TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी बोले– विध्वंस नहीं, यह भारत की आत्मा का पुनर्जागरण

    सोमनाथ 1000 वर्ष: मोदी ने कहा– आस्था को नष्ट नहीं किया जा सकता

    बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    असहिष्णुता की हिंसा: बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    भारत के मौलिक अधिकारों की जड़ें

    मौलिक अधिकार: पश्चिमी नहीं, भारतीय ज्ञान परंपरा की देन

    राजनीतिक संकट और हिंसा के बीच बांग्लादेश की सड़कें तनावपूर्ण

    1971 कोई विकल्प नहीं: राष्ट्र की स्थापना की स्मृति और इतिहास के कमजोर पड़ने का खतरा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा

    क्या अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा है? मिनियापोलिस ICE गोलीबारी से उठते सवाल

    लश्कर शिविर में दिखा हमास का नाजी ज़हीर

    पाकिस्तान में आतंकी नेटवर्क का खुलासा: लश्कर शिविर में दिखा हमास का नाजी ज़हीर

    ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है

    वेनेज़ुएला जैसा प्रयोग ईरान में? अमेरिका की रणनीति पर सवाल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी बोले– विध्वंस नहीं, यह भारत की आत्मा का पुनर्जागरण

    सोमनाथ 1000 वर्ष: मोदी ने कहा– आस्था को नष्ट नहीं किया जा सकता

    बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    असहिष्णुता की हिंसा: बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    भारत के मौलिक अधिकारों की जड़ें

    मौलिक अधिकार: पश्चिमी नहीं, भारतीय ज्ञान परंपरा की देन

    राजनीतिक संकट और हिंसा के बीच बांग्लादेश की सड़कें तनावपूर्ण

    1971 कोई विकल्प नहीं: राष्ट्र की स्थापना की स्मृति और इतिहास के कमजोर पड़ने का खतरा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा

    क्या अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा है? मिनियापोलिस ICE गोलीबारी से उठते सवाल

    लश्कर शिविर में दिखा हमास का नाजी ज़हीर

    पाकिस्तान में आतंकी नेटवर्क का खुलासा: लश्कर शिविर में दिखा हमास का नाजी ज़हीर

    ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है

    वेनेज़ुएला जैसा प्रयोग ईरान में? अमेरिका की रणनीति पर सवाल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

महुआ मोइत्रा का राजनीतिक पतन: रची अपने ही विनाश की नींव!

लॉगिन साझा करने से लेकर उपहार स्वीकार करने तक महुआ ने क्या-क्या किया?

Pratyush Madhav द्वारा Pratyush Madhav
3 November 2023
in मत, राजनीति
महुआ मोइत्रा का राजनीतिक पतन: रची अपने ही विनाश की नींव!
Share on FacebookShare on X

कभी TMC की उभरती सितारा, अब पार्टी में नहीं मिल रही जगह।
क्या एक कुत्ता बन गया है महुआ की परेशानी का कारण?
लॉगिन साझा करने से लेकर उपहार स्वीकार करने तक महुआ ने क्या-क्या किया?
कमेटी ने महुआ से क्या- क्या पूछा?
क्यों महुआ कमेटी से बाहर चली गई?
अब महुआ का क्या होगा?

इस लेख में जानेंगेइन प्रश्नों का उत्तर है।

संबंधितपोस्ट

गांधी परिवार में खुशियों की दस्तक: रेहान वाड्रा ने की अवीवा बेग से सगाई

महुआ मोइत्रा ने उगला जहर, अमित शाह पर दिया ऐसा बयान कि मच गया बवाल

आखिर विपक्ष नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ नफ़रत क्यों फैला रहा है? बिहार में गालियों से लेकर दिल्ली की संसद तक, दशकों से हो रहा अपमान

और लोड करें

“कैश फॉर क्वेरी” के आरोप के संबंध में बड़ा विवाद 19 अक्टूबर को एक महत्वपूर्ण मोड़ लिया, जब दर्शन हिरानंदानी ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि उनके पास तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा का पार्लियामेंट लॉगिन था, ताकि सरकार से सवाल पूछ सकें।”

यह विवाद तब सामने आया, जब भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने मोइत्रा के खिलाफ आरोप लगाया, कि उन्होंने संसद में संभावित रूप से धन और सामग्री के लाभ पाने के लिए हिरानंदानी संघ से सवाल पूछे।”

प्रतिक्रिया में, मोइत्रा ने स्पष्टता से इन आरोपों को नकारते हुए दुबे और सुप्रीम कोर्ट के वकील जय अनंत देहड़राई और अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दायर किया।

14 अक्टूबर को, जय अनंत देहड़राई ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में संभावित भ्रष्टाचार और धन धोखाधड़ी के आरोपों से संबंधित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने उस समय पर अपनी शिकायत की प्रतिलिपि लोकसभा के अध्यक्ष को भी दिया था,

वो अलग बात है की देहड़राई को “सांसद का धोखेबाज़ प्रेमी” जैसी उपमा से भी सुसज्जित किया जा रहा है।

भाजपा सांसद दुबे ने एक शिकायत पत्र लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के पास भेजा, जिसमें उन्होंने मोइत्रा के खिलाफ जांच कमिशन की गठन और संसद से मोइत्रा की अस्थायी निलंबन की मांग की। दुबे की शिकायत वकील देहड़राई द्वारा की गई पूर्व शिकायत को व्यापक रूप से मजबूती देती थी।

उसके बाद, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म X ( जो पहले ट्विटर के नाम से जाना जाता था) पर एक अलग प्रकार की चर्चा चली, जिसमें सवाल उठाया गया कि क्या मोइत्रा की तस्वीरों में दिखाए गए रॉटवायलर वकील देहड़राई द्वारा प्रस्तुत किए गए रॉटवायलर से मेल खाते हैं।

प्रतिक्रिया में, मोइत्रा ने आरोपों का सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्मों पर बिना दुबे का नाम लिए अपने पक्ष को संज्ञान में लाया। इसके बाद, दुबे ने सूचना, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, आश्विनी वैष्णव,के समक्ष मोइत्रा के लोकसभा लॉगइन प्रमाणों से जुड़े उनके आईपी पते की जांच की प्रस्तावना की। इसके बाद, मोइत्रा ने अपनी बचाव में संसदीय काम के सहयोगात्मक स्वरूप को महत्वपूर्ण बताते हुए सभी सांसदों के लॉगइन विवरणों की पारदर्शिता की मांग की।

और पढ़ें: अपने कर्मों के लिए अब महुआ पेश होंगी संसदीय एथिक्स कमिटी के सामने!

बताते चले कि इसके बाद मोइत्रा ने दिल्ली उच्च न्यायालय से हस्तक्षेप की अपील की और दुबे, देहड़राई, और कुछ मीडिया हाउस पर उनके खिलाफ संभावित गलत और आपत्तिजनक टिप्पणी करने से रोकने के लिए आग्रह किया।

शिकायतों के संदर्भ में, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने दुबे की शिकायत को सदन के Ethics commitee द्वारा पुनरावलोकन करने के लिए कहा। यहां यह जानना आवश्यक हो जाता है कि निरंजन हिरांदनी के बड़े बेटे दर्शन हिरांदनी ने इसके साथ ही यह भी घोषित किया कि उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल पूछने के लिए राज्यसभा सांसद के संसदीय प्रमाणपत्रों का उपयोग किया।

इसके साथ, देहड़राई ने दिल्ली पुलिस आयुक्त के नाम पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने अपने कुत्ते हेनरी के साथ अपने गहरे संबंध का विवरण किया और मोइत्रा के द्वारा उनकी पूर्व सीबीआई शिकायत के बाद उनके कुत्ते को अनधिक रख लिया जाने का दावा किया।

“दिल्ली उच्च न्यायालय ने दुबे, देहड़राई, और अन्य लोगों के खिलाफ मोइत्रा की निन्दा पत्र को स्वीकृति दी।
यह भी बताते चले कि देहड़राई ने दावे किया कि उसके ऊपर मजबूरी डाली गई थी कि वह अपनी सीबीआई शिकायत वापस ले ले, जिसके संयोजन के तहत उसके कुत्ते हेनरी को छोड़ दिया जाए। हालांकि, सच यह भी है कि देहड़राई ने इस प्रस्ताव को नकार दिया।”

“विपक्ष में, दूसरी ओर, बीजेपी ने ममता बैनर्जी को महुआ मोइत्रा के प्रति उदासीनता के लिए दिखने के लिए उनपर कटाक्ष करते नहीं थके।”

महुआ मोइत्रा के विवाद पर टीएमसी के मुख्य नेताओं की चुप्पी भी राजनीतिक आत्कलवादियों को जन्म दे रही है। महुआ मोइत्रा की जांच के मुद्दे पर टृणमूल कांग्रेस को स्पष्ट मौन को लेकर, भाजपा ने कहा है कि मोइत्रा को “बेहाली में छोड़ दिया गया है।”

और पढ़ें: कैसे महुआ मोइत्रा ने रची अपने ही विनाश की नींव

कैश-फॉर-क्वेश्चन्स स्कैंडल के संदर्भ में, TMC सांसद महुआ मोइत्रा पर चल रहे जांच के दबाव बढ़ते ही, महुआ मोइत्रा ने अपनी असंतुष्टि व्यक्त की, जो 21 अक्टूबर (शनिवार) को उनके एक्स हैंडल पर देखने को मिली। एक पोस्टों के माध्यम से, उन्होंने चल रहे आरोपों के संदर्भ में अपनी असंतोष का व्यक्त किया और इस पर कई बयान दिए।

रोचक बात यह थी कि वो आरोपों को पूरी तरह से नकारने से बचती दिखाई दी, और उसके साथ साथ,उन्होंने यह भी कहा कि संसदीय नेताओं के द्वारा उनके पैराम्परिक, अंतर्निहित और अन्य लोगों के साथ लॉगिन क्रेडेंशियल साझा करना एक सामान्य बताया।

अपने पहले पोस्ट में, मोइत्रा ने कहा, “मैं NIC से अपील करती हूँ कि सभी सांसदों का विवरण तुरंत प्रकाशित करे ताकि साफ दिख सके कि उनके सहायकों और अनुसंधान/स्थागत स्टाफ द्वारा उनके आईडी को एक्सेस करने के स्थानों पर उनकी शारीरिक मौजूदगी का प्रदर्शन किया गया है। इसके लिए उन लोगों पर निर्भरता न करें जिनके संदेहजनक प्रमाण हैं; इस जानकारी को तुरंत सार्वजनिक करें।”

माना कि सहायक, शोधकर्ता, इंटर्न, और स्टाफ सांसद के कार्यालय के महत्वपूर्ण हिस्से होते हैं और उन्हें संसदीय प्रतिष्ठान के लॉगिन का उपयोग करने की अनुमति होती है, परंतु व्यापारी की शामिलता से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न उठते हैं।

बुधवार, 2 नवंबर को, महुआ मोइत्रा ने स्वयं को संसद ethic committee के समक्ष प्रस्तुत किया। टीएमसी प्रतिनिधि ‘कैश फॉर क्वेरी स्कैम’ के संदर्भ में, उन्हें अपने संसदीय विशेषाधिकार का लाभ उठाने के लिए आरोपित किया गया है।

एएनआई द्वारा साझा किया गया एक वीडियो में महुआ मोइत्रा एक लाल साड़ी में संसद में प्रवेश करते हुए दिखाई दी, जिसमें उन्होंने सनग्लास का भी पहना हुआ है। जैसे ही उन्होंने द्वार पर प्रवेश किया, उनके हाथों में एक लैपटॉप बैग, एक उच्च डिज़ाइनर हैंडबैग और टिफिन कैरियर दिखाई दिया। इस को कुछ लोग उनकी उदासीनता का प्रदर्शन मान सकते हैं, हालांकि कुछ लोगों ने उनकी दिखावा करने की पर्विर्ति बता रहे हैं।

“कैश फॉर क्वेरी”‘ के संदर्भ में, ‘क्वेरी के लिए, संसद को Ethics committee के सत्र में गुरुवार (2 नवम्बर) को पूछताछ के लिए बुलाया गया था।, महुआ मोइत्रा ने जब वह सत्र से जल्दी बाहर निकली, तो समिति पर “अनुचित प्रश्नों” का आरोप लगाया। हालांकि, समिति ने उनके बिना अधिक पूछताछ को टालने का इरादा बताया।

संसद के बाहर निकलने के बाद, कुछ पत्रकारों ने उससे ‘अनुचित’ और ‘व्यक्तिगत’ प्रश्नों के प्रकार पर स्पष्टीकरण पूछा। मोइत्रा ने उत्साहपूर्वक प्रतिक्रिया दी, उन्होने कहा, “वे छोटे-मोटे मुद्दों पर खोजबीन कर रहे हैं। सिर्फ बकवास कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘तुम्हारी आँखों में आंसू है। क्या तुम मेरी आँखों में कोई आंसू देख रहे हो?’ उन्होंने अपने चेहरे पर दिखतेहुए पूछा।

एएनआई द्वारा साझा किए गए फुटेज में, महुआ मोइत्रा, जिन्हें बीएसपी विधायक दानिश अली के साथ दिखे, थे। मौकॆ पर यह बात किसी से नही छुप पायी की Ethics committee के सत्र से बाहर निकलते समय, मोइत्रा विशेष रूप से चिंतित दिखाई दी। समिति के सदस्यों ने मोइत्रा के इस चाल को एक सोची समझी रणनीति के रूप में देखा।

“महुआ मोइत्रा ने समिति या जांच प्रक्रिया के साथ सहयोग नहीं किया। Ethics committee के सदस्यों ने भी जोरदार तरीके से  शिकायतें दर्ज की और अचानक सत्र से बाहर निकल गए, शायद आगे और प्रश्नों से बचने के लिए,” नैतिक समिति के अध्यक्ष विनोद सोंकर ने कहा।

उन्होंने मोइत्रा पर यह भी आरोप लगाया कि महुआ उनके और समिति की प्रक्रियाओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया।

महुआ मोइत्रा, जो कभी टृणमूल कांग्रेस (TMC) में एक उभरता हुआ सितारा थी, अब  विनाश की ओर जाती दिखाई दे रही है, और कई लोग मानते हैं कि उनका राजनीति में लौटने की उम्मीद लगभग न के बराबर है और इस मूल्यांकन में कई करण हैं।

देखिये इतना तो आप भी मानते हैं कि ऐसे समय में, जब एक नेता सामाजिक रूप से अपने पार्टी से अड़िग समर्थन की उम्मीद करता है, परंतु इस केस में टृणमूल कांग्रेस के शीर्ष वर्ग के नेता यहाँ तक की खुद पे खुद ममता दीदी भी मोइत्रा से विशेष रूप से दूरी बनाते दिख रहे हैं। उनके समर्थन में उनकी पार्टी में मौन TMC के अंदर उनकी घटती मानचित्र का संकेत है।

मोइत्रा  उनके संसदीय क्रेडेंशियल्स साझा करने और व्यापारीगणों से उपहार स्वीकार करने की स्वकृति केवल नैतिक, बल्कि कानूनी सवाल भी उठाती है। ऐसे स्वीकृतियाँ, उनके विरोधकों को करारा जवाब देने के बजाय, केवल उनके चारों ओर विवाद के आग को बढ़ा दिया है।

परंतु दुःख की बात ये है की आरोपों के मूल में प्रतिक्रिया देने की बजाय, मोइत्रा ने अक्सर उन लोगों का निशाना बनाया है जो उन पर आरोप लगा रहे हैं या उनके काले कारनामों को उजागर कर रहे हैं। परंतु उन्हें शायद नहीं पता कि ऐसी तकनीकें, छोटी अवधि में प्रभावी हो सकती हैं, परंतु ज्यादातर बार उलटा परिणं हि देति।

मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म को अपनी शिकायतों को आकट्ठा करने और खुद की रक्षा करने के रूप में संवाद का प्लेटफार्म के रूप में सतत रूप से उपयोग किया है। हालांकि, यह रणनीति उनकी कार्यशैली और उनके व्यक्तिवाचक पर ही प्रश्न उठाता है और उनके लिए संभावित सहानुभूति को भी कम करता है।

उनका Ethic committee की बैठक से अचानक बाहर निकलना बहुत से लोगों द्वारा दोषों से बचने की चाल के रूप में देखा गया है। उनकी यह प्रतिक्रिया उनकी विश्वसनीयता को और भी नुकसान पहुंचया है।

इन सभी कारणों को मध्यनजर रखते हुए कुल मिलाकर यह कहना बिलकुल गलत नहीं होगा कि महुआ मोइत्रा का भविष्य सांसद के रूप में अंधकारमय दिखता है। यह संभावना है कि वह अपनी वर्तमान सीट खो सकती है। और इसके अलावा, TMC से स्पष्ट समर्थन की अभाव के कारण, यह संभावना है कि वह अपनी पार्टी में अपनी जगह भी  सुनिश्चित नहीं कर पाएगी। और इसके साथ-साथ जारी जांचों के परिणामों के आधार पर, उन्हें संबंधित कानूनी धाराओं के अंतर्गत कानूनी प्रतिक्रिया का सामना भी करना पड़ सकता है, जिसमें संबंधित कानूनी धाराओं के अंतर्गत संभावित सजा भी मिल सकती है।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: AllegationsCash for queryControversyDefamation suitEthics CommitteeEthics violationindian politicsInvestigationlegal repercussionsMahua MoitraParliamentary privilegepolitical careerPolitical downfallScandalTMC (Trinamool Congres
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने घटिया एयर क्वालिटी पर लगाईं केजरीवाल प्रशासन की क्लास!

अगली पोस्ट

SFJ और कांग्रेस में गठबंधन? HS फूलका ने दिए स्पष्ट संकेत!

संबंधित पोस्ट

पीएम मोदी बोले– विध्वंस नहीं, यह भारत की आत्मा का पुनर्जागरण
राजनीति

सोमनाथ 1000 वर्ष: मोदी ने कहा– आस्था को नष्ट नहीं किया जा सकता

5 January 2026

सोमनाथ नाम सुनते ही भारत की आत्मा, आस्था और गौरव की अनुभूति होती है। गुजरात के प्रभास पाटन में स्थित सोमनाथ मंदिर भारत के 12...

बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या
राजनीति

असहिष्णुता की हिंसा: बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

4 January 2026

खोकोन चंद्र दास की क्रूर हमले के बाद हुई मौत ने बांग्लादेश ही नहीं, बल्कि उसके बाहर भी लोगों को झकझोर दिया है, और एक...

भारत के मौलिक अधिकारों की जड़ें
राजनीति

मौलिक अधिकार: पश्चिमी नहीं, भारतीय ज्ञान परंपरा की देन

4 January 2026

सनातन दृष्टिकोण में धर्म अधिकारों की नींव है, जहाँ प्रत्येक व्यक्ति को सत्य, जीवन, गरिमा, विचार और आस्था की स्वतंत्रता दी जाती है, बशर्ते वह...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

00:06:59

Dhurandar: When a Film’s Reality Shakes the Left’s Comfortable Myths

00:06:56
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited