TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

‘गंगा ढाबा’ अब नहीं बनेगा अड्डा, JNU के ‘वामपंथी मुफ्तखोरों’ के सीधे पेट पर लात पड़ी है

'मुफ्तखोरों' पर नकेल कसने में लगा है JNU प्रशासन

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
27 June 2022
in चर्चित
JNU VC

Source- TFIPOST

Share on FacebookShare on X

देखो बंधुओं, कुछ और हो न हो, परंतु इस बात में कोई संदेह नहीं है कि JNU के बंधु बांधव से मुफ्तखोर संसार में दूसरा कोई न भया और इनकी टक्कर का मुफ्तखोर भारत में मिलना लगभग असंभव है, अनलेस आप दिल्ली के मतदाताओं की बात कर रहे हों। परंतु हर समस्या का समाधान होता है, तो फिर JNU के मुफ्तखोरों का कैसे नहीं होगा? इस आर्टिकल में हम विस्तार से जानेंगे कि कैसे वर्तमान JNU प्रशासन ने JNU के मुफ्तखोर वामपंथियों के पेट पर लात मारने का निर्णय लेते हुए सभी ढाबा, कैंटीन संचालनकर्ताओं से सभी प्रकार से बकाया वसूल करने का निर्णय किया है।

जी हां, JNU प्रशासन का रुख बिल्कुल स्पष्ट है। JNU ने विभिन्न कैंटीन एवं ढाबा मालिकों से लाखों का बकाया चुकाने और 30 जून तक तत्काल प्रभाव से विश्वविद्यालय परिसर खाली करने को कहा है। जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, “परिसर में चल रही कैंटीन, ढाबों और फोटोकॉपी की 10 दुकानों को ये नोटिस दिए गए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का यह कहना है कि यदि व्यक्ति नोटिस का पालन करने में विफल रहता है तो वह सार्वजनिक परिसर अधिनियम 1971 के अंतर्गत बेदखली की कार्यवाही के लिए उत्तरदायी होगा।”

संबंधितपोस्ट

जेएनयू परिसर में फिर हुई हिंसक झड़प, छात्रों में असुरक्षा की भावना बढ़ी

DUSU चुनाव 2025: Gen Z ने अपने वोट से दिया राष्ट्रवाद का संदेश

बंगाल का JNU कहे जाने वाले जादवपुर यूनिवर्सिटी में की गई आजाद कश्मीर और फ्री फिलिस्तीन की पेंटिंग; वामपंथी छात्र संगठन PDSF के खिलाफ दर्ज हुई FIR

और लोड करें

तो इससे वामपंथी मुफ्तखोरों को क्या समस्या है? यूं तो प्रशासनिक रेक्टर अजय दुबे ने प्रत्यक्ष रूप से इसकी ओर संकेत नहीं दिया, परंतु इतना अवश्य स्पष्ट किया कि यह नोटिस उन दुकान मालिकों को दिया है जो लंबे समय से किराये और बिजली के बिलों का भुगतान नहीं कर रहे हैं। अब ऐसे कौन से प्रजाति के व्यक्ति होंगे? वहीं न, जिनके ग्राहक विशुद्ध वामपंथी होंगे, जिनके लिए समय पर बिल चुकाना, समय पर कोई काम करना और साफ सफाई से रहना किसी महापाप से कम नहीं होगा!

और पढ़ें: वामपंथियों के आखिरी गढ़ की तबाही का प्रारंभ है JNU की नई एडमिशन स्ट्रेटजी

JNU को संवारने में लगी हैं शांतिश्री धूलिपुडि पंडित

लेकिन आपको क्या प्रतीत होता है, ऐसा पहली बार हुआ है? वर्ष 2019 में जब प्रशासन ने फीस में थोड़ी बढ़ोत्तरी कर दी थी, तो जैसे JNU में भूकंप सा आ गया था। कैंपस में रायता नहीं फैला, उपद्रव का तांडव रचा गया, जगह-जगह लाल सलाम वाले नारे लिख दिये गए। सिर्फ इतना ही नहीं, स्वामी विवेकानंद की मूर्ति जिसका अभी अनावरण भी नहीं हुआ था उसे क्षत-विक्षत कर उसके पाये में कई असंवेदनशील नारे लिख दिये गए। इसके बाद यह तमाशा रोड पर भी उतर गया और सड़क छाप यात्रा निकाली गई।

परंतु इस बार प्रशासन ने भी ठान लिया – इस पार या उस पार। इसकी नींव तभी पड़ गई जब नई कुलपति डॉ शांतिश्री धूलिपुडि पंडित ने JNU की कमान संभाली। पहले कोई भी ऐसे ही विश्वविद्यालय में घुस सकता था और अराजकता फैलाकर चला जाता था। पर, अब नई कुलपति की देखरेख में JNU को सुनिश्चित किया जा रहा है कि वह एक पिकनिक स्पॉट या राजनीतिक अड्डे के बजाए पूर्णतया एक विश्वविद्यालय परिसर में परिवर्तित हो। यह भी कहा जा रहा है कि डॉ पंडित विश्वविद्यालय की “ढाबा संस्कृति” पर कार्रवाई कर सकती है, जो JNU के विषाक्त और अत्यधिक अस्थिर विचारों का प्रजनन स्थल रहा है।

JNU की नई एडमिशन स्ट्रैटजी

हालांकि, नए प्रशासन द्वारा लाया गया सबसे बड़ा बदलाव प्रवेश परीक्षा की शुरूआत है। दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रणाली में बदलाव के बाद, जेएनयू में प्रवेश भी सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (CUCET) के माध्यम से ही किया जाएगा। विश्वविद्यालय ने खुद इस बड़े फैसले की घोषणा की है और कहा है कि प्रवेश परीक्षा राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की योजना के अनुसार आयोजित की जाएगी। यह कदम पूरी तरह से पुराने पारिस्थितिकी तंत्र को खत्म कर देगा, जिसने जेएनयू को वामपंथी विचारधारा का केंद्र बना दिया था।

इसके अलावा, छात्रों को सक्षम बनाने के लिए पाठ्यक्रम में भी बदलाव किया जा रहा है। जैसा कि TFI द्वारा रिपोर्ट किया गया है कि अकादमिक परिषद के अनुमोदन पर विश्वविद्यालय ने पिछले साल दोहरी डिग्री कार्यक्रम का पीछा करने वाले इंजीनियरिंग छात्रों के लिए एक वैकल्पिक पाठ्यक्रम शुरू किया था। ऐसे में अब JNU के मुफ्तखोरों के पेट पर सबसे बड़ी लात मारते हुए ढाबा एवं कैंटीन मालिकों से उनका बकाया का हिसाब मांगना प्रारंभ शुरू हो चुका है, जिसका दर्द अभी से दिख रहा है।

और पढ़ें: जिस JNU में चलता था राष्ट्रविरोधी एजेंडा, उसे सुधारने में लग गई हैं नई VC शांतिश्री धूलिपुडी

Tags: CUCETजेएनयूशांतिश्री धूलिपुडी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

चीनी ऋण जाल बहुत बड़ा झोल है, अफ्रीकी देशों को श्रीलंका से सबक लेना चाहिए

अगली पोस्ट

तीस्ता सीतलवाड़ की गिरफ्तारी UN को इतनी क्यों चुभ रही है?

संबंधित पोस्ट

पीएम मोदी ने दिखाई भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी
चर्चित

पीएम मोदी ने दिखाई भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी, रेलवे में शुरू हुआ स्वच्छ तकनीक का नया दौर

17 July 2026

 पीएम मोदी ने शुक्रवार को देश की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही भारतीय रेलवे ने स्वच्छ...

पश्चिम बंगाल में दर्दनाक रेल हादसा
चर्चित

पश्चिम बंगाल में दर्दनाक रेल हादसा, स्कूल वैन को ट्रेन ने मारी टक्कर, दो बच्चों समेत तीन की मौत

17 July 2026

पश्चिम बंगाल के बहरामपुर में गुरुवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा हो गया। स्कूल के बच्चों को लेकर जा रही एक वैन रेलवे क्रॉसिंग पार...

सोनम वांगचुक 20 दिन की भूख हड़ताल
चर्चित

सोनम वांगचुक 20 दिन की भूख हड़ताल के बाद बिगड़ी हालत, डॉक्टरों ने दी ऑर्गन फेलियर की चेतावनी

17 July 2026

पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। लंबे समय से भोजन न करने के कारण...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

00:04:16

China's War on Human Rights Lawyers: The Legacy of the 709 Crackdown

00:03:57

IRAN EYES RED SEA GAMBIT

00:02:34

US- IRAN CONFLICT INTENSIFIES

00:03:05

Mass Detentions and Enforced Disappearances: The Aftermath of July 5

00:03:20
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited