TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पूर्व पीएम हसीना ने अलार्म बजाया: बांग्लादेश में बढ़ती धार्मिक कट्टरता और कानून की विफलता

    पूर्व पीएम हसीना ने अलार्म बजाया: बांग्लादेश में बढ़ती धार्मिक कट्टरता और कानून की विफलता

    रेल मंत्रालय की मंथन योजना शताब्दी एक्सप्रेस की जगह वंदे भारत चेयर कार

    शताब्दी एक्सप्रेस को धीरे-धीरे बंद करने की तैयारी, वंदे भारत चेयर कार कोचों का बड़ा प्लान

    कोलकाता में IPAC प्रमुख के आवास पर ईडी की कार्रवाई के दौरान बढ़ा राजनीतिक तनाव

    IPAC प्रमुख पर ईडी की कार्रवाई से सियासी भूचाल, लोकतंत्र और संघीय ढांचे पर उठे सवाल

    पीएम मोदी बोले– विध्वंस नहीं, यह भारत की आत्मा का पुनर्जागरण

    सोमनाथ 1000 वर्ष: मोदी ने कहा– आस्था को नष्ट नहीं किया जा सकता

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    टैरिफ विवाद ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता पर बहस तेज की

    ट्रंप की 500% टैरिफ चेतावनी: भारत के लिए आर्थिक और कूटनीतिक चुनौती

    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा

    क्या अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा है? मिनियापोलिस ICE गोलीबारी से उठते सवाल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पूर्व पीएम हसीना ने अलार्म बजाया: बांग्लादेश में बढ़ती धार्मिक कट्टरता और कानून की विफलता

    पूर्व पीएम हसीना ने अलार्म बजाया: बांग्लादेश में बढ़ती धार्मिक कट्टरता और कानून की विफलता

    रेल मंत्रालय की मंथन योजना शताब्दी एक्सप्रेस की जगह वंदे भारत चेयर कार

    शताब्दी एक्सप्रेस को धीरे-धीरे बंद करने की तैयारी, वंदे भारत चेयर कार कोचों का बड़ा प्लान

    कोलकाता में IPAC प्रमुख के आवास पर ईडी की कार्रवाई के दौरान बढ़ा राजनीतिक तनाव

    IPAC प्रमुख पर ईडी की कार्रवाई से सियासी भूचाल, लोकतंत्र और संघीय ढांचे पर उठे सवाल

    पीएम मोदी बोले– विध्वंस नहीं, यह भारत की आत्मा का पुनर्जागरण

    सोमनाथ 1000 वर्ष: मोदी ने कहा– आस्था को नष्ट नहीं किया जा सकता

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    टैरिफ विवाद ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता पर बहस तेज की

    ट्रंप की 500% टैरिफ चेतावनी: भारत के लिए आर्थिक और कूटनीतिक चुनौती

    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा

    क्या अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा है? मिनियापोलिस ICE गोलीबारी से उठते सवाल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अकाली दल को बस भाजपा ही तार सकती है, कहीं इस दल का अस्तित्व ही न खो जाए

अकाली दल का अस्तित्व भाजपा ही बचा सकती है!

Vasudeva Reddy द्वारा Vasudeva Reddy
15 March 2022
in चर्चित
अकाली दल को बस भाजपा ही तार सकती है, कहीं इस दल का अस्तित्व ही न खो जाए
Share on FacebookShare on X

एक दम से वक्त बदल दिए, जज्बात बदल दिए, बड़े प्रचलित हुए इस मीम को आज शिरोमणि अकाली दल के परिप्रेक्ष्य में बिलकुल सटीक पाया जा रहा है। जो पार्टी एक ज़माने में प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता बनाती हो, आज उसकी दशा ऐसी हो गई कि दल के टॉप 2 नेता भी ऐसी हार हारे कि मुंह दिखाने के काबिल नहीं बचे। 94 वर्षीय प्रकाश सिंह बादल हों या उनके पुत्र सुखबीर सिंह बदल दोनों ने पंजाब विधानसभा चुनाव के नतीजों में अपनी मूल सीट खोने के साथ ही राज्य में अपनी पार्टी की स्थिति ऐसी कर दी कि अब अकाली दल विधानसभा में ढूंढे नहीं मिलेगा। ऐसे में अकालियों के पास अपने अस्तित्व को भुनाने का एक ही रास्ता रह गया है, जो भाजपा के साथ वापस जाकर ही संभव है।

बुरी तरह हारे हैं सुखबीर और प्रकाश सिंह बादल

आम आदमी पार्टी (आप) ने पंजाब विधानसभा चुनाव में 117 विधानसभा सीटों में 92 सीटों को हासिल कर बहुमत के साथ पंजाब में क्लीन स्वीप किया है, शिरोमणि अकाली दल (शिअद) अन्य प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ पीछे रह गया है। अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल जलालाबाद निर्वाचन क्षेत्र में आम आदमी पार्टी के जगदीप कंबोज से 30,930 मतों के अंतर से चुनाव हार गए हैं, जबकि प्रमुख शिअद नेता प्रकाश सिंह बादल भी आम आदमी के खिलाफ लंबी सीट हार गए हैं। जब पार्टी के शीर्ष दो नेताओं को जिनमें एक, चार बार के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल तो उपमुख्यमंत्री रहे सुखबीर सिंह बादल की इतनी करारी हार देखने को मिले तो पार्टी का मूल ही खिसकने लगता है। धरातल से धराशाई हो चुकी शिरोमणि अकाली दल अब अपने अस्तित्व के लिए राज्य में हाथ-पैर मार रही है।

संबंधितपोस्ट

आंध्र प्रदेश में भाजपा का विस्तार अभियान: अटल–मोदी सुपारिपालन यात्रा की शुरुआत

बिहार के बाजीगरों के जरिये पश्चिम बंगाल फतह का ताना-बाना बुन रही भाजपा

मणिपुर को जल्द मिल सकता है नया मुख्यमंत्री, भाजपा के संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने टटोली प्रदेश में सरकार गठन की संभावनाएं

और लोड करें

और पढ़ें- “पंजाब में नशा कोई मुद्दा नहीं”, उड़ते सुखबीर की उड़ता पंजाब वाली टिप्पणी

इस जुगत में कि किसान आंदोलन का साथ देकर पंजाब चुनाव जीत लेंगे, शिरोमणि अकाली दल ने एनडीए गठबंधन से पीछा छुड़ा लिया था। विडंबना यह है कि एकमात्र नेता जिसे कभी इतना बड़ा जनादेश मिला था कि 93 सीटों के साथ उसने सरकार बनाई थी, आज उससे डबल डिजिट की संख्या ला पाने में पसीना छूट गया। 1997 में प्रकाश सिंह बादल थे जब अकाली दल को 75 और भाजपा को 18 सीट प्राप्त होने के साथ शिअद-भाजपा गठबंधन ने 93 सीटें जीती थीं। फिर 2012 में, बादल ने शिरोमणि अकाली दल को लगातार जीत दिलाकर इतिहास रच दिया और बादल चौथे कार्यकाल के लिए सीएम बने। चुनाव प्रबंधन कौशल और इतिहास बनाने के लिए उनके बेटे और पार्टी प्रमुख सुखबीर सिंह बादल की सराहना की गई थी।

क्या भाजपा से अलग होना सही फैसला था?

2017 में यह आंकड़ा घटकर 15 सीट का रह गया था और बाद में जब एनडीए का साथ छोड़ इस बार 2022 का चुनाव बसपा के साथ लड़ा तो संख्या 3 पर आकर सिमट गई। ऐसे में किसान आंदोलन का समर्थन करने के रौब में केन्द्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना, भाजपा गठबंधन से अलग होना और अन्तोत्गत्वा माया मिली न राम की मंत्र के साथ शिरोमणि अकाली दल के हाथ ठेंगा ही लगा। ऐसे में राज्य में अब शिरोमणि अकाली दल का अस्तित्व तो धरती में समाहित होने के साथ ही उसके कार्यकर्ताओं में यह टीस है कि क्या भाजपा से अलग होना एक सही फैसला था? अधिकांश का जवाब न में आता है।

ऐसे में 2017 में, यह पहली बार था कि बादल के नेतृत्व वाला अकाली दल मुख्य विपक्षी दल भी नहीं बन सका और दिल्ली की एक पार्टी अचानक राज्य में आकर राज्य की राजनीति में भूचाल ले आई और आम आदमी पार्टी से शिअद ने अपना स्थान खो दिया।

और पढ़ें- जैसे ही ये सिद्ध हो गया की अकाली जीत नहीं नहीं सकते, बादल ने बड़ा सा दलित कार्ड निकाल लिया

भले ही बादल अकाली दल की मूल विचारधारा से दूर हो रहे हैं – सिखों के हितों की रक्षा के लिए और इसके लिए उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा, लेकिन फिर भी उन्होंने पार्टी को एक प्रभावी चुनाव जीतने वाली मशीन के रूप में प्रबंधित किया। लेकिन लगातार सबसे खराब अपमानजनक हार के साथ ऐसा लगता है कि पार्टी अब मशीन पीसने की स्थिति में आ गई है।

वोट शेयर डेटा बहुत कुछ करता है स्पष्ट 

वोट शेयर डेटा यह स्पष्ट करता है कि 2014 में उन्होंने जिस स्थान को खोना शुरू किया था, उसका सबसे मजबूत कारण उनके निर्वाचन क्षेत्र – सिखों में असंतोष था, जो अब भी जारी है। यह भी स्पष्ट है कि सत्ता से बाहर होने के पांच साल बाद भी बादल अभी भी सत्ता विरोधी लहर का सामना कर रहे हैं और 2015 में बरगाड़ी बेअदबी और बहबल कलां पुलिस फायरिंग जैसे मुद्दों ने उनकी राजनीति पर एक काला साया डालना जारी रखा है।

सिख निर्वाचन क्षेत्र में जमीन खोने के बाद, जो बड़े पैमाने पर किसानों के निर्वाचन क्षेत्र के साथ ओवरलैप करता है, बादल तब बाद में भी बुरी तरह से लड़खड़ा गए, जब उन्होंने शुरू में तीन विवादास्पद कृषि बिलों के मुद्दे को लेकर भाजपा के साथ संबंध तोड़ लिया। लेकिन इस प्रकरण ने एक बार फिर सिख किसानों के बीच उनकी छवि और विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाया था।

और पढ़ें- अकाली दल का यू-टर्न: ये अब CAA के समर्थक हैं, और अब इसमें संशोधन भी चाहते हैं

विशेष रूप से, अंततः इस बार के चुनावों में अकाली दल बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन के बावजूद अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सका। सुखबीर ने भले ही किसी अन्य अकाली गुट को चुनौती नहीं बनने दी, लेकिन इस हार के बाद उन्हें एक बार फिर अपने नेतृत्व को लेकर सवालों का सामना करना पड़ेगा। अभी के लिए अपमानजनक हार ने बादल के नेतृत्व और अकाली दल के भविष्य पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। ऐसे में अब करो या मरो वाली स्थिति में पहुँच चुके शिरोमणि अकाली दल और उसके नेताओं के पास एक ही अवसर है जिसे भुनाने से वो राजनीतिक रूप से गंगा नहा लेंगे। भाजपा के पास वापस जाना एक अंतिम विकल्प है जिससे नकार देना पुनः उनकी बेवकूफी ही होगी।

Tags: अकाली दलआपप्रकाश सिंह बादलभाजपा
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

भारत के वैचारिक आख्यान को बदलने के लिए तैयार है RSS

अगली पोस्ट

ममता बनर्जी के राज्य में हिंदुओं को न्याय मिलना मुश्किल नहीं, नामुमकिन है!

संबंधित पोस्ट

डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था
चर्चित

ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

29 December 2025

केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT), हैदराबाद पीठ ने ब्रह्मोस एयरोस्पेस के महानिदेशक (DG) की नियुक्ति को रद्द कर दिया है। अधिकरण ने पाया कि रक्षा अनुसंधान...

औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था
इतिहास

वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

26 December 2025

यह सप्ताह, वर्ष का अंतिम सप्ताह है। नए साल की दहलीज़ पर खड़े इस सप्ताह का इंतज़ार सबको ही रहता है, क्योंकि पहले क्रिसमस का...

युवराज सिंह, रॉबिन उथप्पा, सोनू सूद पर ED का बड़ा एक्शन, जब्त की करोड़ों की संपत्ति
क्रिकेट

सट्टेबाजी केस: ED का बड़ा एक्शन, युवराज सिंह समेत कई सेलेब्स की संपत्तियां जब्त

20 December 2025

अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह समेत...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

00:06:59

Dhurandar: When a Film’s Reality Shakes the Left’s Comfortable Myths

00:06:56
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited