TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मेट्रो में शालीनता, सड़कों पर अव्यवस्था

    मेट्रो में लाइन, बसों में धक्का-मुक्की: आर्थिक सर्वेक्षण ने बताई वजह

    मणिपुर विधानसभा

    मणिपुर को आज मिल सकता है नया मुख्यमंत्री, संभावित सरकार गठन को लेकर बीजेपी मुख्यालय में विधायक दल की बैठक

    युवाओॆ का बजट

    युवा चेतना को लेकर क्या कहता है 2026–27 का यूनियन बजट ?

    सुप्रीमकोर्ट ने डेटा लिक को लेकर दी कड़ी चेतावनी

    डेटा प्राइवेसी पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख, व्हाट्सएप के खिलाफ सख्त चेतावनी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    युवाओॆ का बजट

    युवा चेतना को लेकर क्या कहता है 2026–27 का यूनियन बजट ?

    भारत-यूरोपीय संघ समझौता वैश्विक व्यापार के लिए बड़ा अवसर

    पीएम मोदी-ट्रम्प के बीच बातचीत के बाद भारत पर अमेरिकी टैरिफ घट कर हुआ 18%

    वित्त मंत्री ने देश का रक्षा बजट ₹6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ कर दिया है

    रक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस: बजट 2026–27 की रणनीति

    भारत में डेटा सेंटर इस्तेमाल करने वाली विदेशी कंपनियों को 20 साल तक टैक्स में राहत

    भारत में डेटा सेंटर इस्तेमाल करने वाली विदेशी कंपनियों को 20 साल तक टैक्स में राहत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील जल्द! समुद्र में बढ़ेगी भारत की ताकत

    MSME और ड्रोन उद्योग पर राहुल गांधी के बयान, BJP ने किया खंडन

    मेक इन इंडिया पर राहुल गांधी की आलोचना, भाजपा का पलटवार

    ravikota

    एलसीए मैन’ रवि कोटा संभालेंगे एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की जिम्मेदारी, उत्पादन और सुधार पर रहेगा फोक्स

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मेट्रो में शालीनता, सड़कों पर अव्यवस्था

    मेट्रो में लाइन, बसों में धक्का-मुक्की: आर्थिक सर्वेक्षण ने बताई वजह

    मणिपुर विधानसभा

    मणिपुर को आज मिल सकता है नया मुख्यमंत्री, संभावित सरकार गठन को लेकर बीजेपी मुख्यालय में विधायक दल की बैठक

    युवाओॆ का बजट

    युवा चेतना को लेकर क्या कहता है 2026–27 का यूनियन बजट ?

    सुप्रीमकोर्ट ने डेटा लिक को लेकर दी कड़ी चेतावनी

    डेटा प्राइवेसी पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख, व्हाट्सएप के खिलाफ सख्त चेतावनी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    युवाओॆ का बजट

    युवा चेतना को लेकर क्या कहता है 2026–27 का यूनियन बजट ?

    भारत-यूरोपीय संघ समझौता वैश्विक व्यापार के लिए बड़ा अवसर

    पीएम मोदी-ट्रम्प के बीच बातचीत के बाद भारत पर अमेरिकी टैरिफ घट कर हुआ 18%

    वित्त मंत्री ने देश का रक्षा बजट ₹6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ कर दिया है

    रक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस: बजट 2026–27 की रणनीति

    भारत में डेटा सेंटर इस्तेमाल करने वाली विदेशी कंपनियों को 20 साल तक टैक्स में राहत

    भारत में डेटा सेंटर इस्तेमाल करने वाली विदेशी कंपनियों को 20 साल तक टैक्स में राहत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील जल्द! समुद्र में बढ़ेगी भारत की ताकत

    MSME और ड्रोन उद्योग पर राहुल गांधी के बयान, BJP ने किया खंडन

    मेक इन इंडिया पर राहुल गांधी की आलोचना, भाजपा का पलटवार

    ravikota

    एलसीए मैन’ रवि कोटा संभालेंगे एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की जिम्मेदारी, उत्पादन और सुधार पर रहेगा फोक्स

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

सूफ़ीवाद: इस्लामिक कट्टरता का एक मासूम चेहरा!

इस्लाम का अर्थ शांति है, मगर इनका शांति से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं!

TFI Desk द्वारा TFI Desk
7 February 2022
in ज्ञान
सूफ़ीवाद: इस्लामिक कट्टरता का एक मासूम चेहरा!
Share on FacebookShare on X

या निज़मुद्दीन औलिया,या निज़ामुद्दिन सलका
कदम बढ़ा ले, हदों को मिटा ले
आजा खाली पल में, पी का घर तेरा
तेरे बिन खाली, आजा खालीपन में

ये पंक्तियाँ रॉकस्टार के एक गाने ‘कुन फाया कुन’ की हैं। रॉकस्टार की रिलीज को करीब 10 वर्ष बीत चुके हैं। पर, यह गाना अभी भी लोगों के यादों में ताज़ा है। इसके शब्द इरशाद कामिल के है और संगीत दिया है एआर रहमान ने। दरअसल, यह गाना एक विशुद्ध सूफी संगीत है और इसी गाने के सहारे हम आपको सूफी इतिहास के काले अध्याय से अवगत करने का प्रयत्न करेंगे।

सबसे पहले तो अधिकांश लोग यही नहीं जानते होंगे कि ‘कुन फाया कुन’ का अर्थ क्या है? क्योंकि ‘कुन फाया कुन’ एक हिंदी नही बल्कि अरबी शब्द है, जिसका हिंदी अर्थ है “हो… और हो गया” अर्थात यहां अल्लाह की बात कहते हुए कहा गया है कि जब यहाँ कुछ भी नही था तो अल्लाह ने कहा “हो… और यहाँ सब कुछ हो गया” अर्थात ये कायनात वर्चस्व में आ गई। यह वाक्य सुराह बारह 2:117 से लिया गया शब्द है। मूलत: यह शब्द अरबी तथा फ़ारसी दोनों भाषाओं के मिश्रण से बना है और यह गाना ‘sufism’ के काले और हिंदुओं को दिग्भ्रमित करनेवाले इतिहास को परिलक्षित करने वाला एक मानद उदाहरण है।

संबंधितपोस्ट

धर्म परिवर्तन का अड्डा बनता जा रहा दुबई, छह महीने में ही 3600 से ज्यादा लोगों ने अपनाया इस्लाम

‘इस्लाम में महिलाओं की इज्जत नहीं’: स्वालेहीन और नूरफातिमा ने हिंदू प्रेमियों से मंदिर में रचाई शादी, की घर वापसी

हिंदू आस्था पर संकट: तमिलनाडु में खतरनाक स्तर पर पहुंचा धर्मांतरण

और लोड करें

और पढ़ें:‘चुनाव के लिए हिंदुओं पर साधा निशाना, लक्ष्य था कट्टरपंथी मुस्लिम नेता बनना’, इदरीसी ने लोनी घटना का सच स्वीकारा

क्या है सूफ़ीवाद और उसका इतिहास

हमारे देश के युवाओं को अपने वृहद और गौरवशाली सनातन संस्कृति के बारे में थोड़ी बहुत ही जानकारी है! सनातन संकृति की विराटता, विविधता और वैभव के अथाह सागर को देखते हुए वो इसमें डुबकी लगाने से भी डरते हैं। ना तो वेद, उपनिषद, शास्त्र और ग्रंथ के बारे में जानते है और ना ही इसकी भाषा समझते हैं। इसी कारण अन्य धर्मों और उनसे उपजे पंथों को उन्हें भ्रमित कर धर्मांतरित करने का मौका भी मिल जाता है। इन्ही में से एक है-सूफी संप्रदाय। दरअसल, ये इस्लाम का ही हिस्सा है। इसके पोर-पोर में थोडी मिठास के साथ कट्टरता का विष भरा पड़ा है! इस थोड़ी मिठास के कारण ही हम भ्रमित हो जाते है और दरगाह पर माथा नवाते और चादर चढ़ाते दिखते हैं!

इस्लामिक विद्वानों के अनुसार, सूफ़ीवाद एक रहस्यमय इस्लामी विश्वास और अभ्यास है, जिसमें मुसलमान ईश्वर के प्रत्यक्ष व्यक्तिगत अनुभव के माध्यम से प्रेम और ज्ञान की सच्चाई को खोजना चाहता है। वहीं, सूफ़ीवाद को दरअसल एक मुसलमान भी गैर-इस्लामिक मानता है क्योंकि ईश्वर का प्रत्यक्ष व्यक्तिगत अनुभव या उसकी प्रतिमूर्ति गैर-इस्लामिक है! परंतु मुसलमानों के लिए ये तब तक उचित है जब तक ये अन्य धर्मों के लोगों को धर्मांतरित करता रहे। कहने का अर्थ ये है कि आपके समक्ष कट्टर मुसलमान सूफ़ीवाद के भ्रम का शिकार बनाकर जबरन धर्मांतरण का मॉडल पेश करता है।

सूफ़ीवाद के विभिन्न चरण

बहुत से लोगों को यह नहीं मालूम होगा कि सूफ़ीवाद का पहला चरण ही शरीयत है। इसका अर्थ यह है कि सूफी बनने के लिए आपको शरीअत पर पक्का विश्वास होना चाहिए। शरीयत के विद्वान बनने के बाद आप घुमंतू बनते हैं अर्थात घूम-घूम कर अल्लाह का प्रचार करना होता है, जिसे तारिका भी कहते हैं। उसके बाद सिलसिलाह जिसे ताइफा कहते हैं और फिर ख़ानक़ाह की उपाधि मिलती है, जिसका शाब्दिक अर्थ है अल्लाह का मित्र। उसके बाद जब उस इंसान की मृत्यु हो जाती है तब वह पीर कहलाने लगता है और उसके मृत्यु की जगह को दरगाह कहा जाता है।

उसके दरगाह के संचालन की ज़िम्मेदारी उसके शिष्य की होती है, जिसे मुरीद भी कहते हैं और हर साल वहां लगने वाले मेले को उर्स कहा जाता है। फिर हम और आप जैसे भोले भले हिन्दू वहां चदार चढ़ने लगते हैं। इन घुमंतू धर्मप्रचारकों को ईश्वर के समतुल्य दर्जा दे देते हैं और ये तनिक भी नहीं सोचते कि आखिरकार इसकी आधारशिला तो शरीयत ही है।

भारत में सूफ़ी संप्रदाय का इतिहास

भारत में चिश्ती, सुहरावर्दी और नक्शबंदेया कुछ प्रसिद्धा सूफी पंथ है। इन सूफी संतों को दिल्ली सल्तनत से लेकर मुगलिया दरबार में राजकीय सम्मान मिलता था। दरअसल, इस्लाम में ईश्वर की बहुत ही रूढ़िवादी अवधारणा है। अतः जब सूफ़ीवाद हमारे सामने अल्लाह को दोस्त के रूप में प्रस्तुत करता है, तो हम पिघल जाते हैं और इस्लाम को सबसे उदारवादी धर्म मानकर इनका गुणगान करने लगते हैं जबकि हम ये भूल जाते हैं कि एक कट्टरपंथी मुसलमान कभी भी सूफ़ीवाद को मान्यता नहीं देता!

परंतु ये छल और भ्रम का जाल बुनकर हिंदुओं को इस्लाम के दरवाजे पर घसीटने में सफल होते हैं। मालूम हो कि चिश्ती पंथ की स्थापना पीर मोइनूद्दीन चिश्ती ने की थी। बख्तियार काकी इनके मुरीद अर्थात शिष्य थे और उनके शिष्य थे बाबा फरीद, जिन्हें पंजाबी भाषा का विद्वान माना जाता है। बाबा फरीद के 4 शिष्य (मुरीद) हुए। प्रथम, जमालुद्दीन अहमद जिन्हें जमालिया सूफी का प्रवर्तक माना जात है, जो जालंधर में है। उसके बाद आते है निज़ामुद्दीन औलिया जो निजामिया के प्रवर्तक माने जाते हैं जोकि दिल्ली के इलाके में फैले हुए है। इसी तरह अलाउद्दीन साबिर और घेशु दराज़ भी हुए जिन्होंने दक्षिण में इनके नाम और इस्लाम को आगे बढ़ाया।

जब हिन्दुओं को मौत के घाट उतार दिया गया

मुंबई का मशहूर हाजी अली दरगाह कादिरीया सूफी वर्ग से आते थे, जो जौनपुर, आगरा और महाराष्ट्र तक फैले हुए हैं। फिरदौसीया सूफी समुदाय भी आगरा और जौनपुर में फैला है, जिसने कबीर के उपदेश और उनके अस्तित्व को ही हाइजैक कर लिया और उन्हें एक सूफी संत बता दिया।अब इन सबसे बड़े और कट्टर वर्ग का नाम तो आपने सुना ही होगा। ये हैं-सुहरावर्दी। सुहरावर्दी बाशरा सूफी वर्ग से आते हैं, जिसका अर्थ है शरीयत को माननेवाले। ये वही सुहरावर्दी है, जिन्होंने जिन्ना की ‘Direct Action’ के आवाज़ पर बंगाल विशेषकर नोआखअली में हजारों हिन्दुओं को मौत के घाट उतार दिया था।

हिंदुओं के ज्ञान की सुबह कब होगी?

कहने को तो सूफी फकीरी में जीते हैं पर सुहरावर्दी धन संचय और भोग विलासितावाले जीवन में पूर्ण विश्वास रखते हैं। इतना ही नहीं राजनीतिक सत्ता प्राप्तकर बलपूर्वक धर्मांतरण को आश्रय देते हैं। इन सभी में नक्शबंदेया सूफ़ियों का उल्लेख करना अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। दीन-ए-इलाही की स्थापना और अकबर के शासनकाल को धार्मिक सहिष्णुता के रूप में चिन्हित करनेवालों के मुंह पर नक्शबंदेया एक जोरदार तमाचे के रूप में है। नक्शबंदेया अत्यंत कट्टर थे और किसी प्रकार के काला, नृत्य और साहित्य को नकार देते थे। मुगलों के साथ इनके उज्बेकिस्तान से ही वैवाहिक संबंध थे। अकबर के काल में ये इबादतखाने और दीन-ए-इलाही की अवधारण के कारण खूब फले फुले। सूफी संत शेख अहमद सरहिंदी उर्फ बाकी बिल्ला तो इतना कट्टर था कि जहाँगीर जैसे कट्टर शासक ने कट्टरता की वजह से उसे जेल तक में डलवा दिया।

और पढ़ें: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कट्टरपंथी अजेंडा के विरुद्ध योगी का मास्टरप्लान: राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय

ऐसे कितने ही एतिहासिक तथ्य हैं, जो सूफ़ियों के बर्बरताओं की कहानियां कहते हैं। जबरन धर्मांतरण और हिंदुओं का कत्लेआम करनेवाले शासकों का महिमामंडन करना ही इनका काम था। इसके बदले में इन्हें राजकीय सम्मान और देवतुल्य स्थान मिलता था। मरने के बाद नाम, पहचान और दरगाह मिलता था। जहां कालांतर में हम जैसे हिन्दू ही उनपर चादर चढ़ाने लगे, जिनके नरसंहार की पटकथा इन्होंने लिखी। पता नहीं हिंदुओं के ज्ञान की सुबह कब होगी। आखिर समझ नहीं आता की द्वैत, अद्वैत, अद्वैत-द्वैत, योग, ध्यान, धारणा, समाधि, यम, नियम आदि से ईश्वर को पुजनेवाले हिंदुओं को सूफ़ीवाद की जरूरत क्यों पड़ी?

Tags: इस्लाममुस्लिम कट्टरपंथीसूफ़ीवाद
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

आखिर लता मंगेशकर से इतना नफरत क्यों करते थे लिबरल्स?

अगली पोस्ट

पंजाब चुनाव के बाद किसी भी कीमत पर शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी भाजपा

संबंधित पोस्ट

के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक
इतिहास

फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

29 January 2026

फील्ड मार्शल कोडंडेरा मदप्पा करियप्पा, जिन्हें प्यार से के.एम. करियप्पा कहा जाता है, भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ और राष्ट्र सेवा, अनुशासन और समर्पण...

10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं
इतिहास

इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

28 January 2026

होलोकॉस्ट एक सुनियोजित, राज्य-प्रायोजित नरसंहार था, जिसे 1933 से 1945 के बीच नाजी जर्मनी ने एडॉल्फ़ हिटलर के नेतृत्व में अंजाम दिया। इसका मूल कारण...

नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!
इतिहास

नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

23 January 2026

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की वर्ष 1945 में हुए विमान हादसे में मृत्यु होने के दावे को लगभग खारिज किया जा चुका है, लेकिन इससे...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

00:09:35

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited