TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    शशि त्रिपाठी अपनी प्रदर्शनी में शहर और प्रकृति के सह-अस्तित्व को दर्शाती कला के साथ

    शशि त्रिपाठी की कला: शहर और प्रकृति के बीच का मौन संवाद

    ज़ंजीरों से आज़ादी तक: बलिदान और संघर्ष से जन्मा बांग्लादेश

    ज़ंजीरों से आज़ादी तक: पूर्वी पाकिस्तान से बांग्लादेश के उदय की कहानी

    पूर्व पीएम हसीना ने अलार्म बजाया: बांग्लादेश में बढ़ती धार्मिक कट्टरता और कानून की विफलता

    पूर्व पीएम हसीना ने अलार्म बजाया: बांग्लादेश में बढ़ती धार्मिक कट्टरता और कानून की विफलता

    रेल मंत्रालय की मंथन योजना शताब्दी एक्सप्रेस की जगह वंदे भारत चेयर कार

    शताब्दी एक्सप्रेस को धीरे-धीरे बंद करने की तैयारी, वंदे भारत चेयर कार कोचों का बड़ा प्लान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    फंडिंग फ्रीज़ रोकने के बाद भारतीय-अमेरिकी जज को ऑनलाइन हमलों का सामना

    ट्रंप की फंडिंग फ्रीज़ रोकने के बाद भारतीय-अमेरिकी जज को MAGA समर्थकों के विरोध का सामना

    छात्रवृत्ति वापसी से प्रभावित यूके–यूएई अकादमिक संबंध

    मुस्लिम ब्रदरहुड विवाद के बीच यूके विश्वविद्यालयों से यूएई की छात्रवृत्ति वापस

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    टैरिफ विवाद ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता पर बहस तेज की

    ट्रंप की 500% टैरिफ चेतावनी: भारत के लिए आर्थिक और कूटनीतिक चुनौती

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    शशि त्रिपाठी अपनी प्रदर्शनी में शहर और प्रकृति के सह-अस्तित्व को दर्शाती कला के साथ

    शशि त्रिपाठी की कला: शहर और प्रकृति के बीच का मौन संवाद

    ज़ंजीरों से आज़ादी तक: बलिदान और संघर्ष से जन्मा बांग्लादेश

    ज़ंजीरों से आज़ादी तक: पूर्वी पाकिस्तान से बांग्लादेश के उदय की कहानी

    पूर्व पीएम हसीना ने अलार्म बजाया: बांग्लादेश में बढ़ती धार्मिक कट्टरता और कानून की विफलता

    पूर्व पीएम हसीना ने अलार्म बजाया: बांग्लादेश में बढ़ती धार्मिक कट्टरता और कानून की विफलता

    रेल मंत्रालय की मंथन योजना शताब्दी एक्सप्रेस की जगह वंदे भारत चेयर कार

    शताब्दी एक्सप्रेस को धीरे-धीरे बंद करने की तैयारी, वंदे भारत चेयर कार कोचों का बड़ा प्लान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    फंडिंग फ्रीज़ रोकने के बाद भारतीय-अमेरिकी जज को ऑनलाइन हमलों का सामना

    ट्रंप की फंडिंग फ्रीज़ रोकने के बाद भारतीय-अमेरिकी जज को MAGA समर्थकों के विरोध का सामना

    छात्रवृत्ति वापसी से प्रभावित यूके–यूएई अकादमिक संबंध

    मुस्लिम ब्रदरहुड विवाद के बीच यूके विश्वविद्यालयों से यूएई की छात्रवृत्ति वापस

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    टैरिफ विवाद ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता पर बहस तेज की

    ट्रंप की 500% टैरिफ चेतावनी: भारत के लिए आर्थिक और कूटनीतिक चुनौती

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

सुनील जाखड़ फ्रंटएंड नहीं बल्कि बैकएंड के माहिर खिलाड़ी हैं, अब भाजपा में चलेगा उनका सिक्का

पंजाब में कांग्रेस ने अपनी कब्र खोदने की जिम्मेदारी जाखड़ को दे दी है!

Utkarsh Upadhyay द्वारा Utkarsh Upadhyay
20 May 2022
in राजनीति
Sunil Jakhar

Source- TFI

Share on FacebookShare on X

राजनीति संभावनाओं और समीकरणों का खेल है और इन्हीं संभावनाओं और समीकरणों को साधने का काम जितना सामने से राजनीति करने वाले नेता करते हैं, उससे कही अधिक अहम किरदार पीछे से नीति निर्माण कर रहे नेता और संगठन संभाल रहे पार्टी के ध्वजवाहक का होता है। राजनीति में भी आईटी सेक्टर में चलन में रहे शब्द फ्रंट एंड और बैकएंड वाली कार्यविधि चलती है। हमारे बीच राजनीतिक नेताओं की श्रेणी के बारे में बात करते समय यही एक विशेष समानता है, खासकर जब पिछले कुछ दिनों में कुछ हाई-प्रोफाइल नेता इधर से उधर हुए हैं। कांग्रेस से भाजपा में आए सुनील जाखड़ उसी कार्यविधि के अंश हैं जिन्होंने दल बदल किया और अब भाजपा के खेमे के नेता बन गए।

यूं तो कांग्रेस में सुनील जाखड़ के योगदान को पीछे छोड़ देना किसी भी नेता के लिए आसान बात नहीं है। फ्रंटफुट पर न खेलने और संगठनात्मक रूप से पार्टी को स्थिर करने की कवायद में जुटे रहने वाले नेताओं में से एक सुनील जाखड़ ने पूरे देश में रजानीतिक रूप से वेंटिलेटर पर पड़ी कांग्रेस को जाखड़ जैसे नेताओं ने ही पंजाब के 2017 वाले चुनाव में संजीवनी प्रदान की थी। तत्पश्चात न केवल कांग्रेस राज्य में चुनाव जीती बल्कि अमरिंदर सिंह भी बिना विरोध के सीएम बन गए। ये जाखड़ की ही कर्तव्यपरायणता थी, जो वो अंततः लालच और सीएम की कुर्सी से कोसों दूर रहे।

संबंधितपोस्ट

आंध्र प्रदेश में भाजपा का विस्तार अभियान: अटल–मोदी सुपारिपालन यात्रा की शुरुआत

बिहार के बाजीगरों के जरिये पश्चिम बंगाल फतह का ताना-बाना बुन रही भाजपा

मणिपुर को जल्द मिल सकता है नया मुख्यमंत्री, भाजपा के संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने टटोली प्रदेश में सरकार गठन की संभावनाएं

और लोड करें

और पढें: पार्टी छोड़ते वक्त इशारों-इशारों में कांग्रेस का सच बता गए सुनील जाखड़

जाखड़ को है जमीनी नब्ज की अच्छी जानकारी

बीते गुरुवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पंजाब इकाई के पूर्व प्रमुख सुनील जाखड़ ने कांग्रेस छोड़ने के कुछ दिनों बाद औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन कर ली। यह सर्वविदित है कि सुनील जाखड़ जैसे नेता पार्टी को पर्दे के पीछे से मजबूत रखने में कोई कसर नहीं छोड़ते और क्षुब्ध हो चुकी पार्टी को जीवनदान देते हैं। उनके सरीखे नेताओं का काम फैंसी या आकर्षक अखबारों की सुर्खियों के योग्य नहीं है, बल्कि पार्टी के चुनावी भाग्य के लिए महत्वपूर्ण है। यदि बैकएंड में कुछ भी गलत हो जाता है, तो फ्रंटएंड बेकार हो जाता है और कुछ भी काम नहीं करता है। ठीक ऐसा ही पंजाब कांग्रेस के मामले में हुआ था।

जाखड़ की जमीनी पकड़ काफी बेहतरीन थी और वो भी तब जब पार्टी में आंतरिक संघर्ष हमेशा उच्च स्तर पर रहा, क्योंकि आलाकमान दबाव में बना रहा फिर चाहे वो सिद्धू का दबाव हो या किसी और नेता का। हालांकि, जिस क्षण सिद्धू को गांधी परिवार के साथ मिलीभगत के कारण जाखड़ का प्रदेश अध्यक्ष का पद उन्हें उपहार में दिया गया पंजाब कांग्रेस उसी वक्त बिखर गई। राज्य में कांग्रेस लंबे समय तक पार्टी को विपक्ष से दूर रखने में सक्षम थी क्योंकि जाखड़ को जमीनी नब्ज़ की जानकारी थी। जब भी जाखड़ को लगा कि उनकी पार्टी लड़खड़ा रही है, तो उन्होंने समस्या को ठीक करने के लिए अपने कार्यकर्ताओं को भेज दिया ताकि लोकप्रियता में सेंध न लगे। उनके नेतृत्व में पंजाब कांग्रेस का संगठनात्मक ढांचा बेजोड़ था और यहां तक ​​कि भाजपा जैसी चुनाव जीतने वाली मशीनरी को भी राज्य में इससे मुकाबला करने में मुश्किल होती थी। इसके बावजूद उन्हें कांग्रेस आलाकमान ने केवल छला और ठगा।

और पढें: ‘अमरिंदर ने किसानों को भेजा था दिल्ली’ सुनील जाखड़ ने खोल दिया कांग्रेस का काला चिट्ठा

भाजपा के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं जाखड़

तीन बार के विधायक और एक बार के सांसद रहे जाखड़ को कभी भी एक जन नेता के रूप में नहीं देखा गया, लेकिन कई लोग भाजपा में उनके प्रवेश को दोनों पक्षों के लिए जीत के रूप में देखते हैं। कोई भी बैकएंड नेता कभी भी जन नेता नहीं होता है, लेकिन किसी पार्टी और उसके संगठनात्मक ढांचे के लिए उनके महत्व को कम करके नहीं आंका जा सकता है। यही जाखड़ की USP है, कांग्रेस में भी कार्यकर्ता प्रिय रहे नेता जाखड़ भाजपा में भी उसी रीत को चलाएंगे, क्योंकि उनका संगठनात्मक कौशल किसी के आगे नहीं टिकता। जाखड़ एक साफ-सुथरी छवि वाले जाट हिंदू नेता हैं, जाखड़ जैसी क्षमता वाले नेता को छोड़ कर कांग्रेस ने एक बार फिर दिखा दिया है कि उसके आलाकमान ने एक बार फिर हाथ में आई गेंद को जानबूझकर छोड़ दिया।

टीएफआई की रिपोर्ट के अनुसार, जाखड़ ने अपने जाने की औपचारिक घोषणा अपने पंचकुला आवास से फेसबुक लाइव ‘दिल की बात’ के जरिए सार्वजनिक की। अपने 35 मिनट के लंबे फेसबुक लाइव में, उन्होंने “दिल्ली में बैठे” कांग्रेस के कई बड़े लोगों पर कटाक्ष किया। जाखड़ ने अपने विदाई के अंतिम शब्दों का उल्लेख “गुड लक और अलविदा कांग्रेस” के रूप में किया और इसे पार्टी को अपना उपहार कहा। उन्होंने उदयपुर में कांग्रेस के विचार-मंथन सत्र को केवल “औपचारिकता” कहा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पार्टी देश में अपनी दयनीय स्थिति के बारे में वास्तव में गंभीर होती, तो वह ‘चिंतनशिविर’ के बजाय ‘चिंताशिविर’ का आयोजन करती और यह ‘आत्मनिरीक्षण’ से ज्यादा ‘चिंता’ की बात होती।

निश्चित रूप से जब भी कोई गहरा और अंतर्मन से जुड़ा रिश्ता तोड़ता है तो उसके लिए एक साहस और स्वयं पर विश्वास होना आवश्यक होता है। सुनील जाखड़ अपने राजनीतिक जीवन के बड़े हिस्से के लिए कांग्रेस से जुड़े रहे थे और फिर भी उन्हें कांग्रेस के शीर्ष नेताओं द्वारा एक सिख बहुल क्षेत्र में हिंदू नेता होने के कारण नजरअंदाज कर दिया गया था। यही कारण रहा कि जाखड़ ने अंततः अपना निर्णय कांग्रेस से सभी संबंध तोड़कर, भाजपा के साथ नई पारी के शुरुआत करके लिया। अब यह भाजपा के ऊपर निर्भर करता है कि वो इस अवसर को कैसे भुनाते हुए खेला करती है, क्योंकि अमरिंदर सिंह के साथ आने के बाद सुनील जाखड़ का आना भाजपा के लिए सोने पर सुहागा हो गया है।

और पढें: कद्दावर कांग्रेसी नेता सुनील जाखड़ भाजपा में हुए शामिल

Tags: कांग्रेस पार्टीभाजपासुनील जाखड़
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

सुब्रमण्यम स्वामी ‘Places of Worship Act’ पर भाजपा को घेर रहे थे फिर स्वयं ही बन गए हंसी के पात्र

अगली पोस्ट

समय लगा लेकिन अपने कर्मो की वजह से सिद्धू धर लिये गए

संबंधित पोस्ट

शशि त्रिपाठी अपनी प्रदर्शनी में शहर और प्रकृति के सह-अस्तित्व को दर्शाती कला के साथ
राजनीति

शशि त्रिपाठी की कला: शहर और प्रकृति के बीच का मौन संवाद

10 January 2026

शशि त्रिपाठी, नेवी वेलफेयर और वेलनेस एसोसिएशन (NWWA) की अध्यक्ष, एक जानी-मानी और संवेदनशील दृश्य कलाकार हैं, जिनका काम प्रकृति और शहरीकरण के बीच एक...

ज़ंजीरों से आज़ादी तक: बलिदान और संघर्ष से जन्मा बांग्लादेश
भारत

ज़ंजीरों से आज़ादी तक: पूर्वी पाकिस्तान से बांग्लादेश के उदय की कहानी

10 January 2026

बांग्लादेश का जन्म इतिहास का कोई साधारण अध्याय नहीं था। यह एक ऐसा घाव था जो कभी पूरी तरह भर नहीं सका, और साथ ही...

पूर्व पीएम हसीना ने अलार्म बजाया: बांग्लादेश में बढ़ती धार्मिक कट्टरता और कानून की विफलता
भारत

पूर्व पीएम हसीना ने अलार्म बजाया: बांग्लादेश में बढ़ती धार्मिक कट्टरता और कानून की विफलता

9 January 2026

हाल ही में बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय को लक्षित करके हुई कई लिंचिंग, हत्याओं और हिंसक हमलों के बाद, बर्खास्त प्रधानमंत्री शेख हसीना ने...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

00:06:59

Dhurandar: When a Film’s Reality Shakes the Left’s Comfortable Myths

00:06:56
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited