिया गया था। इस काम ने यूरोपीय लेखकों की प्रचलित नस्लीय श्रेष्ठता को चुनौती दी और प्राचीन भारत पर अनुसंधान की गुणवत्ता और नए दृष्टिकोण के लिए यूरोपीय विद्वानों से प्रशंसा प्राप्त की।

एकमात्र इतिहासकार थे जिन्होंने…

दक्षिण-पूर्व एशिया के राजनीतिक और सांस्कृतिक विकास में भारत की भूमिका का व्यापक रूप से पता लगाया। उन्होंने दक्षिण-पूर्व एशिया में हिंदू साम्राज्यों और सुदूर पूर्व में हिंदू उपनिवेशों पर लिखा। एक प्रशंसक होने के नाते, उन्होंने विवेकानंद पर एक संक्षिप्त ऐतिहासिक समीक्षा लिखी, जिसमें उन्होंने कई ऐसे तथ्य प्रकाश में लाए जो पहले ज्ञात नहीं थे।

दिसंबर 1952 में शिक्षा मंत्रालय ने भारत में स्वतंत्रता आंदोलन का आधिकारिक इतिहास लिखने के लिए संपादकों का बोर्ड नियुक्त किया। डॉ आर सी मजूमदार के निर्देशन में बोर्ड में इतिहासकार और राजनेता दोनों शामिल थे परंतु, इसके अध्यक्ष और सचिव “कट्टर कांग्रेसी” थे। एक विशिष्ट राजनीतिक दल से राजनेताओं की भागीदारी आधिकारिक इतिहास लिखने के लिए अनुकूल नहीं थी। इस पक्षपातपूर्ण रवैये का उन्होंने विरोध किया।

ना भूलें रमेशचन्द्र मजूमदार को

बाद में, मजूमदार ने स्वतंत्रता आंदोलन के पूरे इतिहास को ‘भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का इतिहास’ शीर्षक से तीन खंडों की श्रृंखला में प्रकाशित किया। इस पुस्तक में मजूमदार ने हिंदू मुस्लिम संबंध, स्वदेशी आंदोलन, गांधीजी की भूमिका, उग्रवादी राष्ट्रवाद जैसे विभिन्न विषयों पर कई प्रचलित धारणाओं को साहसपूर्वक चुनौती दी।

1857 विद्रोह पर तत्कालीन शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आज़ाद के साथ संघर्ष के बाद उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़ दी और अपनी पुस्तक- “द सिपाही विद्रोह और 1857 का विद्रोह” प्रकाशित किया। उनके अनुसार भारत के स्वतंत्रता संग्राम की उत्पत्ति  अंग्रेजी-शिक्षित भारतीय मध्यम वर्ग और स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत 1905 में बंगाल भंग आंदोलन से हुई। स्वतंत्रता संग्राम पर उनके विचार उनकी पुस्तक “हिस्ट्री ऑफ द फ्रीडम मूवमेंट इन इंडिया” में पाए जाते हैं। वह स्वामी विवेकानंद और रामकृष्ण परमहंस के प्रशंसक थे।

मौलाना अबुल कलाम आज़ाद और कांग्रेस के पक्षपातपूर्ण रवैये और भारतीय गौरव के मानमर्दन का विरोध करने की सज़ा उन्हें दी गयी। उन्हें हर पद और ओहदों से हटा दिया गया। हालांकि, वो ढाका विश्वविद्यालय के कुलपति बने और कई पुस्तकें लिखी। मजूमदार नें एक बार कहा था- “तुम मुझे और मेरी लिखी हुई कृतियों को तो मिटा दोगे पर उसे नहीं जो मेरे दिमाग में है।“ उनकी योग्यता भी तभी सार्थक होगी जब भारत की जनता उन्हें अपने दिल में भी अमर रखे और इतिहास के पन्नों में भी।

और पढ़ें:- राणा राज सिंह : जिनके नाम से ही आलमगीर ‘त्राहिमाम’ कर उठता था

 

 

Tags: इतिहासकारभारतरमेशचन्द्र मजूमदार
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

34 साल के ‘बेरोज़गार’ कन्हैया कुमार ने UPSC रैंकर और सर्जन संबित पात्रा को बताया ‘अशिक्षित’

अगली पोस्ट

US vs India: एक प्लास्टिक चबाता है तो दूसरा बायोजेट फ्यूल इनोवेशन में विश्वास करता है

संबंधित पोस्ट

औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था
इतिहास

वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

26 December 2025

यह सप्ताह, वर्ष का अंतिम सप्ताह है। नए साल की दहलीज़ पर खड़े इस सप्ताह का इंतज़ार सबको ही रहता है, क्योंकि पहले क्रिसमस का...

गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया
इतिहास

वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

26 December 2025

यह सप्ताह वर्ष का अंतिम सप्ताह होता है, जिसका लोग बेसब्री से इंतज़ार करते हैं, क्योंकि इसी दौरान पहले क्रिसमस और फिर नए साल का...

23 दिसम्बर  बलिदान-दिवस: परावर्तन के अग्रदूत — स्वामी श्रद्धानन्द
इतिहास

23 दिसम्बर बलिदान-दिवस: परावर्तन के अग्रदूत — स्वामी श्रद्धानन्द

23 December 2025

भारत में परावर्तन आंदोलन के सबसे प्रभावशाली और निर्भीक अग्रदूत स्वामी श्रद्धानन्द थे। उनका दृढ़ विश्वास था कि भारत में निवास करने वाले मुसलमानों के...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited