TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

श्रीलंका-चीन प्रकरण से सीख- पड़ोसी देश भारत के साथ रहेंगे तो बचेंगे वरना कुचल दिए जाएंगे

इकलौता भारत ही है, जो हर मोर्चे पर चीन की बैंड बजा सकता है!

Padma Shree Shubham द्वारा Padma Shree Shubham
26 March 2022
in विश्व
श्रीलंका चीन कर्ज

Source- TFI

Share on FacebookShare on X

दीमक और चीन अब दुनिया की नजर में एक दूसरे के पर्याय हो गए हैं। जिस तरह से दीमक किसी भी चीज में लगकर उसे पूरी तरह से खोखला कर देता है, ठीक उसी तरह से अगर चीन किसी भी देश से चिपक जाए तो उस देश की आर्थिक स्थिति को जर्जर करके ही दम लेता है। पूरी दुनिया में चीन अपने डेब्ट एंड ट्रैप पॉलिसी के माया जाल के लिए कुख्यात है, जिसमें फंसकर कब कौन सा राष्ट्र तबाह और बर्बाद हो जाए, कहा नहीं जा सकता। इस समय उसके चंगुल में फंसा है भारत का पड़ोसी देश श्रीलंका, जो चीन के कर्ज में इस कदर डूब गया है कि अपनी अर्थव्यवस्था को जीवित रखने लिए भी उसे चीन से सहायता लेनी पड़ रही है। इस आर्टिकल में हम विस्तार से जानेंगे कि कैसे चीन ने श्रीलंका को अपने कर्ज के जाल में फंसा कर लगभग दिवालिया बना दिया है और साथ ही इस बात पर भी नजर डालेंगे कि आखिर क्यो श्रीलंका-चीन प्रकरण से सबक लेते हुए पड़ोसी देशों को भारत के साथ आ जाना चाहिए, वरना वे कुचले जाएंगे या उन्हें चीन निगल लेगा।

और पढ़ें: जिनपिंग के गलवान दुस्साहस के बाद से ही चीनी अर्थव्यवस्था की लंका लग गई है

संबंधितपोस्ट

अरुणाचल प्रदेश पर चीन के दावों को लेकर पेमा खांडू का पलटवार, बोले- भारत की सीमा चीन नहीं, तिब्बत से लगती है

चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

चीन की चुनौती के बीच दिल्ली में जुटीं क्वाड शक्तियां, भारत ने संभाली रणनीतिक नेतृत्व की कमान

और लोड करें

चीन के 5 बिलियन डॉलर के कर्ज तले दबा है श्रीलंका

आज श्रीलंका दिवालिया होने वाली स्थिति में जा पहुंचा है। भारत के इस पड़ोसी देश में आधारभूत वस्तुएं जैसे कि चीनी, चावल, दाल, दवाइयां, ट्रांसपोर्टेशन से जुड़ी चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। श्रीलंका इन चीजों के लिए आयात पर निर्भर है और परेशानी इस बात की है कि इन अतिआवश्यक चीजों के आयात के लिए उसके पास मात्र 15 दिन तक के ही पैसे बचे हैं। श्रीलंका में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 50 रुपये बढ़कर 254 श्रीलंकाई रुपये और प्रति लीटर डीजल की कीमत 75 रुपये बढ़कर 176 रुपये हो गयी है। वहां भोजन पकाने के लिए लिए 20 फीसदी परिवार केरोसीन पर निर्भर है, लेकिन वहां केरोसिन की भी किल्लत पड़ी हुई है। श्रीलंका में फूड इन्फ्लेशन के बढ़ जाने से ये 25.7% तक जा पहुंचा है, जिससे आधारभूत दूध, ब्रेड जैसी चीजों के दाम कहीं अधिक हो गए हैं।

ये तो एक झलक है श्रीलंका की खराब होती आर्थिक स्थिति की, लेकिन श्रीलंका की ऐसी स्थिति का कारण चीन कैसे है, आइए समझते हैं। चीन के कर्ज में डूबकर श्रीलंका ने अपनी ऐसी स्थिति बना ली है। श्रीलंका ने चीन से कुल 5 बिलियन डॉलर का कर्ज लिया है और साथ ही वह भारत और जापान के कर्ज तले भी दबा हुआ है। हालांकि, श्रीलंका ने चीन से हाल ही में कर्ज की शर्तों में सरलता लाने की बात कही थी, पर चीन तो ठहरा चीन उसने तो साफ सीधा मना कर दिया।

राजपक्षे बंधुओं ने चीन का बंटाधार कर दिया

श्रीलंका की पिछली सरकारें भी इसके लिए कम जिम्मेदार नहीं हैं। श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने अपने शासनकाल में चीन पर इतना अधिक विश्वास किया कि इससे श्रीलंका गर्त में चला गया। महिंदा राजपक्षे ने दो निर्णय लिए- एक तो कृषि क्षेत्र में केमिकल फर्टिलाइजर को बैन किया गया और 100 फीसदी ऑर्गेनिक खेती करने को कहा गया। उसके बाद चीन से आयातित घटिया खादों ने वहां की कृषि उत्पादन को बुरी तरह से प्रभावित किया, जिससे उत्पादन ही आधा हो गया। फिर हंबनटोटा जैसे बंदरगाहों को बनाने के लिए भारी भरकम कर्ज ने श्रीलंका की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी। जो कर्ज 2.5% की ब्याज दर से मिलते रहे हैं, उसके लिए चीन ने श्रीलंका के लिए 6.5% की उच्च ब्याज दर तय थी, ऐसे में श्रीलंका की अर्थव्यवस्था पर भार तो पड़ना ही था। उसके बाद भी देश की अर्थव्यवस्था को चलाने के लिए श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे चीन से कर्ज पर कर्ज लेते गए। इन सारी गतिविधियों के बीच चीन को हंबनटोटा पोर्ट को लगभग एक हजार करोड़ रुपये में लीज पर दे देने का श्रीलंका का फैसला भी कम घातक नहीं है। ऐसे में यह तो स्पष्ट हो गया है कि चीन से दोस्ती ने श्रीलंका को बर्बाद करके रख दिया है।

और पढ़ें: “श्रीलंका को बांग्लादेश से सीखना चाहिए” लेकिन गोटाबाया राजपक्षे भारत को लेकर विपरीत रवैया अपना रहे हैं

तो वहीं दूसरी तरफ श्रीलंका टूरिज्म पर काफी निर्भर है, लेकिन वर्ष 2019 में हुए सीरियल बम ब्लास्ट और कोरोना ने इस सेक्टर को खूब क्षति पहुंचाई। जिससे फॉरेन करेंसी बर्बाद हुआ और इससे आयात भी प्रभावित हुआ है जो सीधा श्रीलंका के लोगों को प्रभावित कर रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए श्रीलंका ने भारत और चीन से सहायता मांगी है। तो वहीं ताक पर बैठा चीन अभी विचार कर रहा है कि श्रीलंका को 2.5 बिलियन डॉलर कर्ज दे दिया जाए या रहने दिया जाए। हालांकि, ये कर्ज कोरोना में चीन के दिए 2.8 बिलियन डॉलर की सहायता से अलग होगा। एक तरफ चीन श्रीलंका को भीतर से खोखला कर चुका है तो वहीं दूसरी तरफ अभी भी भारत ने श्रीलंका को आश्वस्त किया है कि वो अपनी नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी के तहत श्रीलंका की सहायता करेगा। इसके अलावा इस संकट से निकलने के लिए श्रीलंका अन्तरर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से भी सहायता की मांग कर रहा है।

भारत के साथ लौटना ही एकमात्र विकल्प

मौजूदा समय में चीन-श्रीलंका प्रकरण को देखते हुए एक चीज तो स्पष्ट हो गई है कि चीन जो अपनी खूंखार महत्वाकांक्षाओं के लिए बदनाम है, उस पर भरोसा करना किसी भी देश के लिए, खासकर छोटे देशों के लिए घातक साबित हो सकता है। चीन पहले छोटे देशों को कर्ज के जाल में फंसाता है और फिर धीरे-धीरे कर्ज नहीं चुकाने की स्थिति में उन पर कब्जा जमाना शुरू कर देता है। अभी तक दुनिया के कई देशों के साथ चीन ऐसा कांड कर चुका है। चाहे वो युगांडा हो या श्रीलंका, मौजूदा समय में चीन पर भरोसा करना यानी अपने काल को निमंत्रण देने के समान है।

दूसरी ओर कोरोना के बाद से ही चीन दुनिया में अलग थलग पड़ चुका है। दुनिया के कई देशों ने उसे बुरी तरह चोक कर दिया है, वो सप्लाई चेन से बाहर हो गया है। वहीं, भारत का कद दिन-प्रतिदिन बुलंदियों को छू रहा है, दुनिया भारत को चीन विकल्प के तौर पर देख रही है। इससे इतर भारत हमेशा से हर तरह से अपने पड़ोसियों की सहायता करते आया है। ऐसे में अब समय है कि भारत के पड़ोसी देश, जिन्हें चीन से कुछ ज्यादा ही लगाव है वो कैसे भी क्षमा याचना या मान मनौव्वल कर भारत के साथ लौट आए। क्योंकि मौजूदा हालात ऐसे हैं कि यदि ये छोटे देश भारत के साथ नहीं आए तो उन्हें चीन या चीन जैसी खतरनाक महत्वाकांक्षा रखने वाली महाशक्तियां बुरी तरह से निगल जाएंगी और कोई कुछ नहीं कर पाएगा।

और पढ़ें: भारत के पास अपना वर्चस्व स्थापित करने का सुनहरा मौका, दक्षिण-पूर्व एशिया में स्थानांतरित हो रहा है अंतरराष्ट्रीय व्यापार

Tags: चीनडेब्ट एंड ट्रैपश्रीलंका
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

एमके स्टालिन के शासन में फैली है अराजकता, आम लोगों का क्या होगा?

अगली पोस्ट

कांग्रेस नेता से लेकर UP के नए डिप्टी सीएम तक, मिलिए योगी 2.0 के सबसे बड़े ब्राह्मण चेहरे ब्रजेश पाठक से

संबंधित पोस्ट

डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,
AMERIKA

डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

27 June 2026

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द भारत का दौरा करेंगे। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसकी पुष्टि की है। रुबियो ने एक इंटरव्यू में...

अमेरिका-ईरान समझौते का दावा
AMERIKA

अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

16 June 2026

पश्चिम एशिया की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के...

रूसी तेल का आयात
चर्चित

रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

9 June 2026

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि भारत पहले की तुलना में अधिक मात्रा में रूस से कच्चे तेल...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Gwadar, CPEC and the Balochistan Question: The Missing Link in Pakistan's Development Vision

Gwadar, CPEC and the Balochistan Question: The Missing Link in Pakistan's Development Vision

00:03:07

Tibet Under Pressure: Religion, Language & Identity in Focus Amid Governance Debate

00:03:30

Why Tibet Remains a Flashpoint of Identity, Culture and Governance Debate

00:03:12

WHY GEOGRAPHY MAKES INDIA ESSENTIAL TO NEPAL'S ECONOMY | Fuel, Food and Trade | China | Indo-Nepal

00:03:48

Open Borders, Open Lives: India-Nepal's Social and Economic Bond

00:04:03
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited