TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अरविंद केजरीवाल, इन हरकतों से आपको ‘कैनवस लाफ क्लब’ में भी दिहाड़ी नहीं मिलेगी

एक नंबर का आदमी है ये!

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
7 October 2022
in मत
केजरीवाल ट्वीट:

Source- TFIPOST

Share on FacebookShare on X

केजरीवाल ट्वीट: अरविंद केजरीवाल और विवाद एक दूसरे के पूरक हैं। ऐसा कोई दिन नहीं है जब केजरीवाल ने किसी के खिलाफ जहर न उगला हो, और तो और दिल्ली के उपराज्यपाल को लेकर उनके मुंह से हमेशा से विष ही निकलता आया है। आम आदमी पार्टी की स्थिति दयनीय हो चली है लेकिन केजरीवाल महोदय अपने व्यंग्यास्त्र का प्रयोग कर खुद के लिए और पार्टी के लिए गड्ढा खोदने का काम कर रहे हैं। इस लेख में हम विस्तार से केजरीवाल के राजनीतिक व्यंग्य से अवगत होंगे, जो राजनीतिक कम और पकाऊ अधिक हैं और वो अपने इस कृत्य से राहुल गांधी और कन्हैया कुमार को भी अपने से अधिक परिपक्व एवं विनयी प्रतीत करा देते हैं।

दरअसल, हाल ही में आबकारी नीति एवं अन्य वित्तीय अनियमितताओं को लेकर अरविंद केजरीवाल दिल्ली के वर्तमान राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना पर बौखला उठे। परंतु चूंकि वो इसे सार्वजनिक तौर पर प्रदर्शित नहीं कर सकते थे, इसलिए केजरीवाल ने ‘व्यंग्यास्त्र’ का प्रयोग करते हुए ट्वीट किया, “LG साहिब रोज़ मुझे जितना डांटते हैं, उतना तो मेरी पत्नी भी मुझे नहीं डांटतीं। पिछले छः महीनों में LG साहिब ने मुझे जितने लव लेटर लिखे हैं, उतने पूरी ज़िंदगी में मेरी पत्नी ने मुझे नहीं लिखे। LG साहिब, थोड़ा chill करो। और अपने सुपर बॉस को भी बोलो, थोड़ा chill करें” –

संबंधितपोस्ट

मोदी सरकार के 12 वर्ष: भारत की रक्षा और कूटनीतिक रणनीति का नया अध्याय

वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

मोदी सरकार के 12 साल: पीएम मोदी की 12 बड़ी योजनाएं, जिन्होंने करोड़ों लोगों की जिंदगी बदल दी

और लोड करें

और पढ़ें: अच्छा तो यह है पटाखों पर अरविंद केजरीवाल के विचित्र आदेश के पीछे का वास्तविक कारण

LG साहिब रोज़ मुझे जितना डाँटते हैं, उतना तो मेरी पत्नी भी मुझे नहीं डाँटतीं।

पिछले छः महीनों में LG साहिब ने मुझे जितने लव लेटर लिखे हैं, उतने पूरी ज़िंदगी में मेरी पत्नी ने मुझे नहीं लिखे।

LG साहिब, थोड़ा chill करो। और अपने सुपर बॉस को भी बोलो, थोड़ा chill करें।

— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) October 6, 2022

 

अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर जो रायता फैलाया, उसके बाद तो लोगों ने उनकी क्लास लगानी शुरु कर दी। प्रारंभ में तो प्रतीकात्मक उत्तर देते हुए मनोज तिवारी ने ट्वीट किया, “ये छिछोरेपन की भाषा बताती है कि सीएम केजरीवाल जी की मानसिक स्तर क्या है। 7 वर्ष में एक भी विभाग न संभाला, एक भी फाइल साइन नहीं की आज तक आप ने, आप की रुचि सिर्फ़ लूट और झूठ में है जो अब इस निम्न स्तर पर आ गया है।” सीएम केजरीवाल के इस ट्वीट का सिर्फ बीजेपी नेताओं ने ही नहीं बल्कि कांग्रेस नेताओं ने भी कटाक्ष किया है। कांग्रेस नेता श्रीनिवास बीवी ने लिखा, ‘ये ‘मसखरा’ है या राज्य का ‘मुख्यमंत्री’?’

ये छिछोरेपन की भाषा बताती है कि @ArvindKejriwal जी की मानसिक स्तर क्या है ..
7 साल में एक भी विभाग ना सम्भाला, एक भी फाइल साइन ना कि आज तक आप ने,
आप की रुचि सिर्फ़ लूट और झूठ में है जो अब इस 👇निम्न स्तर पर आ गया है.. https://t.co/e3eMyszxWn

— Manoj Tiwari (मोदी का परिवार) 🇮🇳 (@ManojTiwariMP) October 6, 2022

केजरीवाल का नाटक शाश्वत है!

ज्ञात हो कि यह वही केजरीवाल हैं जो पीएम बनने के ख्वाब संजोय बैठे हैं लेकिन इनकी भाषा का स्तर इस स्तर का है कि इन्हें कोई पूछे भी नहीं। इस मामले में तो लालू यादव लाख गुना बेहतर थे, जंगल राज पर उनकी जितनी भी आलोचना कीजिए पर इतना लीचड़, इतना चीखट तो कभी न थे। माना कि AAP ने दिल्ली और पंजाब में जीत  हासिल की पर केजरीवाल जी, आपकी ऐसी हरकतों पर तो कैनवस लाफ़ क्लब में दिहाड़ी पर भी कोई आपको नहीं रखेगा, पीएम बनने की बात तो छोड़ ही दो। परंतु आपको क्या प्रतीत होता है, यह इनका पहली बार का है? अगर आप ऐसा सोच रहे हैं तो आप बिल्कुल गलत हैं। उपराज्यपाल कोई भी हो, केजरीवाल का नाटक शाश्वत रहेगा।

परंतु केजरीवाल की समस्या क्या है? महोदय को प्रतीत होता है कि उनके विरुद्ध कोई साजिश की जा रही है। वो हवा में निरंतर खड्ग चलाते रहते हैं, परिणाम चाहे शून्य निकले। उदाहरण के लिए जब आबकारी नीति में त्रुटियां मिलने पर उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने जांच की सिफारिश की, तब से ही बवाल मचना शुरु हो गया। चूंकि आबकारी विभाग मनीष सिसोदिया के अंतर्गत था और सिसोदिया पर जांच की आंच आई एवं अनुमान लगाया जाने लगा कि सत्येंद्र जैन के बाद केजरीवाल की सबसे बड़ी मछली सिसोदिया के जेल जाने का समय आ गया है, तो ये बिलबिलाने लगे। परिणामस्वरुप अरविंद केजरीवाल  प्रेस कॉन्फ्रेंस करने आए और एलजी द्वारा दिए गए आदेश को भाजपा और केंद्र सरकार से जोड़ दिया। यहां तक तो ठीक था पर तभी मर्यादा लांघ कर केजरीवाल ने कहा कि वे (उप राज्यपाल) दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ एक फर्जी मामला बना रहे हैं।

इतना ही नहीं, अरविंद केजरीवाल ने सिसोदिया को अपनी ओर से तो सत्यवादी कह ही दिया है। उन्होंने कहा कि ”जेल से हमें डर नहीं लगता। तुम सावरकर की औलदा हो, तुम लोग सावरकर की औलाद हो, जिसने अंग्रेजों से माफी मांगी थी। हम भगत सिंह की औलाद हैं, हम भगत सिंह को अपना आदर्श मानते हैं, जिसने अंग्रेजों के सामने झुकने से मना कर दिया और फांसी पर लटक गए। हमें जेल और फांसी से डर नहीं लगता। कई बार जेल हो आए हैं।” जिस आदरभाव के साथ भगत सिंह, वीर सावरकर को पूजते थे और उनके प्रति एक सम्मान भाव रखते थे, केजरीवाल जैसे लोभी नेता उस भाव को धूमिल करने का काम करते हैं। यह किसकी औलाद हैं किसकी नहीं, यह जनता को जानने में कोई रूचि नहीं है पर वास्तव में वीर सावरकर के प्रति भगत सिंह का क्या भाव था वो केजरीवाल और उनके साथियों को छोड़ समूचे देश को पता है।

और पढ़ें: शराब में ‘डुबोने’ के बाद अब CBI केजरीवाल को ‘बस ड्राइव’ पर ले जा रही है

अनिल बैजल से भी बेहतर नहीं रहे संबंध

पर यह तो कुछ भी नहीं है। इससे पूर्व भी दिल्ली के राज्यपाल से इनकी तनातनी देखने को मिलती रही है। वर्ष 2021 में केजरीवाल और तत्कालीन राज्यपाल अनिल बैजल के बीच काफी विवाद देखने को मिला था। अब यूं तो अनिल बैजल कोई बहुत बड़ी तोप तो नहीं थे परंतु उनकी उपस्थिति से ही केजरीवाल इतने असहज थे कि वो उन्हें हटाने के लिए एड़ी चोटी का ज़ोर लगाते थे। इसी परिप्रेक्ष्य में दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने केजरीवाल सरकार द्वारा लिए गए एक फैसले को रद्द किया था। तब किसान आंदोलनकारियों द्वारा की गई हिंसा का मामला दिल्ली उच्च न्यायलय में चल रहा था और ऐसे में दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार के बीच इस मामले के लिए वकील नियुक्ति को लेकर अनबन हो गई थी।

बात यह थी कि दिल्ली पुलिस चाहती थी कि वो अपना मन चाहा वकील नियुक्त करे ताकि इस मामले को उनके हिसाब से कोर्ट में पेश किया जा सके। वहीं, केजरीवाल सरकार ने अपने मनपसंद वकील को नियुक्त कर दिया था ताकि हर हाल में हिंसक किसानों को बचाया जा सके। इसलिए उन्होंने ऐसे वकील को नियुक्त किया, जो इस पूरे मामले को कमजोर कर दे। अर्थात, अरविंद केजरीवाल दिल्ली पुलिस के लिए उनके विरोधी वकील नियुक्त करने के फिराक में थे। हालांकि, दिल्ली के तत्कालीन एलजी अनिल बैजल ने केजरीवाल के इस इरादे पर पानी फेर दिया और राज्य सरकार द्वारा ली गई वकील नियुक्ति के फैसले को रद्द कर, उसे आगे राष्ट्रपति के पास भेज दिया।

अब आप सोच रहे होंगे कि ये सब क्यों और किसलिए हुआ और इसे रोककर अनिल बैजल ने जाने अनजाने कौन सा कल्याण कर दिया? दरअसल, यह आम आदमी पार्टी की यह साजिश सोची-समझी थी। असल में वह उग्रवादी किसानों को जेल से छुड़ाकर, पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव में लाभ उठाना चाहते थे। पंजाब में कांग्रेस, अकाली दल और आम आदमी पार्टी, इन तीनों पार्टियां किसान आंदोलन के समर्थन में आवाज़ उठाई थी लेकिन आम आदमी पार्टी ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए इन सभी पार्टियों से दो कदम आगे निकलकर किसानों को जेल से छुड़ाने का भी पूरा प्रबंध कर लिया था।

नाम बड़े और दर्शन छोटे

उसके कुछ महीनों पहले केंद्र सरकार ने राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र शासन (संशोधन) कानून 2021 यानी GNCT Act को मंजूरी दी थी। इस कानून के मुताबिक, दिल्ली की सरकार को अब कोई भी कार्यकारी फैसला लेने से पहले उपराज्यपाल की अनुमति लेनी होगी। दिल्ली में राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र शासन (संशोधन) कानून 2021 अप्रैल से प्रभाव में आया। जब यह कानून लागू हुआ था, तब दिल्ली सरकार ने संघवाद के राग का आलाप किया था। अगर दिल्ली में GNCT Act नहीं होता तो केजरीवाल सरकार के षड्यंत्र से दिल्ली पुलिस को किसान हिंसा मामले में पराजय का सामना करना पड़ता और वही उग्रवादी किसानों को जीत मिल जाती।

ऐसे कई उदाहरण हैं जिससे यह साबित हो चुका है कि देश की राजधानी की कमान अरविंद केजरीवाल के हाथों में नहीं दी जा सकती है। कुछ वर्ष पहले अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली मेट्रो में महिलाओं के लिए सफर मुफ्त करने का ऐलान किया था। केजरीवाल की इस बेतुकी मांग को एलजी ने सिरे से खारिज कर दिया था। ऐसे अनेक कारण हैं, जो केजरीवाल को दोयम दर्जे का नेता बनाते हैं परंतु वो क्या है न, लोकतंत्र में जबरदस्ती किसी को धकियाया नहीं जाता!

इन्हीं कारणों से केजरीवाल एक उचित और प्रभावी विकल्प के बजाए हास्य का विषय बने हुए हैं। उनसे ज्यादा भाव तो ममता बनर्जी/राहुल गांधी को मिलता है, जो कुछ भी करे, इतना नीचे तो नहीं गिरते हैं। राहुल गांधी तो वैसे भी भाजपा के स्टार प्रचारक हैं, उनके विरुद्ध कुछ भी कहना पाप समान होगा परंतु अरविंद केजरीवाल यदि अब भी नहीं चेते, तो जल्द ही चंद्रशेखर रावण और प्रशांत कनौजिया की कैटेगरी में आ खड़े होंगे – नाम बड़े और दर्शन छोटे!

और पढ़ें: ‘हिंदुओं का पलायन होगा’, कांग्रेस के बाद अब केजरीवाल करदाताओं के पैसों से बनवा रहे हैं हज हाउस

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: अनिल बैजलअरविंद केजरीवालमोदी सरकारविनय कुमार सक्सेना
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

हरा कुर्ता पहनकर, सुरमा लगाकर तैयार था ज़ुबैर, फिर हुआ नोबेल पुरस्कार का ऐलान

अगली पोस्ट

जम्मू और कश्मीर में 1947 के बाद पहुंचे सबसे ज्यादा पर्यटक, इससे क्या होगा?

संबंधित पोस्ट

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?
मत

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

4 July 2026

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चोरी की घटना ने करोड़ों हिंदुओं को दुखी किया है। जाँच चल रही है। सत्य सामने आना चाहिए और जो...

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता
चर्चित

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

29 June 2026

अंग्रेजी भाषा का एक शब्द “कॉमेडी”, कदाचित जिसका अर्थ ‘हास्य की वह विधा है, जिसका उद्देश्य स्वस्थ मनोरंजन और समाज को हँसी के माध्यम से...

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

00:04:16

China's War on Human Rights Lawyers: The Legacy of the 709 Crackdown

00:03:57

IRAN EYES RED SEA GAMBIT

00:02:34

US- IRAN CONFLICT INTENSIFIES

00:03:05

Mass Detentions and Enforced Disappearances: The Aftermath of July 5

00:03:20
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited