TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    रैली में मासूम बच्चे ने जीत लिया पीएम मोदी का दिल, रोका भाषण

    तिरुवनंतपुरम रैली में मासूम बच्चे ने जीत लिया पीएम मोदी का दिल, पीएम ने भाषण रोक कहां-अपना एड्रेस लिख दो

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    उड़ीसा सरकार ने तंबाकू और पान पर बैन लगा दिया है।

    ओडिशा सरकार का बड़ा फैसला: गुटखा, पान मसाला और तंबाकू पर पूरे राज्य में बैन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    रैली में मासूम बच्चे ने जीत लिया पीएम मोदी का दिल, रोका भाषण

    तिरुवनंतपुरम रैली में मासूम बच्चे ने जीत लिया पीएम मोदी का दिल, पीएम ने भाषण रोक कहां-अपना एड्रेस लिख दो

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    उड़ीसा सरकार ने तंबाकू और पान पर बैन लगा दिया है।

    ओडिशा सरकार का बड़ा फैसला: गुटखा, पान मसाला और तंबाकू पर पूरे राज्य में बैन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

रानी कर्णावती की कहानी: गढ़वाल की वो साहसी महारानी, जिन्होंने मुगल सेना की काट दी थी नाक

रानी कर्णावती बहुत ही साहसी और पराक्रमी थीं। इतिहास में इनका उल्लेख ‘नाक काटने वाली महारानी’ के नाम भी होता है क्योंकि उन्होंने मुगल सेना को दुर्गति कर दी थीं।

Devesh Sharma द्वारा Devesh Sharma
22 November 2022
in इतिहास, ज्ञान
The story of Rani Karnavati: When Garhwalis took on the mighty Mughals

Source- Google

Share on FacebookShare on X

Rani Karnavati story in Hindi: भारतीय इतिहास अदम्य साहस की गाथाओं से भरा हुआ है। परंतु इनमें से कुछ कहानियां के बारे में तो हम जानते हैं, जबकि कई कहानियां ऐसी भी रही जो यूं ही इतिहास के पन्नों में दबी रह गयी। खासकर महिलाओं की वीरता की बात आती है, तो हमें रानी लक्ष्मी बाई, अहिल्या बाई जैसे कुछ गिने-चुने नाम ही याद आते हैं। यदि हम इतिहास के पन्ने पलटकर देखेंगे तो कई ऐसी बहादुर महिलाएं की कहानी पाएंगे, जिन्होंने न केवल वीरता के साथ अपनी लड़ाई लड़ी बल्कि कुछ अद्भुत कारनामे भी कर दिखाये। इन्हीं में से एक बहादुर वीरंगना थीं, गढ़वाल राज्य की रानी कर्णावती (Rani Karnavati of Garhwal)। असल में इन्हें मुगलों की नाक काटने के लिए जाना जाता है। आइए रानी कर्णावती की वीरता से भरी इस कहानी (Rani Karnavati story in Hindi) के बारे में विस्तार से जानते हैं…

और पढ़े: गुमनाम नायक: रानी दुर्गावती की कहानी, जिन्होंने मुगलों की गिरफ्त की बजाय स्वयं का बलिदान कर दिया

संबंधितपोस्ट

दारा शिकोह: उपनिषद पढ़ने वाला मुगल जिसका सिर कटवाकर औरंगज़ेब ने पिता शाहजहां को किया था पेश

चित्तौड़ का दूसरा जौहर: जब स्वाभिमान के लिए अग्नि में जलकर अमर हुईं रानी कर्णावती और 13000 क्षत्राणियां

गुमनाम नायक: रानी दुर्गावती की कहानी, जिन्होंने मुगलों की गिरफ्त की बजाय स्वयं का बलिदान कर दिया

और लोड करें

राजा ने आमंत्रण अस्वीकार कर दिया

Rani Karnavati story in Hindi: यह भारत का वो दुर्भाग्यपूर्ण समय था जब देश पर मुगलों का शासन हुआ करता था और संपूर्ण राष्ट्र में मुगल अपने अत्याचार से लोगों को परेशान कर रहे थे। परंतु गढ़वाल के राजा महीपति शाह जैसे कुछ लोग भी थे जिन्होंने मुगलों की आंखों में आंख डालकर कहा था कि हम आपके शासन को स्वीकार नहीं करते।

असल में इस कहानी की शुरुआत होती है शाहजहां के 1628 ई. में मुगल वंश की गद्दी पर बैठने से। शाहजहां ने राजतिलक के समारोह में उस समय के सभी राज्यों के राजाओं को बुलाया था और इसी दौरान गढ़वाल के तत्कालीन राजा महीपति शाह (King Mahipati Shah) को भी आमंत्रण भेजा गया। परंतु उन्हें शाहजहां (Shah Jahan) का यह बुलावा पसंद नहीं आया क्योंकि यह एक तरह से मुगल वंश के आधिपत्य को स्वीकारना था, इसलिए उन्होंने दूत से कहा- जाओ शाहजहां से कह देना हम आपके निमंत्रण को स्वीकार नहीं करते हैं। जब दूत शाहजहां को राजा की इस बात के बारे में बताता है तो उसके अंदर एक आग जल उठती है और उसके बाद से ही शाहजहां गढ़वाल पर आक्रमण करने पर विचार करने लगता है।

गढ़वाल रियासत के बारे में बात की जाए तो इसकी स्थापना 823 ईस्वी में पंवार वंश के पूर्वज कनक पाल द्वारा की गयी थी । 1358 ई. में राजा अजयपाल ने इसका विस्तार किया गया। शुरुआती दिनों में गढ़वाल की राजधानी देवलगढ़ हुआ करती थी, परंतु बाद में इसे बदलकर श्रीनगर कर दिया गया। बता दें कि यह कश्मीर वाला श्रीनगर नहीं है, यह गढ़वाल वाला श्रीनगर है और यह ऋषिकेश के 100 किलोमीटर दूर अलकनंदा नदी के किनारे स्थित था। फ्रेंच यात्री विलियम फिंच ने इस साम्राज्य के बारे में लिखा है कि यह अपनी सोने, तांबे और लेड की खदानों के लिए जाना जाता था। इसके अलावा उसने राजाओं के सोने की थालियों में खाना खाने की बात भी कही है।

और पढ़े: भारत की पहली महिला जासूस जिसने नेता जी के लिए अपने पति की हत्या कर दी थी

राजा महीपति की हो गयी मृत्यु

महीपति शाह एक योद्धा थे और वह अपने राज्य का विस्तार करने के लिए हमेशा यु्द्ध लड़ते रहते थे। परंतु 1631 ई. में पड़ोसी राज्य कुमाऊं से एक यु्द्ध में लड़ाई के दौरान महीपति शाह की मृत्यु हो जाती है और गद्दी पर उनके 7 वर्ष के बेटे को बैठा दिया जाता है। राज्य की बागडोर को पूर्ण रूप से रानी कर्णावती अपने हाथ में ले लेती हैं। रानी के इस प्रकार शासन करना पड़ोसी राज्यों को पसंद नहीं आता और वे यह भी सोचते हैं कि एक महिला शासन कर रही हैं, इसलिए इन्हें तो हराना बड़ा ही आसान होगा। परंतु उन्हें कहां मालूम था रानी युद्ध में न केवल उन्हें हराने बल्कि नाक-कान काटने का भी साहस रखती हैं।

दरअसल, राजा महीपति शाह की मृत्यु के बाद रानी के हाथ में शासन आ चुका था और इसे देख पड़ोसी राज्य के कुमांऊनी राजा बाजबहादुर चांद आक्रमण करना चाहते था। परंतु अकेले नहीं, किसी को साथ लेकर। इसलिए उसने कांगड़ा में नियुक्त मुगल अधिकारी नजाबत खान से कहा कि गढ़वाल पर आक्रमण करने का इससे बेहतर समय नहीं हो सकता, क्योंकि इस समय वहां पर रानी का शासन है। बाजबहादुर ने वादा किया कि वे और सिरमौर के राजा उस आक्रमण में मुगलों का साथ देंगे।

और पढ़े: “उन्हें मजदूरी के लिए लाया गया था, वो मालिक बन गए”, मॉरीशस में भारतीयों के ‘चमत्कार’ की अद्भुत कहानी

मुगलों ने कैसे किया आक्रमण?

बाजबहादुर चांद की यह बात नजाबत खान को सही लगी। उसने मुगल बादशाह शाहजहां को आक्रमण के लिए तैयार कर लिया। 1635 में 30 हज़ार सैनिकों को लेकर नजाबत खान ने गंगा नदी पार की और देहरादून के समीप रायवाला नामक जगह पर अपने खेमे गाड़ दिए। इसके बाद रानी कर्णावती तक मुगल बादशाह का संदेश भेजा गया और कहा गया कि या तो वो 10 लाख रुपए दे दें या फिर एक बड़े आक्रमण के लिए तैयार रहें। रानी ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था।

इससे क्रोधित होकर मुगल सेनापति नजाबत खान ने फ़ौज को लेकर श्रीनगर की तरफ बढ़ना शुरू किया। मुग़ल सेना गढ़वाल की राजधानी श्रीनगर की तरफ बढ़ने लगी, परंतु जैसे-जैसे शिवालिक की तलहटी से ऊपर पहाड़ों की तरफ चढ़ना शुरू किया, उसका सामना छापामार गुरिल्ला पद्धति से लड़ने वाली रानी की सेना से हुआ। इस आक्रमण ने मुग़ल सेना की नाक में दम कर दिया। अंत में जब पहाड़ियों के बीच अच्छी तरह से मुगल सेना घिर गई, तो रानी कर्णावती ने रास्ते को दोनों तरफ से बंद करने के आदेश दे दिए। मुगल सेना ऐसी स्थिति आ गयी कि उनके सैनिक यहां से न तो ऊपर जा सकते थे और न ही नीचे।

और पढ़े: गुमनाम नायक: ‘वोहरा परिवार’ ने देश की स्वतंत्रता हेतु अपना सर्वस्व अपर्ण किया था, उन्हें कितना जानते हैं आप

रानी ने मुगलों की नाक क्यों काटी?

रानी ने मुगलों की सेना को दोनों तरफ से बुरी तरह घेर लिया था और इसके बाद नजाबत खान के पास आत्मसमर्पण के अलावा कोई दूसरा रास्ता ही नहीं बचा था। अंत में अपनी हार स्वीकार कर नजाबत खान ने रानी के पास शांति संदेश भेज आत्मसमर्पण करने का प्रस्ताव रखा। रानी ने इस प्रस्ताव को तो स्वीकार कर लिया परंतु एक शर्त भी रखी, जो शायद आज तक के इतिहास में किसी योद्धा ने नहीं रखी होगी। ये शर्त थी मुगल सैनिकों को अपनी जान बचाने के बदले नाक काटनी होगी, उसी के बाद सबको छोड़ दिया जाएगा। नजाबत खान ने इस शर्त को बड़ी शर्मिंदगी के साथ स्वीकार किया। रानी इस प्रकार की शर्त से मुगलों को एक संदेश देना चाहती थीं कि आज के बाद गढ़वाल की ओर देखना भी मत।

इस यु्द्ध के प्रसंग के बारे में 17वीं शताब्दी में इटली से भारत आये निकोलाओ मानूची नाम के एक यात्री ने विस्तार से वर्णन किया है। इसके अलावा तंत्र-मंत्र से संबंधित गढ़वाल की एक अत्यंत लोकप्रिय पुस्तक ‘सांवरी ग्रंथ’ में उन्हें माता कर्णावती भी कहा गया हैं। मुगल दरबारों के वृत्तांतों को दर्ज करने वाली पुस्तक ‘मआसिर-उल-उमरा’ और यूरोपीय इतिहासकार टेवर्नियर के खातों में कर्णावती द्वारा मुग़लों की हेकड़ी निकाल देने के इस कहानी (Rani Karnavati story in Hindi) को लिखा गया है।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: Rani KarnavatiShah Jahanगढ़वाल की रानी कर्णावतीमुगल सेनारानी कर्णावती
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

तेन धार का युद्ध – जब 2000 पाकिस्तानियों पर भारी पड़े थे केवल 11 राजूपत सिपाही

अगली पोस्ट

डीके शिवकुमार कर्नाटक में अपनी पार्टी बना सकते हैं, इसके कई कारण हैं

संबंधित पोस्ट

नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!
इतिहास

नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

23 January 2026

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की वर्ष 1945 में हुए विमान हादसे में मृत्यु होने के दावे को लगभग खारिज किया जा चुका है, लेकिन इससे...

भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार
ज्ञान

हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

3 January 2026

सनातन दृष्टि में धर्म ही अधिकारों का आधार है - जहाँ प्रत्येक व्यक्ति को सत्य, जीवन, सम्मान, विचार और आस्था की स्वतंत्रता प्राप्त है, बशर्ते...

भारतीय संविधान
ज्ञान

हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

31 December 2025

मौलिक अधिकार (फंडामेंटल राइट्स) भारतीय संविधान की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक हैं। इनका लक्ष्य भारत के नागरिकों को गरिमापूर्ण जीवन जीने का अवसर...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited