TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नोएडा में सिस्टम की लापरवाही से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नितिन नबीन के ताजपोशी में पीएम मोदी ने खुद को बताया कार्यकर्ता , बीजेपी ऑफिस में जश्न का माहौल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    विदेश मंत्रालय का स्पष्ट जवाब: 500% अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा

    ईरान पर ट्रंप का गुस्सा, देश तबाह करने की बात

    ट्रंप की ईरान को खुली धमकी: कहा- पूरा देश तबाह कर देंगे

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नोएडा में सिस्टम की लापरवाही से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नितिन नबीन के ताजपोशी में पीएम मोदी ने खुद को बताया कार्यकर्ता , बीजेपी ऑफिस में जश्न का माहौल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    विदेश मंत्रालय का स्पष्ट जवाब: 500% अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा

    ईरान पर ट्रंप का गुस्सा, देश तबाह करने की बात

    ट्रंप की ईरान को खुली धमकी: कहा- पूरा देश तबाह कर देंगे

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

बजट 2023: भारत ने लैटिन अमेरिका के लिए बजट में 7 प्रतिशत की वृद्धि क्यों की?

इसके पीछे का मास्टर प्लान समझ लीजिए।

Yogesh Sharma द्वारा Yogesh Sharma
5 February 2023
in विश्व, समीक्षा
India's Latin American Gambit: Uncovering Secrets behind Aid Diplomacy

Source- TFI

Share on FacebookShare on X

भारत अब वैश्विक कूटनीति से दुनिया में अपनी बादशाहत कायम करने के लिए बड़े स्तर पर योजनाएं बना रहा हैं। विश्व पर एकक्षत्र राज करने की रणनीतियों पर काम कर रहे अमेरिका को भी अब भारत कूटनीतिक स्तर पर मात देने का प्लान तैयार कर रहा है। अमेरिका पूरी दुनिया पर अपनी दादागिरी चलाता आया है और वो चाहता है कि दुनिया उसके अनुसार ही चलें। भारत की बात की जायें तो भारत के साथ भी अमेरिका का बर्ताव कुछ ज्यादा अच्छा नहीं रहा है। भारत के साथ कई कई मौकों पर उसका दोगलापन देकने को मिला है, जिसके चलते भारत ने अब उसे उसके ही घर में घेरने का प्लान तैयार कर लिया है। इस लेख में हम आपको बताएगें कि भारत कैसे लैटिन अमेरिका में अपनी धाक जमाकर अमेरिका की समस्याएं बढ़ाने की तैयारी में हैं।

और पढ़ें: सऊदी को कर दिया लेकिन अमेरिका ने भारत को नहीं किया ब्लैक लिस्ट, वजह जयशंकर हैं

संबंधितपोस्ट

ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

ट्रंप की ईरान को खुली धमकी: कहा- पूरा देश तबाह कर देंगे

अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

और लोड करें

बजट में विदेशों को सहायता में आवंटन में कटौती की

दरअसल, हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2023-2024 का बजट पेश किया। इस दौरान  भारत ने 2022-23 में विदेशों को सहायता के लिए कुल आवंटन 6,005 करोड़ रुपये से घटाकर आगामी वित्त वर्ष 2023-24 में 5,848 करोड़ रुपये कर दिया है। यानी केंद्रीय बजट में विदेशों को सहायता में आवंटन के लिए 2.6 प्रतिशत की कटौती की गई है। परंतु यहां ध्यान देने योग्य बात ये है कि लैटिन अमेरिका के बजट में भारत ने 7 फीसदी बढ़ा दिया है। आपको यही समझाने का प्रयास करेंगे कि भारत ने ऐसा क्यों किया? इसके पीछे भारत की रणनीति क्या है? लेकिन इससे पहले ये समझ लेते हैं कि वित्त वर्ष 2023-2024 में भारत ने किस देश के बजट में कटौती की है और किसके बजट में बढ़ोतरी?

बता दें कि जिन देशों का आवंटन कम किया गया है, उनमें भूटान, अफगानिस्तान और मॉरीशस शामिल हैं। साथ ही, बांग्लादेश, नेपाल, संकटग्रस्त श्रीलंका, मंगोलिया और यूरेशियन, अफ्रीकी और लैटिन अमेरिकी देशों के लिए बजट आवंटन में वृद्धि की गई है। भूटान के लिए आवंटन 2022-23 में 2,500 करोड़ रुपये था, जिसे वित्त वर्ष 2023-24 में कम कर 2,400 करोड़ रुपये कर दिया गया है। वहीं अफगानिस्तान के लिए आवंटन को 350 करोड़ रुपये से घटाकर 200 करोड़ रुपये और मॉरीशस का 575 करोड़ रुपये से घटाकर 460 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

लैटिन अमेरिका के बजट में वृद्धि

वहीं इस बजट में सरकार ने 2022-23 में बांग्लादेश के लिए आवंटन 170 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2023-24 में 200 करोड़ रुपये, नेपाल के लिए 425 करोड़ रुपये से 550 करोड़ रुपये, श्रीलंका के लिए 75 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 150 करोड़ रुपये कर दिया है। मंगोलिया को 2.50 करोड़ रुपये से 7 करोड़ रुपये, जबकि अफ्रीकी देशों के आवंटन को 160 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 250 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यूरेशियन देशों के लिए इसे 65 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये कर दिया गया है और लैटिन अमेरिकी देशों के लिए आवंटन 7 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

और पढ़ें: अमेरिका की कुटिल चाल: चीन पर भारत के साथ रहो, पाकिस्तान पर ज्ञान दो

अमेरिका के प्रति बढ़ता असंतोष

अब आते हैं कि आखिर भारत लैटिन अमेरिका में अपनी धाक क्यों जमा रहा है? दरअसल, इस क्षेत्र में अमेरिका के प्रति असंतोष देखने को मिल रहा है। क्यूबा से लेकर ब्राजील और मेक्सिको तक में ‘अमेरिकी विरोधी’ भावनाओं ने अमेरिका को परेशान कर रखा है। इन क्षेत्रों में पैदा हुए असंतोष के पीछे की वजह ये है कि अमेरिका का इन सभी देशों में एकछत्र राज चलता है और उसकी यही दादागिरी उसके प्रति नकारात्मक भावनाओं को जन्म दे चुकी है। क्यूबा हमेशा ही अमेरिका की दादागिरी को लेकर परेशान रहा है लेकिन क्यूबा ही नहीं ब्राजील और मेक्सिको में भी अब कुछ ऐसी ही स्थिति बनने लगी है।

ब्राजील में हो रहे इस विरोध के पीछे का कारण ये है कि वहां की विपक्षी पार्टियों समेत समाज के एक बड़े वर्ग का मानना है कि अमेरिका ने ब्राजील के राष्ट्रीय चुनावों को प्रभावित किया है। क्योंकि ब्राजील की वर्तमान सरकार के बारे में बताया जाता है कि उसका झुकाव अमेरिका की ओर है। लेकिन अब ब्राजीलियन जनता की नाराजगी अमेरिका के लिए संकट बनती जा रही है। ये नाराजगी इतनी बढ़ चुकी है कि हाल ही में ब्राजील की संसद से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पर विद्रोहियों ने हमला बोल दिया और ब्राजील की सरकार की भयंकर किरकिरी हो गई। इस विरोध का मूल कारण अमेरिका ही था।‌

अब आपको बताते हैं कि मेक्सिको में क्यों अमेरिका को लेकर असंतोष है? मेक्सिकन घुसपैठियों का मुद्दा अमेरिकी रिपब्लिकन पार्टी उठाती रहती है। मेक्सिकन घुसपैठियों को बाहर फेंकने की जैसी मांग करती रहती है। आरोप लगाए जाते हैं कि जो घुसपैठिए मेक्सिको से आते हैं, वे ड्रग्स का व्यापार करते हैं, जिससे अमेरिका ड्रग्स की चपेट में जाता दिख रहा है। इसके कारण रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों ही दलों के बीच टकराव तो है लेकिन ड्रग्स जैसे बिजनेस के कारण मेक्सिकन बाइडन प्रशासन के निशाने पर हैं। इसके चलते मेक्सिकन लोगों की संख्या अमेरिका में कम होती जा रही है। यही वजह है मेक्सिको में अमेरिका में असंतोष की स्थिति है।

और पढ़ें: “भारत एक महाशक्ति है”, अमेरिका ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर स्वीकार कर लिया भारत का पक्ष

भारत बढ़ाना चाहता है निर्यात

अब हम लैटिन अमेरिका में अमेरिका के प्रति उत्पन्न असंतोष के बीच भारत का लैटिन अमेरिका के नजदीक आने के मायने क्या हैं? वो समझते हैं दरअसल, भारत लैटिन अमेरिका में अपना निवेश बढ़ाकर वहां अपनी मौजूदगी बढ़ाने का अवसर तलाश कर रहा है। बता दें कि भारत लैटिन अमेरिका को टेक्सटाइल, फार्मा, प्लास्टिक, मशीनरी, केमिकल्स का निर्यात करता है। जानकारों के मुताबिक भारत टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग गुड्स, जेम्स व ज्वैलरी, लेदर गुड्स जैसे रोजगारपरक सेक्टर के निर्यात की बढ़ोतरी दर को जारी रखना चाहता है। इसलिए लैटिन अमेरिका में भारतीय निर्यात का पैर पसारना आवश्यक हो गया है।

बता दें कि भारत ने वित्त वर्ष 2021-22 में 420 अरब डालर का वस्तु निर्यात किया है। भारत वहां लगातार अपना व्यापार बढ़ा रहा है। निर्यात की बात करें तो वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, लैटिन अमेरिका में भारत का निर्यात 2021-22 (अप्रैल-मार्च) में 18.89 बिलियन डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया, जबकि 2020-21 में निर्यात 12.74 बिलियन डॉलर था। इसमें सीधे तौर पर 48% की प्रभावशाली वृद्धि हुई है। विदेश व्यापार विशेषज्ञों के अनुसार लैटिन अमेरिका में भारत को अपना निर्यात बढ़ाने के लिए अभी पर्याप्त जगह है। लैटिन अमेरिका में भारत ब्राजील को सबसे अधिक भारत निर्यात करता है और ब्राजील में भी अमेरिका के प्रति भयंकर असंतोष है। भारत की कोशिश लैंटिन अमेरिका में अपने व्यापार का विस्तार करने की है, जिससे वहां अपनी पकड़ मजबूत की जा सके।

जिस नीति से अमेरिका भारत के पड़ोसी देशों के साथ संबंध स्थापित कर भारत के लिए मुसीबतों का जाल बुनता था, कुछ वैसा ही अब अमेरिका के साथ भारत भी करने वाला है। अमेरिका भारत को घेरने के लिए पाकिस्तान को समर्थन देता था। अमेरिका चाहता है कि दुनिया उसके इशारों पर नाचे। अमेरिका अपने व्यापार का विस्तार करने के लिए दूसरे देशों के हितों की जरा भी चिंता नहीं करता। अमेरिका में दूसरे देशों को युद्ध के लिए भड़काने जैसे आरोप भी लगे हैं। लेकिन अब भारत ने उसके जैसी ही नीति बनाने पर काम करना शुरू कर दिया है, जिससे स्वयं को दुनिया का चौधरी समझने वाले अमेरिका के घर में भारत अपनी पकड़ बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इस क्षेत्र में चीन भी अपनी पैठ बनाने के प्रयास में है। लेकिन भारत की इस क्षेत्र में मौजूदगी उसके होश उड़ाने के लिए काफी है। भारत के विश्वस्तर पर बढ़ते कद से सबसे अधिक विचलित चीन और पश्चिमी देश ही दिखाई पड़ रहे हैं। ऐसे में भारत ने चीन और अमेरिका को उसके क्षेत्र में घुसकर भारत उसी के जाल में फंसाने की दिशा में काम कर रहा है। यही कारण है कि भारत सरकार ने वित्त वर्ष 2023- 24 के बजट में लैटिन अमेरिका के बजट में 7 प्रतिशत का बढ़ोतरी किया है। ऐसे में ये देखना बेहद ही दिलचस्प होने वाला है कि आने वाले समय में भारत की इस रणनीति का क्या प्रभाव पड़ता है?

और पढ़ें: अमेरिका के टुकड़ों पर पलकर पाकिस्तान आज नाच रहा है, कल मातम मनाएगा

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

 

Tags: Budget 2023Latin Americaअमेरिकाचीनभारत का लैटिन अमेरिका में निर्यात
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

जब अंग्रेजी में बात कर रही थी नेहरू की बहन और स्टालिन ने कर दी घनघोर बेइज्जती

अगली पोस्ट

“वे भारतीय दवा उद्योग को बर्बाद करना चाहते हैं”, इसीलिए बार-बार बनाया जा रहा है निशाना

संबंधित पोस्ट

कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत
चर्चित

आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

21 January 2026

हिंदी में एक मुहावरा है - जिसकी लाठी उसकी भैंस। ये मुहावरा कम से कम मौजूदा वर्ल्ड ऑर्डर या फिर कूटनीति में बिल्कुल मुफीद साबित...

ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर
चर्चित

ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

21 January 2026

ईरान में हालिया घटनाक्रम सिर्फ ईरान की आंतरिक उथल–पुथल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके व्यापक क्षेत्रीय और वैश्विक निहितार्थ हैं। पश्चिम एशिया के इस...

एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा
AMERIKA

विदेश मंत्रालय का स्पष्ट जवाब: 500% अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा

21 January 2026

अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले बिल को मंजूरी दे दी है। इस बिल के...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited