TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    राजनीतिक संकट और हिंसा के बीच बांग्लादेश की सड़कें तनावपूर्ण

    1971 कोई विकल्प नहीं: राष्ट्र की स्थापना की स्मृति और इतिहास के कमजोर पड़ने का खतरा

    मिथुन चक्रवर्ती का बड़ा आरोप

    मिथुन चक्रवर्ती का बड़ा आरोप: बंगाल को ‘वेस्ट पाकिस्तान’ बनाने की साजिश, कश्मीर फाइल्स जैसे हालात

    पाकिस्तान की राजनीति में सैन्य प्रभाव का बदला हुआ

    PTI के खिलाफ रणनीति: पाकिस्तान में राजनीतिक नियंत्रण का बदला हुआ चेहरा

    अजय सिंघल बने हरियाणा के नए डीजीपी

    नए साल की पूर्व संध्या पर अजय सिंघल बने हरियाणा के नए डीजीपी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    शिप बेस्ड ISBM लॉन्च के पाकिस्तान के दावे में कितना दम है

    पाकिस्तान जिस SMASH मिसाइल को बता रहा है ‘विक्रांत किलर’, उसकी सच्चाई क्या है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    पाकिस्तान का इतिहास अपने कथित सिद्धांतों से समझौता करने का रहा है

    इस्लामी भाईचारे से बड़ा पैसा: यूएई के खिलाफ कार्रवाई को तैयार पाकिस्तानी सेना?

    ग्रेगोरियन नववर्ष

    ग्रेगोरियन नववर्ष: कब और कैसे हुई इसकी शुरुआत

    उमर ख़ालिद मामले में अमेरिकी दखल

    उमर ख़ालिद की ज़मानत को लेकर अमेरिकी सांसदों का दबाव, भारत के राजदूत को लिखा पत्र

    युद्ध समाप्ति की चुनौती: ज़ेलेंसकी का मुश्किल मोड़

    ज़ेलेंसकी और युद्ध का जटिल खेल: समाप्ति से अधिक खतरनाक बन गया संघर्ष

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    राजनीतिक संकट और हिंसा के बीच बांग्लादेश की सड़कें तनावपूर्ण

    1971 कोई विकल्प नहीं: राष्ट्र की स्थापना की स्मृति और इतिहास के कमजोर पड़ने का खतरा

    मिथुन चक्रवर्ती का बड़ा आरोप

    मिथुन चक्रवर्ती का बड़ा आरोप: बंगाल को ‘वेस्ट पाकिस्तान’ बनाने की साजिश, कश्मीर फाइल्स जैसे हालात

    पाकिस्तान की राजनीति में सैन्य प्रभाव का बदला हुआ

    PTI के खिलाफ रणनीति: पाकिस्तान में राजनीतिक नियंत्रण का बदला हुआ चेहरा

    अजय सिंघल बने हरियाणा के नए डीजीपी

    नए साल की पूर्व संध्या पर अजय सिंघल बने हरियाणा के नए डीजीपी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    शिप बेस्ड ISBM लॉन्च के पाकिस्तान के दावे में कितना दम है

    पाकिस्तान जिस SMASH मिसाइल को बता रहा है ‘विक्रांत किलर’, उसकी सच्चाई क्या है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    पाकिस्तान का इतिहास अपने कथित सिद्धांतों से समझौता करने का रहा है

    इस्लामी भाईचारे से बड़ा पैसा: यूएई के खिलाफ कार्रवाई को तैयार पाकिस्तानी सेना?

    ग्रेगोरियन नववर्ष

    ग्रेगोरियन नववर्ष: कब और कैसे हुई इसकी शुरुआत

    उमर ख़ालिद मामले में अमेरिकी दखल

    उमर ख़ालिद की ज़मानत को लेकर अमेरिकी सांसदों का दबाव, भारत के राजदूत को लिखा पत्र

    युद्ध समाप्ति की चुनौती: ज़ेलेंसकी का मुश्किल मोड़

    ज़ेलेंसकी और युद्ध का जटिल खेल: समाप्ति से अधिक खतरनाक बन गया संघर्ष

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अनुच्छेद 370 के बाद कश्मीर अब ऐसा दिखता है

सही मायने में अब ‘लोकतंत्र का पर्व’ मनाएंगे जम्मू-कश्मीर के लोग

Utkarsh Upadhyay द्वारा Utkarsh Upadhyay
21 August 2022
in चर्चित, राजनीति
J&K
Share on FacebookShare on X

किसी भी क्षेत्र के लिए उसकी तरक्की का रास्ता उसकी स्वतंत्रता के साथ ही खुलता है। जब तक कोई ऐसा शासन हो जिसका नियंत्रण गैर-लोकतंत्रवादी हो या उसकी सोच में विष भरा हो, विभाजन चाहता हो तब तक वो क्षेत्र पनप ही नहीं सकता है। कुछ ऐसा ही हाल देश का मुकुट कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर का था। अब भले ही उसने अनुच्छेद 370 से निजात पा लिया हो, देश की मुख्यधारा से धीरे-धीरे ही सही पर जुड़ने लगा है पर जब तक लोकतांत्रिक रूप से उस क्षेत्र  में लोकतंत्र का पर्व नहीं मन जाता तब तक बहुत कुछ अधूरा रह गया इस बात का भान होने ही लगता है।

शांति और स्थिरता का यह नया अध्याय है

लेकिन शीघ्र ही यह पर्व अर्थात चुनाव भी होने को है जिससे जनप्रतिनिधियों को चुना जा सके। ऐसे में जो केंद्र शासित प्रदेश शांति और स्थिरता का नया अध्याय लिख रहा है। अब समय आ गया है कि उस क्षेत्र के लोगों की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं को सुगम बनाया जाए।

संबंधितपोस्ट

कांग्रेस का नया नियम यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए पीएम मोदी/बीजेपी का हर क़ीमत पर विरोध ही करना है?

रूस में आईएसआई की चोरी पकड़ी गई: पाकिस्तान की जासूसी, भारत के खिलाफ साजिश और मुनीर की नाकाम महत्वाकांक्षा

अष्टलक्ष्मी की उड़ान: प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर से उभरती विकास, संस्कृति और आत्मगौरव की नई कहानी

और लोड करें

दरअसल, जम्मू-कश्मीर के मुख्य चुनाव अधिकारी हिरदेश कुमार सिंह ने बुधवार को कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में 1 जनवरी, 2019 के बाद होने वाली मतदाता सूची के विशेष सारांश संशोधन से मौजूदा मतदाताओं में लगभग 25 लाख नये मतदाताओं के जुड़ने की संभावना है। “अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद, सामान्य रूप से रहने वाला व्यक्ति अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए जम्मू-कश्मीर में मतदाता बन सकता है।” यानी क्षेत्रीय बाध्यता को पूर्ण रूप से ख़त्म करने की निमित्त यह कदम सराहनीय कहा जा सकता है। स्थायी-अस्थायी से ऊपर उठकर लिया गया निर्णय बेहद महत्वपूर्ण इसलिए बन जाता है क्योंकि यदि जुडाव लाना है तो स्वयं को ही लाना होता है, कोई बाहर से आकर पहल नहीं करेगा ।

After the abrogation of Article 370, many people who weren't voters in the Assembly can now be named on the voter list to cast their vote… and no person needs to be a permanent resident of the state/UT: Hirdesh Kumar, Chief Electoral Officer, J&K & Ladakh pic.twitter.com/QT9vzON5vK

— ANI (@ANI) August 17, 2022

सीईओ ने बताया कि 15 सितंबर को प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाता सूची का प्रारूप जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “विधानसभा सीटों के पुनर्गठन के बाद हमने 600 नये मतदान केंद्र जोड़े हैं और कुल मतदान केंद्रों की संख्या अब 11,370 हो गयी है।” उन्होंने यह भी बताया कि एक अक्टूबर तक या उससे पहले 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने वाले युवा मतदाता के रूप में नामांकित होने के पात्र हैं। हालांकि नये मतदाताओं को जोड़ना एक निरंतर अभ्यास है और कोई भी हमसे ऑफ़लाइन और ऑनलाइन संपर्क कर सकता है, चल रहे विशेष सारांश संशोधन के लिए 25 अक्टूबर दावों और आपत्तियों की अंतिम तिथि है और 25 नवंबर तक 90 विधानसभा क्षेत्रों के अनुसार अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।

और पढ़ें- कम्युनिस्ट पार्टी ‘पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर’ को भारत का नहीं मानती?

कश्मीरी पंडितों का ध्यान रखना है बेहद आवश्यक

जिस स्तर और गति से काम चल रहा है यह कोई आसान बात नहीं थी यह सभी को विदित है। सूची के इतर घाटी के बाहर रहने वाले कश्मीरी प्रवासियों के बारे में बोलते हुए सीईओ ने कहा कि ऐसे विस्थापित लोगों के लिए विशेष प्रावधानों के अनुसार उनके बीच नये मतदाताओं को पंजीकृत करने के लिए शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। निश्चित रूप से यह कदम उठाना अभी बेहद आवश्यक है, यदि यह अब भी नहीं होता तो विस्थापन जैसी बातें तो दूर घाटी छोड़कर गए कश्मीरी पंडितों को अब भी वरीयता नहीं दी जाती जो कि बड़ा अन्याय होता लेकिन विशेष रूप से शिविरों का आयोजन किया जाएगा अब तो इसकी भी पुष्टि कर दी गयी है।

ज्ञात हो कि पूर्व में संविधान के अनुच्छेद 370 और उसके बाद के विशेष दर्जे के अनुसार केंद्र शासित प्रदेश में संसद का कोई भी अधिनियम लागू नहीं था। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951, जो भारत में चुनाव प्रक्रिया को नियंत्रित करता है, वहां भी लागू नहीं था। विशेष दर्जा ने राज्य को विशिष्ट चुनाव कानून प्रदान किए, जहां वहां रहने वाले लोग कभी भी राज्य के मतदाता नहीं बन सकते। कुछ लोगों को विशेष अधिकार प्रदान करने और राजनीतिक एकाधिकार का प्रबंधन करने के एक जानबूझकर किए गए प्रयास में जनसांख्यिकी को विनियमित किया गया। यह किसी खाड़ी इस्लामिक देश जैसा था, जहां दशकों से रह रहे लोग कभी मतदाता नहीं बन सकते।

और पढ़ें- जम्मू कश्मीर की बदलने वाली है दशा और दिशा, इस केंद्र शासित प्रदेश में जल्द होंगे चुनाव

मजदूरों, महिलाओं और अन्य प्रवासियों जैसे आम लोगों के अधिकारों को निरस्त्र कर दिया गया था। उनकी मान्यता, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और चुनाव के अधिकार का वर्षों से उल्लंघन किया गया था। पूरा जम्मू, कश्मीर और लद्दाख कुछ स्वार्थी राजनेताओं के बंदी बन उन्हीं के इर्द-गिर्द सिमट कर रह गया था। बीते माह, जम्मू और कश्मीर के परिसीमन आयोग ने विधानसभा क्षेत्रों का पुनर्गठन करते हुए जम्मू को छह और कश्मीर को एक सीट आवंटित की थी। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर की कुल 90 सीटों में, जम्मू में अब पहले की 37 सीटों में से 43 सीटें हैं, और कश्मीर में पहले की 46 सीटों में से 47 हैं। इसके बाद एक आस यह जगी कि नहीं अब लोकतंत्र,  स्वतंत्रता और अन्य सभी मूलभूत जनजीविका के कानूनों से सभी आम जन का सीधा लाभ हो पाएगा। ऐसे में केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की विधानसभा के लिए एक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव लोगों की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं को साकार करने में मदद करेगा।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: केंद्र शासित प्रदेशजम्मू-कश्मीरपीएम मोदी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

सीएम केजरीवाल ने अपने ही खूबसूरत हाथों से बिगाड़ा अपना भव्य प्लान

अगली पोस्ट

रक्षा मंत्रालय भारतीय रक्षा बल को फास्ट-ट्रैक के माध्यम से हथियार खरीदने की आपात शक्तियां देने की तैयारी में

संबंधित पोस्ट

राजनीतिक संकट और हिंसा के बीच बांग्लादेश की सड़कें तनावपूर्ण
राजनीति

1971 कोई विकल्प नहीं: राष्ट्र की स्थापना की स्मृति और इतिहास के कमजोर पड़ने का खतरा

3 January 2026

बांग्लादेश में 1971 कोई दूर का ऐतिहासिक संदर्भ नहीं है। यही साल बताता है कि देश क्यों बना और कैसे अस्तित्व में आया। मुक्ति संग्राम...

मिथुन चक्रवर्ती का बड़ा आरोप
राजनीति

मिथुन चक्रवर्ती का बड़ा आरोप: बंगाल को ‘वेस्ट पाकिस्तान’ बनाने की साजिश, कश्मीर फाइल्स जैसे हालात

3 January 2026

भाजपा नेता और वरिष्ठ फिल्म अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने पश्चिम बंगाल सरकार पर राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का गंभीर आरोप लगाते हुए तीखा...

पाकिस्तान की राजनीति में सैन्य प्रभाव का बदला हुआ
भारत

PTI के खिलाफ रणनीति: पाकिस्तान में राजनीतिक नियंत्रण का बदला हुआ चेहरा

2 January 2026

पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व ने बार-बार यह कहा है कि देश अब सीधे राजनीतिक हस्तक्षेप के दौर से आगे बढ़ चुका है। आधिकारिक रूप से...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

00:06:59

Dhurandar: When a Film’s Reality Shakes the Left’s Comfortable Myths

00:06:56

Tejas Under Fire — The Truth Behind the Crash, the Propaganda, and the Facts

00:07:45
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited