Gujarat Election Results 2022: कहते हैं कि जब महारथी को अपने क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करना होता है तो उस पर दबाव बढ़ जाता है। कोई अच्छा प्रदर्शन करता है तो कोई दबाव के कारण डूब जाता है। गुजरात के विधानसभा चुनावों में इस बार भी भाजपा के सामने अपने गढ़ में अच्छे से अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव था लेकिन इस दबाव से ऊपर उठकर उसने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उसके सामने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस भी थी लेकिन इस चुनाव के बाद दोनों ही पार्टियों का कद भाजपा के सामने बौना प्रतीत होता है।
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Gujarat Election Results 2022: सारे रिकॉर्ड ध्वस्त
अब जो नतीजे आए हैं उससे साफ पता चलता है कि भले ही नरेंद्र मोदी ने गुजरात छोड़ दिया हो लेकिन गुजरात उन्हें नहीं भूला है जिसका नतीजा यह है कि गुजरात में भाजपा ने की सबसे ज्यादा सीटें जीतकर सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं।
Gujarat Election 2022 के Results देखें तो कुल 182 में से 156 सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल की। कांग्रेस को सिर्फ 17 सीटों पर जीत मिली, वहीं दिल्ली और पंजाब की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी 5 सीटों पर जीत दर्ज की है। सपा ने एक और अन्य की तीन सीटों पर जीत हुई है।
इन नतीजों में विशेष यह है कि भाजपा की यह जीत साधारण नहीं है, क्योंकि पहले कभी भी इतनी सीटों के साथ किसी भी पार्टी ने सत्ता हासिल नहीं की थी। साल 1985 में कांग्रेस की जब लहर थी तब भी कांग्रेस 149 सीट से आगे नहीं बढ़ पायी थी और आज इस रिकॉर्ड को भाजपा ने ध्वस्त कर दिया है।
ऐसे में जब भाजपा दफ्तर में जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र का स्वागत हुआ तो उन्होंने गुजरात के लिए भावुक कर देने वाली बात कही है। नरेंद्र मोदी ने कहा कि “गुजरात की जनता ने तो रिकॉर्ड तोड़ने में भी रिकॉर्ड कर दिया। गुजरात के इतिहास का सबसे प्रचंड जनादेश भाजपा को देकर प्रदेश के लोगों ने नया इतिहास बना दिया है। जाति, वर्ग, समुदाय और हर तरह के विभाजन से ऊपर उठकर भाजपा को वोट दिया है।” उन्होंने इस दौरान विशेष रूप से गुजरात के युवा वोटरों का धन्यवाद दिया है।
पीएम मोदी भावुक हो गए
अब अहम यह है कि पीएम मोदी ऐसे ही भावुक नहीं हुए बल्कि इसके पीछे कुछ कारण हैं जिसके चलते वे गुजरात की जनता के आगे नतमस्तक हो गए हैं। दरअसल, 90 के दशक में गुजरात में कांग्रेस जाति आधारित राजनीति करती थी और तब उसने वहां खाम की राजनीति पर जोर दिया जिसमें क्षत्रिय, हरिजन, आदिवासियों के साथ मुसलमान मतदताओं को लुभाने का दांव खूब चलाया गया था। इसी के दम पर कांग्रेस ने 140 से ज्यादा सीटें हासिल की थीं और तब भाजपा हाशिए पर थी।
ऐसे में साल 1995 का चुनाव के समय भाजपा ने एक नया दांव चला और विकास को मुद्दा बनाया। इसमें उसने किसी जाति या धर्म को टारगेट नहीं किया बल्कि गुजरात को एकजुट करने पर काम किया। ‘जय जय गरवी गुजरात’ के रास्ते पर चलते हुए कैंपेन चलाया और यह ‘जय जय गरवी गुजरात’ का नारा जन-जन तक पहुंचा। जिसका असर 1995 में कुछ ऐसा चला कि कांग्रेस का गुजरात से डब्बा ही गोल हो गया और भाजपा को जीत हासिल हुई। 2001 में भाजपा ने नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्री बना दिया।
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गुजरात में भाजपा का विकास कार्य
गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ने अपनी लड़ाई आंतरिक रूप से जीतकर गुजरात के विकास की यात्रा शुरू कर दी। वो गुजरात जहां रातें अंधेरों में रहती थी, वहां बिजली की दस्तक हुई। जन-जन तक पानी पहुंचना सरल हुआ, गुजरात में हाईवे और सड़कों का जाल स्थापित किया गया और लोगों तक प्राथमिक सुविधाएं पहुंचाई गयी। गुजरात इनवेंटर समिट के जरिए निवेश के नये आयाम भी स्थापित किए गए।गुजरात के गांव से लेकर वहां के गरीब किसानों और मजदूरों सब पर ध्यान केंद्रित किया और जनता का समर्थन जुटाया। पार्टी ने आदिवासियों के वोट बैंक पर भी अपनी मजबूत पकड़ बनायी और हर जाति के लोगों ने पार्टी को खुलकर वोट किया।
नरेंद्र मोदी विकास के कार्य में लगे थे तो वहीं भाजपा और गुजरात की जनता भी उनका सपोर्ट कर रही थी। जिसका परिणाम यह हुआ कि 2002, 2007, 2012, और फिर 2017 में भी भाजपा की जीत हुई। अहम यह है कि 2017 में भाजपा को कड़ी टक्कर मिली थी। राहुल गांधी के कैंपेन के चलते भाजपा 99 पर अटक गई थी और यह उसके लिए एक बड़ा झटका था। पार्टी ने अलग-अलग तरह से बहुत मेहनत की, जनता के बीच अपने अपने काम करने की क्षमताओं का विश्वास और गहरा किया। आज भाजपा की मेहनत का ही नतीजा है कि 2022 में पार्टी ने रिकॉर्ड तोड़ जीत हासिल की है।
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आज के समय में भाजपा ने जिस तरह की जीत हासिल की है उसे देखकर यह कहना अति सरल होगा कि 2024 में होने वाला लोकसभा चुनाव भाजपा के लिए गुजरात के संदर्भ में बहुत सकारात्मक होगा, पूरा गुजरात ही भाजपा के पक्ष में दिखायी दे रहा है जो वोट के रूप में भाजपा का साथ आने वाले लोकसभा चुनाव में देने वाला है।
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