TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    CJP का यू-टर्न क्यों? पहले अपील, अब INDIA गठबंधन की रैली से दूरी; AAP कनेक्शन पर सवाल

    CJP का यू-टर्न क्यों? पहले अपील, अब INDIA गठबंधन की रैली से दूरी; AAP कनेक्शन पर सवाल

    ‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल

    ‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    नए IAF चीफ का ‘VAYU’ मिशन क्या है? चार अक्षरों में भारतीय वायुसेना की नई युद्ध रणनीति

    नए IAF चीफ का ‘VAYU’ मिशन क्या है? चार अक्षरों में भारतीय वायुसेना की नई युद्ध रणनीति

    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    एक जहाज़ लॉन्च करना समारोह, पाँचवाँ समय पर देना उद्योग! HSL CMD ने बताया भारत की शिपबिल्डिंग का असली मंत्र

    एक जहाज़ लॉन्च करना समारोह, पाँचवाँ समय पर देना उद्योग! HSL CMD ने बताया भारत की शिपबिल्डिंग का असली मंत्र

    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    CJP का यू-टर्न क्यों? पहले अपील, अब INDIA गठबंधन की रैली से दूरी; AAP कनेक्शन पर सवाल

    CJP का यू-टर्न क्यों? पहले अपील, अब INDIA गठबंधन की रैली से दूरी; AAP कनेक्शन पर सवाल

    ‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल

    ‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    नए IAF चीफ का ‘VAYU’ मिशन क्या है? चार अक्षरों में भारतीय वायुसेना की नई युद्ध रणनीति

    नए IAF चीफ का ‘VAYU’ मिशन क्या है? चार अक्षरों में भारतीय वायुसेना की नई युद्ध रणनीति

    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    एक जहाज़ लॉन्च करना समारोह, पाँचवाँ समय पर देना उद्योग! HSL CMD ने बताया भारत की शिपबिल्डिंग का असली मंत्र

    एक जहाज़ लॉन्च करना समारोह, पाँचवाँ समय पर देना उद्योग! HSL CMD ने बताया भारत की शिपबिल्डिंग का असली मंत्र

    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

Explainer: अमेरिकी सांसद रिले मूर का बयान ही बताता है कि भारत को ज्यादा सख्त FCRA कानून की जरूरत क्यों है ?

TFI Desk द्वारा TFI Desk
6 August 2026
in चर्चित, फैक्ट चेक
अमेरिकी सांसद रिले मूर ने प्रस्तावित FCRA संसोधन विधेयक 2026 को ईसाईयों पर हमला बताया है

अमेरिकी सांसद रिले मूर ने प्रस्तावित FCRA संसोधन विधेयक 2026 को ईसाईयों पर हमला बताया है Credit: Getty Images

Share on FacebookShare on X

अमेरिकी रिपब्लिकन सांसद रिले एम. मूर का एक सोशल मीडिया पोस्ट भारत में चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने दावा किया कि भारत का प्रस्तावित FCRA संशोधन विधेयक, 2026 ईसाइयों पर हमला है और इससे सरकार चर्चों व ईसाई धर्मार्थ संस्थाओं पर कब्जा कर सकेगी। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर यह कानून इसी रूप में पारित हुआ तो इसका असर भारत-अमेरिका संबंधों पर भी पड़ सकता है।
लेकिन यहीं सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है। भारत का कानून भारतीय संसद बना रही है, उसका उद्देश्य विदेशी चंदे के इस्तेमाल को पारदर्शी बनाना है, फिर अमेरिका का एक सांसद इस पर इतनी तीखी प्रतिक्रिया क्यों दे रहा है?
यही सवाल इस पूरे विवाद का सबसे अहम पहलू भी है। दरअसल, रिले मूर का बयान अनजाने में ही यह बताता है कि विदेशी फंडिंग पर निगरानी रखने वाला FCRA कानून भारत के लिए कितना जरूरी है। यदि विदेशी धन के नियमन भर से इतनी बेचैनी दिखाई दे रही है तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर दांव पर क्या है।

पहले समझिए FCRA में नया क्या है ?

Foreign Contribution (Regulation) Act यानी FCRA कोई नया कानून नहीं है। इसे पहली बार 1976 में बनाया गया था। 2010 में नया कानून आया और 2020 में इसमें बड़े बदलाव किए गए। अब 2026 संशोधन का उद्देश्य विदेशी चंदे के इस्तेमाल में जवाबदेही और स्पष्टता बढ़ाना बताया गया है।
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि यदि किसी संस्था का FCRA लाइसेंस रद्द हो जाता है, सरेंडर कर दिया जाता है या समय पर नवीनीकरण नहीं होता, तो विदेशी चंदे से बनी संपत्तियों का क्या होगा, इसकी जिम्मेदारी एक ‘डिज़ाइनेटेड अथॉरिटी’ के पास होगी। अभी तक इस विषय पर स्पष्ट कानूनी व्यवस्था नहीं थी।
इसके अलावा निष्क्रिय या केवल कागजों पर चलने वाले NGOs को बाहर करने, विदेशी धन के समयबद्ध उपयोग को सुनिश्चित करने और प्रक्रियागत उल्लंघनों में अधिकतम सजा को 5 वर्ष से घटाकर 1 वर्ष करने का भी प्रस्ताव है। यानी जहां निगरानी बढ़ाई गई है, वहीं छोटे प्रक्रियागत मामलों में कानून को अपेक्षाकृत उदार भी बनाया गया है।

संबंधितपोस्ट

12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

WhatsApp पर जिस ‘लोन माफी’ की चर्चा, जानिए क्या है हकीकत ?

मोदी सरकार के 12 वर्ष: भारत की रक्षा और कूटनीतिक रणनीति का नया अध्याय

और लोड करें

दावा-1: सरकार चर्चों पर कब्जा कर लेगी
फैक्ट चेक: यह दावा अधूरा है।

रिले मूर ने कहा कि सरकार चर्चों और ईसाई संस्थाओं पर कब्जा कर सकेगी। जबकि विधेयक ऐसा नहीं कहता।
गृह मंत्रालय पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि यदि किसी संपत्ति का स्वरूप पूजा स्थल का है तो उसका धार्मिक चरित्र हर हाल में सुरक्षित रखा जाएगा। कानून केवल उन परिसंपत्तियों के प्रबंधन की व्यवस्था करता है जो विदेशी धन से बनाई गई हों और जिन संस्थाओं का FCRA लाइसेंस समाप्त हो चुका हो। इसे चर्चों के अधिग्रहण का अधिकार बताना विधेयक की भावना से मेल नहीं खाता।
दावा-2: कानून केवल ईसाइयों के खिलाफ है

फैक्ट चेक: दावा तथ्यों पर खरा नहीं उतरता।

FCRA किसी धर्म विशेष के लिए नहीं बना है। यह उन सभी संस्थाओं पर समान रूप से लागू होता है जो विदेश से धन प्राप्त करती हैं। चाहे संस्था मंदिर चलाती हो, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च, आश्रम, ट्रस्ट, अस्पताल या स्कूल – विदेशी चंदा लेने पर नियम सबके लिए समान हैं।
यदि कानून का दायरा सभी पर समान रूप से लागू है, तो उसे केवल ईसाई समुदाय पर हमला बताना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं कहा जा सकता।

दावा-3: धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला

फैक्ट चेक: अदालत की राय इससे अलग है।

सुप्रीम कोर्ट ने Noel Harper बनाम Union of India (2022) मामले में साफ कहा था कि विदेश से चंदा प्राप्त करना मौलिक अधिकार नहीं बल्कि सरकार द्वारा नियंत्रित किया जाने वाला विशेषाधिकार है। इसलिए सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था और पारदर्शिता के लिए उस पर उचित शर्तें लगा सकती है। यही वजह है कि सरकार इस संशोधन को धार्मिक नहीं बल्कि नियामकीय सुधार बता रही है।

दुनिया के दूसरे देश क्या करते हैं?

रिले मूर जिस अमेरिका से आते हैं, वहीं Foreign Agents Registration Act (FARA) जैसे बेहद सख्त कानून लागू हैं। अमेरिका में विदेशी सरकारों या विदेशी हितों के लिए काम करने वालों को विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करनी पड़ती है। ब्रिटेन ने भी विदेशी प्रभाव पर निगरानी के लिए अलग व्यवस्था बनाई है।
यानी जिस तरह अमेरिका और यूरोप विदेशी प्रभाव पर निगरानी को राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय मानते हैं, उसी तरह भारत भी विदेशी फंडिंग की पारदर्शिता सुनिश्चित करना चाहता है।

आंकड़े क्या कहानी कहते हैं ?

जुलाई 2026 तक देश में लगभग 14,449 सक्रिय FCRA पंजीकरण हैं। इसके मुकाबले 22,498 पंजीकरण रद्द किए जा चुके हैं, जबकि 15,212 लाइसेंस समाप्त हो चुके हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2019 से 2022 के बीच FCRA के तहत पंजीकृत संस्थाओं को 55,741 करोड़ रुपये से अधिक का विदेशी अंशदान मिला। इतनी बड़ी राशि के प्रवाह पर प्रभावी निगरानी किसी भी लोकतांत्रिक सरकार की जिम्मेदारी मानी जाती है।

“चोर की दाढ़ी में तिनका” वाली कहावत क्यों याद आ रही है?

रिले मूर का पूरा बयान पढ़ने पर एक दिलचस्प बात सामने आती है। उन्होंने यह नहीं कहा कि कानून सभी NGOs पर लागू होगा। उन्होंने सीधे इसे ईसाई संस्थाओं पर हमला बताया।

यहीं कई विश्लेषक सवाल उठा रहे हैं कि यदि कानून केवल विदेशी चंदे के नियमन की बात करता है तो सबसे पहले चिंता ईसाई मिशनरी संस्थाओं की ही क्यों जताई गई?  “चोर की दाढ़ी में तिनका” वाली कहावत इसलिए चर्चा में है क्योंकि यह प्रतिक्रिया खुद संकेत देती है कि विदेशी फंडिंग और धर्मांतरण को लेकर वर्षों से उठती रही आशंकाओं को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हालांकि, किसी भी संस्था या समुदाय पर आरोप तथ्यों और जांच के आधार पर ही तय होने चाहिए, केवल आशंकाओं के आधार पर नहीं।

रिले मूर का बयान जितना भारत सरकार की आलोचना करता दिखता है, उतना ही वह एक दूसरा संदेश भी देता है। विदेशी फंडिंग पर भारत जैसे ही निगरानी बढ़ाने की बात करता है, अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आ जाती है। ऐसे में यह बहस और मजबूत होती है कि विदेशी चंदे के इस्तेमाल, उससे बनी परिसंपत्तियों और संभावित बाहरी प्रभावों पर भारत के पास एक पारदर्शी, जवाबदेह और जरूरत पड़ने पर और अधिक सख्त FCRA व्यवस्था होनी चाहिए। आखिर किसी भी संप्रभु देश के लिए यह तय करने का अधिकार उसी का है कि उसके भीतर आने वाला विदेशी धन किन नियमों के तहत और किस उद्देश्य से इस्तेमाल होगा।

Tags: FCRAFCRA संशोधन विधेयक 2026अमेरिकी सांसदफैक्ट चेकभारतीय संसदमोदी सरकाररिले मूरसीनेटर
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

क्या मेटा की माफी नाकाफी? निरंकुश बिग-टेक को अब बनाना होगा जवाबदेह

अगली पोस्ट

WhatsApp पर जिस ‘लोन माफी’ की चर्चा, जानिए क्या है हकीकत ?

संबंधित पोस्ट

CJP का यू-टर्न क्यों? पहले अपील, अब INDIA गठबंधन की रैली से दूरी; AAP कनेक्शन पर सवाल
चर्चित

CJP का यू-टर्न क्यों? पहले अपील, अब INDIA गठबंधन की रैली से दूरी; AAP कनेक्शन पर सवाल

1 November 2026

‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर पहले सभी को साथ आने की जरूरत बताने वाला CJP अब खुद को स्वतंत्र और न्यूट्रल प्लेटफॉर्म बता रहा है।...

नए IAF चीफ का ‘VAYU’ मिशन क्या है? चार अक्षरों में भारतीय वायुसेना की नई युद्ध रणनीति
चर्चित

नए IAF चीफ का ‘VAYU’ मिशन क्या है? चार अक्षरों में भारतीय वायुसेना की नई युद्ध रणनीति

1 November 2026

भारतीय वायुसेना के नए प्रमुख ने अपनी प्राथमिकताओं को सिर्फ एक शब्द ‘VAYU’ में समेट दिया है। लेकिन यह केवल एक आकर्षक नारा नहीं है।...

Cyclone Arnab के बाद एक और तूफान का खतरा, 2 नवंबर को आंध्र तट के करीब पहुंचेगा
चर्चित

Cyclone Arnab के बाद एक और तूफान का खतरा, 2 नवंबर को आंध्र तट के करीब पहुंचेगा

31 October 2026

आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्नब (Cyclone Arnab) की तबाही के कुछ ही दिनों बाद बंगाल की खाड़ी में एक और चक्रवाती तूफान बनने की आशंका...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India Built Rudra and Prachand. Now It Wants to Make Their Gun at Home.

India Built Rudra and Prachand. Now It Wants to Make Their Gun at Home.

00:03:14

INS Samarthak: The Indigenous Warship Built to Do More Than One Job VO:

00:03:01

Why Is India Investing in Underwater Weapons?

00:02:10

How DRDO Is Making India's Military Communications More Secure

00:03:28

How Ice on Aircraft Wings Can Turn Deadly

00:03:19
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited