TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी, स्मृति ईरानी ने नेताओं को दी नसीहत, VIP कल्चर छोड़ने को कहा

    पंजाब

    पंजाब में फिर साथ आ सकते हैं BJP और अकाली दल, अमित शाह के बयान के बाद गठबंधन की चर्चा तेज

    पुलिस स्मृति दिवस पर PM मोदी ने पुलिसकर्मियों को किया याद

    पुलिस स्मृति दिवस पर PM मोदी ने पुलिसकर्मियों को किया याद, अमित शाह ने बाइक रैली को दिखाई हरी झंडी

    कॉकरोच के पुतले

    दिल्ली में दशहरे पर रावण के साथ जलेगा कॉकरोच का पुतला, कॉकरोच के पुतले को लेकर चर्चा जारी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी, स्मृति ईरानी ने नेताओं को दी नसीहत, VIP कल्चर छोड़ने को कहा

    पंजाब

    पंजाब में फिर साथ आ सकते हैं BJP और अकाली दल, अमित शाह के बयान के बाद गठबंधन की चर्चा तेज

    पुलिस स्मृति दिवस पर PM मोदी ने पुलिसकर्मियों को किया याद

    पुलिस स्मृति दिवस पर PM मोदी ने पुलिसकर्मियों को किया याद, अमित शाह ने बाइक रैली को दिखाई हरी झंडी

    कॉकरोच के पुतले

    दिल्ली में दशहरे पर रावण के साथ जलेगा कॉकरोच का पुतला, कॉकरोच के पुतले को लेकर चर्चा जारी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु के रहस्य को सुलझाने में भारत की मदद करना चाहता है ताइवान

क्या अब पूरी तरह सुलझ जाएगी नेताजी की मृत्यु की गुत्थी?

Yashwant Singh द्वारा Yashwant Singh
24 January 2022
in चर्चित, ज्ञान
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु

Source- TFIPOST

Share on FacebookShare on X

अगर आप से एक सवाल पूछा जाए कि महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु कैसे हुई, तो आपका जवाब क्या होगा? सम्भवतः आप दो बातें बोलेंगे। पहली यह कि वो हवाई दुर्घटना में मारे गए, दूसरी बात यह कि वह मरे ही नहीं, बल्कि अज्ञात व्यक्ति की तरह जीवन बिताने लगे। खैर ये दोनों ही तर्क अधूरे हैं, क्योंकि इन तर्कों के पीछे कोई ठोस सबूत नहीं है। दोनों बातें सुनने में जैसी भी लगे, इनके पीछे ठोस सबूत का अभाव है।

विभिन्न दावों के अनुसार, अगस्त 1945 में विमान दुर्घटना के बाद नेताजी को ताइपे में सेना अस्पताल नानमोन शाखा ले जाया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। यह अस्पताल वर्तमान ताइपे सिटी अस्पताल की हेपिंग फुयू शाखा है। हादसे के बाद नेताजी के बारे में अब तक की जानकारी का बड़ा हिस्सा जापानी दावों और दस्तावेजों पर आधारित रहा है। जापान सरकार ने नेताजी से संबंधित दो फाइलों को सार्वजनिक कर दिया है और उनकी अस्थियों को टोक्यो के रेंकोजी मंदिर में रखा है।

संबंधितपोस्ट

12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

Explainer: अमेरिकी सांसद रिले मूर का बयान ही बताता है कि भारत को ज्यादा सख्त FCRA कानून की जरूरत क्यों है ?

मोदी सरकार के 12 वर्ष: भारत की रक्षा और कूटनीतिक रणनीति का नया अध्याय

और लोड करें

और पढ़ें: 1946 की क्रांति को चित्रित कर भारत देगा आजादी के असली नायकों को न्याय

लेकिन इतने वर्ष बाद भी क्या नेता जी से जुड़ी बातों का सही उत्तर नहीं चाहिए? वर्तमान भारत सरकार तो सत्य को सिद्ध करने के पीछे पागल है! नेताजी को जो सम्मान मिलना चाहिए, वह सम्मान दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रतिबद्ध हैं। पीएम मोदी द्वारा रविवार शाम को इंडिया गेट पर नेताजी की होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण करने से यह समझ आ जाना चाहिए कि भारतीय शासन नेताजी के प्रति कितना प्रतिबद्ध है। ऊपर से भारत सरकार ने सुभाष चंद्र बोस की 125 वीं जयंती से 23 जनवरी को “पराक्रम दिवस” ​​के रूप में मनाने की घोषणा भी कर दी है।

इसी बीच ताइवान ने नेताजी की विरासत को “फिर से खोजने” के लिए अपने राष्ट्रीय अभिलेखागार और डेटाबेस को खोलने की पेशकश की है, जिससे सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु से जुड़ी गुत्थियों के सुलझने की संभावना प्रबल हो गई है। ताइवान 1940 के दशक में जापानी कब्जे में था, वह आखिरी देश था, जहां भारत के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी को जीवित देखा गया था और आम सहमति यह है कि 1945 में एक विमान दुर्घटना में सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु हो गई थी।

ताइवान पूरी तरह से है तैयार

ताइपे इकोनॉमिक एंड कल्चरल सेंटर के डिप्टी रिप्रेजेंटेटिव मुमिन चेन ने दिल्ली में ताइवान दूतावास में फिक्की द्वारा आयोजित एक आभासी कार्यक्रम में कहा, “हमारे पास राष्ट्रीय अभिलेखागार और कई डेटाबेस हैं। हम भारतीय दोस्तों को नेताजी और उनकी विरासत के बारे में अधिक जानकारी फिर से खोजने में मदद कर सकते हैं, जिसका 1930, 1940 के दशक में ताइवान पर बहुत प्रभाव रहा है।”

ताइवान के उप दूत ने बताया, “बहुत से युवा इतिहासकार दक्षिण पूर्व एशिया के साथ शोध कर रहे हैं, यहां तक ​​कि भारत के साथ भी शोध कर रहे हैं। नेताजी और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन पर बहुत सारे ऐतिहासिक दस्तावेज और सबूत ताइवान में हैं। अभी बहुत कम भारतीय विद्वान इसके बारे में जानते हैं।” उन्होंने विस्तार से बताया, “ताइवान और भारत को इंडो-पैसिफिक के सामान्य इतिहास की फिर से जांच और खोज करनी चाहिए, क्योंकि हमारे (भारत-ताइवान) ऐतिहासिक संबंध रहे हैं”।

यह बताते हुए कि भारत और नेताजी के साथ ताइवान का ऐतिहासिक संबंध हैं, दिल्ली में राजनयिक ने कहा, “1940 के दशक में, चियांग काई-शेक ने अपनी डायरी में नेताजी के बारे में लिखा है। उन्होंने उनके लिए सहानुभूति महसूस की है। उनके दस्तावेजों से स्वतंत्रता के लिए जापानी लड़ाई में जापान का सहयोग करने का निर्णय समझ में आता है।”

चेन ने कहा, “1945 से पहले ताइवान एक जापानी उपनिवेश था, इसीलिए नेताजी ने 1943 में ताइवान पर कदम रखा और फिर 1945 में वे दूसरी बार ताइवान आए।” कहा जाता है कि चियांग काई शेक 1949 में चीन से ताइवान भाग आए और फिर 1975 में अपनी मृत्यु तक पूरी ताकत से ताइवान के द्वीप पर शासन किया। वह द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापानी सेना को दिए गए मजबूत प्रतिरोध के लिए जाने जाते है।

और पढ़ें: वो सम्मान, जिसके बोस हकदार हैं- सुभाष चंद्र बोस की जयंती के साथ अब शुरु होगा गणतंत्र दिवस समारोह

क्यों इस गुत्थी को समझना जरूरी है?

दरअसल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस आम जननेता नहीं थे, वो कुछ कर गुजरने में विश्वास रखते थे। सुभाष चंद्र बोस ने भारत से ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंकने के लिए जापानी मदद मांगी थी और टोक्यो की मदद से इंडियन नेशनल आर्मी को खड़ा किया था। भारत को आजाद कराने के लिए नेताजी के संघर्ष का एक बड़ा हिस्सा अफगानिस्तान और बर्मा से लेकर ताइवान, जापान और सिंगापुर में दक्षिण पूर्व एशिया सहित चीन के सुदूर पूर्व तक विदेशी धरती पर था। उन्होंने महात्मा गांधी और नेहरू की तरह एक जगह बैठकर काम नहीं किया। बोस आग का भांति थे और उन्होंने अपने जीवन को एक सेनानी से ज्यादा एक युद्धनायक की तरह जिया।

एक दिन अचानक मालूम चलता है कि हादसे में वह नहीं रहे। उनपर फ़िल्म बन जा रही है, जो नाटकीय घटनाक्रम से उनको मृत दिखा रही है और राष्ट्र इसकी गुत्थी ना सुलझाए? यह भी हो सकता है कि कोई अन्य राष्ट्र नायक बनने के लिए दूसरे नायक को खत्म कर दे? यह सवाल है, किसी के मानने या न मानने से तथ्य नहीं बदलता और इसको खत्म करने का तरीका निष्पक्ष स्वतंत्र जांच है। यह तो राष्ट्र का दायित्व बनता है कि वह अपने नायकों से जुड़े सवालों का अंत करे।

भारत ने तीन बार की है कोशिश

ऐसा नहीं है कि भारत सरकार ने इस गुत्थी को सुलझाने के लिए सोचा नहीं है। भारत सरकार ने अभी तक तीन बार ऐसा किया है। भारत सरकार ने 1956 में शाह नवाज जांच समिति, 1974 में खोसला आयोग और 2005 में न्यायमूर्ति मुखर्जी जांच आयोग (JMCI) का गठन किया। पहले दो ने यह निष्कर्ष निकाला कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु एक सैन्य अस्पताल में हुई थी। 18 अगस्त, 1945 को ताइवान के ताइहोकू में, एक जापानी सैन्य विमान के टेक-ऑफ के दौरान दुर्घटना के परिणामस्वरूप उनकी मृत्यु हुई। उन दोनों दस्तावेजों ने यह भी निष्कर्ष निकाला कि टोक्यो के रेंकोजी मंदिर में आज भी नश्वर अवशेष उन्हीं के हैं। लेकिन तीसरे रिपोर्ट ने सबकुछ बदलकर रख दिया।

जापान, रूस, ताइवान, थाईलैंड, ब्रिटेन और अमेरिका की पांच साल से अधिक लंबी जांच और यात्रा के बाद, JMIC ने 8 नवंबर, 2005 की अपनी रिपोर्ट में निष्कर्ष यह निकाला कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु ऐसे नहीं हुई थी, जैसा बताया जा रहा है। 17 मई, 2006 को संसद में पेश किया गए रिपोर्ट में यह बताया गया कि नेताजी विमान दुर्घटना में नहीं मरे। जांच आयोग ने यह भी बताया कि ‘जापानी मंदिर में रखी हुई राख नेताजी की नहीं है’। न्यायमूर्ति मुखर्जी ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी और न ही दे सकते थे कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु किसी अन्य स्थान पर हुई या कब और कैसे हुई। उन्होंने बस इतना ही निष्कर्ष निकाला कि ‘नेताजी सुभाष चंद्र बोस मर चुके हैं’ लेकिन वैसे नहीं, जैसे बताया जाता है।’

और पढ़ें: मोदी सरकार ने किया नेताजी सुभाष चंद्र बोस को याद, दिया वो सम्मान जिसके वो हकदार हैं

तत्कालीन सरकार को JMIC रिपोर्ट की जांच करने पर मूलभूत त्रुटियों का पता चला, जिसके आधार पर उसने JMIC के निष्कर्षों को खारिज कर दिया। केंद्र सरकार द्वारा 7 अगस्त, 2006 को ताइवान में कोई हवाई दुर्घटना नहीं होने और इसलिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु नहीं होने के अपने निष्कर्ष के समर्थन में न्यायमूर्ति मुखर्जी द्वारा दिए गए तथाकथित साक्ष्य और प्रमुख तर्क विश्वसनीय नहीं लगे और सीधे यह मान लिया गया कि आयोग की रिपोर्ट गलत है।

मतलब साफ है कि सरकार की कोशिश करने पर भी सत्य का पता नहीं चला और आयोग के फैसलों को तुरंत चुटकी बजाकर गलत ठहरा दिया गया। अब ताइवान के मदद से हो सकता है कि JMIC की रिपोर्ट पर स्थिति और स्पष्ट हो या फिर ये भी हो सकता है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु की गुत्थी पूरी तरह से सुलझ जाए!0

Tags: ताइवाननेताजीमोदी सरकारसुभाष चंद्र बोस
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

जम्मू-कश्मीर में ‘विकास की दिशा’ बदलने को तैयार है मोदी सरकार

अगली पोस्ट

मणिपुर में भाजपा का विकास मॉडल एक बार फिर पार्टी को दिलाएगा ‘विजय’

संबंधित पोस्ट

Haryana Power Crisis : क्या है पैरेलल डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल, गुरुग्राम में क्यों हुआ बवाल?
चर्चित

Haryana Power Crisis : क्या है पैरेलल डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल, गुरुग्राम में क्यों हुआ बवाल?

23 October 2026

Haryana Power Crisis : हरियाणा के गुरुग्राम में बिजली संकट ने एक बड़े सवाल को जन्म दिया है कि क्या एक ही इलाके में सरकारी...

सस्ती दवाइयों के देश में महंगा इलाज: हर साल 6 करोड़ परिवार गरीबी की ओर, अस्पतालों की वसूली पर सरकार ने मानी गड़बड़ी
चर्चित

सस्ती दवाइयों के देश में महंगा इलाज: हर साल 6 करोड़ परिवार गरीबी की ओर, अस्पतालों की वसूली पर सरकार ने मानी गड़बड़ी

23 October 2026

भारत में हर साल स्वास्थ्य पर होने वाला खर्च अनुमानित छह करोड़ परिवारों को गरीबी रेखा के नीचे धकेल देता है। यह गंभीर चिंता 2020...

भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने की तैयारी
चर्चित

भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने की तैयारी, ₹50,000 करोड़ से बनेंगे 4 बड़े युद्धपोत, जानें इनकी खासियत

22 October 2026

भारतीय नौसेना ने चार बड़े युद्धपोत बनाने की लंबे समय से अटकी योजना को आगे बढ़ा दिया है। नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल अजय...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

INS Samarthak: The Indigenous Warship Built to Do More Than One Job VO:

INS Samarthak: The Indigenous Warship Built to Do More Than One Job VO:

00:03:01

Why Is India Investing in Underwater Weapons?

00:02:10

How DRDO Is Making India's Military Communications More Secure

00:03:28

How Ice on Aircraft Wings Can Turn Deadly

00:03:19

Indian Army’s New Logistics Plan: Why Bharat Rice Matters

00:04:35
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited