TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
    वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में भारत की 7.8% जीडीपी वृद्धि: ट्रंप के ‘मृत अर्थव्यवस्था’ वाले दावे को करारा जवाब

    वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में भारत की 7.8% जीडीपी वृद्धि: ट्रंप के ‘मृत अर्थव्यवस्था’ वाले दावे को करारा जवाब

    भविष्य की झलक: पीएम मोदी ने की टोक्यो से सेंदाई तक बुलेट ट्रेन की सवारी

    भविष्य की झलक: पीएम मोदी ने की टोक्यो से सेंदाई तक बुलेट ट्रेन की सवारी

    उमा भारती का बड़ा बयान: “पीओके वापस लेने के बाद ही भारत का उद्देश्य पूरा होगा”

    उमा भारती का बड़ा बयान: “पीओके वापस लेने के बाद ही भारत का उद्देश्य पूरा होगा”

    राहुल गांधी की वोट अधिकार यात्रा: दरभंगा की गाली और भाजपा की बढ़त

    राहुल गांधी की वोट अधिकार यात्रा: दरभंगा की गाली और भाजपा की बढ़त

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में भारत की 7.8% जीडीपी वृद्धि: ट्रंप के ‘मृत अर्थव्यवस्था’ वाले दावे को करारा जवाब

    वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में भारत की 7.8% जीडीपी वृद्धि: ट्रंप के ‘मृत अर्थव्यवस्था’ वाले दावे को करारा जवाब

    भविष्य की झलक: पीएम मोदी ने की टोक्यो से सेंदाई तक बुलेट ट्रेन की सवारी

    भविष्य की झलक: पीएम मोदी ने की टोक्यो से सेंदाई तक बुलेट ट्रेन की सवारी

    जापान में गायत्री मंंत्र के जाप के साथ प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत- 15वें शिखर सम्मेलन में होगी AI और सेमीकंडक्टर्स पर चर्चा

    जापान में गायत्री मंंत्र के जाप के साथ प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत- 15वें शिखर सम्मेलन में होगी AI और सेमीकंडक्टर्स पर चर्चा

    The Hidden Strength of best plywood for furniture Plywood: What Makes It Ideal for Heavy Use

    The Hidden Strength of best plywood for furniture Plywood: What Makes It Ideal for Heavy Use

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वैश्विक शक्ति संतुलन की बिसात पर भारत: अमेरिका-रूस-यूक्रेन सभी की निगाहें मोदी पर

    वैश्विक शक्ति संतुलन की बिसात पर भारत: अमेरिका-रूस-यूक्रेन सभी की निगाहें मोदी पर

    जम्मू-कश्मीर के गुरेज़ सेक्टर में LoC पार करने की कोशिश करने वाले दो आतंकी ढेर, भारतीय सेना की बड़ी कार्रवाई

    जम्मू-कश्मीर के गुरेज़ सेक्टर में LoC पार करने की कोशिश करने वाले दो आतंकी ढेर, भारतीय सेना की बड़ी कार्रवाई

    जापान करेगा 68 अरब डॉलर का निवेश: भारत बनेगा एशिया का टेक महाशक्ति, चीन की बढ़ेगी टेंशन

    ट्रम्प के ‘टैरिफ’ को जापान ने दिखाया आईना- भारत में करेगा 68 अरब डॉलर का निवेश

    विकसित भारत के लिए होना होगा शस्त्र-संपन्न, सुरक्षित और आत्मनिर्भर : अनिल चौहान

    विकसित भारत के लिए होना होगा शस्त्र-संपन्न, सुरक्षित और आत्मनिर्भर : CDS अनिल चौहान

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में भारत की 7.8% जीडीपी वृद्धि: ट्रंप के ‘मृत अर्थव्यवस्था’ वाले दावे को करारा जवाब

    वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में भारत की 7.8% जीडीपी वृद्धि: ट्रंप के ‘मृत अर्थव्यवस्था’ वाले दावे को करारा जवाब

    भविष्य की झलक: पीएम मोदी ने की टोक्यो से सेंदाई तक बुलेट ट्रेन की सवारी

    भविष्य की झलक: पीएम मोदी ने की टोक्यो से सेंदाई तक बुलेट ट्रेन की सवारी

    वैश्विक शक्ति संतुलन की बिसात पर भारत: अमेरिका-रूस-यूक्रेन सभी की निगाहें मोदी पर

    वैश्विक शक्ति संतुलन की बिसात पर भारत: अमेरिका-रूस-यूक्रेन सभी की निगाहें मोदी पर

    भारत पर टैरिफ और चीन को छोड़ने को लेकर US हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी में ट्रंप पर उठे सवाल, अमेरिका-भारत संबंधों पर संकट

    भारत पर टैरिफ और चीन को छोड़ने को लेकर US हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी में ट्रंप पर उठे सवाल, अमेरिका-भारत संबंधों पर संकट

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    एक जंग में फ्रांस मेडागास्कर के राजा का सिर काट कर अपने देश ले गए थे, अब 128 साल बाद लौटाईं तीन खोपड़ियां

    एक जंग में फ्रांस मेडागास्कर के राजा का सिर काट कर अपने देश ले गए थे, अब 128 साल बाद लौटाईं तीन खोपड़ियां

    मुंबई का गणेशोत्सव: जानें कैसे एक दंगे ने बदल दी महोत्सव की तस्वीर, बना राष्ट्रीय आंदोलन

    महाराष्ट्र का गणेशोत्सव: जानें कैसे एक दंगे ने बदल दी महोत्सव की तस्वीर, बना राष्ट्रीय आंदोलन

    भारत को विश्व गुरु बनाने की राह: मोहन भागवत का संदेश और उसका अर्थ

    भारत को विश्व गुरु बनाने की राह: मोहन भागवत का संदेश और उसका अर्थ

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भविष्य की झलक: पीएम मोदी ने की टोक्यो से सेंदाई तक बुलेट ट्रेन की सवारी

    भविष्य की झलक: पीएम मोदी ने की टोक्यो से सेंदाई तक बुलेट ट्रेन की सवारी

    40 मंजिला इमारत जितना ऊंचा! इसरो बना रहा है 92 मीटर का ‘सूर्य’ रॉकेट

    40 मंजिला इमारत जितना ऊंचा! इसरो बना रहा है 92 मीटर का ‘सूर्य’ रॉकेट

    ₹18,541 करोड़ का बंपर पैकेज: 4 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट, लखनऊ मेट्रो विस्तार को हरी झंडी

    ₹18,541 करोड़ का बंपर पैकेज: 4 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट, लखनऊ मेट्रो विस्तार को हरी झंडी

    स्मृति ईरानी की टीवी पर शानदार वापसी, रुपाली गांगुली और हिना खान को पछाड़ बनीं हाईएस्ट पेड टीवी स्टार

    स्मृति ईरानी की टीवी पर शानदार वापसी, रुपाली गांगुली और हिना खान को पछाड़ बनीं हाईएस्ट पेड टीवी स्टार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
    वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में भारत की 7.8% जीडीपी वृद्धि: ट्रंप के ‘मृत अर्थव्यवस्था’ वाले दावे को करारा जवाब

    वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में भारत की 7.8% जीडीपी वृद्धि: ट्रंप के ‘मृत अर्थव्यवस्था’ वाले दावे को करारा जवाब

    भविष्य की झलक: पीएम मोदी ने की टोक्यो से सेंदाई तक बुलेट ट्रेन की सवारी

    भविष्य की झलक: पीएम मोदी ने की टोक्यो से सेंदाई तक बुलेट ट्रेन की सवारी

    उमा भारती का बड़ा बयान: “पीओके वापस लेने के बाद ही भारत का उद्देश्य पूरा होगा”

    उमा भारती का बड़ा बयान: “पीओके वापस लेने के बाद ही भारत का उद्देश्य पूरा होगा”

    राहुल गांधी की वोट अधिकार यात्रा: दरभंगा की गाली और भाजपा की बढ़त

    राहुल गांधी की वोट अधिकार यात्रा: दरभंगा की गाली और भाजपा की बढ़त

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में भारत की 7.8% जीडीपी वृद्धि: ट्रंप के ‘मृत अर्थव्यवस्था’ वाले दावे को करारा जवाब

    वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में भारत की 7.8% जीडीपी वृद्धि: ट्रंप के ‘मृत अर्थव्यवस्था’ वाले दावे को करारा जवाब

    भविष्य की झलक: पीएम मोदी ने की टोक्यो से सेंदाई तक बुलेट ट्रेन की सवारी

    भविष्य की झलक: पीएम मोदी ने की टोक्यो से सेंदाई तक बुलेट ट्रेन की सवारी

    जापान में गायत्री मंंत्र के जाप के साथ प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत- 15वें शिखर सम्मेलन में होगी AI और सेमीकंडक्टर्स पर चर्चा

    जापान में गायत्री मंंत्र के जाप के साथ प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत- 15वें शिखर सम्मेलन में होगी AI और सेमीकंडक्टर्स पर चर्चा

    The Hidden Strength of best plywood for furniture Plywood: What Makes It Ideal for Heavy Use

    The Hidden Strength of best plywood for furniture Plywood: What Makes It Ideal for Heavy Use

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वैश्विक शक्ति संतुलन की बिसात पर भारत: अमेरिका-रूस-यूक्रेन सभी की निगाहें मोदी पर

    वैश्विक शक्ति संतुलन की बिसात पर भारत: अमेरिका-रूस-यूक्रेन सभी की निगाहें मोदी पर

    जम्मू-कश्मीर के गुरेज़ सेक्टर में LoC पार करने की कोशिश करने वाले दो आतंकी ढेर, भारतीय सेना की बड़ी कार्रवाई

    जम्मू-कश्मीर के गुरेज़ सेक्टर में LoC पार करने की कोशिश करने वाले दो आतंकी ढेर, भारतीय सेना की बड़ी कार्रवाई

    जापान करेगा 68 अरब डॉलर का निवेश: भारत बनेगा एशिया का टेक महाशक्ति, चीन की बढ़ेगी टेंशन

    ट्रम्प के ‘टैरिफ’ को जापान ने दिखाया आईना- भारत में करेगा 68 अरब डॉलर का निवेश

    विकसित भारत के लिए होना होगा शस्त्र-संपन्न, सुरक्षित और आत्मनिर्भर : अनिल चौहान

    विकसित भारत के लिए होना होगा शस्त्र-संपन्न, सुरक्षित और आत्मनिर्भर : CDS अनिल चौहान

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में भारत की 7.8% जीडीपी वृद्धि: ट्रंप के ‘मृत अर्थव्यवस्था’ वाले दावे को करारा जवाब

    वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में भारत की 7.8% जीडीपी वृद्धि: ट्रंप के ‘मृत अर्थव्यवस्था’ वाले दावे को करारा जवाब

    भविष्य की झलक: पीएम मोदी ने की टोक्यो से सेंदाई तक बुलेट ट्रेन की सवारी

    भविष्य की झलक: पीएम मोदी ने की टोक्यो से सेंदाई तक बुलेट ट्रेन की सवारी

    वैश्विक शक्ति संतुलन की बिसात पर भारत: अमेरिका-रूस-यूक्रेन सभी की निगाहें मोदी पर

    वैश्विक शक्ति संतुलन की बिसात पर भारत: अमेरिका-रूस-यूक्रेन सभी की निगाहें मोदी पर

    भारत पर टैरिफ और चीन को छोड़ने को लेकर US हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी में ट्रंप पर उठे सवाल, अमेरिका-भारत संबंधों पर संकट

    भारत पर टैरिफ और चीन को छोड़ने को लेकर US हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी में ट्रंप पर उठे सवाल, अमेरिका-भारत संबंधों पर संकट

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    एक जंग में फ्रांस मेडागास्कर के राजा का सिर काट कर अपने देश ले गए थे, अब 128 साल बाद लौटाईं तीन खोपड़ियां

    एक जंग में फ्रांस मेडागास्कर के राजा का सिर काट कर अपने देश ले गए थे, अब 128 साल बाद लौटाईं तीन खोपड़ियां

    मुंबई का गणेशोत्सव: जानें कैसे एक दंगे ने बदल दी महोत्सव की तस्वीर, बना राष्ट्रीय आंदोलन

    महाराष्ट्र का गणेशोत्सव: जानें कैसे एक दंगे ने बदल दी महोत्सव की तस्वीर, बना राष्ट्रीय आंदोलन

    भारत को विश्व गुरु बनाने की राह: मोहन भागवत का संदेश और उसका अर्थ

    भारत को विश्व गुरु बनाने की राह: मोहन भागवत का संदेश और उसका अर्थ

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भविष्य की झलक: पीएम मोदी ने की टोक्यो से सेंदाई तक बुलेट ट्रेन की सवारी

    भविष्य की झलक: पीएम मोदी ने की टोक्यो से सेंदाई तक बुलेट ट्रेन की सवारी

    40 मंजिला इमारत जितना ऊंचा! इसरो बना रहा है 92 मीटर का ‘सूर्य’ रॉकेट

    40 मंजिला इमारत जितना ऊंचा! इसरो बना रहा है 92 मीटर का ‘सूर्य’ रॉकेट

    ₹18,541 करोड़ का बंपर पैकेज: 4 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट, लखनऊ मेट्रो विस्तार को हरी झंडी

    ₹18,541 करोड़ का बंपर पैकेज: 4 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट, लखनऊ मेट्रो विस्तार को हरी झंडी

    स्मृति ईरानी की टीवी पर शानदार वापसी, रुपाली गांगुली और हिना खान को पछाड़ बनीं हाईएस्ट पेड टीवी स्टार

    स्मृति ईरानी की टीवी पर शानदार वापसी, रुपाली गांगुली और हिना खान को पछाड़ बनीं हाईएस्ट पेड टीवी स्टार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

भारतीय संविधान में अभी भी उपनिवेशवाद की गंध है

भारतीय संविधान में भर-भरकर है उपनिवेशवाद का प्रकोप

Aniket Raj द्वारा Aniket Raj
27 January 2022
in मत
संविधान उपनिवेशवाद

PC: The Daily Guardian

Share on FacebookShare on X

दुनिया का सबसे वृहद और विस्तृत लिखित भारतीय संविधान जरूरत के अनुसार लचीला और कठोर दोनों है। हालाँकि, जिस दस्तावेज़ ( भारत सरकार अधिनियम, 1935) और सिद्धांतों ने भारत के संविधान में संतुलन को रोका है, वह आलोचनाओं के अधीन है। उन सिद्धांतों में से एक संविधान में उपनिवेशवाद को आत्मसात करने के बारे में है जो इस तरह के कलुषित विचारों को दूर करने के लिए बना था।

हम गणतंत्र दिवस के भव्य उत्सव के बाद अपने दैनिक जीवन की दिनचर्या में वापस आ गए हैं। हम में से बहुत से लोग यह नहीं जानते हैं कि 26 जनवरी हमारे जीवन में कितना महत्व रखता है। यह वह दिन है जब भारतीय संविधान अर्थात हमारी राजनीति का मार्गदर्शन करने वाली पुस्तक लागू हुई थी। गणतंत्र दिवस हमें उस दस्तावेज़ की कुछ विशेषताओं को देखने का अवसर प्रदान करता है जिसके द्वारा हमारे प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और हम एक गणतंत्र होने की शपथ लेते हैं ।

संबंधितपोस्ट

वैश्विक शक्ति संतुलन की बिसात पर भारत: अमेरिका-रूस-यूक्रेन सभी की निगाहें मोदी पर

फ्लोरिडा हादसा: हरजिंदर सिंह की डंकी रूट एंट्री और खालिस्तान कार्ड का खुलासा

जयशंकर का दो टूक: अमेरिका से रिश्ते अहम, पर कुछ शर्तों पर झुकना मुमकिन नहीं

और लोड करें

भारतीय संविधान काफी हद तक उधार लिया गया है

भारतीय संविधान विशेष रूप से भारत के आम जनमानस के उपनिवेशवाद के दमन से उद्धार हेतु बनाया गया था। परन्तु, विडंबना देखिए, इसे बनाने वाले वही लोग थे जो उपनिवेशवादी संस्कृति और सभ्यता से शिक्षित-दीक्षित होकर भारत आए थे। ये लोग भारत की आम जनता द्वारा प्रत्यक्ष रूप से नहीं चुने गए थे। अतः, हमारे संविधान निर्माताओं ने उस समय के अन्य संविधान की प्रमुख विशेषताओं को नोट किया और उन्हें संविधान के विभिन्न प्रावधानों में अंतर्निहित कर दिया।

जब आप हमारे प्रधानमंत्री को संसद में विधायी प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करने के लिए अपने मंत्रिमंडल की व्यवस्था करते हुए देखते हैं तो बस अपने आप को यह स्मरण दिलाते रहें कि इसमें शामिल सभी उपरोक्त तंत्र ब्रिटिश संविधान से लिए गए हैं।

जब आप सुप्रीम कोर्ट में किसी वकील को किसी के मौलिक अधिकारों का मुखर रूप से बचाव करते हुए देखेंगे तो अपने आस-पास की हर चीज को अमेरिकी और ब्रिटिश संविधान की देन समझें। उपरोक्त के अलावा सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों को हटाने की प्रक्रिया भी अमेरिका से उधार ली गई है। यहां तक ​​कि राष्ट्रपति का महाभियोग भी एक विशेषता है जिसे हमने अमेरिकी संविधान से लिया है। कहीं भी कुछ भी भारतीय नहीं दिखता।

इसी तरह, आयरिश संविधान ने हमारे निर्वाचित प्रतिनिधियों को हमारे राष्ट्रपति को चुनने का एक तरीका प्रदान किया। कई अन्य प्रमुख विशेषताएं दक्षिण अफ्रीका, फ्रांस, USSR, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा के संविधानों से ली गई हैं। कुछ विशेषज्ञ हमारे संविधान को विश्व संविधानों के कई दस्तावेजों का ‘चिथडा’ कहते हैं और यह सही भी है।

ये सभी तथ्य हमारे मन में एक सवाल खड़े करते हैं। अगर हमने दूसरों से इतना उधार लिया है, तो हमारे संविधान की मार्गदर्शक शक्ति वास्तव में क्या है? क्या भारतीय संविधान में कुछ भी भारतीय है?

भारतीय दर्शन निहित नहीं है

संविधान लिखना कोई दैनिक जीवन का काम नहीं है। जब कोई राष्ट्र अपना मार्गदर्शक दस्तावेज तैयार करने के लिए बैठता है तो आम तौर पर एक सामूहिक विद्रोह, क्रांति, राष्ट्रवाद, राष्ट्र जागरण, प्रबोधन आदि की पृष्ठभूमि एक मार्गदर्शक शक्ति के रूप में काम करती है। उदाहरण के लिए जब फ्रांसीसी संविधान निर्माता अपना संविधान लिखने के लिए बैठे तो वे फ्रांसीसी क्रांति से स्वतंत्रता, बंधुत्व और समानता के अपने स्वदेशी सिद्धांत को संविधान में निहित किया जो उनके शासन पद्दति का आधार बना।

अमेरिकी संविधान निर्माताओं ने देखा कि उनकी सरकारें और ब्रिटिश उपनिवेशवाद आम जनता की उत्पीड़क थीं। इसलिए, उन्होंने भविष्य की पीढ़ी को ऐसे उत्पीड़कों से बचाने का फैसला किया। संयुक्त राज्य अमेरिका ने कुछ परिस्थितियों को छोड़कर सरकार पर किसी व्यक्ति के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए अधिकारों का बिल लेकर आए।

दुर्भाग्य से भारतीय संविधान को हमारे स्वतंत्रता आंदोलन से कोई महत्वपूर्ण दर्शन नहीं मिला। करीब करीब हमारे सारे नेता इन्ही ब्रिटिश, उपनिवेशवाद और पाश्चत्य संस्कृति से प्रेरित थे अतः विदेशी मूल्यों से ही संविधान को भर दिया। संविधान निर्माण की प्रक्रिया के बारे में बात करते हुए जवाहर लाल नेहरू ने टिप्पणी की थी- “लोग क्रांति को एक बड़े युद्ध या एक बड़े आंतरिक हिंसक संघर्ष के रूप में सोचते हैं। बल्कि क्रांति एक ऐसी चीज है जो समाज की संरचना, लोगों के जीवन, उनके जीने के तरीके और उनके काम करने के तरीके को बदल देती है। भारत में यही हो रहा है।”

विडंबना देखिए, विधानसभा में किसी ने भी यह उल्लेख नहीं किया कि वे संविधान बना रहे थे क्योंकि एक क्रांति स्थिर ढांचे के रूप में काम कर रही थी।

व्याख्यात्मक ढांचे की विस्तृत श्रृंखला

जब हमारे नेताओं ने संविधान के प्रारूपकारों की तलाश शुरू की तो उनमें से अधिकांश लोग वकील, धनाढ्य, राजा और राजनेता ही मिले। जनमानस का व्यापक प्रतिनिधित्व करनेवाला कोई ऐसा नेता नहीं मिला जिसका सर्वमान्य जनाधार हो। संविधान निर्माण में वकीलों की संख्या अत्यधिक थी। वकील के दिमाग में उत्सुकता होती है और वे जितना हो सके तर्क को आगे बढ़ाने की कोशिश करते हैं। उनके मन में एक शब्द विशेष के एक से अधिक अर्थ होते हैं। इस प्रकार, वे व्याख्याओं की विस्तृत श्रृंखला प्रदान करते हैं।

इसके अतिरिक्त, जिस कानूनी प्रणाली के तहत ये वकील अपने व्यापार का अभ्यास कर रहे थे, उसे मुकदमेबाज को थका देने के लिए डिज़ाइन किया गया था। अंग्रेजों ने इस तरह से डिजाइन किया था कि पीड़ित को न्याय मिलना असंभव था। न्याय व्यवस्था भी पूर्ण ब्रिटिश आधारित था। अतः इसने हमारे संविधान की कानूनी भाषा, तर्कों, भ्रमजालों और ब्रिटिश संरचनाओं से भर दिया।

दुर्भाग्य से, स्वतंत्र भारत के लिए भी यही सच है। भारतीय संविधान में दर्शन का व्यापक मोड़ यह सुनिश्चित करता है कि एक विशेष मामले की विभिन्न न्यायालयों द्वारा अलग-अलग फैशन में व्याख्या की जा सकती है। इससे न्यायपालिका पर बोझ बढ़ता है। दूसरी तरफ, लंबित मामले वकीलों के लिए वरदान साबित होते हैं, जिनके पास वादियों से कमाई करने के लिए कई चैनल प्राप्त हो जाते हैं।

एच.के. संविधान सभा के एक सदस्य माहेश्वरी ने टिप्पणी की थी, “मसौदा लोगों को अधिक मुकदमेबाजी, कानून अदालतों में जाने के लिए अधिक इच्छुक, कम सच्चा और सत्य और अहिंसा के तरीकों का पालन करने की संभावना को कम करता है। अगर मैं ऐसा कहूं, तो ड्राफ्ट वास्तव में वकीलों के लिए स्वर्ग है। यह मुकदमेबाजी के व्यापक रास्ते खोलता है और हमारे वकीलों को काम करने के अवसर देगा।”

और पढ़ें: पश्चिमी UP में जाट-मुस्लिम समीकरण केवल एक मिथ्या है, असल में ये एक-दूसरे से आंख भी नहीं मिलाते

अल्पसंख्यक अधिकार, गायों की सुरक्षा जैसे कई अन्य प्रावधानों को इस तरह से जोड़ा गया है कि समस्या के समाधान ने ही मूल समस्या को और जटिल बना दिया है। संक्षेप में यह कहा जा सकता है कि हमारे संविधान निर्माताओं ने उपनिवेशवाद की समस्या के लिए ऐसा संविधान तैयार किया जिसे हमारे उपनिवेशवादियों द्वारा दिए गए सिद्धांतों से ही बनाया गया है।

Tags: USSRअमेरिकाब्रिटेनभारतीय संविधान
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

‘हिन्दी सीखने में क्या दिक्कत है?’ मद्रास HC ने हिंदी विरोधी लॉबी को खूब धोया

अगली पोस्ट

ग़ुलाम नबी आज़ाद को पद्म भूषण पुरस्कार मिलने से ‘दिल टूटे हुए प्रेमी’ की तरह रो रही है कांग्रेस

संबंधित पोस्ट

उमा भारती का बड़ा बयान: “पीओके वापस लेने के बाद ही भारत का उद्देश्य पूरा होगा”
चर्चित

उमा भारती का बड़ा बयान: “पीओके वापस लेने के बाद ही भारत का उद्देश्य पूरा होगा”

30 August 2025

भाजपा की फायरब्रांड नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जब...

मोहन भागवत के भाषण में छिपे थे कई संदेश, समझें इसके राजनीतिक मायने
चर्चित

मोहन भागवत के भाषण में छिपे हैं कई संदेश, समझें इसके राजनीतिक मायने

26 August 2025

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी समारोह में सरसंघचालक मोहन भागवत का भाषण केवल एक वैचारिक उद्घोषणा नहीं था, बल्कि इसमें कई राजनीतिक संदेश भी...

भारत को विश्व गुरु बनाने की राह: मोहन भागवत का संदेश और उसका अर्थ
इतिहास

भारत को विश्व गुरु बनाने की राह: मोहन भागवत का संदेश और उसका अर्थ

26 August 2025

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपनी स्थापना के 100 साल पूरे होने पर दिल्ली के विज्ञान भवन में तीन दिवसीय “100 वर्ष की संघ यात्रा:...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

USA’s Real Problem With India is Not Russian oil ! America’s Double Standard Exposed yet Again.

USA’s Real Problem With India is Not Russian oil ! America’s Double Standard Exposed yet Again.

00:06:12

Why Experts Say US President Donald Trump’s Behavior Signals Something Serious?

00:07:25

The Myth of Mother Teresa: Peeling Back the Veil of a Manufactured Saint

00:07:13

IADWS The Modern ‘Sudarshan Chakra’, Redefining the Laws of Future Aerial Warfare

00:06:12

Is Rampur Nadrabag Mosque The Dark Web of Trafficking, Illegal Arms, Drugs & Conversion Mafia?

00:05:52
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2025 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2025 TFI Media Private Limited