TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

मॉरिशस के चटनी संगीत से कैसे आती है भोजपुरी की खुशबू?

गिरमिटिया मजदूरों को अपना देश तो छोड़ना पड़ा लेकिन अपनी संस्कृति और कला को उन्होंने कभी नहीं छोड़ा। आज मॉरिशस समेत कई देशों में जो चटनी संगीत लोकप्रिय है, उसके पीछे भी गिरमिटिया ही हैं।

Devesh Sharma द्वारा Devesh Sharma
4 January 2023
in इतिहास, ज्ञान
चटनी संगीत

SOURCE TFI

Share on FacebookShare on X

कइसे बनी, कइसे बनी, कइसे बनी, कइसे बनी

फुलउरी बिना चटनी कइसे बनी

फुलउरी बिना चटनी कइसे बनी।

सलमान खान की दंबग-2 फिल्म के गाने की ये पंक्तियां याद होंगी आपको, जिस संगीत में सजाकर इसे गाया गया है उसे चटनी संगीत के नाम से जाना जाता है। चटनी संगीत की शैली भारतीय लोक गीत खासकर भोजपुरी संगीत और कैरिबियन के मिश्रण से निकली हुई है। लेकिन भोजपुरी संगीत कैरेबिया पहुंचकर वहां के संगीत के साथ मिश्रित कब और कैसे हुआ यह बड़ा ही रोचक और अद्भुत प्रसंग है।

इस लेख में जानेंगे कि कैसे चटनी संगीत की उत्पत्ति हुई और भोजपुरी संगीत कैरेबिया कब और कैसे पहुंचा?  

संबंधितपोस्ट

‘मज़दूर से प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति तक’: जिस त्रिनिदाद में पहुंचे हैं पीएम मोदी वहां भारतवंशियों ने कैसे बनाई पहचान?

सलमान से शाहरुख तक, ऑपरेशन सिंदूर पर क्यों खामोश रहे ‘रील हीरोज़’?

एक फोन कॉल से कांप गया ‘बाघ का करेजा’; लॉरेंस के गुर्गे की धमकी से डरे पप्पू यादव

और लोड करें

और पढ़ें- महाजनपदों का गौरवशाली इतिहास: भाग 4- अवंती

चटनी संगीत की कहानी

दरअसल, चटनी म्यूजिक की कहानी 1830 के दशक में अंग्रेजों द्वारा दास प्रथा की समाप्ति से शुरू होती है। जब 1833 में अंग्रजों ने अफ्रीकी मजदूरों को दास प्रथा से मुक्त किया तो उनके  औपनिवेशिक देशों में मजदूरी करने के लिए लोगों की कमी पड़ने लगी। ऐसे में अंग्रजों द्वारा भारतीय मजदूरों को अनुबंध यानी एग्रीमेंट के तहत मॉरिशस, त्रिनिदाद, टोबेगो, गुयाना और फिजी जैसे कैरिबियन और प्रशांत महासागर के द्वीपों पर गन्ने और केले की खेती करवाने के लिए ले जाया गया। यही एग्रीमेंट वाले मजदूर अपभ्रंस में गिरमिटिया मजदूर कहलाने लगे। इन मजदूरों के साथ ऐसा करना दास प्रथा का ही दूसरा रूप था जिसमें मजदूरों को केवल खरीदा और बेचा नहीं जाता था, बाकी काम करवाना हो या प्रताड़ित करना हो, मजदूरों के साथ एक दास की भांति ही व्यवहार किया जाता था।

अगर मॉरिशस की बात करें तो अनुबंध के खत्म होने के बाद जो गिरमिटिया मजदूर अपने देश नहीं लौटे या नहीं लौट सके वो वहीं बस गए और धीरे-धीरे वहीं की भाषा ‘क्रियोल’ को सीखने लगे। उनकी आगे की पीढ़ियां शिक्षा ग्रहण करने लगीं लेकिन उनके घर में परिवेश ऐसा था कि वे आपस में भोजपुरी में ही बातचीत करते थे। क्रियोल में भोजपुरी के शब्दों साथ ही मुहावरों के मेल मिलाप और लय-ताल के लिए परंपरागत रूप से हारमोनियम, ढोलक, धनताल, तासा जैसे वाद्ययंत्रों का तो उपयोग किया ही जाता था साथ ही इलेक्ट्रिक गिटार, सिंथेसाइजर और स्टील से बने ड्रम भी उपयोग में जाने लगे थे और यहीं से ‘चटनी संगीत’ अस्तित्व में आया।

यही नहीं, 1860 के दशक में अंग्रेजों की इस परंपरा का पालन करते हुए डचों ने भी दक्षिण अमेरिका के सूरीनाम जैसे अपने औपनिवेशिक देशों में भारतीय मजदूरों को लाना शुरू कर दिया। भारतीय मजदूरों के पलायन के साथ-साथ उनकी भाषा, भोजन, संगीत, त्योहार और संस्कृति के हर उस भाग ने भी पलायन किया जो कि हर एक मनुष्य में समाहित होता है। इसी पलायन से संस्कृतियों का मेल द्वीपों पर रहने वाले अन्य निवासियों की संस्कृति से हुआ, यहीं से जन्मा एक नया और अलग प्रकार का चटनी संगीत। जिसमें एक ओर ड्रम की धमक देखने को मिलती है तो वहीं दूसरी ओर हार्मोनियम का कर्णप्रिय संगीत और ढोलक की थाप।

और पढ़ें- अंततः भारत ई-स्पोर्ट्स के क्षेत्र में इतिहास रचने के लिए उतर ही गया

अधिकतर मजदूर किसान परिवार से थे

चटनी संगीत की उत्पत्ति के बारे में ‘ईस्ट इंडियन म्यूज़िक इन द वेस्ट इंडीज़’ किताब  के लेखक पीटर मैनुएल का कहना है कि इन मजदूरों में लगभग 85 प्रतिशत मजदूर किसान परिवारों से आये थे, जोकि पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के भोजपुरी क्षेत्र के रहने वाले थे। इनमें से कुछ मजदूर पेशेवर संगीतकार थे, जबकि कुछ को संगीत के बारे में थोड़ी बहुत जानकारी थी। यही नहीं मजदूरों की दयनीय स्थिति के कारण चटनी संगीत को लेकर यह भी का जाता है कि इसका आधार “विरह गीत” हैं। हालांकि यह बात सही है लेकिन यही पूर्ण सत्य नहीं है क्योंकि जिस प्रकार की रचनाएं चटनी संगीत में देखने को मिलती हैं उससे यही प्रतीत होता है कि चटनी संगीत में गाए जान वाले गीत सुख से लेकर दुख तक सभी परिस्थितियों से ओतप्रोत रहे होंगे।

चटनी संगीत के विकास और दुनियाभर में फैली की प्रसिद्धि की बात की जाए तो सन 1950 के दशक के अंत में रामदेव चैतो और द्रुपति जैसे सूरीनाम के संगीतकारों को देखा जा सकता है। ये सूरीनाम के पहले ऐसे चटनी संगीतगार थे जिन्होंने अपने गीतों को रिकॉर्ड करवाना शुरू किया। रामदेव ने जहां धार्मिक गीत गाए तो वहीं द्रुपति ने शादी के गीत गाये। यही नहीं इन गीतों का हर ट्रैक ऐसा था, जिस पर डांस किया जा सकता था।

और पढ़ें- पिछले 70 वर्षों से उसे कमजोर साबित किया जा रहा है, लेकिन अर्जुन भारतीय इतिहास के सबसे महान योद्धा थे

पहली बार इस संगीत का परिचय

1950 के दौर में दुनिया पहली बार एक ऐसे संगीत से परिचित हुई जिसका मूल भारतीय था लेकिन उसमें कैरिबियन संगीत भी मिला हुआ था। लेकिन साल 1969 में चटनी संगीत की पॉपुलेरिटी में एक और मोड़ तब आया जब युवा कलाकार सुंदर पोपो ने “नाना और नानी” शीर्षक गाने को पश्चिमी इलेक्ट्रिक गिटार के साथ रिकॉर्ड करवाया। चटनी संगीत में इलेक्ट्रिक गिटार को पहली बार शामिल किया गया था। जब यह गाना रिलीज हुआ तो लोगों ने इसे हाथों-हाथ लिया और सुंदर पोपो को चटनी संगीत का बादशाह कहा जाने लगा। इसके अलावा पोपो का दौर वह दौर था जब कैरिबियन प्रशांत द्वीप समूह औपनिवेशिक बंधनों से मुक्त होने लगे थे।

कई भारतीय मूल के लोग अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और नीदरलैंड जैसे देशों में जाकर बस गए जहां से चटनी संगीत दुनिया में फैलने लगा। साथ ही कई अप्रवासी भारतीयों ने अपनी खुद की रिकॉर्ड कंपनियां खोलीं। उन्होंने न्यूयॉर्क और टोरंटो जैसे प्रमुख शहरों में नाइट क्लब भी खोले, जिन्होंने विदेश में चटनी संगीत को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्तमान समय में लोग चटनी संगीत को नाम से भले ही न जानते हों लेकिन उन्होंने इसके गाने अवश्य सुने होंगे। हालांकि मौजूदा दौर में चटनी संगीत में कुछ गाने ऐसे भी बनाए गए हैं जिन्हें लोग आपत्तिजनक बताते हैं।

और पढ़ें- राजपूताना के महान वीर ‘चारण’ की अद्भुत गाथा, जिनके साथ इतिहास ने न्याय नहीं किया

यदि चटनी संगीत की उत्पत्ति और यात्रा को लेकर सारगर्भित बात करें तो पाएंगे कि यह संगीत विरह का भी है, यह संगीत उत्साह भरने वाला भी है। भारत भूमि से निकला और विदेशी भूमि से जुड़कर आज यह संगीत आधुनिकता से ओतप्रोत है और पूरी दुनिया में छाया हुआ है।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: chutney musicindentured cultureगिरमिटिया मजदूरचटनी संगीतदंबग-2सलमान खान
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

कर्नाटक डेयरी क्षेत्र में ‘लाइसेंस राज’ को समाप्त करना एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकता है

अगली पोस्ट

पाकिस्तान को भीख मांगने के लिए नया और बड़ा कटोरा मिल गया है

संबंधित पोस्ट

इंक़लाब भगत सिंह
इतिहास

क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

23 March 2026

लिख रहा हूँ मैं अंजाम जिसका कल आग़ाज आयेगा, मेरे लहू का हर एक कतरा इंक़लाब लायेगा। मैं रहूँ या न रहूँ पर यह वादा हैं...

Shahidi Diwas
इतिहास

भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

23 March 2026

लाहौर सेंट्रल जेल में दिनांक 23 मार्च 1931 के दिन का आरम्भ बड़ा ही सामान्य था लेकिन यह दिन तब तक ही सामान्य रहा जब...

22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था
इतिहास

‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

23 March 2026

भारत के स्वतंत्रता संग्राम के नायकों की चर्चा भगत सिंह का नाम लिए बगैर हमेशा अधूरी ही मानी जाएगी। भगत सिंह का योगदान इतिहास के...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited