TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    दिल्ली में आतंकी हमले का अलर्ट

    दिल्ली में आतंकी हमले का अलर्ट, लाल किले के पास मंदिर निशाने पर

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    सीएम नायाब सिंह सैनी ने दिखाया बड़ा दिल

    सीएम नायाब सिंह सैनी का बड़ा दिल : भीड़ से उठी गुहार पर सीएम ने दी हेलीकॉप्टर में सवारी

    हाई-सिक्योरिटी जेल में ड्रोन

    हाई-सिक्योरिटी जेल में ड्रोन के जरिए प्रतिबंधित सामान की सप्लाई, सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक उजागर

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    पीएम मोदी

    AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    AI समिट का तीसरा दिन Galgotias University के रोबोटिक डॉग पर उठे सवाल, स्टॉल को कराया गया खाली

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ट्रंप का टैरिफ विवाद

    ट्रंप का टैरिफ ड्रामा : कोर्ट के झटके के बाद नया आदेश 10% ग्लोबल टैरिफ का किया ऐलान

    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर कार्रवाई की तैयारी

    ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर कार्रवाई की तैयारी? ट्रंप के सामने सैन्य विकल्पों पर मंथन

    खामेनेई की सख्त चेतावनी

    खामेनेई की सख्त चेतावनी: अमेरिकी सुपरकैरियर USS Gerald R. Ford को निशाना बनाने की बात, बढ़ा तनाव

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    दिल्ली में आतंकी हमले का अलर्ट

    दिल्ली में आतंकी हमले का अलर्ट, लाल किले के पास मंदिर निशाने पर

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    सीएम नायाब सिंह सैनी ने दिखाया बड़ा दिल

    सीएम नायाब सिंह सैनी का बड़ा दिल : भीड़ से उठी गुहार पर सीएम ने दी हेलीकॉप्टर में सवारी

    हाई-सिक्योरिटी जेल में ड्रोन

    हाई-सिक्योरिटी जेल में ड्रोन के जरिए प्रतिबंधित सामान की सप्लाई, सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक उजागर

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    पीएम मोदी

    AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    AI समिट का तीसरा दिन Galgotias University के रोबोटिक डॉग पर उठे सवाल, स्टॉल को कराया गया खाली

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ट्रंप का टैरिफ विवाद

    ट्रंप का टैरिफ ड्रामा : कोर्ट के झटके के बाद नया आदेश 10% ग्लोबल टैरिफ का किया ऐलान

    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर कार्रवाई की तैयारी

    ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर कार्रवाई की तैयारी? ट्रंप के सामने सैन्य विकल्पों पर मंथन

    खामेनेई की सख्त चेतावनी

    खामेनेई की सख्त चेतावनी: अमेरिकी सुपरकैरियर USS Gerald R. Ford को निशाना बनाने की बात, बढ़ा तनाव

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

मोदी@8- मोदी सरकार के 8 साल के कार्यकाल में वित्त मंत्रालय की उपलब्धियां

वित्त मंत्रालय ने इन 8 वर्षों में अस्थिर अर्थव्यवस्था को स्थिर कर भारतीयों को समृद्धि के पथ पर अग्रसर किया है !

Aniket Raj द्वारा Aniket Raj
31 May 2022
in समीक्षा
वित्त मंत्रालय

Source- TFIPOST.in

Share on FacebookShare on X

मार्च 2014 के राजनीतिक परिदृश्य का स्मरण करें। चुनाव से ठीक पहले आर्थिक और वित्तीय मामलों को कवर करने वाले लुटियंस मीडिया में एक शब्द का बहुत बोलबाला था। इसे पालिसी पैरालिसिस (नीतिगत पक्षाघात) कहा गया क्योंकि यूपीए सरकार में हार्वर्ड, कैंब्रिज से पढ़े प्रधानमंत्री, मंत्री, संतरी को गर्त में गिरते अर्थव्यवस्था को संभालने का कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था। जब पीएम मोदी प्रधानमंत्री की चुनौतीपूर्ण कुर्सी पर बैठे, तो स्वाभाविक उम्मीद थी आमूलचूल परिवर्तन कर गर्त में गिरते अर्थव्यवस्था को सफलता के शिखर तक पहुँचाया जायेगा। एक नागरिक के तौर पर हम सभी को मात्र यही उम्मीद थी की कम से कम अर्थव्यवस्था के पतन को रोका जाये लेकिन प्रधानमंत्री, कैबिनेट, मंत्री-संतरी सभी ने जान झोंक दी. प्रधानमंत्री ने शीघ्रताशीघ्र प्रशासन और मंत्रिमंडल सञ्चालन के पारंपरिक मानदंडों को बदल दिया. हर वर्ग को एक-एक करके उत्साहित किया गया और इस वित्तीय परिवर्तन से जोड़ा गया। उदाहरण के लिए अगर आप १० रुपये की धनिया लेकर ऑनलाइन माध्यम से भुगतान करते है तो आप भी इस समावेशी विकास के एक हिस्सेदार हैं. किन्तु, आज हम आपको विस्तार से उन विकासों के बारे में अवगत करूँगा जो भारत के वित्तीय इतिहास में एक गौरवगाथा बन चुके हैं.

और पढ़ें: कोरोना महामारी में जो बच्चे अनाथ हुए, मोदी सरकार ने उन्हें ‘गोद ले लिया’ है

संबंधितपोस्ट

भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

तिरुवनंतपुरम रैली में मासूम बच्चे ने जीत लिया पीएम मोदी का दिल, पीएम ने भाषण रोक कहां-अपना एड्रेस लिख दो

वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

और लोड करें

पहला कदम था वित्तीय समावेशन

2014 में जब स्वर्गीय श्री अरुण जेटली ने वित्त मंत्री के रूप में शपथ ली, तो बहुत कम लोगों के पास बैंक खाते थे। उस समय लगभग 40 प्रतिशत भारतीयों को बैंक खाता रखने का सौभाग्य प्राप्त था। बड़े बैंकों में पैसा रखने की लागत इतनी अधिक थी कि सामान्य लोग इसे वहन नहीं कर सकते थे। 28 अगस्त, 2014 को वित्त मंत्रालय ने जन धन योजना शुरू की, जिसने 18 वर्ष से अधिक आयु के किसी भी व्यक्ति को बैंक खाता खोलने की अनुमति दी। साल के अंत तक 53 प्रतिशत भारतीयों के पास निजी बैंक खाते थे। 2017 के अंत तक यह संख्या बढ़कर 80 प्रतिशत हो गई और यह कोविड महामारी के बावजूद और भी बढ़ रही है। महिलाएं, कम शिक्षित और श्रम शक्ति से बाहर के लोग सबसे बड़े लाभार्थी हैं। अप्रैल 2022 तक, भारतीय बैंकों के पास केवल जन धन खातों के पीछे 1.7 ट्रिलियन INR की लिक्विडिटी है।

आधार और मोबाइल को इससे जोड़ने से इसकी आर्थिक क्षमता और भी बढ़ गयी है। अब ये खाते भ्रष्टाचार के खात्मे का अस्त्र बन गए हैं। संबंधित सरकारों द्वारा जारी किया गया पैसा अब सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचता है। लोगों को अब मनरेगा, फसल बीमा, पीएम आवास योजना, फसल बीमा सहित अन्य का भुगतान उनके अपने बैंक खातों में प्राप्त हो रहा है। यह देश की वित्तीय सुगमता और आम लोग तक उसकी पहुँच का प्रतीक है.

माल और सेवा कर का कार्यान्वयन

प्रारंभ से ही वैट सहित कोई भी अन्य कर प्रणाली भारत के लिए कारगर साबित नहीं हुई। 2002 में, वाजपेयी सरकार ने एक परिवर्तनकारी कर संरचना का सुझाव देने के लिए विजय केलकर समिति की नियुक्ति की। इसने 2005 में जीएसटी के कार्यान्वयन की वकालत करते हुए अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। लेकिन, कांग्रेस इसे लागू करने के लिए कभी भी राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं जुटा पाई। जीएसटी को लागू करने की पहल का नेतृत्व अरुण जेटली ने किया था। वह दर-दर भटकते रहे, विपक्षी नेताओं के साथ बैठे, उनकी बात सुनी और उनकी चिंताओं का समाधान किया। जेटली ने विपक्ष को श्रेय देने की राजनीतिक कुर्बानी भी दी। 3 साल के जोरदार प्रयास के बाद, जेटली वस्तु और सेवा कर नामक संवैधानिक संशोधन विधेयक के लिए बहुमत संख्या प्राप्त करने में सक्षम थे।

तथ्य यह है कि जीएसटी ने केंद्रीय उत्पाद शुल्क, सेवा कर, अतिरिक्त सीमा शुल्क, अधिभार, राज्य-स्तरीय मूल्य वर्धित कर और चुंगी को एक केंद्रीकृत कर व्यवस्था में समाहित कर दिया और कर दरों को सुव्यवस्थित करने से व्यवसायों के लिए करों का भुगतान करना आसान हो गया। यह सरकार के कर राजस्व में भी परिलक्षित होता है। आधिकारिक आरबीआई डेटा कहता है कि पिछले 5 वर्षों में (2017 में जीएसटी लागू किया गया था), केंद्र और राज्य दोनों सरकारों के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष राजस्व दोनों में अप्रत्याशित और बेतहाशा बढ़ोतरी देखी गयी है।

और पढ़ें: Modi@8: अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह 8 कार्य तुरंत कर देने चाहिए

देश अचानक डिजिटल क्रांति की ओर बढ़ा

हालांकि पेटीएम को 2010 की शुरुआत में लॉन्च किया गया था, लेकिन इंटरनेट की कम पहुंच के कारण इसका उपयोग भी कम ही रहा। तभी नोटबंदी हुई। कुछ दिनों के लिए पर्याप्त नकदी की कमी ने लोगों को डिजिटल भुगतान के अनुकूल बना दिया। लोगों ने तब डिजिटल भुगतान को नकद भुगतान के एक विकल्प के रूप में आत्मसात किया। वित्त मंत्रालय और आरबीआई ने तब फ्लडगेट खोले। भीम और यूपीआई जनता के बीच तुरंत हिट हो गए। आज, लोग डिजिटल भुगतान मोड में ही अपने किराने के सामान का भी भुगतान करना पसंद करते हैं। हमारी आपूर्ति श्रृंखला में कोविड महामारी के अवरोध बनने के बाद, यूपीआई के उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। इसने अप्रैल 2022 में 558 करोड़ कुल लेनदेन के साथ अपने उच्चतम रिकॉर्ड को छुआ. इसमें मार्च, 2022 की तुलना में 3 प्रतिशत की वृद्धि देखी गयी और अब 316 से अधिक बैंक इस मंच पर उपलब्ध हैं।

भुगतान के बुनियादी ढांचे ने फिनटेक उद्योग के फलने-फूलने का मार्ग प्रशस्त किया। पिछले कुछ वर्षों में, भारत (फिनटेक) क्षेत्र में एक वैश्विक नेता के रूप में उभरा है। फिनटेक को अपनाने की दर भारत में सबसे ज्यादा है और भारत में यह दूसरा सबसे ज्यादा वित्त पोषित क्षेत्र है। भारत के पास विश्व स्तर पर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा फिनटेक स्टार्टअप इकोसिस्टम है। भारत ने 375 सौदों में लगभग 7.1 बिलियन डॉलर (जनवरी 2019 से 2021 की पहली छमाही तक) के निवेश के साथ एशिया के शीर्ष फिनटेक फंडिंग लक्ष्य बाजार के रूप में चीन को पीछे छोड़ दिया है। अब तक, इस क्षेत्र ने 17यूनिकॉर्न का उत्पादन किया है। अगले 1000 दिनों के भीतर, देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था का कुल मूल्य $ 1 ट्रिलियन के निशान को छूने की उम्मीद है।

एनपीए संकट और आईबीसी

मोदी के सत्ता में आने से पहले किसी उद्यमी को व्यवसाय से बाहर निकलना सबसे कठिन कामों में से एक था. इसका एकमात्र कारण कांग्रेस के पिछली सरकारों के जीर्ण-शीर्ण कानून था। इन कानूनों ने बड़ी गैर-निष्पादित संपत्ति या एनपीए संपतियों की एक खेप तैयार की, जो कि पिछले दशक में भारत सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक के सामने सबसे बड़ी समस्या थी। इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के साथ, वित्त मंत्रालय ने एक तीर से दो निशान साधे। आईबीसी ने नुकसान के बहुत बड़े होने से पहले व्यवसायों के लिए लाभहीन उद्यम से बाहर निकलना आसान बना दिया। इसने यह भी सुनिश्चित किया कि ऋणदाता (बैंक) न्यायिक समाधान के अनंत लूप में न फंसें। पिछले कुछ वर्षों में, बैंकों ने IBC का उपयोग करके NPA सम्पतियों पर बहुत अच्छी वसूली की है। विजय माल्या, नीरव मोदी जैसे लोगों सहित कई डिफॉल्टरों की की जटिल संपत्ति भी उधारदाताओं के संघ द्वारा बेच दी गई।

एनपीए के साथ-साथ पीएसबी के कामकाज में सुधार (निजीकरण प्रयासों के लिए धन्यवाद) के भी फल मिले हैं। भारत का मौजूदा एनपीए अब तक के सबसे निचले स्तर पर है। पीएम मोदी के वित्त मंत्रालय को 9.6 फीसदी ग्रॉस एनपीए विरासत में मिला। जेटली के नेतृत्व वाले मंत्रालय ने 2017-18 के अंत तक इसे 10.5 प्रतिशत तक सीमित करने के काफी अच्छा प्रदर्शन किया। उसके बाद परिदृश्य बदलने लगे और एनपीए का प्रतिशत नाटकीय ढंग से गिर गया। बैंकों की आय अब स्थिरता के स्तर पर पहुंच गई है और वे अधिक मुनाफा कमाने लगे हैं। व्यापार के आसपास के माहौल में सुधार हुआ है और देश ने अभी-अभी 2021-22 में अपना उच्चतम एफडीआई प्राप्त किया है, जो चीन के प्रतिस्थापन के रूप में भारत के उदय का संकेत देता है।

और पढ़ें: Modi@8: मोदी सरकार के 8 साल के कार्यकाल में गृह मंत्रालय की उपलब्धियां

अच्छी तरह से प्रबंधित कोविड संकट में

जब कोविड महामारी आई, तो ऐसा लगा कि अर्थव्यवस्था ठप हो गई है। भारत का उपभोक्ता बाजार सरकार के लिए सबसे बड़ी संपत्ति है। यह आपूर्ति और मांग के चक्र को चालू रखता है। इसलिए कोविड के पहले महीने में 12.2 करोड़ लोगों की नौकरी जाने को देश के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा था। इसके साथ ही उत्पादन लाइनें पूरी तरह से बंद होने के कारण जीडीपी में गिरावट आई है। वित्त मंत्रालय जानता था कि व्यावसायिक मानसिकता में निहित पशु भावना के कारण, उद्योग वापस लड़ेगा। लेकिन, उन्हें पूरा करने के लिए एक उपभोक्ता आधार की आवश्यकता थी। इसलिए, निर्मला सीतारमण के नेतृत्व वाले मंत्रालय ने अर्थव्यवस्था में मांग को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) के तहत 1.70 लाख करोड़ रुपये बांटे गए। पैकेज ने मुफ्त खाद्यान्न के साथ-साथ मनरेगा श्रमिकों, किसानों, हाशिए के समुदायों के लिए अतिरिक्त पैकेज प्रदान किया। हाल ही में, पैकेज ने दुनिया भर से काफी प्रशंसा प्राप्त की।

लेकिन, कुछ महीने बाद बड़े पैकेज की घोषणा की गई। वित्त मंत्रालय ने विभिन्न माध्यमों से 20 लाख करोड़ (भारत के सकल घरेलू उत्पाद का 10 प्रतिशत) पंप किया। इस स्वस्थ राशि को विभिन्न नियामक तंत्रों के माध्यम से वितरित करने का मतलब है कि पैसा बेकार संपत्ति बनाने में बर्बाद नहीं हुआ और साथ ही यह अपने वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंच गया। जून 2021 में, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 6.29 लाख करोड़ रुपये के एक और पैकेज की घोषणा की। इस योजना ने आबादी के हर जरूरतमंद वर्ग को शामिल किया और भारत के आर्थिक तनाव के ताबूत में अंतिम कील साबित हुई। अर्थव्यवस्था किसी भी देश की रीढ़ होती है। स्वस्थ और समृद्ध जनसंख्या के बिना कोई भी देश आसानी से गृहयुद्ध के गर्त में गिर सकता है। पीएम मोदी के वित्त मंत्रालय के तहत एक अस्थिर अर्थव्यवस्था को स्थिर कर भारतीयों को समृद्धि के पथ पर अग्रसर किया है।

और पढ़ें: Modi@8: मोदी सरकार के 8 साल के कार्यकाल में रक्षा मंत्रालय की उपलब्धियां

 

Tags: नरेंद्र मोदीनिर्मला सीतारमणवित्त मंत्रालय
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

भाजपा की शानदार लॉन्ड्री अब हार्दिक पटेल को बेदाग सफेद बना देगी

अगली पोस्ट

UPSC में चयनित होने पर बेहूदा जश्न मनाने की परंपरा बंद होनी चाहिए

संबंधित पोस्ट

Anu Lal
समीक्षा

क्या धर्म पर्यावरण की रक्षा कर सकता है? ‘बिश्नोईज़ एंड द ब्लैकबक’ के माध्यम से अनु लाल का एक जरूरी सवाल

9 February 2026

आज का युग अभूतपूर्व विकास और तकनीकी प्रगति का युग है, रील्स का दौर है, जीवन की भागदौड़ इतनी तेज है कि ‘ठहराव’ शब्द अब...

‘The journey within’: श्रीखंड कैलाश से आत्मबोध तक की यात्रा
समीक्षा

‘The journey within’: श्रीखंड कैलाश से आत्मबोध तक की यात्रा

20 December 2025

जीवन स्वयं एक यात्रा है, उतार-चढ़ाव से भरी, अनुभवों से सजी और निरंतर आगे बढ़ती हुई। किंतु यात्रा केवल स्थानों के बीच की भौतिक गति...

Luxury Sedan Showdown: Price and Maintenance Comparison of a Used Audi A4 vs. Other 2nd Hand Audi Cars
समीक्षा

Luxury Sedan Showdown: Price and Maintenance Comparison of a Used Audi A4 vs. Other 2nd Hand Audi Cars

18 December 2025

In the high-stakes world of luxury sedans, the Audi A4 has long been the "thinking person’s choice." It doesn't scream for attention like a BMW...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited