TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी पर राम अवतार का पौराणिक संदर्भ

    कालचक्र के पृष्ठों पर रामावतार की पृष्ठभूमि:  चमत्कार से रावण का अंत नहीं, बल्कि संगठित सज्जन शक्ति में देवत्व, प्रत्यक्ष संघर्ष के संचार की अनुपम कथा

    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी पर राम अवतार का पौराणिक संदर्भ

    कालचक्र के पृष्ठों पर रामावतार की पृष्ठभूमि:  चमत्कार से रावण का अंत नहीं, बल्कि संगठित सज्जन शक्ति में देवत्व, प्रत्यक्ष संघर्ष के संचार की अनुपम कथा

    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

रूस पर है अमेरिकी प्रतिबंध, अब भारत को अरब-ईरान से तेल छोड़ रूस की ओर मुड़ना चाहिए

OPEC से निर्भरता कम कर सकता है भारत

Yashwant Singh द्वारा Yashwant Singh
6 March 2022
in व्यवसाय
PM Modi

Source- Google

Share on FacebookShare on X

जब बिना दांत के जानवर को अचानक मालूम चलता है कि उसके पास जहर की शक्ति है, तो वह सांप की तरह हरकतें करने लगता है। OPEC से बढ़िया इस बात का शायद ही कोई अन्य उदाहरण हो। जब तक वहां तेल नहीं खोजा गया था, तब तक ऊंट हांकने के अलावा उन्हें कहां कुछ आता था? फिर तेल मिल गया तो गुंडई भी बढ़ गई। पहले तो भारत जैसे देशों को तेल बेचकर पैसा कमाया। फिर ज्यादा पैसा हुआ तो अपने ही ग्राहक देशों में आतंक वित्तपोषण से लेकर घेराबंदी तक, हर जगह आस्तीन के सांप वाली हरकत को जारी रखा। इससे भी मन नहीं भरा तो मनमाने ढंग से तेल की कीमतों के साथ खिलवाड़ शुरू कर दिया। भारत इस स्थिति में कई बार बुरे तरीके से परेशान हुआ है।

एक ओर जहां अरब देश का यह हाल है तो दूसरी ओर रूस-यूक्रेन संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार बढ़ रहे तनाव के बीच रूस के प्रमुख संसाधनों की कीमतों में रिकार्ड तोड़ बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है। इन प्रमुख संसाधनों में गैस और पेट्रोल दो बड़े नाम हैं। तनाव के दौरान जब से तमाम बड़े राष्ट्रों द्वारा रूस पर तमाम प्रकार के आर्थिक प्रतिबंध लगाए गए हैं, तब से रूस का बाजार थोड़ा सा प्रभावित हुआ है। बड़े देशों के डर से एक समय के वफादार साथी भी अब रूस से तेल नहीं खरीद रहे हैं। ऐसे में अब समय आ गया है भारत को अरब-ईरान से अपनी निर्भरता कम कर, रूस की ओर मुड़ना चाहिए।

संबंधितपोस्ट

ईंधन की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए भारत, जापान और अमेरिका ने जारी की संयुक्त चेतावनी!

और लोड करें

और पढ़ें: सीमा सुरक्षा के बाद CAPF का जीर्णोद्धार करने को तैयार हैं पीएम मोदी

रूस और भारत का ऊर्जा व्यापार

अंतरराष्ट्रीय स्तर के विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि रूसी सैनिकों द्वारा यूक्रेन पर कोई भी आक्रमण प्रतिबंधों और प्रतिशोध को ट्रिगर कर सकता है, जो ईंधन की आवाजाही को बाधित करेगा और खरीदारों को प्रभावित करने वाली ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित करेगा। भारत ने वर्ष 2021 में रूस से 1.8 मिलियन टन थर्मल कोयले का आयात किया था, जो वर्ष 2020 में आयात किए गए 2.5 मिलियन से कम है। भारत के थर्मल कोयले के आयात में रूस की हिस्सेदारी 2021 में 1.6% से गिरकर 1.3% हो गई है। भारत ने 2021 में रूस से 43,400 BPD तेल का आयात किया, जो उसके कुल आयात का लगभग 1% है। रूस के प्राकृतिक गैस निर्यात में भारत की हिस्सेदारी लगभग 0.2% है। इसमें सबसे बड़ा हाथ गेल का है, क्योंकि गेल (इंडिया) लिमिटेड ने 2018 में शुरू होने वाले सालाना 2.5 मिलियन टन LNG खरीदने के लिए गज़प्रोम के साथ 20 साल का सौदा किया है।

और पढ़ें: एक के बाद एक “abstain” मार के भारत ने विश्व को एक मज़बूत संदेश भेजा है

भारत और रूस में है असीम संभावनाएं

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाणिज्य मंत्रालय के वेबिनार में चेतावनी दी थी कि आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान वैश्विक अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करेगा। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के महासचिव सौरभ सान्याल ने भी एनडीटीवी से कहा, “यूक्रेन पर रूसी हमले और रूस पर लगाए गए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का रूस से भारत में आयातित कच्चे तेल की आपूर्ति पर असर पड़ेगा।” दूसरी ओर अमेरिका भी रूस को छोड़ नहीं रहा है। वह पाबंदी के पीछे हाथ धोकर पड़ गया है। बाइडन प्रशासन रूस पर आर्थिक दबाव डालने के लिए तेजी से आगे बढ़ा है और रूस को वैश्विक वित्तीय बाजारों से काट दिया है। पुतिन का सैन्य हमला रुकने के कोई संकेत नहीं दिख रहा है। नागरिक बुनियादी ढांचे को लक्षित भारी बमबारी और मिसाइल हमलों ने एक खतरनाक मानवीय संकट पैदा कर दिया है।

और पढ़ें: RuPay की हालत पतली थी, MasterCard और Visa की दिवाली थी, फिर आए नरेंद्र मोदी

अमेरिका का प्रतिबंध

राजनीतिक स्पेक्ट्रम से नाराज अमेरिकी सांसद सार्वजनिक रूप से प्रशासन से पुतिन को मारने का आग्रह कर रहे हैं और यह सामान्य भी नहीं होगा। यह हमला वहां होगा जहां यह सबसे ज्यादा दर्द होता है, यानी कि रूस के विशाल ऊर्जा क्षेत्र पर प्रतिबंध। पिछले कुछ दिनों में कई प्रस्ताव भी पेश किए जो इस संकट के दौरान अमेरिका में रूसी तेल आयात को समाप्त कर देंगे। पिछले हफ्ते यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद कई देशों ने रूसी कंपनियों, बैंकों और व्यक्तियों के खिलाफ व्यापक प्रतिबंध लगाए और वैश्विक बड़ी कंपनियों ने रूस में कई मिलियन डॉलर के पदों को छोड़ने की योजना की घोषणा की।

अमेरिकी कच्चे तेल की कीमतें बुधवार को एक दशक से अधिक समय में अपने उच्चतम बिंदु पर पहुंच गई, क्योंकि OPEC+ राष्ट्रीय उत्पादकों के समूह ने अनियोजित आपूर्ति को जोड़ने से रोक दिया। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड के लिए फ्रंट मंथ फ्यूचर्स 6.5 फीसदी बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर था, जो पहले के कारोबार में 112.50 डॉलर से अधिक था। यह मई 2011 के बाद से उच्चतम स्तर है। WTI ने वर्ष की शुरुआत $76 के आसपास की और रूस-यूक्रेन के शुरू होने के बाद से 20% से अधिक चढ़ गया।

और पढ़ें: वाराणसी में फेल होने के बाद, ममता बनर्जी अब यूक्रेन संकट पर चिंतित हो रही हैं!

OPEC से निर्भरता कम कर सकता है भारत

सरकार के नवीनतम आर्थिक सर्वेक्षण ने इस धारणा पर 8-8.5% की वृद्धि का अनुमान लगाया है कि तेल की कीमतें $70-$75 प्रति बैरल के बीच बनी रहेंगी। ऊर्जा विशेषज्ञ, नरेंद्र तनेजा का कहना है कि “तेल की कीमतें 68-70 डॉलर प्रति बैरल से अधिक हमारी अर्थव्यवस्था के लिए बुरी खबर है।” ओपेक और उसके तेल उत्पादक सहयोगियों के नेता बुधवार को तय करेंगे कि कितना तेल बाजार में छोड़ना है, जबकि यूक्रेन पर रूस के आक्रमण ने बाजारों को चकनाचूर कर दिया, गठबंधनों को नया रूप दिया, नागरिकों को मार डाला और कच्चे तेल की कीमत आसमान छू गई। यू.एस., यूरोपीय संघ और अन्य सरकारों ने पहले से ही तंग बाजारों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए ऊर्जा व्यापार को प्रतिबंधों से छूट दी, लेकिन यह विफल रहा है। यानी कि बड़े बाजार इस समय रूस से दूर हैं। अमेरिका के प्रतिबंध से बिक्री कम होगी तो कीमतों में गिरावट होगी। ऐसे में भारत रूस के साथ अपने सम्बन्धों को बढ़िया कर सकता है। हम आज भी रूस से एक प्रतिशत तेल आयात करते हैं। हम उसे 10 प्रतिशत करके रूस की मदद कर सकते हैं और ईस्टर्न ब्लॉक को मजबूत कर सकते हैं और साथ ही इसके सहारे हम OPEC पर भारत की निर्भरता कम कर सकते हैं।

Tags: ऊर्जा व्यापारओपेक
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

भारत के स्वर्णिम भविष्य का नया अध्याय लिखने को तैयार है कृषि क्षेत्र

अगली पोस्ट

चीन के GDP growth rate का घमंड मोदी सरकार ने चकनाचूर कर दिया

संबंधित पोस्ट

Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग
व्यवसाय

Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

28 February 2026

Visakhapatnam Port Authority (VPA) अपने बेड़े को मजबूत बना रहा है। इसके लिए 60 टन बीपी (Bollard Pull) क्षमता वाले नए टग बनाए जा रहे...

तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज
अर्थव्यवस्था

तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

7 November 2025

भारत आज जिस मोड़ पर खड़ा है, वह केवल उसके आर्थिक उत्कर्ष का नहीं, बल्कि उसके सभ्यतागत पुनर्जागरण का भी क्षण है। यह वह युग...

80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़
अर्थव्यवस्था

80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

1 November 2025

भारत-पाकिस्तान संबंध हमेशा तनाव और जटिलताओं से भरे रहे हैं, लेकिन हालिया जल-सैन्य रणनीति ने पाकिस्तान के लिए खेल बदल दिया है। सिंधु बेसिन पर...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited