TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता,

    बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता,

    बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु के रहस्य को सुलझाने में भारत की मदद करना चाहता है ताइवान

क्या अब पूरी तरह सुलझ जाएगी नेताजी की मृत्यु की गुत्थी?

Yashwant Singh द्वारा Yashwant Singh
24 January 2022
in चर्चित, ज्ञान
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु

Source- TFIPOST

Share on FacebookShare on X

अगर आप से एक सवाल पूछा जाए कि महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु कैसे हुई, तो आपका जवाब क्या होगा? सम्भवतः आप दो बातें बोलेंगे। पहली यह कि वो हवाई दुर्घटना में मारे गए, दूसरी बात यह कि वह मरे ही नहीं, बल्कि अज्ञात व्यक्ति की तरह जीवन बिताने लगे। खैर ये दोनों ही तर्क अधूरे हैं, क्योंकि इन तर्कों के पीछे कोई ठोस सबूत नहीं है। दोनों बातें सुनने में जैसी भी लगे, इनके पीछे ठोस सबूत का अभाव है।

विभिन्न दावों के अनुसार, अगस्त 1945 में विमान दुर्घटना के बाद नेताजी को ताइपे में सेना अस्पताल नानमोन शाखा ले जाया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। यह अस्पताल वर्तमान ताइपे सिटी अस्पताल की हेपिंग फुयू शाखा है। हादसे के बाद नेताजी के बारे में अब तक की जानकारी का बड़ा हिस्सा जापानी दावों और दस्तावेजों पर आधारित रहा है। जापान सरकार ने नेताजी से संबंधित दो फाइलों को सार्वजनिक कर दिया है और उनकी अस्थियों को टोक्यो के रेंकोजी मंदिर में रखा है।

संबंधितपोस्ट

मोदी सरकार के 12 वर्ष: भारत की रक्षा और कूटनीतिक रणनीति का नया अध्याय

वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

मोदी सरकार के 12 साल: पीएम मोदी की 12 बड़ी योजनाएं, जिन्होंने करोड़ों लोगों की जिंदगी बदल दी

और लोड करें

और पढ़ें: 1946 की क्रांति को चित्रित कर भारत देगा आजादी के असली नायकों को न्याय

लेकिन इतने वर्ष बाद भी क्या नेता जी से जुड़ी बातों का सही उत्तर नहीं चाहिए? वर्तमान भारत सरकार तो सत्य को सिद्ध करने के पीछे पागल है! नेताजी को जो सम्मान मिलना चाहिए, वह सम्मान दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रतिबद्ध हैं। पीएम मोदी द्वारा रविवार शाम को इंडिया गेट पर नेताजी की होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण करने से यह समझ आ जाना चाहिए कि भारतीय शासन नेताजी के प्रति कितना प्रतिबद्ध है। ऊपर से भारत सरकार ने सुभाष चंद्र बोस की 125 वीं जयंती से 23 जनवरी को “पराक्रम दिवस” ​​के रूप में मनाने की घोषणा भी कर दी है।

इसी बीच ताइवान ने नेताजी की विरासत को “फिर से खोजने” के लिए अपने राष्ट्रीय अभिलेखागार और डेटाबेस को खोलने की पेशकश की है, जिससे सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु से जुड़ी गुत्थियों के सुलझने की संभावना प्रबल हो गई है। ताइवान 1940 के दशक में जापानी कब्जे में था, वह आखिरी देश था, जहां भारत के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी को जीवित देखा गया था और आम सहमति यह है कि 1945 में एक विमान दुर्घटना में सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु हो गई थी।

ताइवान पूरी तरह से है तैयार

ताइपे इकोनॉमिक एंड कल्चरल सेंटर के डिप्टी रिप्रेजेंटेटिव मुमिन चेन ने दिल्ली में ताइवान दूतावास में फिक्की द्वारा आयोजित एक आभासी कार्यक्रम में कहा, “हमारे पास राष्ट्रीय अभिलेखागार और कई डेटाबेस हैं। हम भारतीय दोस्तों को नेताजी और उनकी विरासत के बारे में अधिक जानकारी फिर से खोजने में मदद कर सकते हैं, जिसका 1930, 1940 के दशक में ताइवान पर बहुत प्रभाव रहा है।”

ताइवान के उप दूत ने बताया, “बहुत से युवा इतिहासकार दक्षिण पूर्व एशिया के साथ शोध कर रहे हैं, यहां तक ​​कि भारत के साथ भी शोध कर रहे हैं। नेताजी और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन पर बहुत सारे ऐतिहासिक दस्तावेज और सबूत ताइवान में हैं। अभी बहुत कम भारतीय विद्वान इसके बारे में जानते हैं।” उन्होंने विस्तार से बताया, “ताइवान और भारत को इंडो-पैसिफिक के सामान्य इतिहास की फिर से जांच और खोज करनी चाहिए, क्योंकि हमारे (भारत-ताइवान) ऐतिहासिक संबंध रहे हैं”।

यह बताते हुए कि भारत और नेताजी के साथ ताइवान का ऐतिहासिक संबंध हैं, दिल्ली में राजनयिक ने कहा, “1940 के दशक में, चियांग काई-शेक ने अपनी डायरी में नेताजी के बारे में लिखा है। उन्होंने उनके लिए सहानुभूति महसूस की है। उनके दस्तावेजों से स्वतंत्रता के लिए जापानी लड़ाई में जापान का सहयोग करने का निर्णय समझ में आता है।”

चेन ने कहा, “1945 से पहले ताइवान एक जापानी उपनिवेश था, इसीलिए नेताजी ने 1943 में ताइवान पर कदम रखा और फिर 1945 में वे दूसरी बार ताइवान आए।” कहा जाता है कि चियांग काई शेक 1949 में चीन से ताइवान भाग आए और फिर 1975 में अपनी मृत्यु तक पूरी ताकत से ताइवान के द्वीप पर शासन किया। वह द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापानी सेना को दिए गए मजबूत प्रतिरोध के लिए जाने जाते है।

और पढ़ें: वो सम्मान, जिसके बोस हकदार हैं- सुभाष चंद्र बोस की जयंती के साथ अब शुरु होगा गणतंत्र दिवस समारोह

क्यों इस गुत्थी को समझना जरूरी है?

दरअसल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस आम जननेता नहीं थे, वो कुछ कर गुजरने में विश्वास रखते थे। सुभाष चंद्र बोस ने भारत से ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंकने के लिए जापानी मदद मांगी थी और टोक्यो की मदद से इंडियन नेशनल आर्मी को खड़ा किया था। भारत को आजाद कराने के लिए नेताजी के संघर्ष का एक बड़ा हिस्सा अफगानिस्तान और बर्मा से लेकर ताइवान, जापान और सिंगापुर में दक्षिण पूर्व एशिया सहित चीन के सुदूर पूर्व तक विदेशी धरती पर था। उन्होंने महात्मा गांधी और नेहरू की तरह एक जगह बैठकर काम नहीं किया। बोस आग का भांति थे और उन्होंने अपने जीवन को एक सेनानी से ज्यादा एक युद्धनायक की तरह जिया।

एक दिन अचानक मालूम चलता है कि हादसे में वह नहीं रहे। उनपर फ़िल्म बन जा रही है, जो नाटकीय घटनाक्रम से उनको मृत दिखा रही है और राष्ट्र इसकी गुत्थी ना सुलझाए? यह भी हो सकता है कि कोई अन्य राष्ट्र नायक बनने के लिए दूसरे नायक को खत्म कर दे? यह सवाल है, किसी के मानने या न मानने से तथ्य नहीं बदलता और इसको खत्म करने का तरीका निष्पक्ष स्वतंत्र जांच है। यह तो राष्ट्र का दायित्व बनता है कि वह अपने नायकों से जुड़े सवालों का अंत करे।

भारत ने तीन बार की है कोशिश

ऐसा नहीं है कि भारत सरकार ने इस गुत्थी को सुलझाने के लिए सोचा नहीं है। भारत सरकार ने अभी तक तीन बार ऐसा किया है। भारत सरकार ने 1956 में शाह नवाज जांच समिति, 1974 में खोसला आयोग और 2005 में न्यायमूर्ति मुखर्जी जांच आयोग (JMCI) का गठन किया। पहले दो ने यह निष्कर्ष निकाला कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु एक सैन्य अस्पताल में हुई थी। 18 अगस्त, 1945 को ताइवान के ताइहोकू में, एक जापानी सैन्य विमान के टेक-ऑफ के दौरान दुर्घटना के परिणामस्वरूप उनकी मृत्यु हुई। उन दोनों दस्तावेजों ने यह भी निष्कर्ष निकाला कि टोक्यो के रेंकोजी मंदिर में आज भी नश्वर अवशेष उन्हीं के हैं। लेकिन तीसरे रिपोर्ट ने सबकुछ बदलकर रख दिया।

जापान, रूस, ताइवान, थाईलैंड, ब्रिटेन और अमेरिका की पांच साल से अधिक लंबी जांच और यात्रा के बाद, JMIC ने 8 नवंबर, 2005 की अपनी रिपोर्ट में निष्कर्ष यह निकाला कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु ऐसे नहीं हुई थी, जैसा बताया जा रहा है। 17 मई, 2006 को संसद में पेश किया गए रिपोर्ट में यह बताया गया कि नेताजी विमान दुर्घटना में नहीं मरे। जांच आयोग ने यह भी बताया कि ‘जापानी मंदिर में रखी हुई राख नेताजी की नहीं है’। न्यायमूर्ति मुखर्जी ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी और न ही दे सकते थे कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु किसी अन्य स्थान पर हुई या कब और कैसे हुई। उन्होंने बस इतना ही निष्कर्ष निकाला कि ‘नेताजी सुभाष चंद्र बोस मर चुके हैं’ लेकिन वैसे नहीं, जैसे बताया जाता है।’

और पढ़ें: मोदी सरकार ने किया नेताजी सुभाष चंद्र बोस को याद, दिया वो सम्मान जिसके वो हकदार हैं

तत्कालीन सरकार को JMIC रिपोर्ट की जांच करने पर मूलभूत त्रुटियों का पता चला, जिसके आधार पर उसने JMIC के निष्कर्षों को खारिज कर दिया। केंद्र सरकार द्वारा 7 अगस्त, 2006 को ताइवान में कोई हवाई दुर्घटना नहीं होने और इसलिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु नहीं होने के अपने निष्कर्ष के समर्थन में न्यायमूर्ति मुखर्जी द्वारा दिए गए तथाकथित साक्ष्य और प्रमुख तर्क विश्वसनीय नहीं लगे और सीधे यह मान लिया गया कि आयोग की रिपोर्ट गलत है।

मतलब साफ है कि सरकार की कोशिश करने पर भी सत्य का पता नहीं चला और आयोग के फैसलों को तुरंत चुटकी बजाकर गलत ठहरा दिया गया। अब ताइवान के मदद से हो सकता है कि JMIC की रिपोर्ट पर स्थिति और स्पष्ट हो या फिर ये भी हो सकता है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु की गुत्थी पूरी तरह से सुलझ जाए!0

Tags: ताइवाननेताजीमोदी सरकारसुभाष चंद्र बोस
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

जम्मू-कश्मीर में ‘विकास की दिशा’ बदलने को तैयार है मोदी सरकार

अगली पोस्ट

मणिपुर में भाजपा का विकास मॉडल एक बार फिर पार्टी को दिलाएगा ‘विजय’

संबंधित पोस्ट

शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक
इतिहास

ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

26 June 2026

भारत के सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए छह जवानों के नाम पहली बार आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक किए हैं। इन सभी...

NIA की बड़ी कार्रवाई
चर्चित

NIA की बड़ी कार्रवाई: JMB और IMK से जुड़े मामले में 11 लोगों के खिलाफ चार्जशीट, अब कोर्ट में चलेगा ट्रायल

26 June 2026

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) और उससे जुड़े संगठन IMK से संबंधित मामले में 11 लोगों के खिलाफ चार्जशीट...

उत्तराखंड सीमा पर तनाव
चर्चित

उत्तराखंड सीमा पर तनाव: पुलिस बैरिकेड तोड़कर हेमकुंड साहिब की ओर बढ़े निहंग सिख, सुरक्षा बढ़ाई गई

26 June 2026

गुरुवार रात हिमाचल प्रदेश–उत्तराखंड सीमा पर उस समय तनाव बढ़ गया, जब बड़ी संख्या में निहंग सिखों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। इसके...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Nepal's Natural Ally: Why India, Not China ? Indo-Nepal

Nepal's Natural Ally: Why India, Not China ? Indo-Nepal

00:04:05

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41

Gilgit Baltistan's Youth Rising: The Fight for Dignity, Rights and Self Governance

00:03:08

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

00:03:11

Inside the Doklam Face-Off: How India Backed Bhutan and Held the Line During the 73 Day Standoff

00:03:11
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited