इस वर्ष भी झाग की नदी में छठ मना रहे हैं लोग, केजरीवाल चुनावों में व्यस्त है

तारीख पर तारीख- लेकिन केजरीवाल से कुछ नहीं होता!

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भारत में एक से बढ़कर एक त्योहार हैं, एक त्योहार बीता नहीं कि अगले त्योहार को मनाने का उत्साह मन में भर आता है। दीपावली के मनाने के बाद उत्तर भारत में छठ पूजा की धूम है। छठ पूजा के लिए व्रती कठोर उपवास तो रखते ही हैं, इसके साथ ही वे स्वच्छता और मन की शुद्धता का भी विशेष ध्यान रखते हैं। सूर्यास्त और सूर्योदय के समय दिए जाने वाले अर्घ्य के लिए घाटों को साफ सुथरा किया जाता है। व्रती, विशेषकर महिलाएं नदी में उतरकर सूर्य नारायण की आराधना करती हैं लेकिन जब केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली में छठ पूजा करने की बात आती है तो तीन दिन का उपवास रखने वाले व्रतियों के लिए तो यह त्योहार कहीं अधिक संघर्षपूर्ण हो जाता है।

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यमुना का हाल इस बार भी बेहाल

जनता को फ्री-फ्री का शिगूफा देने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल छठ पूजा के पास आते ही यमुना नदी की सफाई करवाने का शिगूफा छोड़ने लगते हैं लेकिन यमुना का क्या हाल है यह किसी से छुपा नहीं है। दिल्ली सरकार सरकार ने इस बार फिर यमुना नदी की सफाई का ढोल पीटना शुरू कर दिया और यहां पर बड़े स्तर पर छठ पूजा करने की बात कही थी। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री केजरीवाल ने तो 25 करोड़ रुपये खर्च कर हर तरह की सुविधाओं से लैस 1100 घाट बनाने तक की बात कर दी थी।

अरविंद केजरिवाल और उनकी सरकार को समझना चाहिए कि आप कितना भी ढोल पीट लीजिए, बड़ी-बड़ी बातें कर लीजिए पर सत्य छुप नहीं सकता है। इस बार भी दिल्ली सरकार की अकर्मण्यता का साक्ष्य दिल्ली के यमुना नदी में भारी प्रदूषण के तैरते जहरीले झाग दे रहे हैं। यहां तक कि यमुना में प्रदूषण को लेकर राजस्व और पर्यावरण विभाग को एलजी ने निर्देश दिया था कि एनजीटी के आदेशों को सख्ती से लागू किया जाए और यमुना को प्रदूषित होने से रोका जाए इसके लिए उन्होंने कड़ी नजर बनाए रखने तक की बात की थी पर यमुना नदी में तैरते ये जहरीले झाग दिल्ली सरकार के इस संबंध में किए गए काम को अच्छे से प्रदर्शित कर रहे हैं।

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प्रदूषित पानी में ही सूर्य नारायण की आराधना

केजरीवाल सरकार से ऐसे में एक ही प्रश्न किया जा सकता है कि क्या तीन दिन का उपवास रखने वाले व्रती, क्या महिलाएं इसी प्रदूषित पानी में सूर्य नारायण की आराधना करने उतरेंगी। यदि उनके स्वास्थ्य पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है तो क्या दिल्ली की केजरीवाल सरकार इसकी जिम्मेदारी लेगी? बिहार से दिल्ली आकर रहने वाले कई-कई परिवार छठ पूजा कर रहे हैं, दिल्ली में उनके सामने डूबकी लगाने और नदी में उतरकर पूजा अर्चना करने के लिए एक मात्र काली पड़ चुकी और प्रदूषित हो चुकी यमुना का ही विकल्प है।

दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता तजिंदर पाल सिंह बग्गा के एक ट्वीट को यदि आप ध्यान से देखेंगे तो समझ पाएंगे कि तीन दिन के इस त्योहार को बिना किसी बाधा के पूरा कर पाने के लिए इन व्रतियों को कितना अधिक संघर्ष करना पड़ रहा है। बग्गा अपने ट्वीट में लिखते हैं- “डुबकी यमुना जी में लगानी थी घर से लाए पानी से नहीं। अरविंद केजरीवाल जो तुम ड्रामा कर रहे होना इसका हिसाब तो तुम्हें देना होगा । पूर्वांचलियों को रुलाया है तुमने अब रोने की बारी तुम्हारी हैं।”

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अब भी यूपी सरकार पर निशाना

केजरीवाल हर साल छठ पूजा के समय यमुना को साफ करने को लेकर वादे करते हैं लेकिन अपनी आदत के अनुसार करते कुछ भी नहीं है। काम को लेकर इस सरकार के जैसे लक्षण दिखायी देते हैं उसके बाद तो इस सरकार से किसी भी तरह के उत्तर की आशा करनी ही नहीं चाहिए बल्कि यहां तो हाल उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाला है। हुआ ये है कि आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद है संजय सिंह जिन्हें वैसे तो दिल्ली में यमुना की बुरी स्थिति पर एक स्पष्ट उत्तर देना चाहिए था लेकिन उन्होंने उतावलेपन में उत्तर प्रदेश के मथुरा में बह रही यमुना का एक वीडियो साझाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कटाक्ष करने का प्रयास किया। इस वीडियो के साथ उन्होंने यह भी लिखा कि- “आदित्यनाथ का राज मथुरा बैराज ‘झाग अच्छे हैं। मीडिया में दिखाना मना है। यहां कब जायेगी गालीबाजों की फ़ौज? ”

इसके प्रतिउत्तर में संजय सिंह को भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने पाठ पढ़ाते हुए ट्वीट किया कि- मूर्ख आदमी मथुरा में दिल्ली से जा रहा है गंदा पानी यमुना में। दिल्ली से नाले जैसा पानी बेचकर मथुरा को जिम्मेदार बताना, किसी महामूर्ख का ही काम हो सकता है।’

वैसे तो संजय सिंह ने यह वीडियो बड़े आत्मविश्वास के साथ सोशल मीडिया पर साझा किया होगा लेकिन उनके द्वारा साझा किए गए इस वीडियो ने उल्टा उनको ही शर्मसार करवा दिया, वो अपने इस मथुरा वाले ट्वीट के लिए बहुत ट्रोल किए गए।

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यूपी में छठ पूजा के लिए उत्कृष्ट व्यवस्था

यह तो सामान्य ज्ञान का विषय हो गया, संजय सिंह को कुछ भी ट्वीट करने से पहले यह तो समझना ही चाहिए कि यमुना दिल्ली से मथुरा की ओर बहती है ऐसे में दिल्ली में प्रदूषित हुई यमुना ही तो मथुरा पहुंचेगी। जहां तक बात उत्तर प्रदेश की करें तो वहां छठ पूजा के लिए उत्कृष्ट व्यवस्था की गयी है। ANI के द्वारा ट्वीट किए गए तस्वीरों के माध्यम से देखा जा सकता है कि उत्तर प्रदेश में छठ पूजा को लेकर व्यवस्था एकदम चाक चौबंद है। लखनऊ के लक्ष्मण मेला मैदान में की गयी तैयारियों को ही देख लीजिए, स्वच्छता साफ-साफ दिखायी पड़ेगी।

उत्तर प्रदेश सरकार की कमियां निकालने से पहले दिल्ली सरकार को अपने गिरेबान में अवश्य झांक लेना चाहिए। कुछ नहीं तो भाजपा शासित सरकारों से सीख तो उसे सीख लेनी ही चाहिए। उत्तर प्रदेश की व्यवस्था तो देखने लायक है, कम से कम इसी से कुछ सीखकर अलगे छठ पूजा तक केजरीवाल सरकार कुछ काम कर ले ताकि तीन दिन का कठिन व्रत करने वाले श्रद्धालुओं को प्रदूषित यमुना से दो चार न होना पड़े।

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