TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    प्रधानमंत्री ने गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में भाग लिया

    गणतंत्र दिवस 2026: पीएम मोदी की मरून पगड़ी ने खींचा ध्यान, क्या है इसकी खासियत

    गणतंत्र दिवस परेड के दौरान भारतीय वायुसेना भव्य फ्लाईपास्ट

    गणतंत्र दिवस 2026 लाइव: गणतंत्र दिवस परेड में दिखी सैन्य शक्ति, ब्रह्मोस–आकाश मिसाइलें और अर्जुन टैंक हुई शामिल

    अंतरिक्ष से सम्मान तक: ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र

    गणतंत्र दिवस पर ऐतिहासिक सम्मान: अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र

    भारतीय वायुसेना “ऑपरेशन सिंदूर” फॉर्मेशन के साथ फ्लायपास करेगी

    गणतंत्र दिवस: सेना दिखाएगी अपनी युद्ध शक्ति, परेड में EU का दस्ता भी होगा शामिल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    गणतंत्र दिवस परेड के दौरान भारतीय वायुसेना भव्य फ्लाईपास्ट

    गणतंत्र दिवस 2026 लाइव: गणतंत्र दिवस परेड में दिखी सैन्य शक्ति, ब्रह्मोस–आकाश मिसाइलें और अर्जुन टैंक हुई शामिल

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    प्रधानमंत्री ने गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में भाग लिया

    गणतंत्र दिवस 2026: पीएम मोदी की मरून पगड़ी ने खींचा ध्यान, क्या है इसकी खासियत

    गणतंत्र दिवस परेड के दौरान भारतीय वायुसेना भव्य फ्लाईपास्ट

    गणतंत्र दिवस 2026 लाइव: गणतंत्र दिवस परेड में दिखी सैन्य शक्ति, ब्रह्मोस–आकाश मिसाइलें और अर्जुन टैंक हुई शामिल

    अंतरिक्ष से सम्मान तक: ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र

    गणतंत्र दिवस पर ऐतिहासिक सम्मान: अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र

    भारतीय वायुसेना “ऑपरेशन सिंदूर” फॉर्मेशन के साथ फ्लायपास करेगी

    गणतंत्र दिवस: सेना दिखाएगी अपनी युद्ध शक्ति, परेड में EU का दस्ता भी होगा शामिल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    गणतंत्र दिवस परेड के दौरान भारतीय वायुसेना भव्य फ्लाईपास्ट

    गणतंत्र दिवस 2026 लाइव: गणतंत्र दिवस परेड में दिखी सैन्य शक्ति, ब्रह्मोस–आकाश मिसाइलें और अर्जुन टैंक हुई शामिल

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अमेरिका के ताइवान यात्रा को लेकर चीन ने ख़मियाज़ा भुगतने की धमकी दी

ड्रैगन ने धमकाया तो सुपरपावर ने कदम पीछे हटाया !

Ruchi Mehra द्वारा Ruchi Mehra
28 July 2022
in विश्व
CHINA AMERICA

Source- TFIPOST.in

Share on FacebookShare on X

अमेरिका सुपरपॉवर बनने का केवल ढोंग ही रचता है। वे दिखाने की कोशिश यही करता है कि विश्व पर उसने अपना कितना दबदबा बनाया हुआ है। परंतु आज के समय में देखा जाए तो अमेरिका की हालत कुछ ऐसी ही हो गई है, जिसे कोई गंभीरता से नहीं लेता। जो अमेरिका कभी डराने-धमकाने के प्रयास करता था, वहीं अब दूसरों के दबाव के आगे झुकने को मजबूर होने लगा है। दरअसल, हम यह बातें चीन के संदर्भ में कर रहे हैं। ऐसा लगने लगा है कि चीन की धमकियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को डराकर रख दिया है। वे बेबस हो रहे है और यही कारण है कि बाइडेन ताइवान के मामले पर भी अब अपने कदम पीछे खींचने को मजबूर होने लगा है।

चीन और ताइवान के बीच विवाद तो लंबे समय से चला आ रहा है। चीन, ताइवान को अपने एक प्रांत के तौर पर देखता है। वे उसे अपने देश का हिस्सा मानता है और ताइवान को चीन में शामिल कराने के प्रयास भी करता रहता है। जबकि दूसरी ओर ताइवान स्वयं को एक आजाद देश मानता है। इसी कारण से चीन और ताइवान के बीच लंबी अवधि से तनाव चला आ रहा है। ताइवान मुद्दे को लेकर अक्सर ही अमेरिका और चीन के बीच भी अक्सर विवाद देखने को मिलता है।

संबंधितपोस्ट

ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

ट्रंप की ईरान को खुली धमकी: कहा- पूरा देश तबाह कर देंगे

अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

और लोड करें

और पढ़ें: ‘अमरीचीन’ ब्लॉक बन रहा था, भारत ने अमेरिका और चीन दोनों को अलग थलग कर दिया

ताइवान को लेकर अमेरिका की नीति अस्पष्ट 

देखा जाए तो ताइवान के मुद्दे पर अमेरिका की नीति अस्पष्ट सी नजर आती रही है। कूटनीतिक तौर पर अमेरिका ”एक चीन की नीति” का समर्थन करता है। वहीं अमेरिका लोकतंत्र बनाए रखने के लिए ताइवान का समर्थन करता है। वे कई-कई मौकों पर ताइवान के समर्थन में खड़ा नजर आया है। साथ ही चीन को ताइवान के विरुद्ध कार्रवाई ना करने के लिए चेताया भी। इसके अलावा अमेरिका, ताइवान को सुरक्षा के लिए अपने घातक हथियार मुहैया करा चुका है। ताइवान अपने अधिकांश रक्षा बुनियादी ढांचे के लिए अमेरिका पर निर्भर है। ताइवान की सुरक्षा के लिए खतरे बढ़ रहे हैं और इस कारण अमेरिका की “रणनीतिक अस्पष्टता” पर प्रश्न उठने लगे है।

अमेरिका और चीन एक बार फिर आमने-सामने है और इस बार इसकी वजह बना है अमेरिकी कांग्रेस की स्पीकर नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा। दरअसल, जल्द ही अमेरिकी कांग्रेस की स्पीकर नैन्सी पेलोसी ताइवान की यात्रा पर जाने की तैयारी में है। परंतु इससे पहले ही उनकी यात्रा पर बड़ा बवाल खड़ा हो गया। चीन नैन्सी पेलोसी के ताइवान दौरे के सख्त खिलाफ है और उसने साफ तौर पर धमकी दे दी है कि अमेरिका अगर गलत रास्ते पर गया, तो उसे अंजाम भुगतने को तैयार रहना होगा। ऐसा लगता है कि चीन की इसी धमकियों से अमेरिका डर गया है और यही कारण है कि अब वे नैन्सी पेलोसी की यात्रा से कदम खींचने को मजबूर हो रहा है।

डेमोक्रेटिक पार्टी की सांसद नैन्सी पेलोसी अमेरिका की प्रतिनिधिसभा की स्पीकर हैं। राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के बाद वे अमेरिका की तीसरी सबसे शक्तिशाली शख्सियत मानी जाती है। वे अगर ताइवान के दौरे पर गई तो वे 25 सालों के बाद ऐसा करने वाली उच्च अमेरिकी राजनेता बनेगी। इससे पूर्व वर्ष 1997 में रिपब्लिकन हाउस के स्पीकर न्यूट गिंगरिच ने ताइवान की यात्रा की थी। नैन्सी लंबे समय से चीन की आलोचक रही है। वो खुलकर चीन के विरुद्ध में आवाज उठाती नजर आती है। पेलोसी ने कहा है कि “हमारे लिए ताइवान के प्रति समर्थन दिखाना महत्वपूर्ण है।”

और पढ़ें: अमेरिका का भी होगा बंटाधार, बाइडेन की भूल कहीं चीन को महाशक्ति न बना दे

चीन ने अमेरिका को दी धमकी

यही कारण है कि चीन उनकी ताइवान यात्रा से तिलमिला उठा है और अमेरिका को धमकी दे डाली। संभावना जताई जा रही है कि अगर नैन्सी पेलोसी ताइवान जाती है, तो गुस्से में चीन सैन्य कार्रवाई भी कर सकता है। चीनी रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने इससे संबंधित एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि इस दौरे पर सैन्य प्रतिक्रिया हो सकती है।

यही कारण है कि चीन की इसी धमकियों से अमेरिका डर रहा है और वो बैकफुट पर आने को मजबूर हो रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बीते दिनों अपने एक बयान के माध्यम से नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा को टालने की बात कहते नजर आए। जो बाइडेन ने अपने एक बयान में कहा कि “अमेरिकी सैन्य अधिकारियों का मानना ​​है कि हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी के लिए इस समय ताइवान का दौरा करना अच्छा विचार नहीं है।” वहीं इसके अलावा इस तनाव के बीच बाइडेन चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बातचीत करने वाले है।

इन कदमों से तो यह ऐसा ही प्रतीत होता है कि चीन ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को अपनी धमकियों के आगे घुटने टेकने को मजबूर कर दिया। इससे केवल चीन का हौसला ही नहीं बढ़ेगा बल्कि वे यह भी समझ जाएगा कि अगर अमेरिका के आगे वो कठोर रवैया अपनाएगा, तो वो अपने कदम पीछे खींच लेगा। एक ओर जहां ताइवान पर चीनी आक्रमण का खतरा बढ़ रहा है, तो दूसरी तरफ अमेरिका जो बाइडेन के नेतृत्व में बीजिंग के सामने कमजोर दिखने लगा है। हालांकि इस सबसे समस्या ताइवान की ही बढ़ेगी। ताइवान इन सबसे नाखुश है। ताइवानी संसद के विदेश मामलों और राष्ट्रीय रक्षा समिति के सह-अध्यक्ष जॉनी चियांग ने ब्लूमबर्ग से कहा था- “ताइवान के दृष्टिकोण से बाइडेन की टिप्पणियां हमें अच्छा महसूस नहीं कराती हैं। हमें दुख होता है।”

और पढ़ें: अमेरिका बना भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार, चीन का ‘गला सूखना’ तय है

यानी अब ऐसा लगने लगा है कि बाइडेन चीन के आगे झुककर ताइवान को उसी के हाल पर छोड़ने को मजबूर हो रहे है। ऐसा ही उन्होंने यूक्रेन के साथ भी किया था। अमेरिका ने यूक्रेन को रूस के विरुद्ध युद्ध की आग में तो झोंक दिया। परंतु इसके बाद अमेरिका ने रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने के अलावा और कुछ खास कदम नहीं उठाए। युद्ध ने यूक्रेन को पूरी तरह से बर्बाद करके रख दिया। अब ऐसा लगता है कि अमेरिका, ताइवान को भी यूं ही बीच में छोड़ देगा और इससे चीन उसकी समस्या और बढ़ा देगा।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: अमेरिकाचीनजो बाइडेनताइवानयूक्रेनरूस
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

ईडी ने कांग्रेस नीत विपक्ष को दिया रियलिटी चेक

अगली पोस्ट

मोदी सरकार की एक से बढ़कर एक योजनाएं दर्शा रही हैं नीति आयोग का महत्व

संबंधित पोस्ट

तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है
चर्चित

डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

23 January 2026

किसी मनुष्य का आग में जल जाना ऐसा दृश्य है जिसकी आँच इतनी भयावह और तीव्र होती है कि वह सरकार की सबसे सख्त सेंसरशिप...

W’, एलोन मस्क के X को चुनौती
AMERIKA

यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

23 January 2026

यूरोप जल्द ही एक नए सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘W’ का स्वागत करने को तैयार है, जिसे एलोन मस्क के X का विकल्प बनाने के लिए...

भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति
राजनीति

नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

23 January 2026

पिछले कुछ वर्षों में, दुनिया ने पश्चिम और उभरती ताकतों जैसे भारत के बीच बढ़ते तनाव को देखा। दशकों तक, अमेरिका और यूरोप के नेतृत्व...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited