TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी संकट के बावजूद मोदी सरकार ने नियंत्रण रखा, जमाखोरी रोकने और जहाज सुरक्षित लाने की कार्रवाई

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    भारत का पाकिस्तान पर वार

    संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान पर वार: धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल और झूठे आरोपों पर उठाए सवाल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी संकट के बावजूद मोदी सरकार ने नियंत्रण रखा, जमाखोरी रोकने और जहाज सुरक्षित लाने की कार्रवाई

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    भारत का पाकिस्तान पर वार

    संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान पर वार: धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल और झूठे आरोपों पर उठाए सवाल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

“जिस शख्स ने भारतीय सिनेमा को प्राण दिए”, वी शांताराम की कहानी

सिद्धांतों से समझौता न करने वाला फिल्म निर्माता

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
30 October 2022
in चलचित्र
वी शांताराम
Share on FacebookShare on X

नाट्यशास्त्र, कथावाचन, ये ऐसे शब्द हैं जो अपने आप में एक अद्भुत, अनंत संसार समेटे हुए हैं। इनमें इतनी कथाएं हैं जिनका एक तिनका भी अगर श्रद्धा से चित्रित करो तो इतिहास आपको युगों युगों तक स्मरण रखेगा। कहते हैं कि अच्छा भोजन पकाना एवं लोगों को हंसाना संसार में सबसे कठिन है। परंतु सबसे कठिन है, एक अच्छी कथा को चलचित्र में रूपांतरित करके उसे सिल्वर स्क्रीन पर प्रदर्शित करना। वी शांताराम उन चंद कलाकारों में थे, जो इस उत्कृष्ट कला में निपुण थे, और जो भारतीय सिनेमा के ‘स्वर्णिम युग’ के साक्षी थे।

एक समय जब भारतीय सिनेमा का प्रभुत्व पाश्चात्य जगत भी मानता था, चाहे अमेरिका हो या सोवियत संघ। उसका एक प्रमुख कारण वी शांताराम जैसे कुशल फिल्मकार भी थे। आज जिस जगह पर पुणे का चर्चित FTII (Film and Television Institute of India) बना है, वहां पर कभी इनका विश्वप्रसिद्ध प्रभात फिल्म कम्पनी चलती थी जिसके सिंहनाद से सम्पूर्ण जगत कंपयमान हो सकता था। हो भी क्यों न, एशिया के सबसे बड़े स्टूडियोज़ में ये सम्मिलित था।

संबंधितपोस्ट

कोई सामग्री उपलब्ध नहीं है
और लोड करें

और पढ़े: एप्पल सिंह से आंखों देखी और आगे- संजय मिश्रा का अद्भुत जीवन

ऐसे सीखी थी फिल्मों की बारिकियां

परंतु ऐसे ही थे। वनकुदरे राजाराम शांताराम। महाराष्ट्र के कोल्हापुर में 18 नवंबर 1901 को एक जैन परिवार में जन्मे शांताराम जी ने बाबूराव पेंटर की महाराष्ट्र फ़िल्म कम्पनी में छोटे-मोटे काम से अपनी शुरुआत की थी। शांताराम ने नाममात्र की शिक्षा पायी थी। उन्होंने 12 साल की उम्र में रेलवे वर्कशाप में अप्रेंटिस के रूप में काम किया था। कुछ समय बाद वह एक नाटक मंडली में शामिल हो गए।

शांताराम ने फ़िल्मों की बारीकियां बाबूराव पेंटर से सीखीं। बाबूराव पेंटर ने उन्हें ‘सवकारी पाश’ (1925) में किसान की भूमिका भी दी। तद्पश्चात वी शांताराम ने फ़िल्म निर्माण की कार्यकुशलता सीखते हुए इस क्षेत्र में कदम रखा और उनकी प्रथम फिल्म बतौर निर्देशक ‘नेताजी पालकर’ थी।

परंतु संतुष्ट होना इनके व्यक्तित्व में नहीं था। इसके बाद उन्होंने वी.जी. दामले, के. आर. धाईबर, एम. फतेलाल और एस. बी. कुलकर्णी के साथ मिलकर ‘प्रभात फ़िल्म’ कंपनी का गठन किया। अपने गुरु बाबूराव की ही तरह शांताराम ने शुरुआत में पौराणिक तथा ऐतिहासिक विषयों पर फ़िल्में बनाईं। लेकिन बाद में जर्मनी की यात्रा से उन्हें एक फ़िल्मकार के तौर पर नई दृष्टि मिली और उन्होंने 1934 में ‘अमृत मंथन’ फ़िल्म का निर्माण किया। शांताराम ने अपने लंबे फ़िल्मी सफर में कई उम्दा फ़िल्में बनाईं और उन्होंने मनोरंजन के साथ संदेश को हमेशा प्राथमिकता दी।

और पढ़े: ऋषिकेश मुखर्जी: फिल्मकार जो सरल लेकिन ऐसी फिल्में बनाता था जिन्हें पीढ़ियां याद रखें

वी. शांताराम द्वारा निर्देशित फ़िल्में

इसके अतिरिक्त गीत और संगीत शांताराम की फ़िल्मों का एक और मज़बूत पक्ष होता था। एक फ़िल्मकार के रूप में वह अपनी फ़िल्मों के संगीत पर विशेष ध्यान देते और उनका ज़ोर इस बात पर रहता कि गानों के बोल आसान और गुनगुनाने योग्य हो। शांताराम की फ़िल्मों में रंगमंच का पुट ज़रूर नज़र आता था, लेकिन वह अपनी फ़िल्मों से समाज को एक नई दृष्टि देने में कामयाब रहे। हर फ़िल्म अपने वक़्त की कहानी बयां करती है, लेकिन उन्हें लगता है कि अब शांताराम की ‘पड़ोसी’ (1940) और ‘दो आंखें बारह हाथ’ जैसी जीवंत फ़िल्में दोबारा नहीं बनाई जा सकतीं। शांताराम की कुछ कृतियों की गुणवत्ता का मुक़ाबला आज भी नहीं किया जा सकता। क़रीब छह दशक लंबे अपने फ़िल्मी सफर में शांताराम ने हिन्दी व मराठी भाषा में कई सामाजिक एवं उद्देश्यपरक फ़िल्में बनाई और समाज में चली आ रही कुरीतियों पर चोट की।

उन्होंने 1933 में पहली रंगीन फ़िल्म ‘सैरंध्री’ बनाई। भारत में एनिमेशन का इस्तेमाल करने वाले भी वह पहले फ़िल्मकार थे। वर्ष 1935 में प्रदर्शित हुई फ़िल्म ‘जंबू काका’ (1935) में उन्होंने एनिमेशन का इस्तेमाल किया था। उनकी फ़िल्म ‘डॉ.कोटनिस की अमर कहानी’ विदेश में दिखाई जाने वाली पहली भारतीय फ़िल्म थी।

शांताराम ने प्रभात फ़िल्म के लिए तीन बेहद शानदार फ़िल्में बनाई। उन्होंने 1937 में करुकू (हिन्दी में दुनिया ना माने), 1939 में मानुष (हिन्दी में आदमी) और 1941 में शेजारी (हिन्दी में पड़ोसी) बनाई। इसी बीच उनकी कंपनी द्वारा निर्मित ‘संत तुकाराम’ ने विश्वप्रसिद्ध बर्लिन फिल्म फेस्टिवल में तहलका मचा दिया और सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार भी अर्जित किया।

तद्पश्चात शांताराम ने बाद में प्रभात फ़िल्म को छोड़कर राजकमल कला मंदिर का निर्माण किया। इसके लिए उन्होंने ‘शकुंतला’ फ़िल्म बनाई। इसका 1947 में कनाडा की राष्ट्रीय प्रदर्शनी में प्रदर्शन किया गया। शांताराम की बेहतरीन फ़िल्मों में से एक है ‘डॉ.कोटनिस की अमर कहानी’। यह एक देशभक्त डॉक्टर द्वारकानाथ कोटनिस की सच्ची कहानी पर आधारित है जो सद्भावना मिशन पर चीन गए चिकित्सकों के एक दल का सदस्य था और Sino Japanese War के समय चीनियों की निश्छल सेवा करते करते वे वीरगति को प्राप्त हुए।

वी शांताराम एक चलते-फिरते संस्थान थे, जिन्होंने फ़िल्म जगत में बहुत सम्मान हासिल किया। फ़िल्म निर्माण की उनकी तकनीक और उनके जैसी दृष्टि आज के निर्देशकों में कम ही नज़र आती है। उन्हें वर्ष 1957 में झनक-झनक पायल बाजे के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का फ़िल्मफेयर पुरस्कार दिया गया था। ये प्रथम ऐसी फिल्म थी, जो भारत में टेकनीकलर पद्वति से बनी थी। उनकी कालजयी फ़िल्म दो आंखें बारह हाथ के लिए सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म का पुरस्कार प्रदान किया गया। इस फ़िल्म ने बर्लिन फ़िल्म समारोह और गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड में भी झंडे गाड़े। अन्नासाहब के नाम से मशहूर शांताराम को वर्ष 1985 में भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े पुरस्कार दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

और पढ़े: रणवीर सिंह – उम्दा एक्टर से नौटंकी बनने तक की कहानी

जब बेटी को ही शांताराम ने फिल्म से निकाल दिया था

अब वी शांताराम जितने अतरंगी ऑनस्क्रीन थे, उतने ही ऑफस्क्रीन भी। बंधु ने स्वयं को अनुशासन में ऐसा बांधा कि आदर्शों पर आंच न आए इसलिए अपनी बेटी को भी नहीं छोड़ा। आज के समय में फिल्मी दुनिया में अपनों को जिस तरह से प्रमोट किया जाता है उनके लिए शांताराम जैसे दिग्गज फिल्मकारों का जीवन एक तमाचा समान होता।

इतना ही नहीं, वी शांताराम कास्टिंग में भी अपने धुन के पक्के थे। शांताराम ने 1967 में एक फिल्म बनाई थी ‘बूंद जो बन गई मोती’। इस फिल्म में जितेंद्र को लीड रोल में लिया था, लेकिन कम लोगों को पता होगा कि इस फिल्म में पहले लीड एक्ट्रेस मुमताज नहीं बल्कि शांताराम की बेटी राजश्री थीं। कहते हैं कि प्रारंभ में शांताराम की बेटी राजश्री ही प्रमुख एक्ट्रेस थी, परंतु वह शूटिंग सेट पर पहले ही दिन देर से पहुंची। क्रोध से तमतमाए फिल्ममेकर ने अपनी बेटी को ही फिल्म से बाहर कर दिया और उनकी जगह मुमताज को कास्ट कर लिया। उस समय मुमताज छोटे-मोटे रोल करने वाली बी ग्रेड की एक्ट्रेस मानी जाती थीं। जितेंद्र उनके साथ काम नहीं करना चाहते थे लेकिन शांताराम के सामने किसकी चलती। बाद में यही मुमताज हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की पॉपुलर एक्ट्रेस बन गईं।

परंतु 1980 आते आते पहले सलीम जावेद और फिर इंडस्ट्री के इस्लामीकरण ने वी शांताराम की लोकप्रियता कम होने लगी। इन्हें चाहकर भी दर्शक नहीं मिले और अन्त में 1990 में इनका देहांत हो गया। आज भारतीय पुनः बहुभाषीय सिनेमा की ओर अग्रसर हो रहा है, जहां संस्कृति सर्वोपरि है। काश वी शांताराम इस सांस्कृतिक प्रगति को देखने हेतु जीवित होते।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें.

Tags: Films Directed by V ShantaramV ShantaramV Shantaram Birth Anniversaryवी शांतारामवी शांताराम की फिल्में
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

बागेश्वर धाम: धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का वास्तविक सच क्या है?

अगली पोस्ट

बेशर्मी के साथ मौत बेच रही है यूनिलीवर कंपनी

संबंधित पोस्ट

आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त
चर्चित

जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

15 January 2026

जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को लश्कर-ए-तैयाब जैसे संगठन से संबंधित जुड़े 5 सरकारी  कर्मचारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।...

शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र
चर्चित

बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

24 November 2025

सोमवार की शुरुआत सिने जगत के लिए एक दुखद ख़बर के साथ हुई। बॉलीवुड का ही-मैन, धर्मेंद्र 89 साल की उम्र में मुंबई में इस...

स्मृति ईरानी की टीवी पर शानदार वापसी, रुपाली गांगुली और हिना खान को पछाड़ बनीं हाईएस्ट पेड टीवी स्टार
चलचित्र

स्मृति ईरानी की टीवी पर शानदार वापसी, रुपाली गांगुली और हिना खान को पछाड़ बनीं हाईएस्ट पेड टीवी स्टार

9 August 2025

स्मृति ईरानी एक बार फिर छोटे पर्दे पर नजर आ रही हैं, और इस बार चर्चा सिर्फ नॉस्टैल्जिया तक सीमित नहीं है। ‘क्योंकि सास भी...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited