TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    असम में आपात लैंडिंग सुविधा की शुरुआत

    Assam : पीएम की असम हाईवे पर ऐतिहासिक लैंडिंग- चीन के लिए संदेश,जानें सबकुछ

    एकांत कारावास और जेल सुविधाओं पर उठे गंभीर सवाल

    सुप्रीम कोर्ट रिपोर्ट में खुलासा: इमरान खान की सेहत, एकांत कारावास और जेल सुविधाओं पर उठे गंभीर सवाल

    इमरान खान की आंखों की रोशनी घटी

    जेल में बिगड़ी सेहत: इमरान खान की आंखों की रोशनी घटी, सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    असम में आपात लैंडिंग सुविधा की शुरुआत

    Assam : पीएम की असम हाईवे पर ऐतिहासिक लैंडिंग- चीन के लिए संदेश,जानें सबकुछ

    एकांत कारावास और जेल सुविधाओं पर उठे गंभीर सवाल

    सुप्रीम कोर्ट रिपोर्ट में खुलासा: इमरान खान की सेहत, एकांत कारावास और जेल सुविधाओं पर उठे गंभीर सवाल

    इमरान खान की आंखों की रोशनी घटी

    जेल में बिगड़ी सेहत: इमरान खान की आंखों की रोशनी घटी, सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

MDH की सफलता की कहानी और हिंदू व्यापार मॉडल की विशेषता

यह सनातनी परंपरा सभी हिंदू व्यापारियों को सफलता तक ले जाती है!

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
3 October 2022
in प्रीमियम
MDH
Share on FacebookShare on X

‘MDH का तड़का, अंग-अंग फड़का’

‘असली मसाले सच-सच, MDH, MDH!’

संबंधितपोस्ट

कोई सामग्री उपलब्ध नहीं है
और लोड करें

कुछ व्यक्ति या उत्पाद ऐसे होते हैं जो अपने आप में उस उत्पाद का अभिप्राय बन जाते हैं। अब चॉकलेट के अनेक ब्रांड है पर दुकान पर जाते ही एक डेरी मिल्क देना क्यों निकलता है? या टूथपेस्ट में कोलगेट? ये होता है ब्रांड पर विश्वास। ऐसा ही विश्वास एक भारतीय ब्रांड ने बनाया है और ऐसा बनाया कि उसने सनातनी व्यापार मॉडेल की धाक संसार भर में जमा दी। इस ब्रांड का नाम है महाशियां दी हट्टी, जिसे हम सभी अपने अति लोकप्रिय MDH के नाम से बेहतर जानते हैं।

MDH ने अपनी धाक जमायी है

अब मसालों में भी अनेक ब्रांड हैं और इनमें प्रतिस्पर्धा टेलीकॉम कंपनियों से कम तगड़ी नहीं है, परंतु जो धाक MDH ने जमायी है, वो न गोल्डी प्राप्त कर पाया, न अशोक और न ही एवरेस्ट मसाले। अगर आप MDH को जानते हैं, तो इनके आइकॉनिक ‘दादाजी’ को भी जानते ही होंगे। किसे पता था कि जो सियालकोट से किसी तरह 1500 रुपये लेकर निकलेगा, वह धीरे-धीरे 2000 करोड़ रुपये से अधिक के अति लोकप्रिय उद्योग का स्वयं स्वामी बन जाएगा। परंतु ऐसे ही थे महाशय धर्मपाल गुलाटी। कई असफलताओं के पश्चात उन्होंने 1965 में जब महाशियां दी हट्टी को पुनर्स्थापित किया, तो फिर उन्होंने सफलता की वो ऊंचाइयां छुईं कि फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा।

धर्मपाल गुलाटी का जन्म 27 मार्च 1923 को पाकिस्तान के सियालकोट में हुआ था। उनके पिता महाशय चुन्नीलाल की कस्बे में एक मसाले की दुकान थी जिसका नाम महाशियां दी हट्टी था, जिसे देगी मिर्च वाले के नाम से भी जाना जाता था। सन् 1933 में, 10 साल की उम्र में उन्होंने स्कूल की पढाई छोड़ दी और अपने मसाले के कारोबार में अपने पिता की मदद करने में लग गए। धीरे-धीरे अविभाजित पंजाब में इस मसाले की लोकप्रियता बढ़ने लगी और इस ब्रांड ने लाहौर, शेखपुरा, ननकाना साहिब, ल्यालपुर एवं मुल्तान में अपनी जड़ें जमानी प्रारंभ कर दी।

परंतु उसी समय भारत को विभाजन की कुदृष्टि लग गई, एवं सत्ता के लिए जिन्ना की लालसा में लाखों हिंदुओं एवं सिखों को आपने घर, स्वाभिमान, यहां तक कि अपने प्राणों तक से हाथ धोना पड़ा। धर्मपाल तब केवल 24 वर्ष के थे, उस समय वे किसी भांति अपने छोटे से परिवार को बचाने में सफल रहे, वे दिल्ली में कुछ समय रहे। उन्होंने कई क्षेत्रों में हाथ आजमाया, तांगा चलाने से लेकर गन्ने की दुकान खोलने में हाथ आजमाने तक, परंतु सफलता उनके हाथ नहीं लगी।

और पढ़ें- गॉसिप और चुगलियों में भारत की जनता को इतना आनंद क्यों आता है?

पिसे हुए मसाले का व्यवसाय

फिर उन्हें सूझा – क्यों न पिसे हुए मसाले परोसे जाएं? उन दिनों घर में मसाले कूट के पीसे जाते थे, और आवश्यक नहीं था कि सभी कार्य सरल और सुगम हो। अतः उच्च कोटी के पिसे हुए मसालों का प्रबंध करने का बीड़ा उठाया धर्मपाल गुलाटी ने। उन्होंने राजधानी दिल्ली की जरूरत पर ध्यान लगाया और अपने मन में बड़े सपने के साथ ‘महाशियां दी हट्टी’ के नाम से मसाले की दुकान खोल ली। समय की नजाकत को समझते हुए महाशय ने मसाले का कारोबार शुरू करने के बाद वर्ष 1959 में कीर्ति नगर में पहली फैक्ट्री खोली। उस समय उनके साथ सिर्फ दस लोग थे। इन दस लोगों के साथ मिलकर खुद भी 16 से 18 घंटे रोज काम करते थे।

यह तो कुछ भी नहीं है। आपको पता है गणेश शंकर विद्यार्थी और महाशय धर्मपाल गुलाटी में एक अनोखा नाता है। वो कैसे? किरण ग्रोवर ने बताया कि पहले पिताजी बाहर से मसाला पिसवाते थे, लेकिन मिलावट होने के चलते उन्होंने खुद कीर्ति नगर में मसाला पीसने का कार्य शुरू कर दिया। वे कभी भी गुणवत्ता के साथ समझौता नहीं करते थे। दिल्ली में आने के बाद मसाले के पैकेट बनाकर दिल्ली के साथ-साथ पंजाब भी भेजा जाता था। उन्होंने कहा कि मेरे पिताजी का दिमाग कारोबार में बहुत चलता था। 1958-59 में ही समाचार पत्र, विशेषक प्रताप पत्रिका में विज्ञापन देकर मसाले का प्रचार प्रसार करते थे और इसका खूब लाभ उन्हें मिला। 1965 में उन्होंने MDH का आधिकारिक पंजीकरण कराया, तद्पश्चात उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

‘तो क्या सपना पूरा हुआ?’

गुरु का यह संवाद धर्मपाल गुलाटी जी के जीवन की परिपाटी बन चुका था। उन्होंने असंभव को संभव कर दिया था, ठीक उसी समय, जब चोरवाड़ से एक धीरजलाल हीराचंद अंबानी कपड़ा उद्योग में अपने भाग्य को आजमाने आए थे और इतिहास ने उन्हें धीरुभाई अंबानी बनाकर ही दम लिया। सेवा परमों धर्म: उन्होंने मानो घोलकर पी लिया था।

महाशय जी का मसाले का कारोबार फलने-फूलने लगा और आज पूरे देश में एमडीएच की 22 फैक्ट्रियां हैं। साथ ही कई अन्य क्षेत्र में भी महाशय जी ने अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया। स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी एमडीएच ने काम किया। फिलहाल जनकपुरी में माता चनन देवी अस्पताल, माता लीलावंती लेबोरेटरी, एमडीएच न्यूरोसाइंस संस्थान नई दिल्ली, महाशय धर्मपाल एमडीएच आरोग्य मंदिर सेक्टर 76 फरीदाबाद, महाशय संजीव गुलाटी आरोग्य केंद्र ऋषिकेश, महाशय धर्मपाल हृदय संस्थान सी-1 जनकपुरी में है। 2019 में उनकी अद्वितीय सेवाओं के लिए उन्हें देश ने भारत के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया, और वे अंत में 97 वर्ष की आयु में हृदयगति के रुकने से दिसंबर 2020 में वैकुंठलोक के लिए चल पड़े।

परंतु प्रश्न तो अब भी उठता है – ये सनातनी व्यापार मॉडेल है क्या, जिसका उपयोग कर महाशय धर्मपाल गुलाटी ने इतना बड़ा उद्योग कैसे खड़ा किया? उदाहरण के लिए सांस्कृतिक मूल्यों से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। अपने कर्मचारियों को कभी भी हीन नहीं समझें।

और पढ़ें- बृहदेश्वर मंदिर मानव इतिहास की उत्कृष्ट कलाओं में से एक क्यों है?

धरमपाल के चेहरे पर सदा रौनक रही

धरमपाल के चेहरे पर सदा एक अलग ही रौनक रही। वे इसका नुस्खा बताते थे हमेशा हंसते रहना। कहते थे ‘मैं कभी भी तनाव में नहीं रहता। बड़ी से बड़ी परेशानी झेली लेकिन माथे पर शिकन नहीं आने दी।’ यह ही अपने लोगों को सिखाता हूं। इसलिए पार्क में लाफ्टर क्लास लगती है। वहीं बोर्ड मीटिंग्स में भी अपने कर्मचारियों को हंसाता रहता हूं। इससे उनका भी फायदा होता है और मेरी भी एक्सरसाइज हो जाती है। वह कहते थे किसी को भी बैठे नहीं रहना चाहिए। जीवन में योग करते और चलते-फिरते रहना चाहिए। यह कोई अपना ले तो उसकी लाइफ सेट है।

इसके अतिरिक्त महाशय जी को लाइमलाइट में रहना पसंद था। पश्चिमी दिल्ली के कीर्ति इंडस्ट्रियल एरिया में उनके एमडीएच हाउस की दीवार का एक-एक इंच उनके मुस्कान भरे चेहरे से पटा पड़ा है। टीवी विज्ञापनों में उनका आना अचानक ही हुआ जब विज्ञापन में दुल्हन के पिता की भूमिका निभाने वाले ऐक्टर मौके पर नहीं पहुंचे। गुलाटी याद करते हैं, ‘जब डायरेक्टर ने कहा कि मैं ही पिता की भूमिका निभा दूं तो मुझे लगा कि इससे कुछ पैसा बच जाएगा तो मैंने हामी भर दी।’ उसके बाद मैंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। तब से गुलाटी एमडीएच के टीवी विज्ञापनों में हमेशा दिखते रहे, और ये अपने आप में इस ब्रांड का एक एक्स फैक्टर भी है– यहां इस ब्रांड को प्रोमोट करने के लिए कोई ‘स्टार’ आवश्यक नहीं, यहां ब्रांड ही अपने आप में स्टार है।

ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि MDH इस बात का परिचायक है कि विपत्ति तो जीवन का एक अभिन्न अंग है, अंतर बस इस बात से पड़ता है कि आप उस विपत्ति को अवसर में परिवर्तित करते हैं कि उस विपत्ति का दुखड़ा रोते हैं। महाशय धर्मपाल गुलाटी ने अपने पूर्वजों के रीतियों का अनुसरण करते हुए उस विपत्ति को अवसर में बदला और आज भारत एक फलते-फूलते मसाला उद्योग से गौरवान्वित है। आज धर्मपाल जी जहां भी होंगे, गर्व से फूले नहीं समा रहे होंगे।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें.

Tags: MDHएवरेस्ट मसालेमहाशय धर्मपाल गुलाटीमहाशियां दी हट्टी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

कनाडा में हिंदुओं की घेराबंदी, ट्रूडो के समर्थन से हो रहे हैं हिंदुओं पर हमले?

अगली पोस्ट

मौलाना रावण, B-टाउन सीता और लंगूर जैसे वानर, आदिपुरुष टीज़र महामारी है​ ​​

संबंधित पोस्ट

भारत का अंतरिक्ष धमाका 2026: ISRO के गगनयान मिशन से टूटेगा अमेरिका का घमंड, पाकिस्तान और चीन रहेंगे स्तब्ध
चर्चित

भारत का अंतरिक्ष धमाका 2026: ISRO के गगनयान मिशन से टूटेगा अमेरिका का घमंड, पाकिस्तान और चीन रहेंगे स्तब्ध

3 November 2025

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, ISRO, ने एक बार फिर साबित कर दिया कि विज्ञान और तकनीक में भारत किसी से पीछे नहीं है। मार्च 2026...

क्या नेताजी सचमुच 1945 में मारे गए थे? मुथुरामलिंगा थेवर और गुमनामी बाबा ने खोला रहस्य
इतिहास

क्या नेताजी का निधन सचमुच 1945 विमान हादसे में हुआ था? मुथुरामलिंगा थेवर और गुमनामी बाबा ने खोला रहस्य

31 October 2025

रहस्य जो आज भी जीवित है जब इतिहास की किताबों में लिखा गया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस 1945 में विमान हादसे में मरे, तो...

कांग्रेस की संघ से डर नीति पर अदालत की चोट: जनता के अधिकार कुचलने की कोशिश पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने लगाया ब्रेक
चर्चित

कांग्रेस की संघ से डर नीति पर अदालत की चोट: जनता के अधिकार कुचलने की कोशिश पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने लगाया ब्रेक

29 October 2025

कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार के लिए यह क्षण किसी राजनीतिक झटके से कम नहीं है। राज्य की धारवाड़ बेंच ने सरकार के उस विवादास्पद सरकारी...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited